×
Parliament Monsoon Session LIVE: दोनों सदनों की कार्यवाही फिर स्थगित; लोकसभा में अखिलेश की स्पीकर से तीखी बहस

Parliament Monsoon Session LIVE: दोनों सदनों की कार्यवाही फिर स्थगित; लोकसभा में अखिलेश की स्पीकर से तीखी बहस

12:55 PM, 22-Jul-2026

काले कपड़ों में संसद पहुंचे विपक्षी सांसद, खरगे के कक्ष में हुई रणनीति बैठक

संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को विपक्षी दलों के नेताओं ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कक्ष में बैठक की। इस बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य संसद में सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति तैयार करना था।

इससे पहले संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने काले कपड़े पहनकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और कई अन्य सांसद शामिल हुए। विपक्ष का आरोप है कि हाल के छात्र आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों और सांसदों के साथ सुरक्षा बलों ने दुर्व्यवहार किया। हंगामे और नारेबाजी के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही बाधित हो गई। दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार तानाशाही तरीके से काम कर रही है और विरोध करने वाले नेताओं व छात्रों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस के साथ बिना पहचान वाले लोग भी मौजूद थे। गौरतलब है कि मंगलवार को कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।

12:21 PM, 22-Jul-2026

NEET पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा के लिए सरकार तैयार: किरेन रिजिजू

लोकसभा में चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- पिछले तीन दिनों से हम यही कह रहे हैं कि सरकार NEET पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। पहले दिन से ही हम यही कहते आ रहे हैं कि चर्चा नियमों के अनुसार ही होनी चाहिए। चर्चा कब होगी, उसकी अवधि क्या होगी और किस नियम के तहत होगी, यह सभी दलों के सदन के नेताओं से बात करने के बाद तय किया जाना चाहिए। सरकार NEET पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। देश के युवाओं के भविष्य के निर्माण पर चर्चा होनी चाहिए, यही सरकार चाहती है।

12:03 PM, 22-Jul-2026

दोनों सदनों की कार्यवाही फिर स्थगित; लोकसभा में अखिलेश की स्पीकर से तीखी बहस

संसद के मानसून सत्र में जारी भारी हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही एक बार फिर स्थगित कर दी गई। हालांकि, लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव और स्पीकर ओम बिरला के बीच तीखी बहस हो गई। अखिलेश यादव ने छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि छात्रों के साथ गलत हुआ है, उन्हें न्याय मिलना चाहिए और इस विषय पर सरकार को चर्चा करनी चाहिए। इस पर स्पीकर ने कहा कि सरकार भी इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, तो फिर हंगामा किस बात पर हो रहा है? इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

11:10 AM, 22-Jul-2026

राज्यसभा की कार्यवाही भी दोपहर 12 बजे तक स्थगित

राज्यसभा में सबसे पहले दिवंगत सदस्यों और अन्य लोगों के लिए शोक संदेश पढ़े गए। विपक्षी सांसदों ने अपनी मांगों को लेकर चर्चा शुरू करने की कोशिश की। लेकिन सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उनसे अपनी बारी का इंतजार करने को कहा।

इसके बाद सदन के पटल पर रखे जाने वाले दस्तावेज पेश किए गए। इसके बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। इसके बाद सभापति ने राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

11:03 AM, 22-Jul-2026

लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही स्थगित

लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने अपने दिए गए नोटिस वाले मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की। लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने विपक्ष से प्रश्नकाल चलने देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि सदन विपक्ष की ओर से उठाए गए किसी भी मुद्दे पर किसी भी समय चर्चा के लिए तैयार है। लेकिन यह चर्चा प्रश्नकाल के बाद होगी। इसके बावजूद विपक्षी सांसदों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। इसके बाद ओम बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

10:55 AM, 22-Jul-2026

सदन के पटल पर अपने मंत्रालयों के दस्तावेज रखेंगे केंद्रीय मंत्री

आज के राज्यसभा कामकाज की सूची के अनुसार, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, बीएल वर्मा, बी संजय कुमार, सुकांत मजूमदार और हर्ष मल्होत्रा अपने-अपने मंत्रालयों की ओर से दस्तावेज सदन के पटल पर रखेंगे।

