×
मुआवजा बंटा और जमीन मिली, लेकिन बारिश के बाद शुरू होगा इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का काम

मुआवजा बंटा और जमीन मिली, लेकिन बारिश के बाद शुरू होगा इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का काम

Indore Ujjain Green Field Corridor: सिंहस्थ-2028 के लिए इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड सड़क के लिए अवार्ड पारित और जमीन अधिग्रहण लगभग पूरा, MPRDC ने एजेंसी …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 28 Aug 2026 08:42:05 AM (IST)Updated Date: Fri, 28 Aug 2026 08:49:51 AM (IST)

इंदौर उज्जैन के बीच बनेगा ग्रीन फील्ड कॉरिडोर। एआई इमेज

HighLights

  1. सड़क से इंदौर के 20 और उज्जैन के 8 गांव सीधे जुड़ेंगे
  2. 40-50 गांवों की 15 लाख आबादी को कनेक्टिविटी
  3. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़ेगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। सिंहस्थ-2028 के लिए महत्वपूर्ण इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड सड़क के निर्माण की तैयारी शुरू होने के बाद फिलहाल बारिश ने काम की गति रोक दी है। किसानों को अवार्ड पारित होने और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी होने के बाद मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) ने निर्माण एजेंसी के जरिए निर्माण प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन वर्षाकाल के कारण काम गति नहीं पकड़ पाया।

कई किसान अधिग्रहित जमीन पर फसल की बोवनी कर चुके हैं। ऐसे में वर्षाकाल समाप्त होते ही निर्माण कार्य गति पकड़ेगा। करीब 2935 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 48 किलोमीटर लंबा फोरलेन कॉरिडोर इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर के समीप सिंहस्थ बायपास तक बनाया जाएगा। सड़क सिंहस्थ के दौरान पीथमपुर और इंदौर एयरपोर्ट से उज्जैन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए सीधा और सुगम मार्ग उपलब्ध कराएगी।

इससे मौजूदा मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने के साथ दोनों शहरों के बीच यात्रा समय भी घटेगा। योजना की शुरुआत में किसानों के विरोध के कारण योजना कई दिनों तक लंबित रही, बाद में मुआवजा प्रकरण का निराकरण होने के बाद जमीन अधिग्रहण और अब निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो रही है। एमपीआरडीसी के डिवीजनल मैनेजर गगन भाभर का कहना है कि वर्षाकाल के कारण निर्माण कार्य प्रभावित है। वर्षाकाल के बाद सड़क निर्माण कार्य तेज गति से शुरू किया जाएगा।

खरीद-बिक्री दर से दिया मुआवजा

परियोजना के लिए इंदौर-उज्जैन जिलों में 917 किसानों की 242.939 हेक्टेयर जमीन प्रभावित हुई है। किसानों को 816 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा दिया गया है। प्रशासन ने कलेक्टर गाइडलाइन के बजाय वास्तविक बिक्री दर के आधार पर चार से आठ गुना तक मुआवजा दिया है। इससे जमीन अधिग्रहण को लेकर शुरुआती विरोध को काफी हद तक थामने में मदद मिली।

28 गांव सीधे जुड़ेंगे

सड़क से इंदौर जिले के 20 और उज्जैन जिले के आठ गांव सीधे जुड़ेंगे। आसपास के 40 से 50 गांवों की करीब 15 लाख आबादी को भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। इससे कृषि, व्यापार, शिक्षा और रोजगार के लिए आवागमन आसान होगा। सड़क के दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़ने के बाद औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

जमीन स्तर पर बनेगी सड़क

इंदौर से उज्जैन के बीच बनने वाली फोरलेन सड़क पहले एलिवेटेड बनने वाली थी और इसके दोनों तरफ सर्विस रोड भी प्रस्तावित थी। किसानों के विरोध के बाद सरकार ने इसे जमीनी स्तर पर बनाने का निर्णय लिया है। वहीं सड़क के दोनों तरफ की सर्विस रोड को हटा दिया गया है। यह सड़क अब खेतों के बराबर ऊंचाई पर बनेगी, इससे किसानों के खेतों में पानी भराव की समस्या नहीं होगी। वहीं सड़क पर किसी भी स्थान से प्रवेश किया जा सकेगा।

यह भी पढ़ें- एमपी को मिली बड़ी सौगात, ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का हुआ भूमिपूजन, एक साथ जुड़ेंगे 6 जिले; 15 लाख लोगों को सीधा फायदा

#मआवज #बट #और #जमन #मल #लकन #बरश #क #बद #शर #हग #इदरउजजन #गरन #फलड #करडर #क #कम

Previous post

कोलंबो टेस्‍ट नहीं जीतने पर सबसे ज्‍यादा दुखी हैं देवदत्त पडिक्कल, प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड जीतने पर छलका दर्द

Next post

IND vs SL: भारतीय गेंदबाजों को तरसाने वाले सोनल दिनुषा का बल्‍लेबाजी को लेकर खुलासा, बताया 5वें दिन कैसे दिया बेस्ट?

Post Comment