मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम के दो अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर भीषण गर्मी का प्रकोप है, वहीं दूसरी ओर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने दस्तक दे दी है। गुरुवार को राजधानी भोपाल और ग्वालियर सहित प्रदेश के 15 से ज्यादा जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ वर्षा दर्ज की गई। उमरिया और मुरैना जैसे जिलों में तो ओले भी गिरे हैं, जिससे तापमान में गिरावट महसूस की गई है। सुबह से शुरू हुआ बारिश का यह सिलसिला देर रात तक रुक-रुक कर चलता रहा। शुक्रवार सुबह से भी मौसम बदला हुआ सा है। कुछ जिलों में बादल छाए हैं तो कुछ जिलों में सुबह से तेज धूप है।
कहीं तेज आंधी चली तो कहीं ओले गिरे
मौसम के इस अचानक बदलाव का असर जनजीवन पर भी पड़ा है। भोपाल, ग्वालियर, सतना, श्योपुर, टीकमगढ़, रायसेन, बालाघाट, छतरपुर, मुरैना, सागर, पन्ना, मैहर, उमरिया और रीवा में कहीं तेज आंधी चली तो कहीं ओले गिरे। राजधानी भोपाल में आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कोलार रोड समेत कई अन्य इलाकों में पेड़ उखड़ गए। प्रशासन और संबंधित विभाग देर रात तक स्थिति पर नजर बनाए हुए थे क्योंकि मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहा।
आगामी 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम केंद्र (IMD) ने शुक्रवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में सावधानी बरतने की सलाह दी है। ग्वालियर समेत 17 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। आज जिन प्रमुख जिलों में आंधी और बारिश होने की संभावना जताई गई है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की गतिविधियों को देखते हुए सतर्क रहने को कहा गया है।
गर्मी और बारिश का अनोखा संयोग
एक तरफ जहां कई जिलों में बारिश की चेतावनी है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश का एक बड़ा हिस्सा अब भी गर्मी की तपिश झेल रहा है। इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा जैसे जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा। इसके अलावा रीवा, सतना, जबलपुर और सागर जैसे क्षेत्रों में भी तापमान अधिक रहने की उम्मीद है, हालांकि यहां शाम के वक्त धूल भरी आंधी चलने के आसार जताए गए हैं।
मई महीने में मौसम का बदला ट्रेंड
आमतौर पर मई का महीना अपनी भीषण तपिश और लू के लिए जाना जाता है, लेकिन इस साल की शुरुआत कुछ अलग अंदाज में हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मई के शुरुआती चार दिनों तक आंधी और बारिश का अलर्ट बना हुआ है। गर्मी के इस पारंपरिक ट्रेंड में आए बदलाव ने लोगों को चिलचिलाती धूप से थोड़ी राहत तो दी है, लेकिन आंधी और ओलावृष्टि ने चिंताएं भी बढ़ा दी हैं।
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