नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। पिछले दस दिनों में भोपाल, डिंडोरी सहित अन्य शहरों से प्रतिष्ठित 12 घी ब्रांड के सैंपल भोपाल स्थित राज्य स्तरीय प्रयोगशाला में फेल हुए व मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाए गए।
इनमें भोपाल से लिए गोवर्धन व डिंडोरी से गोपी श्री ब्रांड के घी सैंपल जांच में फेल होने के बाद इंदौर में गुरुवार को एफएसएसएआई और खाद्य विभाग की टीम ने दोनों कंपनियों के गोडाउन को सील कर जांच के लिए घी के सैंपल लिए।
25 हजार लीटर घी की बिक्री पर रोक
इंदौर में दोनों कंपनियों के गोडाउन से ये घी बिक्री के लिए भोपाल व डिंडोरी भेजे गए थे। जांच दल ने इंदौर में गोवर्धन ब्रांड के करीब 25 हजार लीटर घी की बिक्री पर रोक लगा दी। इसका अनुमानित बाजार मूल्य 1.50 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। वहीं गोपी श्री ब्रांड के 312 लीटर घी की बिक्री पर रोक लगाई गई। इसका अनुमानित बाजार मूल्य 1 लाख 34 हजार रुपये है।
गुरुवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का दल एबी रोड स्थित गोल्डन पैलेस कॉलोनी में पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड के गोडाउन पर पहुंचा। मौके पर कंपनी के पुणे (महाराष्ट्र) में निर्मित गोवर्धन ब्रांड घी का भंडारण एवं विक्रय पाया गया।
अधिकारियों के दल ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया
इंदौर का यह गोडाउन पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड पुणे का कंपनी डिपो है। यहां से पूरे मध्य प्रदेश में गोवर्धन ब्रांड के घी की सप्लाई की जाती है। इस पर एफएसएसएआई वेस्टर्न रीजन, ब्रांच ऑफिस इंदौर के केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
पैकिंग आकारों के 20 नमूने जांच हेतु लिए
केंद्रीय दल द्वारा गोवर्धन ब्रांड घी के विभिन्न पैकिंग आकारों के 20 नमूने जांच हेतु लिए गए तथा जांच पूरी होने तक लगभग 25 हजार लीटर घी की बिक्री पर रोक लगाई। वहीं खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल द्वारा साउथ हरसिद्धि स्थित भावण्या एंटरप्राइजेज से गोपी श्री ब्रांड घी के 4 नमूने जांच हेतु लिए गए।
इसके साथ ही लगभग 312 लीटर घी को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक जब्त किया गया।
घी में मिला वेजीटेबल फैट व तय मात्रा से अधिक लेड
29 जुलाई को भोपाल में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने भोपाल के रसालखेड़ी में नर्मदा सेल्स कॉर्पोरेशन से द्वारकेश, शगुन, गोवर्धन व भूमि घी का 1500 किलो घी मिलावट व खाद्य सुरक्षा के मानक नियमों के विपरीत पाए जाने पर जब्त किया था।
जांच में इस जब्त घी के सैंपल में वेजीटेबल फैट मिला जो कि घी में नहीं होना चाहिए। इसके अलावा घी में लेड व अल्फा टोकोफेरॉल नामक तत्व तय मानक से अधिक मिले। भोपाल की लैब में प्रदेश भर से फेल हुए 12 सैंपल में छह सैंपल भोपाल के प्रतिष्ठानों के थे।
जांच रिपोर्ट तक बाजार में बिकता रहेगा
भोपाल व अन्य स्थानों पर इस घी के सैंपल फेल होने के बाद भी ये अभी इंदौर के बाजार में बिकता रहेगा। दरअसल स्थानीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सैंपलिंग कर सिर्फ पराग डेयरी के डिपो में रखे गोवर्धन घी के स्टॉक को सील कर बिक्री प्रतिबंधित की है।
अन्य थोक बाजारों, रिटेल दुकानों के साथ तमाम सुपर स्टोर्स में इस घी का बड़ा स्टॉक बिक्री के लिए उपलब्ध है। अधिकारियों का कहना है कि शेल्फ पर रखा यह स्टॉक बिकता रहेगा। टेस्ट रिपोर्ट आने पर यहां भी सैंपल अमानक या मिलावटी पाए जाते हैं तो बाजार में रखे माल की बिक्री रोकी जाएगी।
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रेस्टोरेंट व अन्य प्रतिष्ठान से भी लिए सैंपल
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने शिकायत के आधार पर विजयनगर स्थित एक रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। जांच में रेस्टोरेंट के रसोई परिसर में साफ-सफाई एवं स्वच्छता मानकों का समुचित पालन नहीं पाया गया। इस संबंध में प्रतिष्ठान को सुधार सूचना पत्र जारी किया जा रहा है।
साथ ही जांच हेतु पनीर, दही एवं मसालों के नमूने लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे गए। वहीं अधिकारियों ने महू स्थित प्रतिष्ठान से बेसन, मिठाई, शक्कर व नमकीन के छह नमूने जांच में लिए।
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