नित्यानंद राय और बी संजय कुमार गृह मंत्रालय की ओर से दस्तावेज रखेंगे। बीएल वर्मा सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ओर से, सुकांत मजूमदार शिक्षा मंत्रालय की ओर से और हर्ष मल्होत्रा सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से दस्तावेज रखेंगे।

भाजपा सांसद के लक्ष्मण और कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह लोक लेखा समिति की 2026-27 की चार रिपोर्टों की अंग्रेजी और हिंदी प्रतियां सदन के पटल पर रखेंगे।

इन रिपोर्ट में 18वीं लोकसभा की 48वीं रिपोर्ट शामिल है, जो इलेक्ट्रॉनिक रूप से अपग्रेड की गई 155 एमएम/45 कैलिबर गन प्रणाली ‘धनुष’ के उत्पादन में देरी से जुड़ी है।

10:54 AM, 22-Jul-2026

राज्यसभा में रक्षा से जुड़े मुद्दों पर रिपोर्ट पेश की जाएगी

राज्यसभा में भी रक्षा से जुड़े मुद्दों पर लोक लेखा समिति की रिपोर्ट पेश की जाएंगी। इनमें धनुष तोप प्रणाली के उत्पादन में देरी और खराब गोला-बारूद बदलने में 62.10 करोड़ रुपये के नुकसान से जुड़ी रिपोर्ट शामिल हैं। इसके अलावा, इस्पात क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और कोयला तथा खान मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर की गई कार्रवाई से जुड़ी रिपोर्ट भी पेश की जाएंगी।

10:52 AM, 22-Jul-2026

11 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी लोकसभा की कार्यवाही

लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी। इसके बाद मंत्री सदन के पटल पर दस्तावेज रखेंगे। इनमें जितेंद्र सिंह, चंद्रशेखर पेम्मासानी, रवनीत सिंह और निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया शामिल हैं।

10:49 AM, 22-Jul-2026

बीएसी की 17वीं रिपोर्ट पेश करेंगे रिजिजू और गोगोई

दिन के शुरुआती कामकाज में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और गौरव गोगोई व्यापार सलाहकार समिति (बीएसी) की 17वीं रिपोर्ट पेश करेंगे। सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और मन्ना लाल रावत कोयला, खान और इस्पात पर बनी स्थायी समिति (2025-26) की तीन रिपोर्ट पेश करेंगे। 

इनमें पहली रिपोर्ट इस्पात मंत्रालय से जुड़ी ‘इस्पात क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और मेड इन इंडिया इस्पात उत्पादन का रोडमैप’ पर 24वीं रिपोर्ट है। दूसरी रिपोर्ट कोयला मंत्रालय से जुड़ी अनुदान मांगों (2026-27) पर समिति की 18वीं रिपोर्ट में की गई टिप्पणियों और सिफारिशों पर सरकार की ओर से की गई कार्रवाई से संबंधित 25वीं रिपोर्ट है।

तीसरी रिपोर्ट खान मंत्रालय से जुड़ी अनुदान मांगों (2026-27) पर समिति की 19वीं रिपोर्ट में की गई टिप्पणियों और सिफारिशों पर सरकार की ओर से की गई कार्रवाई से संबंधित 26वीं रिपोर्ट है।

रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह रेलवे मंत्रालय से जुड़ी अनुदान मांगों (2026-27) पर रेलवे संबंधी स्थायी समिति की 8वीं रिपोर्ट में दी गई सिफारिशों को लागू करने की स्थिति पर बयान देंगे। 

सदन में सुधीर गुप्ता और मुकेशकुमार चंद्रकांत दलाल की ओर से लाए गए प्रस्ताव पर भी विचार होगा। इसमें कॉरपोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर बनी संयुक्त समिति की रिपोर्ट पेश करने का समय मानसून सत्र 2026 के आखिरी दिन तक बढ़ाने की मांग की गई है।

कामकाज की सूची के अनुसार, प्रस्ताव में कहा गया है- यह सदन कॉरपोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर बनी संयुक्त समिति की रिपोर्ट पेश करने का समय मानसून सत्र, 2026 के आखिरी दिन तक बढ़ाता है।

10:39 AM, 22-Jul-2026

Parliament Monsoon Session LIVE: दोनों सदनों की कार्यवाही फिर स्थगित; लोकसभा में अखिलेश की स्पीकर से तीखी बहस

