प्रदेश सरकार द्वारा कृषि उपज मंडियों में मंडी शुल्क 0.50 प्रतिशत बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत करने के विरोध में शुक्रवार को व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कृषि उपज मंडी परिसर में यह प्रदर्शन हुआ। व्यापारियों ने मंडी सचिव कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और बढ़ी हुई दरें वापस लेने की मांग की। व्यापारियों ने तर्क दिया कि मंडी शुल्क में वृद्धि से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, जिससे कृषि व्यापार भी प्रभावित होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने यह फैसला किसानों और व्यापारियों से बिना किसी चर्चा के लिया है। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने इस वृद्धि का सीधा असर किसानों पर पड़ने की बात कही। उन्होंने बताया कि किसान पहले से ही अपनी उपज के उचित दाम के लिए संघर्ष कर रहे हैं, और मंडी शुल्क बढ़ने से उन्हें और अधिक परेशानी होगी। कांग्रेस ने सरकार से किसानों और व्यापारियों के हित में कैबिनेट के इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के उपरांत मंडी सचिव को सौंपे गए ज्ञापन में मंडी शुल्क वृद्धि के निर्णय को निरस्त करने की मांग की गई। इसमें किसानों और व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुरानी व्यवस्था बहाल करने पर जोर दिया गया। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों और कांग्रेस पदाधिकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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