इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट के विस्तार की योजना वर्षों से कागजों में ही तैयार हो रही है। धरातल पर इसका अमल नहीं हो रहा। विस्तार और रनवे की…और पढ़ें
HighLights
- एयरपोर्ट विस्तार के लिए जमीन की प्रक्रिया जारी, लेकिन अब तक अमल नहीं हुआ
- योजना को पूरा करने के लिए जमीन की आवश्यकता है, लेकिन सर्वे के बावजूद अब तक एयरपोर्ट को जमीन नहीं मिल सकी
- नया टर्मिनल तैयार होने तक बंद हो चुके पुराने टर्मिनल का नवनिर्माण किया गया था, जो तैयार है, लेकिन चार माह बाद भी उड़ान शुरू नहीं हो सकी
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट के विस्तार की योजना वर्षों से कागजों में ही तैयार हो रही है। धरातल पर इसका अमल नहीं हो रहा।
विस्तार और रनवे की लंबाई बढ़ाने की योजना को पूरा करने के लिए जमीन की आवश्यकता है, लेकिन सर्वे की प्रक्रिया के बावजूद अब तक एयरपोर्ट को जमीन नहीं मिल सकी। इस वजह से नए टर्मिनल का निर्माण और रनवे विस्तार की योजना अधूरी है। एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल तैयार होने तक बंद हो चुके पुराने टर्मिनल का नवनिर्माण किया गया था। जो बनकर तैयार है, लेकिन चार माह बाद भी उड़ान शुरू नहीं हो सकी।
इंदौर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 143 एकड़ जमीन की आवश्यकता है और दो चरणों में विस्तार योजना तैयार की गई है। पहले चरण में 2754 मीटर लंबे रनवे को बढ़ाकर 3500 से चार हजार मीटर लंबा किया जाना है, ताकि बड़े विमान उतर सकें। वहीं विमान पार्किंग की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी, वर्तमान में 26 विमान खड़े हो सकते हैं। इसके लिए 89 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी।
दूसरे चरण में 54 एकड़ जमीन की जरूरत होगी और टर्मिनल का विस्तार और अन्य सुविधाएं जुटाई जानी हैं। एयरपोर्ट पीआरओ रामस्वरूप यादव का कहना है कि शासन स्तर से जमीन आवंटन की प्रक्रिया जारी है। जमीन आवंटन होते ही विकास के कार्य शुरू किए जाएंगे। वर्तमान में बिजासन के नीचे मिली जमीन पर निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यहां सड़क बनाकर प्रवेश और निकासी व्यवस्था को सुगम बनाया जाएगा।
वाहनों की प्रवेश-निकासी होगी अलग
एयरपोर्ट पर पिक आवर्स में कई बार वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। इससे राहत के लिए बिजासन के मिली जमीन का उपयोग कर वाहनों के प्रवेश और निकासी अलग-अलग की जाएगी। निर्माण के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन ने टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। वर्षाकाल के बाद इसका निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। इसके तैयार होने से वाहनों का आगमन और निकासी सुगम होगी। वहीं वर्तमान टर्मिनल के सामने भी स्थान मिल सकेगा।
सुरक्षा स्टाफ के कारण रुका संचालन
पुराने टर्मिनल का नवनिर्माण करने के बाद लोकार्पण चार माह पहले किया गया था। सुरक्षा स्टाफ नहीं मिलने के कारण तैयार होने के बावजूद टर्मिनल से उड़ानें शुरू नहीं की जा सकी हैं। यहां पर यात्रियों के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं जुटाई गई हैं। 14 टिकट काउंटर से लेकर लगेज जांच और यात्री प्रतीक्षालय की सुविधा भी यहां पर है। इसके शुरू होने से प्रति घंटा 600 यात्रियों की आवाजाही हो सकेगी।
सिरपुर और नैनोद क्षेत्र की जमीनें
विस्तार के लिए सिंहासा, नैनोद और सिरपुर क्षेत्र की जमीनों का सर्वे किया गया था। प्रशासन सर्वे रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज चुका है। ड्रोन सर्वे और भौतिक सत्यापन दोनों के बाद जमीन का प्रस्ताव तैयार हुआ था। वहीं एयरपोर्ट पर बीते वर्षों में नया एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टॉवर और फायर स्टेशन के नए भवन बनाए गए थे।
विस्तार से यह मिलेगी सुविधाएं
- 2754 मीटर लंबा है रनवे, जिसको 3500 से चार हजार मीटर किया जाना है
- 40 लाख यात्री प्रतिवर्ष क्षमता का टर्मिनल, नया एक करोड़ की क्षमता का बनेगा
- 26 विमानों की पार्किंग सुविधा, जिसको बढ़ाकर 54 किया जाना है।
- ढाई सौ वाहनों की पार्किंग, जिसको बढ़ाया जाएगा और मल्टी लेयर पार्किंग बनेगी।
- ग्यारह हजार यात्री प्रतिदिन कर रहे सफर, विस्तार के बाद 20 से 25 हजार होगी क्षमता।
यह भी पढ़ें- इंदौर एयरपोर्ट का ‘मिशन 2047’: रनवे पर उतरेंगे दुनिया के सबसे बड़े विमान, जानिए क्या है एमपी का मेगा प्लान
Source link
#इदर #म #टरमनल #और #रनव #वसतर #क #यजन #अधर #तयर #टरमनल1 #भ #नह #हआ #शर



Post Comment