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पांचवीं बार गुहार पर हाई कोर्ट ने दी राहत, 28 महीने से जेल में बंद आरोपी इमरान खान को जमानत

पांचवीं बार गुहार पर हाई कोर्ट ने दी राहत, 28 महीने से जेल में बंद आरोपी इमरान खान को जमानत

हत्या के प्रयास और एससी-एसटी एक्ट के मामले में जेल में बंद इमरान खान उर्फ चन्ना को हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने जमानत दे दी है।

Publish Date: Thu, 05 Nov 2026 10:34:49 PM (IST)Updated Date: Thu, 05 Nov 2026 10:34:49 PM (IST)

जेल में बंद आरोपी को मिली राहत, ग्वालियर हाई कोर्ट, फाइल फोटो

HighLights

  1. जेल में बंद आरोपी को मिली राहत
  2. पांचवीं बार कोर्ट में लगाई गुहार
  3. मुरैना के बामोर थाना क्षेत्र का मामला

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। हत्या के प्रयास और एससी-एसटी एक्ट के मामले में जेल में बंद इमरान खान उर्फ चन्ना को हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति पुष्पेंद्र यादव की एकलपीठ ने यह आदेश पारित किया।

आरोपित जून 2024 से जेल में बंद है और 28 महीने से अधिक समय जेल में बिता चुका है। मामला मुरैना जिले के बामोर थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार 22 मई 2024 को फरियादी रिंकू खटीक रामू होटल के पास अपनी सब्जी की दुकान पर बैठा था।

कई धाराओं में दर्ज हुआ था प्रकरण

इसी दौरान इमरान एक अन्य व्यक्ति के साथ मोटरसाइकिल से पहुंचा और कट्टे से गोली चला दी। गोली फरियादी के बाएं पैर में लगी थी। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ हत्या के प्रयास, आपराधिक षड्यंत्र, एससी-एसटी एक्ट और आर्म्स एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था।

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आरोपित की ओर से अधिवक्ता आयुष कुलश्रेष्ठ ने दलील दी कि घटना के संबंध में उसकी पहचान के लिए परीक्षण परेड नहीं कराई गई। जब्त कट्टे का नक्शा भी तैयार नहीं किया गया और इस संबंध में कोई गवाह न्यायालय में बयान देने नहीं आया।

मामले के घायल गवाह सहित अधिकांश महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं और चालान भी पेश किया जा चुका है। वहीं अभियोजन पक्ष ने आरोपित के आपराधिक इतिहास का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया। हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि मुकदमे के निपटारे में अभी पर्याप्त समय लग सकता है।

इसके बाद पूर्व में जमानत खारिज करने का आदेश निरस्त करते हुए अपील स्वीकार कर ली। कोर्ट ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहाई के निर्देश दिए।

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