क्या है FCRA संशोधन बिल 2026? जानिए अमेरिका से लेकर मिजोरम के CM क्यों हैं चिंतित
FCRA Amendment Bill 2026: भारत में गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और धार्मिक चैरिटी संस्थाओं की विदेशी फंडिंग को नियंत्रित करने वाला ‘फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट’ (FCRA) एक बार फिर बड़े बदलावों को लेकर सुर्खियों में है। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए FCRA संशोधन बिल 2026 ने न केवल देश के भीतर, बल्कि सात समंदर पार अमेरिका तक में सियासी हलचल बढ़ा दी है। बिल में लाइसेंस रद्द होने पर विदेशी चंदे से बनी संपत्तियों को सरकारी ‘नामित प्राधिकरण’ के अधीन करने और फंडिंग की नई शर्तों जैसे नियमों ने पूर्वोत्तर भारत से लेकर वाशिंगटन तक चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
इतना ही नहीं अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकाय (Amnesty International & UN Human Rights) जैसी संस्थाओं का कहना है कि यह संशोधन भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र नागरिक समाज के कामकाज को सीमित करने का काम करेगा। विरोधियों की सबसे बड़ी आपत्ति बिल की धारा 16A पर है, जिसके तहत यदि किसी संस्था का FCRA लाइसेंस रद्द, सरेंडर या समाप्त हो जाता है, तो उसकी विदेशी मदद से बनी चल-अचल संपत्तियों का प्रबंधन सरकार द्वारा नियुक्त ‘डिजिग्नेटेड अथॉरिटी’ संभालेगी। आइए विस्तार से जानते हैं इस बिल से जुड़ी प्रमुख बातों के बारे में….
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FCRA Amendment Bill 2026: भारत में गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और धार्मिक चैरिटी संस्थाओं की विदेशी फंडिंग को नियंत्रित करने वाला ‘फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट’ (FCRA) एक बार फिर बड़े बदलावों को लेकर सुर्खियों में है। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए FCRA संशोधन बिल 2026 ने न केवल देश के भीतर, बल्कि सात समंदर पार अमेरिका तक में सियासी हलचल बढ़ा दी है। बिल में लाइसेंस रद्द होने पर विदेशी चंदे से बनी संपत्तियों को सरकारी ‘नामित प्राधिकरण’ के अधीन करने और फंडिंग की नई शर्तों जैसे नियमों ने पूर्वोत्तर भारत से लेकर वाशिंगटन तक चिंता की लकीरें खींच दी हैं।

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