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उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, इसलिए यह स्पष्ट किया जाए कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन और अन्य बल प्रयोग की अनुमति दी गई थी? अगर नहीं, तो इसकी अनुमति किसने दी? राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि सादे कपड़ों में छात्रों को लाठी से पीटते दिखाई देने वाले लोग पुलिसकर्मी थे या कोई अन्य व्यक्ति? उनकी तैनाती का आदेश किसने दिया था?

छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन

 

छात्रों का आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शामिल होने के बाद आंदोलन को और गति मिली। वांगचुक ने 6 AISA कार्यकर्ताओं के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसे बाद में केंद्र सरकार की बातचीत के बाद समाप्त किया गया। 20 जुलाई को CJP नेतृत्व के साथ सरकार की पहली औपचारिक बातचीत हुई। इसी दिन संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई हुई, जिसे आंदोलन का बड़ा मोड़ माना गया।

Rahul Gandhi letter to Amit Shah, Rahul Gandhi student protest, CJP protest, Jantar Mantar protest, Delhi student protest, pellet gun controversy, police action on students, NEET paper leak protest, Amit Shah response, Congress Rahul Gandhi, student movement India, Delhi police action, education system reforms, Parliament march protest, Sonam Wangchuk protest, राहुल गांधी अमित शाह पत्र, राहुल गांधी छात्र प्रदर्शन, CJP आंदोलन, जंतर मंतर प्रदर्शन, छात्रों पर लाठीचार्ज, पेलट गन विवाद, दिल्ली छात्र आंदोलन, NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन, गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, छात्र आंदोलन 2026, दिल्ली पुलिस कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था सुधार, संसद मार्च, सोनम वांगचुक आंदोलन"> Rahul Gandhi : राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर मांगा जवाब; पूछा- क्या पेलट गन इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?
								

		
		
		
		
				


					
							
																								
											
								
								
																			
																	
																	
																कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि राजधानी की सड़कों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर ‘बर्बर हमला’ किया गया। उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन समेत घातक हथियारों के इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?																								
																														
																																												
	 राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन किसी भी लोकतंत्र का अहम हिस्सा है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वे प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और उनकी मांगों का समाधान बातचीत के जरिए निकाले। उन्होंने कहा कि ऐसी क्रूर हिंसा लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाती है और पूरे देश को आक्रोशित करती है। देश का भविष्य युवा और छात्र जवाबदेही की मांग कर रहे हैं और उनकी आवाज सुनी जाएगी।
																										
																
																
																														
																														
																																			
		राहुल गांधी ने घायल छात्र को मीडिया के सामने किया पेश
	
		राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक छात्र प्रदर्शनकारी को मीडिया के सामने पेश किया। इसके बारे में उन्होंने दावा किया कि वह 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मियों की पेलट गन से घायल हुआ था। उन्होंने मांग की कि छात्रों पर गोली चलाने और लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग भी की।																								
																														
																																																											
																														
																																			
	20 जुलाई के प्रदर्शन का जिक्र

	राहुल गांधी ने अपने पत्र में 20 जुलाई 2026 को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्र एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय सुरक्षा बलों ने उन पर बल प्रयोग किया।																								
																														
																																			
	
		
			Pellet guns, lathis and tear gas were used against students peacefully protesting in Delhi.I met 19-year-old Sahil Lochab. Shot with pellets, he may lose an eye. His “crime”? Demanding an end to paper leaks and a fair future for our students.@AmitShah ji, I have two… https://t.co/861NLmRgNp— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 26, 2026
	
	
		उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, इसलिए यह स्पष्ट किया जाए कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन और अन्य बल प्रयोग की अनुमति दी गई थी? अगर नहीं, तो इसकी अनुमति किसने दी? राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि सादे कपड़ों में छात्रों को लाठी से पीटते दिखाई देने वाले लोग पुलिसकर्मी थे या कोई अन्य व्यक्ति? उनकी तैनाती का आदेश किसने दिया था?																								
																														
																																																																																												
																	
															
																														
																																			
		छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन
	
		 
		छात्रों का आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शामिल होने के बाद आंदोलन को और गति मिली। वांगचुक ने 6 AISA कार्यकर्ताओं के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसे बाद में केंद्र सरकार की बातचीत के बाद समाप्त किया गया। 20 जुलाई को CJP नेतृत्व के साथ सरकार की पहली औपचारिक बातचीत हुई। इसी दिन संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई हुई, जिसे आंदोलन का बड़ा मोड़ माना गया।																								
																																																																		
