प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने रविवार को प्रेस वार्ता में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा किया। इससे पहले वह सेशेल्स भी गए थे। इसी दौरान जापान के राष्ट्राध्यक्ष ने भी भारत का दौरा किया। पात्रा ने कहा कि इन यात्राओं से भारत को क्या हासिल हुआ, इसे आसान भाषा में समझाने के लिए उन्होंने ‘दस कदम, दस का दम’ के रूप में दस प्रमुख उपलब्धियां सामने रखीं।
भारत ने हिंद महासागर और इंडो पैसिफिक में क्या बढ़त हासिल की?
संबित पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का सबसे बड़ा परिणाम हिंद महासागर और इंडो पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करना रहा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में समान सोच वाले देशों के साथ भारत की साझेदारी पहले से अधिक मजबूत हुई है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग को नई दिशा मिली है।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा में क्या नया हुआ?
उन्होंने बताया कि इन दौरों के दौरान रक्षा और समुद्री सहयोग को नई मजबूती मिली। समुद्री सुरक्षा, संयुक्त सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे भारत की समुद्री क्षमताओं और सुरक्षा हितों को बल मिलेगा।
क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर भारत को क्या फायदा होगा?
पात्रा ने कहा कि भविष्य की तकनीक और उद्योगों के लिए जरूरी क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर भी महत्वपूर्ण सहमति बनी है। इससे भारत की औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी सकारात्मक प्रगति हुई है। इन समझौतों और सहयोग के माध्यम से भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को अधिक सुरक्षित और स्थिर बना सकेगा।
अर्थव्यवस्था और निवेश के क्षेत्र में क्या उपलब्धि मिली?
संबित पात्रा ने कहा कि आर्थिक सहयोग और निवेश बढ़ाने को लेकर भी महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए हैं। विभिन्न देशों के साथ व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में ठोस प्रगति हुई है, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री को मिले विशेष सम्मान का क्या महत्व है?
उन्होंने कहा कि जिन देशों का प्रधानमंत्री ने दौरा किया, वहां उन्हें विशेष सम्मान और आत्मीयता के साथ स्वागत मिला। पात्रा के अनुसार, यह केवल प्रधानमंत्री का सम्मान नहीं बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और विश्व मंच पर उसकी मजबूत होती साख का प्रतीक है।
सभ्यतागत और सांस्कृतिक रिश्तों को कैसे मिला नया आयाम?
पात्रा ने कहा कि भारत ने अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और साझा सभ्यतागत संबंधों को भी नई ऊर्जा देने का काम किया। विभिन्न देशों के साथ सांस्कृतिक सहयोग और पारंपरिक रिश्तों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
डिजिटल और शिक्षा के क्षेत्र में क्या नई पहल हुई?
उन्होंने बताया कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण साझेदारियां बनी हैं। इससे तकनीकी सहयोग, नवाचार और शैक्षणिक आदान प्रदान को बढ़ावा मिलेगा तथा दोनों पक्षों के छात्रों और संस्थानों को लाभ पहुंचेगा।
खेल सहयोग को लेकर क्या पहल हुई?
संबित पात्रा ने कहा कि खेल के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। खेलों के माध्यम से दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने तथा खिलाड़ियों के लिए नए अवसर तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।
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लोगों के बीच रिश्ते कैसे होंगे और मजबूत?
उन्होंने कहा कि इन विदेश यात्राओं का सबसे महत्वपूर्ण पहलू लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ाना है। पर्यटन, शिक्षा, व्यापार, सांस्कृतिक आदान प्रदान और सामाजिक संबंधों के माध्यम से भारत तथा साझेदार देशों के नागरिकों के बीच भरोसा और सहयोग पहले से अधिक मजबूत होगा। इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं ने भारत की वैश्विक भागीदारी को नई गति देने का काम किया है।
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