लोकसभा में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा होगी और इसे पारित करने के लिए पेश किया जाएगा। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल संसद के चल रहे मानसून सत्र में इस विधेयक को सदन में रखेंगे। यह विधेयक 20 जुलाई को लोकसभा में पेश किया गया था। उस समय संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष लगातार नारेबाजी कर रहा था।

आज के लोकसभा कामकाज की सूची के अनुसार, मेघवाल प्रस्ताव रखेंगे कि सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) अधिनियम, 1956 में आगे संशोधन करने वाले इस विधेयक पर विचार किया जाए। इसके बाद वह विधेयक को पारित करने का प्रस्ताव भी रखेंगे।

सदन के विधायी कामकाज के साथ सांसद सौगत राय, एनके प्रेमचंद्रन और डीन कुरीयाकोस की ओर से लाए गए एक वैधानिक प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी। इस प्रस्ताव में राष्ट्रपति की ओर से 16 मई को जारी किए गए सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026 को अस्वीकार करने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 का मकसद सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) अधिनियम, 1956 में आगे बदलाव करना है।

Source link
#Parliament #Monsoon #Session #LIVE #दन #सदन #क #करयवह #फर #सथगत #लकसभ #म #अखलश #क #सपकर #स #तख #बहस

Previous post

Gopichand on badminton’s Commonwealth Games 2026 Snub, Satwik-Chirag’s call for recognition and format changes facing sport <div id="content-body-71242305"><p>The Commonwealth Games (CWG) have traditionally been one of India’s most productive multi-sport events, with the country consistently returning home with a healthy medal haul. But at Glasgow 2026, India’s prospects have taken a hit after several sports, including badminton, were dropped from the programme, with organisers holding cost management responsible for the trim.</p><p>The decision, understandably, has not gone down well within India’s badminton community, with chief national coach P. Gopichand among those disappointed.</p><p>“Commonwealth was an important event and badminton not being there in Glasgow was quite shocking. It’s done and dusted for this edition, but we are hoping that in our edition in Ahmedabad, we would have badminton featuring back again. Indian players are stronger than ever, so we do expect some medals from the event as well,” he said in an interaction organised by Sports Authority of India.</p><p>“From an athlete’s perspective, Asian Games are tough for some events, but also there are some where the participation of countries like Australia, England and Jamaica makes the Commonwealth Games make its standards higher than Asian Games.”</p><p>The Commonwealth Games is not the only area where badminton has seen change. The sport has also introduced proposals that have split opinion, including a new scoring system and trials involving synthetic shuttlecocks.</p><p>“What’s the point of complaining when it’s done? That’s one of the reasons why I haven’t spoken against it,” he quipped. “For me, the sport has been very, very exciting in the last few years. We have tournaments filled with crowds. The calendar is packed with tournaments, and there was no need for us to mess with the system,” Gopichand said, talking about the new 3×15 scoring system replacing the traditional 21-point format.</p><p>The 52-year-old was, however, more receptive to the prospect of synthetic shuttlecocks, citing the need to make the sport more sustainable.</p><p>Gopichand also weighed in on Satwiksairaj Rankireddy’s remarks about the lack of recognition for badminton players after India’s bronze medal-winning team returned home to a subdued reception. Satwik’s comments sparked debate, prompting him to later clarify that he was not asking for “money or grand parades” but simply urging people “to celebrate every win, big or small” across all sports.</p><p>“In a lot of ways, I endorse what Satwik said. It’s unfortunate that one of the best players the country has ever produced feels that way, especially in doubles. We’ve never had anybody reach anywhere close to where they have reached. What he said is genuine. To have them win something big and then not get the recognition which they feel they should is unfortunate,” he said.</p><p>“That said, I genuinely would love to see badminton and other sports being recognized more. But unfortunately, ground realities are that it doesn’t happen. Everybody should lend a hand to ensure that these players’ performances are portrayed better and the visibility is more, so that it is not just fans watching them but also the younger kids taking them as role models and we produce better players for the future.”</p><p><i>(Watch the Glasgow 2026 Commonwealth Games live only Sony Sports Network and Sony LIV.)</i></p><p class="publish-time" id="end-of-article">Published on Jul 19, 2026</p></div> #Gopichand #badmintons #Commonwealth #Games #Snub #SatwikChirags #call #recognition #format #facing #sport

Next post

Turkey-PKK talks: Is peace finally possible?

Post Comment