शाजापुर जिले के 27 हजार आबादी वाले मक्सी नगर में अमृत 2.0 नलजल योजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइन का एक हिस्सा अब फोरलेन निर्माण की जद में आने के कारण दोबारा शिफ्ट किया जा रहा है। करीब 14 करोड़ रुपए की इस पेयजल परियोजना में लगभग 15 किमी पाइपलाइन बिछाई गई थी। पाइपलाइन शिफ्टिंग से करीब 70 लाख रुपए के अतिरिक्त खर्च का अनुमान है। नगर परिषद ने मक्सी के 15 वार्डों में गलियों और सड़कों की खुदाई कर नलजल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाई थी। जानकारी के अनुसार, पुराने एबी रोड पर पाइपलाइन डालने से पहले नगर परिषद ने पीडब्ल्यूडी से अनुमति ली थी। सड़क से करीब चार मीटर दूरी पर पाइपलाइन बिछाई गई थी। फोरलेन का काम शुरू होते ही सामने आई समस्या बताया गया है कि संबंधित क्षेत्र में भविष्य में फोरलेन निर्माण की योजना पहले से थी। नगर परिषद ने वर्ष 2025 में यहां पाइपलाइन बिछाई, जबकि वर्ष 2026 में फोरलेन का निर्माण शुरू होने के बाद पाइपलाइन निर्माण क्षेत्र में आ गई। अब इसे दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है। जगह-जगह खुदाई, टेस्टिंग भी अटकी फिलहाल पीडब्ल्यूडी और संबंधित एजेंसियां जगह-जगह गड्ढे खोदकर पाइपलाइन शिफ्ट करने का काम कर रही हैं। स्थानीय स्तर पर काम की गति धीमी होने की बात कही जा रही है। पाइपलाइन शिफ्टिंग पूरी नहीं होने के कारण नई पाइपलाइन की टेस्टिंग भी शुरू नहीं हो सकी है। बारिश में गड्ढे और कीचड़ से परेशानी नलजल योजना के लिए नगर की गलियों और सड़कों में की गई खुदाई के बाद कई जगह मरम्मत का काम अधूरा है। बारिश के बीच सड़कों पर गड्ढे, कीचड़ और उखड़ी सतह के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि संबंधित विभागों के बीच समय रहते समन्वय होता तो पाइपलाइन को दोबारा उखाड़कर शिफ्ट करने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने सवाल उठाया कि जब फोरलेन निर्माण की योजना प्रस्तावित थी, तो उसी क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने की अनुमति क्यों दी गई। नागरिकों ने पाइपलाइन शिफ्टिंग और सड़क मरम्मत का काम समयबद्ध तरीके से पूरा कराने की मांग की है। साथ ही, पूरे मामले में जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग भी की है।
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