																																	
																																														
																															
																																																														

								
															
						
	
							
				
	    Rahul Gandhi letter to Amit Shah, Rahul Gandhi student protest, CJP protest, Jantar Mantar protest, Delhi student protest, pellet gun controversy, police action on students, NEET paper leak protest, Amit Shah response, Congress Rahul Gandhi, student movement India, Delhi police action, education system reforms, Parliament march protest, Sonam Wangchuk protest, राहुल गांधी अमित शाह पत्र, राहुल गांधी छात्र प्रदर्शन, CJP आंदोलन, जंतर मंतर प्रदर्शन, छात्रों पर लाठीचार्ज, पेलट गन विवाद, दिल्ली छात्र आंदोलन, NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन, गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, छात्र आंदोलन 2026, दिल्ली पुलिस कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था सुधार, संसद मार्च, सोनम वांगचुक आंदोलन
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उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, इसलिए यह स्पष्ट किया जाए कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन और अन्य बल प्रयोग की अनुमति दी गई थी? अगर नहीं, तो इसकी अनुमति किसने दी? राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि सादे कपड़ों में छात्रों को लाठी से पीटते दिखाई देने वाले लोग पुलिसकर्मी थे या कोई अन्य व्यक्ति? उनकी तैनाती का आदेश किसने दिया था?

छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन

 

छात्रों का आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शामिल होने के बाद आंदोलन को और गति मिली। वांगचुक ने 6 AISA कार्यकर्ताओं के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसे बाद में केंद्र सरकार की बातचीत के बाद समाप्त किया गया। 20 जुलाई को CJP नेतृत्व के साथ सरकार की पहली औपचारिक बातचीत हुई। इसी दिन संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई हुई, जिसे आंदोलन का बड़ा मोड़ माना गया।

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Rahul Gandhi : राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर मांगा जवाब; पूछा- क्या पेलट गन इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?
								

		
		
		
		
				


					
							
																								
											
								
								
																			
																	
																	
																कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि राजधानी की सड़कों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर ‘बर्बर हमला’ किया गया। उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन समेत घातक हथियारों के इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?																								
																														
																																												
	 राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन किसी भी लोकतंत्र का अहम हिस्सा है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वे प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और उनकी मांगों का समाधान बातचीत के जरिए निकाले। उन्होंने कहा कि ऐसी क्रूर हिंसा लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाती है और पूरे देश को आक्रोशित करती है। देश का भविष्य युवा और छात्र जवाबदेही की मांग कर रहे हैं और उनकी आवाज सुनी जाएगी।
																										
																
																
																														
																														
																																			
		राहुल गांधी ने घायल छात्र को मीडिया के सामने किया पेश
	
		राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक छात्र प्रदर्शनकारी को मीडिया के सामने पेश किया। इसके बारे में उन्होंने दावा किया कि वह 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मियों की पेलट गन से घायल हुआ था। उन्होंने मांग की कि छात्रों पर गोली चलाने और लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग भी की।																								
																														
																																																											
																														
																																			
	20 जुलाई के प्रदर्शन का जिक्र

	राहुल गांधी ने अपने पत्र में 20 जुलाई 2026 को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्र एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय सुरक्षा बलों ने उन पर बल प्रयोग किया।																								
																														
																																			
	
		
			Pellet guns, lathis and tear gas were used against students peacefully protesting in Delhi.I met 19-year-old Sahil Lochab. Shot with pellets, he may lose an eye. His “crime”? Demanding an end to paper leaks and a fair future for our students.@AmitShah ji, I have two… https://t.co/861NLmRgNp— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 26, 2026
	
	
		उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, इसलिए यह स्पष्ट किया जाए कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन और अन्य बल प्रयोग की अनुमति दी गई थी? अगर नहीं, तो इसकी अनुमति किसने दी? राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि सादे कपड़ों में छात्रों को लाठी से पीटते दिखाई देने वाले लोग पुलिसकर्मी थे या कोई अन्य व्यक्ति? उनकी तैनाती का आदेश किसने दिया था?																								
																														
																																																																																												
																	
															
																														
																																			
		छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन
	
		 
		छात्रों का आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शामिल होने के बाद आंदोलन को और गति मिली। वांगचुक ने 6 AISA कार्यकर्ताओं के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसे बाद में केंद्र सरकार की बातचीत के बाद समाप्त किया गया। 20 जुलाई को CJP नेतृत्व के साथ सरकार की पहली औपचारिक बातचीत हुई। इसी दिन संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई हुई, जिसे आंदोलन का बड़ा मोड़ माना गया।																								
																																																																		
																																	
																																														
																															
																																																														

								
															
						
	
							
				
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि राजधानी की सड़कों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर ‘बर्बर हमला’ किया गया। उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन समेत घातक हथियारों के इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?

 राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन किसी भी लोकतंत्र का अहम हिस्सा है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वे प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और उनकी मांगों का समाधान बातचीत के जरिए निकाले। उन्होंने कहा कि ऐसी क्रूर हिंसा लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाती है और पूरे देश को आक्रोशित करती है। देश का भविष्य युवा और छात्र जवाबदेही की मांग कर रहे हैं और उनकी आवाज सुनी जाएगी।

राहुल गांधी ने घायल छात्र को मीडिया के सामने किया पेश

राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक छात्र प्रदर्शनकारी को मीडिया के सामने पेश किया। इसके बारे में उन्होंने दावा किया कि वह 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मियों की पेलट गन से घायल हुआ था। उन्होंने मांग की कि छात्रों पर गोली चलाने और लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग भी की।

20 जुलाई के प्रदर्शन का जिक्र

राहुल गांधी ने अपने पत्र में 20 जुलाई 2026 को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्र एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय सुरक्षा बलों ने उन पर बल प्रयोग किया।

उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, इसलिए यह स्पष्ट किया जाए कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन और अन्य बल प्रयोग की अनुमति दी गई थी? अगर नहीं, तो इसकी अनुमति किसने दी? राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि सादे कपड़ों में छात्रों को लाठी से पीटते दिखाई देने वाले लोग पुलिसकर्मी थे या कोई अन्य व्यक्ति? उनकी तैनाती का आदेश किसने दिया था?

छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन

 

छात्रों का आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शामिल होने के बाद आंदोलन को और गति मिली। वांगचुक ने 6 AISA कार्यकर्ताओं के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसे बाद में केंद्र सरकार की बातचीत के बाद समाप्त किया गया। 20 जुलाई को CJP नेतृत्व के साथ सरकार की पहली औपचारिक बातचीत हुई। इसी दिन संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई हुई, जिसे आंदोलन का बड़ा मोड़ माना गया।

Rahul Gandhi letter to Amit Shah, Rahul Gandhi student protest, CJP protest, Jantar Mantar protest, Delhi student protest, pellet gun controversy, police action on students, NEET paper leak protest, Amit Shah response, Congress Rahul Gandhi, student movement India, Delhi police action, education system reforms, Parliament march protest, Sonam Wangchuk protest, राहुल गांधी अमित शाह पत्र, राहुल गांधी छात्र प्रदर्शन, CJP आंदोलन, जंतर मंतर प्रदर्शन, छात्रों पर लाठीचार्ज, पेलट गन विवाद, दिल्ली छात्र आंदोलन, NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन, गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, छात्र आंदोलन 2026, दिल्ली पुलिस कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था सुधार, संसद मार्च, सोनम वांगचुक आंदोलन

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में…

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  मोदी ने माफी तक नहीं मांगी   धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा क्यों नहीं…

CJP के एक अन्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जेपी नड्डा ने भरोसा दिलाया है कि वे इन मांगों को उचित स्तर पर उठाएंगे, लेकिन फिलहाल किसी भी मांग पर कोई औपचारिक आश्वासन नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि “जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।”

 

सौरव दास ने बताया कि वह और आशुतोष रांका सोमवार दोपहर 12 बजे से जेपी नड्डा के आवास पर मौजूद हैं और उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाने या उनका इस्तीफा लेने की मांग भी सरकार के सामने रखी है।

NEET UG Paper Leak, NEET Paper Leak, JP Nadda, Dharmendra Pradhan Resignation, Sonam Wangchuk, Cockroach Janata Party, CJP, Ashutosh Ranka, Sourav Das, NEET Protest, Student Protest, Parliament March, Education Minister, NEET Aspirants, Delhi Protest, NEET News, Paper Leak Case, India Education News, NEET UG पेपर लीक, NEET पेपर लीक, जेपी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा, सोनम वांगचुक, कॉकरोच जनता पार्टी, CJP, आशुतोष रांका, सौरव दास, NEET छात्र आंदोलन, संसद मार्च, छात्र प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री, NEET अभ्यर्थी, दिल्ली प्रदर्शन, NEET News Hindi, पेपर लीक विवाद, शिक्षा नीति, छात्र आंदोलन"> NEET-UG पेपर लीक मामला, JP नड्डा से मिला CJP का प्रतिनिधिमंडल, सरकार जारी करेगी बयान
								

