राजगढ़ जिले की खिलचीपुर तहसील के सड़ियाकुआ गांव में इन दिनों एक अज्ञात बीमारी का कहर फैला हुआ है। गांव में करीब 10 लोग पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी गंभीर समस्याओं से बीमार हो गए। इनमें से 13 वर्षीय दीपक सोलंकी की गुरुवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई।
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जानकारी की मुताबिक, मंगलवार शाम से गांव के कई लोगों को अचानक पेट में तेज दर्द, उल्टी और दस्त शुरू हो गए। पहले लोगों ने इसे सामान्य मौसमी बीमारी समझा, लेकिन जब बच्चों समेत बुजुर्ग भी तेजी से बीमार पड़ने लगे, तो उन्हें तुरंत इलाज के लिए खिलचीपुर के निजी अस्पताल में ले जाया गया। बीमार लोगों में दीपक सोलंकी (13) भी शामिल था, जिसे बाद में गंभीर हालत में अकलेरा और फिर कोटा रेफर किया गया। कोटा के मैत्री अस्पताल में गुरुवार सुबह 6 बजे उसकी मौत हो गई।
सीएचसी बंद होने से बढ़ी परेशानी
गांव के पास स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फिलहाल बंद है, जिससे मरीजों को तत्काल उपचार नहीं मिल सका। इससे स्थिति और बिगड़ गई। मरीजों को मजबूरी में 10 किलोमीटर दूर खिलचीपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। दीपक की तबीयत बिगड़ने पर उसे राजस्थान के अकलेरा और फिर कोटा रेफर किया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
दीपक की मौत के बाद घर में मातम का माहौल
बद्रीनाथ यात्रा से लौटे थे पिता
मृतक के पिता कृष्णपाल सोलंकी ने बताया कि वे हाल ही में बद्रीनाथ की धार्मिक यात्रा से लौटे हैं। 27 मई को वे वापस आए थे। मंगलवार शाम को अचानक वे, उनका बेटा दीपक और मां बीमार पड़ गए। बाद में उनके परिवार के चार-पांच सदस्य और गांव के अन्य लोग भी इसी तरह बीमार हो गए।
कृष्णपाल ने बताया कि हम सबको एक जैसा लक्षण हुआ- पेट दर्द, उल्टी, दस्त और बुखार। इलाज के लिए बेटे दीपक को सबसे पहले खिलचीपुर ले गए, फिर अकलेरा और कोटा तक लेकर गए, लेकिन वो नहीं बच पाया।
गांव के 9 लोग बीमार हुए थे, जिसमें नैना सोलंकी (30), मंजू सोलंकी (32), दुली बाई (55), संतोष बाई (31), कृष्णपाल (40), भागीरथ (70), वर्षा (22), विवेक (11) और निशा बाई (10) शामिल है। इसमें 4 लोग अभी भी एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं।

गांव के चार लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची गांव गांव में बीमारी फैलने की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल राजगढ़ से स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम में सिविल सर्जन, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एलपी भगोरिया, डॉ. अमित कोली, जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ. महेंद्र सिंह और खिलचीपुर सीबीएमओ डॉ. कैलाश नारायण अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने गांव का निरीक्षण किया और बीमार लोगों से मिलकर जानकारी ली। डॉक्टरों ने प्राथमिक रूप से फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है, हालांकि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
पानी की जांच कराने की मांग दीपक की मौत के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। गांव के लोग डरे हुए हैं और बाकी बीमारों को लेकर चिंता में हैं। ग्रामीणों की मांग है कि स्वास्थ्य विभाग गांव में कैंप लगाकर सभी का स्वास्थ्य परीक्षण करे और पानी के सैंपल लेकर जांच कराए ताकि बीमारी के सही कारणों का पता चल सके। साथ ही लोगों ने सीएचसी को जल्द शुरू करने की मांग की है।
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