बीना. पिछले दिनों हुई तेज बारिश के कारण उड़द की फसल पूरी तरह खराब हो गई है और खेतों में पककर खड़ी साठ दिन में आने वाली सोयाबीन की फसल पर भी संकट है। खेतों में पानी भरा होने के कारण किसान फसलों की कटाई नहीं कर पा रहे हैं।
सितंबर माह में हो रही बारिश से सभी खरीफ फसलों पर संकट आ गया है। उड़द की फसल खेतों में ही सड़ रही है और अब साठ दिन वाले सोयाबीन की कटाई भी किसान नहीं कर पा रहे हैं। खेतों में भरे पानी के कारण हार्वेस्टर या मजदूर अंदर नहीं पहुंच पा रहे हैं। जबकि क्षेत्र में करीब 32 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन की बोवनी हुई है, जिसमें साठ दिन में तैयार होने वाले सोयाबीन का रकबा भी ज्यादा है। किसान सुरेन्द्र राय ने बताया कि उन्होंने हजारों रुपए की लागत लगाकर साठ दिन में तैयार होने वाली सोयाबीन की बोवनी की थी। फसल पककर तैयार है, लेकिन बार-बार हो रही बारिश के कारण कटाई नहीं कर पा रहे हैं। दूसरे शहरों से फसल कटाई के लिए मजदूर भी बुला लिए हैं। यदि आठ दिन मौसम साफ नहीं रहा है, तो फलियां खराब होकर खेत में ही गिर जाएंगी, जिससे लाखों रुपए का नुकसान होगा।
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