अनुच्छेद 370 हटने के 7 साल: पीएम मोदी बोले- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख ने विकास का नया दौर देखा; गिनाईं ये उपलब्धि
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35(ए) हटाए जाने के सात साल आज यानी पांच अगस्त…
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35(ए) हटाए जाने के सात साल आज यानी पांच अगस्त…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित…
{"_id":"6a6df96ca216fdbd440ea424","slug":"2-august-2026-major-event-2026-08-01","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आज के दिन: PM मोदी नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान शुरू करेंगे, कर्नाटक सरकार…
VIDEO | “Parliament passes a Bill that makes our examination system more robust,” says PM Modi (@narendramodi) in a video message posted on his Instagram page.
(Video Source: PM Modi’s Instagram Page) pic.twitter.com/jsOEEFufjH
— Press Trust of India (@PTI_News) July 30, 2026
प्रधानमंत्री ने अपने करीब 2 मिनट 26 सेकंड के वीडियो में कहा कि सरकार ने संसद में विधेयक पेश किया था और उनके वादे के मुताबिक दोनों सदनों में बड़ी संख्या में सांसदों ने इस पर विस्तार से चर्चा की। अब दोनों सदनों ने सख्त प्रावधानों वाले इस विधेयक को पारित कर दिया है।
पीएम मोदी ने कहा कि विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है और यह काम आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी स्थिति को लंबे समय तक बने नहीं रहने देगी। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने की अपील की।
‘Public Examination (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026’ को गुरुवार को राज्यसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस दौरान कई विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट किया। इससे पहले बुधवार को लोकसभा ने इस विधेयक को मंजूरी दी थी। अब विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
संशोधन विधेयक में पेपर लीक या परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल में शामिल लोगों के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, संगठित अपराध के मामलों में कम से कम 7 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ऐसे मामलों में कम से कम 10 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति भवन पहुंचकर राष्ट्रपति से भेंट की। राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें शेयर कीं।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक सप्ताह के सफल विदेश दौरे के बाद रविवार को भारत लौटी हैं। इस दौरान उन्होंने मोल्दोवा, नॉर्थ मैसेडोनिया और रोमानिया का दौरा किया था। राष्ट्रपति के इस दौरे को भारत के इन यूरोपीय देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया।Prime Minister Shri @narendramodi called on President Droupadi Murmu at Rashtrapati Bhavan. pic.twitter.com/zbrOkZakit
— President of India (@rashtrapatibhvn) July 30, 2026
VIDEO | “Parliament passes a Bill that makes our examination system more robust,” says PM Modi (@narendramodi) in a video message posted on his Instagram page.
(Video Source: PM Modi’s Instagram Page) pic.twitter.com/jsOEEFufjH
— Press Trust of India (@PTI_News) July 30, 2026
प्रधानमंत्री ने अपने करीब 2 मिनट 26 सेकंड के वीडियो में कहा कि सरकार ने संसद में विधेयक पेश किया था और उनके वादे के मुताबिक दोनों सदनों में बड़ी संख्या में सांसदों ने इस पर विस्तार से चर्चा की। अब दोनों सदनों ने सख्त प्रावधानों वाले इस विधेयक को पारित कर दिया है।
पीएम मोदी ने कहा कि विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है और यह काम आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी स्थिति को लंबे समय तक बने नहीं रहने देगी। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने की अपील की।
‘Public Examination (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026’ को गुरुवार को राज्यसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस दौरान कई विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट किया। इससे पहले बुधवार को लोकसभा ने इस विधेयक को मंजूरी दी थी। अब विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
संशोधन विधेयक में पेपर लीक या परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल में शामिल लोगों के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, संगठित अपराध के मामलों में कम से कम 7 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ऐसे मामलों में कम से कम 10 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति भवन पहुंचकर राष्ट्रपति से भेंट की। राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें शेयर कीं।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक सप्ताह के सफल विदेश दौरे के बाद रविवार को भारत लौटी हैं। इस दौरान उन्होंने मोल्दोवा, नॉर्थ मैसेडोनिया और रोमानिया का दौरा किया था। राष्ट्रपति के इस दौरे को भारत के इन यूरोपीय देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया।Prime Minister Shri @narendramodi called on President Droupadi Murmu at Rashtrapati Bhavan. pic.twitter.com/zbrOkZakit
— President of India (@rashtrapatibhvn) July 30, 2026
संसद में पेपर लीक विरोधी विधेयक पारित होने का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी…
भारत का पहला निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल-श्रेणी का रॉकेट 'विक्रम-1' सफलतापूर्वक लॉन्च करने वाली…
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने छात्रों और शिक्षकों से अपील की है कि वे चल रहे छात्र आंदोलन और विरोध-प्रदर्शनों से दूर रहें तथा शैक्षणिक गतिविधियों पर ध्यान दें। यह अपील ऐसे समय आई है, जब कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्र प्रदर्शन और राजनीतिक हलचल तेज है।
कथित परीक्षा पेपर लीक को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ा कदम उठाते हुए पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन किया है। तीस हजारी कोर्ट के मीडिएशन सेंटर की इंचार्ज जज अनु ग्रोवर बालिगा को दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पेशल जज के तौर पर राउज़ एवेन्यू कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है। आज, PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्दी और सख्त सज़ा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है।
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के मामलों में त्वरित सुनवाई और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा के कुछ घंटे बाद लिया गया। खबरों के अनुसार यह फैसला ऐसे समय आया है जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच शुक्रवार को बैठक होने की पुष्टि भी हुई है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे CJP के कार्यकर्ता और छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इसी बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग (Department of Higher Education) में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने गुरुवार को विनीत जोशी की जगह नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया। यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब शिक्षा मंत्रालय कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर लगातार चर्चा में है। इस मुद्दे पर छात्र संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा देशभर में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की मांग भी तेज हो गई है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने छात्रों और शिक्षकों से अपील की है कि वे चल रहे छात्र आंदोलन और विरोध-प्रदर्शनों से दूर रहें तथा शैक्षणिक गतिविधियों पर ध्यान दें। यह अपील ऐसे समय आई है, जब कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्र प्रदर्शन और राजनीतिक हलचल तेज है।
कथित परीक्षा पेपर लीक को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ा कदम उठाते हुए पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन किया है। तीस हजारी कोर्ट के मीडिएशन सेंटर की इंचार्ज जज अनु ग्रोवर बालिगा को दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पेशल जज के तौर पर राउज़ एवेन्यू कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है। आज, PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्दी और सख्त सज़ा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है।
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के मामलों में त्वरित सुनवाई और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा के कुछ घंटे बाद लिया गया। खबरों के अनुसार यह फैसला ऐसे समय आया है जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच शुक्रवार को बैठक होने की पुष्टि भी हुई है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे CJP के कार्यकर्ता और छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इसी बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग (Department of Higher Education) में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने गुरुवार को विनीत जोशी की जगह नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया। यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब शिक्षा मंत्रालय कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर लगातार चर्चा में है। इस मुद्दे पर छात्र संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा देशभर में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की मांग भी तेज हो गई है।
जंतर मंतर पर चल रहे कॉकरोज जनता पार्टी के आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने रविवार…
अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले पर भाजपा नेता और बजरंग दल…
04:30 PM, 27-Jun-2026 PM Modi Seychelles Visit LIVE: तीन दिवसीय यात्रा पर सेशेल्स पहुंचे पीएम…
वैश्विक मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर और…