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NEET UG रद होने से विद्यार्थियों की मेहनत हुई बेकार, बच्चों में बढ़ा मानसिक दवाब

NEET UG रद होने से विद्यार्थियों की मेहनत हुई बेकार, बच्चों में बढ़ा मानसिक दवाब

मेडिकल पाठ्यक्रम में प्रवेश को लेकर होने वाली परीक्षा नीट यूजी रद्द हो गई। पेपर लीक होने के चलते नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने यह फैसला लिया है और …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 12 May 2026 10:41:31 PM (IST)Updated Date: Tue, 12 May 2026 10:41:30 PM (IST)

NEET UG रद होने से विद्यार्थियों की मेहनत हुई बेकार (AI Generated Image)

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मेडिकल पाठ्यक्रम में प्रवेश को लेकर होने वाली परीक्षा नीट यूजी रद्द हो गई। पेपर लीक होने के चलते नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने यह फैसला लिया है और जल्द ही दोबारा परीक्षा करवाई जाएगी। इसे लेकर अब एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। उधर परीक्षा में शामिल विद्यार्थी थोड़े निराश हैं, क्योंकि मेहनत करने के बावजूद उन्हें दोबारा परीक्षा की तैयारी करना होगी।

हालांकि पूरे मामले में छात्र संगठन ने भी एनटीए को प्रमुख परीक्षाओं से अलग किए जाने की मांग रखी है। जबकि शिक्षाविदों के मुताबिक पेपर लीक की घटना विद्यार्थियों की दृष्टि से काफी चिंताजनक है। छात्र सोमेश जैन का कहना है कि परीक्षा में इस तरह की गड़बड़ी का सीधा असर लाखों मेहनती अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़ेगा। परीक्षा प्रणाली में बार-बार सामने आ रही खामियों से मानसिक दबाव भी पड़ता है।

गोपनीयता बनाए रखने की जरूरत: डॉ. राकेश सिंघई

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई का कहना है कि इस तरह से पेपर लीक होने से परीक्षा प्रक्रिया पर भरोसा कम होता है। इससे परीक्षा एजेंसी की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। वे कहते हैं कि प्रश्न पत्र बनाने के लिए कई शिक्षकों की मदद ली जाती है। प्रश्नों को एकत्रित करने के बाद पेपर प्रकाशित होते हैं। इसके लिए सरकार को निगरानी में पेपर का प्रकाशन करवाना चाहिए और केंद्रों पर पहुंचने की पुख्ता व्यवस्था करवानी चाहिए। साथ ही पेपर की पूर्णतः गोपनीयता बनाए रखने की जरूरत है।

विद्यार्थियों का गिरता है मनोबल: डॉ. राजीव झालानी

शिक्षाविद डॉ. राजीव झालानी का कहना है कि परीक्षा रद्द करना समाधान नहीं है। बल्कि परीक्षा संचालन प्रणाली को तकनीकी रूप से अधिक सुरक्षित बनाना भी जरूरी है। वे कहते हैं कि ऐसी गड़बड़ी सामने आने के बाद मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का मनोबल कम होता है। पेपर लीक मामले में गंभीरता से जांच की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

सीबीआई को सौंपी जाए जांच: एबीवीपी की मांग

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत अध्यक्ष डॉ. सौरभ पारिख का कहना है कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा में सामने आए कथित पेपर लीक एवं अनियमितताओं के प्रकरण की जांच केंद्र सरकार को सीबीआई को सौंपनी चाहिए। जांच के दौरान जो भी साक्ष्य, नेटवर्क एवं दोषी व्यक्ति सामने आएं, उनकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि वर्षों से राष्ट्रीय परीक्षाओं में सक्रिय शिक्षा-माफिया एवं भ्रष्ट तंत्र का पूर्ण रूप से भंडाफोड़ हो सके। देश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलना चाहिए तथा सभी दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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