होटल, रेस्टोरेंट अथवा बाजारों में खाद्य पदार्थो के कच्चे माल या तैयार माल में मिलावट या गड़बड़ी दिखाई दे तो आम उपभोक्ता उसकी शिकायत खाद्य एवं औषधि विभ…और पढ़ें
HighLights
- खाद्य निर्माण संस्थानों के लिए लाइसेंस व सुरक्षा मापदंडो का पालन जरूरी
- ऐसे मामलों में आम उपभोक्ता खाद्य एवं औषधि विभाग को सीधे शिकायत कर सकता है
- इसके अलावा खाद्य पदार्थो की शिकायत फूड सेफ्टी पर भी की जा सकती है
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : होटल, रेस्टोरेंट अथवा बाजारों में खाद्य पदार्थो के कच्चे माल या तैयार माल में मिलावट या गड़बड़ी दिखाई दे तो आम उपभोक्ता उसकी शिकायत खाद्य एवं औषधि विभाग को सीधे शिकायत कर सकता है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के नियमों के तहत खाने में मिलावट के मामले पर उपभोक्ता शिकायत कर सकता है। इसके अलावा खाद्य पदार्थो की शिकायत फूड सेफ्टी पर भी की जा सकती है। इंदौर शहर में कलेक्टर हेल्पलाइन 0731-181, नगर निगम के इंदौर- 311 एप व इंदौर जिले खाद्य एवं औषधि विभाग के 9406764084 वाट्सअप नंबर पर शिकायत की जा सकती है।
खाद्य निर्माण प्रतिष्ठानों में अन हाईजीन स्थिति दिखाई देने पर भी लोग शिकायत कर सकते है। यदि आपने किसी रेस्टोरेंट या होटल के खाने में खामी मिली तो आप खाद्य एवं औषधि विभाग के अलावा उपभोक्ता फोरम में शिकायत कर कर सकते है। यहां पर शिकायत करने पर उपभोक्ता को मुआवजा भी मिलता है।
खाद्य निर्माण संस्थानों के लिए लाइसेंस व सुरक्षा मापदंडो का पालन जरूरी
इंदौर जिले मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी के मुताबिक स्कूल, होटल, रेस्टोरेंट सहित खाद्य निर्माण संस्थानों में लाइसेंस के साथ हाइजीन स्थिति का पालन करना जरुरी है। वहां काम करने वाले कर्मचाररियों को सिर पर कैंप व हाथ में ग्लब्स पहनना अनिवार्य है।
खाद्य निर्माण संस्थान परिसर में सार्वजनिक स्थान पर फूड सेफ्टी लाइसेंस लगाया जाना चाहिए। स्कूल परिसर की मैस व कैंटीन में खाद्य निर्माण व बिक्री पर भी यह नियम लागू होता है। इसके अलावा स्कूल परिसर की कैंटीन में पिज्जा, बर्गर जैसे जंक फूड की बिक्री करना प्रतिबंधित है। स्कूल अपने बच्चों को इस तरह के खाद्य पदार्थ नहीं खिला सकता है। इतना ही नहीं स्कूल परिसर के बाहर भी इस तरह जंक फूड की बिक्री प्रतिबंधित है।
स्कूल मैस व कैंटीन को इन नियमों का पालन करना है जरूरी
- स्कूल परिसर में साल में दो बार पेयजल की जांच कर उसकी रिपोर्ट रखना चाहिए।
- भोजन निर्माण में उपयोग की जाने वाली कच्ची खाद्य सामग्री जांच भी अनिवार्य रुप से हो।
- दूध, पनीर जैसे हाई रिस्क खाद्य पदार्थो की नियमित जांच हो।
- मैस व किचन परिसर में निर्धारित अंतराल पर पेस्ट कंट्रोल हो।
- कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण हो उनकी मेडिकल जांच रिपोर्ट होना चाहिए।
- किचन एरिया में छह फीट ऊंचाई पर टाइल्स लगी होना चाहिए।
- खाद्य स्टोरज परिसर में खाद्य पदार्थों को जमीन से छह इंच ऊपर रखा जाना चाहिए।
यह भी पढ़ें- CBSE का नया नियम… अब स्कूलों में समोसा-पेस्ट्री खाने से पहले जाननी होगी तेल और चीनी की मात्रा!
Source link
#सकल #कटन #रसटरट #य #हटल #म #खदय #पदरथ #म #गडबड #मल #त #कर #सकत #ह #शकयत #जन #कस



Post Comment