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इंदौर में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर युवा कर रहे प्रदर्शन, बोले- मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

इंदौर में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर युवा कर रहे प्रदर्शन, बोले- मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : चुनाव आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर युवा पिछले तीन दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। भंवरकुआं चौराहे स्थित टांट्या भील प्रतिमा के नीचे पोस्टर-बनैर लगाकर धरना दे रहे हैं। इस्तीफे की मांग करने के साथ ही जमकर नारेबाजी भी कर रहे हैं।

दो दिन पहले पुलिस ने इन्हें हटाया था। मगर फिर युवा धरने पर बैठ गए। शनिवार को भोला राम उस्ताद मार्ग पर युवाओं ने धरना दिया। दिनभर अलग-अलग स्थानों पर युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। ये सभी कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थी थे।

छतरियों की छांव, विरोध की तपिश… टंट्या भील प्रतिमा के नीचे ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर बैठे सीजेपी कार्यकर्ता। – प्रफुल्ल चौरसिया आशु

चुनाव सुधारों को लेकर पहले से ही टंट्या भील चौराहे पर एक प्रदर्शन जारी है

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर इंदौर में दूसरा प्रदर्शन शुरू हो गया है। भंवरकुआं इंदौर 2.0 नाम से शुरू हुए इस आंदोलन में छात्र, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। 10 अक्टूबर को भोलाराम गेट के सामने, डीडी गार्डन के पास शुरू हुए प्रदर्शन में आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर रातभर सड़क पर बैठे रहे। इंदौर में चुनाव सुधारों को लेकर पहले से ही टंट्या भील चौराहे पर एक प्रदर्शन जारी है।

अब ‘भंवरकुआं इंदौर 2.0’ आंदोलन शुरू होने के साथ शहर में इस मुद्दे पर दूसरा प्रदर्शन भी सामने आया है। दोनों प्रदर्शनों का मुद्दा चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था में जवाबदेही जैसे सवालों से जुड़ा है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

पवन अहिरवार ने बताया कि ‘भंवरकुआं इंदौर 2.0’ आंदोलन का प्रमुख उद्देश्य मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाना है। प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना है कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए चुनाव प्रक्रिया पर जनता का भरोसा कायम रहना जरूरी है।

पांच प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शन आंदोलनकारियों ने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, केंद्रीय निर्वाचन आयुक्तों की चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और विपक्ष की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना शामिल है।

इसके अलावा मध्य प्रदेश के राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता, फर्जी और डुप्लीकेट मतदाता प्रविष्टियों को रोकने के लिए सुरक्षित डिजिटल मतदाता पहचान व्यवस्था विकसित करने तथा बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी उठाई गई।

पवन अहिरवार बोले- लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा जरूरी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पवन अहिरवार ने कहा कि ‘भंवरकुआं इंदौर 2.0’ केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक अधिकारों और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को बुलंद करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के जरिए संबंधित संस्थाओं तक अपनी बात शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से पहुंचाई जाएगी।

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