		
		
		
		
				


					
							
																								
											
								
								
																			
																	
																	
																NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। बातचीत को लेकर सरकार भी बयान जारी करेगी। सीजेपी ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखीं, जिनमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और आत्महत्या करने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग शामिल है।																								
																														
																																												
	CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि जब संसद की ओर प्रदर्शनकारी मार्च कर रहे थे, उसी दौरान पार्टी का प्रतिनिधिमंडल जेपी नड्डा से मुलाकात कर रहा था। उन्होंने कहा कि नड्डा ने इन मांगों पर सरकार के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा करने के लिए कुछ समय मांगा है।																									
																
																
																														
																														
																																			
	 
	आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, “मैं और सौरव दास अभी भी नड्डा जी के आवास पर मौजूद हैं। नड्डा जी ने हमारी प्रमुख मांगों पर अपने नेतृत्व से चर्चा करने के लिए समय मांगा है। हमारी मांगों में सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और आत्महत्या करने वाले सभी NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा शामिल है।”																								
																														
																																			
	
		
			#ImportantAnnouncement: @AshutoshRanka and I have been at J.P. Nadda’s residence since 12 noon. The demands have been conveyed, including immediate resignation/sacking of Dharmendra Pradhan.The Minister assured us he will discuss this at the appropriate level. However, no… pic.twitter.com/vzLluczbkV— Saurav Das (@SauravDassss) July 20, 2026
	
	
		CJP के एक अन्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जेपी नड्डा ने भरोसा दिलाया है कि वे इन मांगों को उचित स्तर पर उठाएंगे, लेकिन फिलहाल किसी भी मांग पर कोई औपचारिक आश्वासन नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि “जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।”																								
																														
																																			
		 
		सौरव दास ने बताया कि वह और आशुतोष रांका सोमवार दोपहर 12 बजे से जेपी नड्डा के आवास पर मौजूद हैं और उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाने या उनका इस्तीफा लेने की मांग भी सरकार के सामने रखी है।																								
																																																																		
																																	
																																														
																															
																																																														

								
															
						
	
							
				
						NEET UG Paper Leak, NEET Paper Leak, JP Nadda, Dharmendra Pradhan Resignation, Sonam Wangchuk, Cockroach Janata Party, CJP, Ashutosh Ranka, Sourav Das, NEET Protest, Student Protest, Parliament March, Education Minister, NEET Aspirants, Delhi Protest, NEET News, Paper Leak Case, India Education News, NEET UG पेपर लीक, NEET पेपर लीक, जेपी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा, सोनम वांगचुक, कॉकरोच जनता पार्टी, CJP, आशुतोष रांका, सौरव दास, NEET छात्र आंदोलन, संसद मार्च, छात्र प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री, NEET अभ्यर्थी, दिल्ली प्रदर्शन, NEET News Hindi, पेपर लीक विवाद, शिक्षा नीति, छात्र आंदोलन
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CJP के एक अन्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जेपी नड्डा ने भरोसा दिलाया है कि वे इन मांगों को उचित स्तर पर उठाएंगे, लेकिन फिलहाल किसी भी मांग पर कोई औपचारिक आश्वासन नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि “जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।”

 

सौरव दास ने बताया कि वह और आशुतोष रांका सोमवार दोपहर 12 बजे से जेपी नड्डा के आवास पर मौजूद हैं और उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाने या उनका इस्तीफा लेने की मांग भी सरकार के सामने रखी है।

NEET UG Paper Leak, NEET Paper Leak, JP Nadda, Dharmendra Pradhan Resignation, Sonam Wangchuk, Cockroach Janata Party, CJP, Ashutosh Ranka, Sourav Das, NEET Protest, Student Protest, Parliament March, Education Minister, NEET Aspirants, Delhi Protest, NEET News, Paper Leak Case, India Education News, NEET UG पेपर लीक, NEET पेपर लीक, जेपी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा, सोनम वांगचुक, कॉकरोच जनता पार्टी, CJP, आशुतोष रांका, सौरव दास, NEET छात्र आंदोलन, संसद मार्च, छात्र प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री, NEET अभ्यर्थी, दिल्ली प्रदर्शन, NEET News Hindi, पेपर लीक विवाद, शिक्षा नीति, छात्र आंदोलन">NEET-UG पेपर लीक मामला, JP नड्डा से मिला CJP का प्रतिनिधिमंडल, सरकार जारी करेगी बयान
NEET-UG पेपर लीक मामला, JP नड्डा से मिला CJP का प्रतिनिधिमंडल, सरकार जारी करेगी बयान
								

