CJP Protest: ‘पापा के सिर पर पांच टांके थे, यूनिफार्म खून से लाल थी’, घायल पुलिसकर्मियों के परिजनों की आपबीती
दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रदर्शन और 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई हिंसा…
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CBI के अनुसार, मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 315(5), 318(4), 61(2), 238 और 303(2) के तहत दर्ज किया गया है। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित 13(1)(a) तथा लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की धारा 3, 4, 5, 10 और 11 भी आरोपियों पर लगाई गई हैं।
NEET-UG पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कई स्तरों पर जांच शुरू की गई थी। इसी विवाद के बीच 25 जुलाई को तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद Cockroach Janta Party (CJP) ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और NEET पेपर लीक के विरोध में चल रहा अपना 36 दिन का आंदोलन वापस लेने की घोषणा की थी।
लोकसभा में पेपर लीक से जुड़े ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 मंगलवार को पास नहीं हो सका। दोपहर 2 बजे से रात 11 बजे तक लगातार 9 घंटे बिल पर चर्चा हुई। विधेयक में 2024 में बने कानून में बदलाव का प्रस्ताव है। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि इससे पेपर लीक रोकने में मदद मिलेगी। चर्चा में अभी भी कई सांसदों का बोलना बाकी है। रात 11 बजे स्पीकर ने लोकसभा बुधवार 11 बजे तक स्थगित कर दी। अब बिल पर बुधवार को लोकसभा में फिर चर्चा और वोटिंग होगी। वहीं बिल राज्यसभा में भी पेश किया जाएगा।
CBI के अनुसार, मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 315(5), 318(4), 61(2), 238 और 303(2) के तहत दर्ज किया गया है। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित 13(1)(a) तथा लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की धारा 3, 4, 5, 10 और 11 भी आरोपियों पर लगाई गई हैं।
NEET-UG पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कई स्तरों पर जांच शुरू की गई थी। इसी विवाद के बीच 25 जुलाई को तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद Cockroach Janta Party (CJP) ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और NEET पेपर लीक के विरोध में चल रहा अपना 36 दिन का आंदोलन वापस लेने की घोषणा की थी।
लोकसभा में पेपर लीक से जुड़े ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 मंगलवार को पास नहीं हो सका। दोपहर 2 बजे से रात 11 बजे तक लगातार 9 घंटे बिल पर चर्चा हुई। विधेयक में 2024 में बने कानून में बदलाव का प्रस्ताव है। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि इससे पेपर लीक रोकने में मदद मिलेगी। चर्चा में अभी भी कई सांसदों का बोलना बाकी है। रात 11 बजे स्पीकर ने लोकसभा बुधवार 11 बजे तक स्थगित कर दी। अब बिल पर बुधवार को लोकसभा में फिर चर्चा और वोटिंग होगी। वहीं बिल राज्यसभा में भी पेश किया जाएगा।
NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते…
विधेयक पर चर्चा के दौरान बांसुरी स्वराज, सायोनी घोष जैसे युवा चेहरे सरकार की ओर से पक्ष रखेंगे। वहीं, विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सरकार पर हमले की जिम्मेदारी संभालेंगे। सपा की ओर से अखिलेश यादव, तृणमूल से महुआ मोइत्रा चर्चा में हिस्सा लेंगे।
विधेयक पर चर्चा के दौरान बांसुरी स्वराज, सायोनी घोष जैसे युवा चेहरे सरकार की ओर से पक्ष रखेंगे। वहीं, विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सरकार पर हमले की जिम्मेदारी संभालेंगे। सपा की ओर से अखिलेश यादव, तृणमूल से महुआ मोइत्रा चर्चा में हिस्सा लेंगे।
विधेयक पर चर्चा के दौरान बांसुरी स्वराज, सायोनी घोष जैसे युवा चेहरे सरकार की ओर…
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि राजधानी की सड़कों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर ‘बर्बर हमला’ किया गया। उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन समेत घातक हथियारों के इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?
राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक छात्र प्रदर्शनकारी को मीडिया के सामने पेश किया। इसके बारे में उन्होंने दावा किया कि वह 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मियों की पेलट गन से घायल हुआ था। उन्होंने मांग की कि छात्रों पर गोली चलाने और लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग भी की।
राहुल गांधी ने अपने पत्र में 20 जुलाई 2026 को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्र एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय सुरक्षा बलों ने उन पर बल प्रयोग किया।
Pellet guns, lathis and tear gas were used against students peacefully protesting in Delhi.
I met 19-year-old Sahil Lochab. Shot with pellets, he may lose an eye. His “crime”? Demanding an end to paper leaks and a fair future for our students.@AmitShah ji, I have two… https://t.co/861NLmRgNp
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 26, 2026
उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, इसलिए यह स्पष्ट किया जाए कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन और अन्य बल प्रयोग की अनुमति दी गई थी? अगर नहीं, तो इसकी अनुमति किसने दी? राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि सादे कपड़ों में छात्रों को लाठी से पीटते दिखाई देने वाले लोग पुलिसकर्मी थे या कोई अन्य व्यक्ति? उनकी तैनाती का आदेश किसने दिया था?
