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कमिश्नर ने बढ़ाई शिक्षकों की फजीहत, फिर बदला टाइम:  अब 10 बजे के पहले लगाना होगा ई अटेंडेंस, 10.30 बजे तक अटेंडेंस लगाने वाले बताएंगे कारण – Bhopal News

कमिश्नर ने बढ़ाई शिक्षकों की फजीहत, फिर बदला टाइम: अब 10 बजे के पहले लगाना होगा ई अटेंडेंस, 10.30 बजे तक अटेंडेंस लगाने वाले बताएंगे कारण – Bhopal News

ई-अटेंडेंस सिस्टम लागू कर प्रदेश के विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए एक्टिव लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने शिक्षकों की फजीहत बढ़ा दी है।

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अब शिक्षकों को ताजा निर्देश जारी कर कहा गया है कि उन्हें दस बजे के पहले विद्यालय में पहुंचकर ई अटेंडेंस लगाना होगी। इसके बाद अगर साढ़े दस बजे तक ई अटेंडेंस लगाते हैं तो देरी का कारण बताना होगा। इस अ‌वधि के बाद ई अटेंडेंस को मान्य नहीं किया जाएगा।

लोक शिक्षण आयुक्त ने यह निर्देश सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग से ली गई बैठक में आयुक्त सिंह ने कहा है कि ई-अटेंडेंस को लेकर किसी तरह की लापरवाही से वेतन कट सकता है।

इसलिए शिक्षकों, लोकसेवकों की जिम्मेदारी है कि वे समय पर विद्यालय में उपस्थित हों और पठन पाठन के कार्य में शामिल हों। शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर दिए ताजा निर्देश में आयुक्त ने कहा है कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी को प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से पूर्व संस्था में उपस्थित होना है।

यहां बता दें लोक शिक्षण आयुक्त के निर्देश पर सोमवार को विभाग के कर्मचारियों, अफसरों को यह सूचना दी गई थी कि अब सुबह 10.30 बजे तक ई अटेंडेंस लगाना होगी, हालांकि सोमवार को सुबह 11 बजे तक शिक्षकों, कर्मचारियों की अटेंडेंस लगती रही थी।

वहीं मंगलवार को ई अटेंडेंस का समय सुबह 10 बजे से पहले कर दिया गया है। इससे शिक्षकों की परेशानी बढ़ गई है। खासतौर पर शहरों में रहकर गांवों में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को विद्यालय पहुंचने में समय लगना तय है।

शिक्षकों को जारी किए गए निर्देश।

शिक्षकों को जारी किए गए निर्देश।

ग्रामीण शिक्षकों को आवास, सुरक्षित आ‌वागमन की सुविधा दे सरकार

ई-अटेंडेंस लगाने के लिए रोज बदले जा रहे टाइमिंग को लेकर शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने कहा है कि ई अटेंडेंस की अनिवार्यता से पहले सरकार ग्रामीण शिक्षकों को सुविधाएं दें।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों से ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता लागू करने से पहले सरकार को उनके आवास, सुरक्षित आवागमन तथा विशेष ग्रामीण भत्ता जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए।

जहां शिक्षक सीमित संसाधनों के बीच दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं, वहां उनकी वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुविधाएं और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। शिक्षकों पर नियम नहीं, पहले सुविधाएं लागू हों।

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नेटवर्क विहीन स्कूलों के अतिथि शिक्षकों की मांगी जानकारी

प्रदेश के नेटवर्क विहीन विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के लंबित मानदेय भुगतान और वर्तमान शैक्षणिक सत्र में री-ज्वाइनिंग को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया है। लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिलों से ऐसे विद्यालयों और वहां कार्यरत अतिथि शिक्षकों की जानकारी मांगी है, जहां किसी भी टेलीकॉम कंपनी का मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। जिलों को यह जानकारी 11 अगस्त 2026 तक निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।पूरी खबर पढ़ें

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