		
		
		
		
				


					
							
																								
											
								
								
																			
																	
																	
																NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। बातचीत को लेकर सरकार भी बयान जारी करेगी। सीजेपी ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखीं, जिनमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और आत्महत्या करने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग शामिल है।																								
																														
																																												
	CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि जब संसद की ओर प्रदर्शनकारी मार्च कर रहे थे, उसी दौरान पार्टी का प्रतिनिधिमंडल जेपी नड्डा से मुलाकात कर रहा था। उन्होंने कहा कि नड्डा ने इन मांगों पर सरकार के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा करने के लिए कुछ समय मांगा है।																									
																
																
																														
																														
																																			
	 
	आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, “मैं और सौरव दास अभी भी नड्डा जी के आवास पर मौजूद हैं। नड्डा जी ने हमारी प्रमुख मांगों पर अपने नेतृत्व से चर्चा करने के लिए समय मांगा है। हमारी मांगों में सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और आत्महत्या करने वाले सभी NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा शामिल है।”																								
																														
																																			
	
		
			#ImportantAnnouncement: @AshutoshRanka and I have been at J.P. Nadda’s residence since 12 noon. The demands have been conveyed, including immediate resignation/sacking of Dharmendra Pradhan.The Minister assured us he will discuss this at the appropriate level. However, no… pic.twitter.com/vzLluczbkV— Saurav Das (@SauravDassss) July 20, 2026
	
	
		CJP के एक अन्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जेपी नड्डा ने भरोसा दिलाया है कि वे इन मांगों को उचित स्तर पर उठाएंगे, लेकिन फिलहाल किसी भी मांग पर कोई औपचारिक आश्वासन नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि “जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।”																								
																														
																																			
		 
		सौरव दास ने बताया कि वह और आशुतोष रांका सोमवार दोपहर 12 बजे से जेपी नड्डा के आवास पर मौजूद हैं और उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाने या उनका इस्तीफा लेने की मांग भी सरकार के सामने रखी है।																								
																																																																		
																																	
																																														
																															
																																																														

								
															
						
	
							
				
						NEET UG Paper Leak, NEET Paper Leak, JP Nadda, Dharmendra Pradhan Resignation, Sonam Wangchuk, Cockroach Janata Party, CJP, Ashutosh Ranka, Sourav Das, NEET Protest, Student Protest, Parliament March, Education Minister, NEET Aspirants, Delhi Protest, NEET News, Paper Leak Case, India Education News, NEET UG पेपर लीक, NEET पेपर लीक, जेपी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा, सोनम वांगचुक, कॉकरोच जनता पार्टी, CJP, आशुतोष रांका, सौरव दास, NEET छात्र आंदोलन, संसद मार्च, छात्र प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री, NEET अभ्यर्थी, दिल्ली प्रदर्शन, NEET News Hindi, पेपर लीक विवाद, शिक्षा नीति, छात्र आंदोलन

NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। बातचीत को लेकर सरकार भी बयान जारी करेगी। सीजेपी ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखीं, जिनमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और आत्महत्या करने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग शामिल है।

CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि जब संसद की ओर प्रदर्शनकारी मार्च कर रहे थे, उसी दौरान पार्टी का प्रतिनिधिमंडल जेपी नड्डा से मुलाकात कर रहा था। उन्होंने कहा कि नड्डा ने इन मांगों पर सरकार के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा करने के लिए कुछ समय मांगा है।

 

आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, “मैं और सौरव दास अभी भी नड्डा जी के आवास पर मौजूद हैं। नड्डा जी ने हमारी प्रमुख मांगों पर अपने नेतृत्व से चर्चा करने के लिए समय मांगा है। हमारी मांगों में सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और आत्महत्या करने वाले सभी NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा शामिल है।”

CJP के एक अन्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जेपी नड्डा ने भरोसा दिलाया है कि वे इन मांगों को उचित स्तर पर उठाएंगे, लेकिन फिलहाल किसी भी मांग पर कोई औपचारिक आश्वासन नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि “जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।”

 

सौरव दास ने बताया कि वह और आशुतोष रांका सोमवार दोपहर 12 बजे से जेपी नड्डा के आवास पर मौजूद हैं और उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाने या उनका इस्तीफा लेने की मांग भी सरकार के सामने रखी है।

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