छात्रों का आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शामिल होने के बाद आंदोलन को और गति मिली। वांगचुक ने 6 AISA कार्यकर्ताओं के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसे बाद में केंद्र सरकार की बातचीत के बाद समाप्त किया गया। 20 जुलाई को CJP नेतृत्व के साथ सरकार की पहली औपचारिक बातचीत हुई। इसी दिन संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई हुई, जिसे आंदोलन का बड़ा मोड़ माना गया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि राजधानी की सड़कों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर ‘बर्बर हमला’ किया गया। उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन समेत घातक हथियारों के इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?
राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक छात्र प्रदर्शनकारी को मीडिया के सामने पेश किया। इसके बारे में उन्होंने दावा किया कि वह 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मियों की पेलट गन से घायल हुआ था। उन्होंने मांग की कि छात्रों पर गोली चलाने और लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग भी की।
राहुल गांधी ने अपने पत्र में 20 जुलाई 2026 को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्र एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय सुरक्षा बलों ने उन पर बल प्रयोग किया।
Pellet guns, lathis and tear gas were used against students peacefully protesting in Delhi.
I met 19-year-old Sahil Lochab. Shot with pellets, he may lose an eye. His “crime”? Demanding an end to paper leaks and a fair future for our students.@AmitShah ji, I have two… https://t.co/861NLmRgNp
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 26, 2026
उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, इसलिए यह स्पष्ट किया जाए कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन और अन्य बल प्रयोग की अनुमति दी गई थी? अगर नहीं, तो इसकी अनुमति किसने दी? राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि सादे कपड़ों में छात्रों को लाठी से पीटते दिखाई देने वाले लोग पुलिसकर्मी थे या कोई अन्य व्यक्ति? उनकी तैनाती का आदेश किसने दिया था?
छात्रों का आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शामिल होने के बाद आंदोलन को और गति मिली। वांगचुक ने 6 AISA कार्यकर्ताओं के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसे बाद में केंद्र सरकार की बातचीत के बाद समाप्त किया गया। 20 जुलाई को CJP नेतृत्व के साथ सरकार की पहली औपचारिक बातचीत हुई। इसी दिन संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई हुई, जिसे आंदोलन का बड़ा मोड़ माना गया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में…
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने आज सुबह 7.30 बजे से लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक,…
जंतर-मंतर पर हनुमानकाइंड का अंदाज
प्रदर्शन के दौरान हनुमानकाइंड के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। एक वीडियो में रैपर भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी, काली कैप और काला मास्क पहने हुए प्रदर्शनकारियों के साथ चलते नजर आए। पीछे से कोई पूछता है, ‘व्हाट्स अप?’, तो हनुमानकाइंड मास्क नीचे करके कैमरे की तरफ देखते हैं और इशारे से जवाब देकर आगे बढ़ जाते हैं।
इस वायरल वीडियो पर उन्होंने खुद भी रिएक्ट किया और कमेंट में सल्यूट वाला इमोजी पोस्ट किया, जिसे हजारों लाइक्स मिल चुके हैं।
even Hanumankind rapper came in relly but our dear celkebs not saying a word okk saale jo celeb bol nahi rahe meri feed me mat aa jaaiyo esi gaaliya dungi #DharmendraPradhanResignpic.twitter.com/00HX5se0Mr
— COCOˡᵃᵐʳᵒⁿ🍪⁷ (@blackrosses777) July 21, 2026
रैपर हनुमानकाइंड ने 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों छात्रों के साथ हिस्सा लिया। यह युवा-नेतृत्व वाला प्रदर्शन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, परीक्षा में कथित गड़बड़ी से प्रभावित छात्रों को न्याय, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा और देश की परीक्षा व शिक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की मांग को लेकर किया गया।
जंतर-मंतर पर हनुमानकाइंड का अंदाज
प्रदर्शन के दौरान हनुमानकाइंड के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। एक वीडियो में रैपर भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी, काली कैप और काला मास्क पहने हुए प्रदर्शनकारियों के साथ चलते नजर आए। पीछे से कोई पूछता है, ‘व्हाट्स अप?’, तो हनुमानकाइंड मास्क नीचे करके कैमरे की तरफ देखते हैं और इशारे से जवाब देकर आगे बढ़ जाते हैं।
इस वायरल वीडियो पर उन्होंने खुद भी रिएक्ट किया और कमेंट में सल्यूट वाला इमोजी पोस्ट किया, जिसे हजारों लाइक्स मिल चुके हैं।
even Hanumankind rapper came in relly but our dear celkebs not saying a word okk saale jo celeb bol nahi rahe meri feed me mat aa jaaiyo esi gaaliya dungi #DharmendraPradhanResignpic.twitter.com/00HX5se0Mr
— COCOˡᵃᵐʳᵒⁿ🍪⁷ (@blackrosses777) July 21, 2026
रैपर हनुमानकाइंड ने 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों छात्रों के साथ हिस्सा…
07:06 PM, 21-Jul-2026 कहां ले जा रहे हो पुलिस भाई?: अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के…
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सरकार पर…
जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुंचने के एक दिन बाद, 20 जुलाई को शबाना आजमी ने सीजेपी की ‘चलो संसद’ मार्च में शामिल होकर अपनी आवाज उठाई।
जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुंचने के एक दिन बाद,…
मनारा चोपड़ा हाल ही में गोवा में एक इवेंट के दौरान उस वक्त कन्फ्यूज हो…