केवल मकान बना देना मात्र नहीं बल्कि व्यापार, उद्योग, निवेश और रोजगार व्यवस्थित केन्द्र के रूप में हमारे शहर विकसित हों। यही अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव का लक्ष्य है।
HighLights
- विकास में मकान नहीं बना रहे व्यापार और रोजगार की संभावना बना रहे
- एमपी एकमात्र राज्य है जो ग्रामीण आबादी को निशुल्क रजिस्ट्री करवाकर दे रहा है
- इंदौर फ्यूचर सिटी में 20 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : केवल मकान बना देना मात्र नहीं बल्कि व्यापार, उद्योग, निवेश और रोजगार व्यवस्थित केन्द्र के रूप में हमारे शहर विकसित हों। यही अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव का लक्ष्य है। शहरी विकास में निजी निवेश की पहल से शहरी अधोसंरचना विकास, आवासन, नवकरणीय ऊर्जा, पेयजल सुविधा प्रबंधन जैसे प्रत्येक क्षेत्र में गरीब, मध्यमवर्गीय सहित सभी की भागीदारी सुनिश्चित होगी।
यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव में संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि यह आयोजन एक पंचरंगी कार्यक्रम की तरह है। मध्यप्रदेश ने टेंपल बॉन्ड और ग्रीन बॉन्ड की शुरुआत की है। उज्जैन में वर्ष 2022 के बाद पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में उज्जैन में बाबा श्रीमहाकाल लोक और काशी में बाबा विश्वनाथ का कॉरिडोर शुरू हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में तेज गति से विकास करने के लिए अलग पहचान बना रहा है। 12 अल्प वर्षा वाले जिलों को विशेष पैकेज दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में इंदौर-उज्जैन और भोपाल को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। नीति आयोग ने इंदौर फ्यूचर सिटी का प्लान प्रस्तुत किया है। इसमें वर्ष 2047 तक 20 लाख लोगों के लिए रोजगार का लक्ष्य रखा गया है।
शहर में 12 से 15 नई टाउनशिप और 25 से 30 एकड़ क्षेत्र में नियोजित शहरी विकास किया जाएगा। इंदौर में 5 एकड़ में बनने वाली फ्यूचर सिटी आवास और रोजगार देने वाली सिटी बनेगी। इसी क्षेत्र में 2 करोड़ लोगों को विभिन्न सुविधाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मालवा क्षेत्र में सभी प्रकार की ऋतुओं का आनंद मिलता है।
जल्द ही इंदौर और भोपाल से शुरू होंगी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें
इंदौर रीजन में लॉजिस्टिक्स, इंदौर-भोपाल-जबलपुर के बीच नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से 1 लाख करोड़ रुपए का निवेश होगा। इंदौर और उज्जैन के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए फोर लेन विकसित किए जा रहे हैं। राज्य में इंदौर एयरपोर्ट से अबुधाबी के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ान और बहुत जल्द भोपाल एयरपोर्ट से बैंकॉक के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू की जाएगी।
एक बार जो मध्यप्रदेश आता है, वो लौटकर नहीं जाता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक बार जो मध्यप्रदेश आता है, वो लौटकर नहीं जाता है। राज्य सरकार सभी सेक्टर्स में निवेश बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है। सेमीकंडक्टर सेक्टर में मध्यप्रदेश शीघ्र ही गुजरात और असम के बाद सबसे तेज गति से निवेश करा रहा है। मध्यप्रदेश में पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने के लिए होटल इंडस्ट्री में तेजी से बड़े ब्रांड निवेश कर रहे हैं।
मध्यप्रदेश इकलौता राज्य है, जो अपनी ग्रामीण आबादी के लिए 50 लाख नि:शुल्क रजिस्ट्री करा रहा है। अब तक ग्रामीणजन के पास पक्की रजिस्ट्री नहीं थी, जिससे उन्हें अपनी संपत्ति का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था। स्वामित्व योजना के अंतर्गत रजिस्ट्री होने से ग्रामीण आबादी भी बैंक से लोन लेने के लिए पात्र होगी।
राज्य में एयर कनेक्टिविटी के विकास से हमारी एयर एंबुलेंस गरीब-जरूरतमंदों को लाभ दे रही हैं। राज्य में उद्योग केंद्रित 25 पारदर्शी नीतियां के आधार पर तेजी से निवेश आ रहा है। जीआईएस- 2025 में आए 30 लाख करोड़ के निवेश में से 30 प्रतिशत से अधिक अब तक धरातल पर नजर आ रहा है। मध्यप्रदेश 72 हजार करोड़ के निर्यात की क्षमता रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव में उपस्थित सभी उद्योगपतियों, निवेशकों और जनप्रतनिधियों को आगामी दीपावली पर्व की शुभकामनाएं दीं।
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