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सहायक आयुक्त समेत 3 पर ब्लैकमेलिंग के आरोप:  जनजातीय विभाग की प्रभारी सहायक ने की शिकायत, अधिकारी बोले- झूठी कंप्लेट दी – narmadapuram (hoshangabad) News

सहायक आयुक्त समेत 3 पर ब्लैकमेलिंग के आरोप: जनजातीय विभाग की प्रभारी सहायक ने की शिकायत, अधिकारी बोले- झूठी कंप्लेट दी – narmadapuram (hoshangabad) News


नर्मदापुरम में जनजातीय कार्य विभाग की प्रभारी सहायक संचालक आशा मौर्य ने सहायक आयुक्त विवेक नागवंशी समेत तीन लोगों पर ब्लैकमेलिंग, धमकी देने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। शिकायत में वर्तमान बीईओ एवं संयोजक हर्षित कौरव और कार्यालय कर्मचारी मनोज सोनी के नाम भी शामिल हैं। पीड़ित महिला आशा मौर्य ने एसपी साईकृष्ण एस. थोटा को शिकायत दी थी। इसके बाद जांच अजाक थाने को सौंपी गई। बुधवार को महिला पुलिस अधिकारी ने शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए। आशा मौर्य ने आरोप लगाया कि विवेक नागवंशी, हर्षित कौरव और मनोज सोनी उन पर कथित तौर पर अनैतिक कार्य करने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने जेल भेजने की धमकी देने का भी आरोप लगाया। उनसे लाखों रुपए मांगे गए। उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी। शिकायत के बाद निलंबन का दावा आशा मौर्य के मुताबिक, उन्होंने 23 जून को कथित प्रताड़ना को लेकर जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त से शिकायत की थी। 7 जुलाई को विभाग के अपर आयुक्त ने कलेक्टर नर्मदापुरम को शिकायत की जांच कराने के निर्देश दिए। मौर्य ने दावा किया कि 13 जुलाई को नर्मदापुरम कमिश्नर ने उनके निलंबन के आदेश जारी किए। उन्होंने निलंबन आदेश और FIR दर्ज कराने के लिए लिखे पत्र को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट से निलंबन आदेश पर स्थगन मिला। उन्होंने बताया कि विभागीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय अधिकारियों, महिला आयोग और एसपी को शिकायतें दीं। अब अजाक थाने में उनके बयान दर्ज किए गए हैं। नागवंशी बोले- विभागीय जांच को प्रभावित करने की कोशिश सहायक आयुक्त विवेक नागवंशी ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि एक जनप्रतिनिधि की शिकायत पर हुई जांच में वित्तीय अनियमितताएं सामने आई थीं। नागवंशी के मुताबिक, अवकाश नकदीकरण में गड़बड़ी, नियम विरुद्ध अटैचमेंट और अन्य मामलों में लापरवाही के आधार पर आयुक्त ने निलंबन की कार्रवाई की थी। उन्होंने कहा कि दावा जांच में अर्जित अवकाश के भुगतान में अनियमितता सामने आई थी। ₹4 लाख के बजाय ₹20 लाख का भुगतान किया गया था। नागवंशी ने आरोप लगाया कि विभागीय जांच को प्रभावित करने के लिए उनके खिलाफ शिकायत की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर उन्होंने पदभार ग्रहण किया था। पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति अजाक थाना प्रभारी आरके दुबे ने बताया कि जनजातीय कार्य विभाग की महिला अधिकारी ने अपने वरिष्ठ अधिकारी और सहकर्मियों के खिलाफ शिकायत की है। महिला पुलिस अधिकारी ने शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए हैं। उन्होंने बताया कि जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। उनके भी बयान लिए जाएंगे। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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