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Death Anniversary Special,Sunil Dutt, Mumbai Bus Depot, Hindi news"> Death Anniversary Special: सुनील दत्त ने किया था मुंबई के बस डिपो में चेकिंग क्लर्क के रूप काम, मिलते थे केवल इतने रुपए     इंटरनेट डेस्क। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता सुनील दत्त की आज पुण्यतिथि है। लगभग 100 फिल्मों में अभिनय का जलवा दिखाने के बाद सुनील दत्त ने आज ही के दिन यानी 25 मई 2005 को इस दुनिया को अलविदा कहा था। आज हम आपको सुनील दत्त् से जुड़ी कुछ बातों के बोर में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में शायद ही आप जानते होंगे। सुनील दत्त ने फिल्मी दुनिया में आने से पहले उन्होंने रेडियो सीलोन में एनाउंसर के तौर पर भी काम किया था, जहां उन्हें प्रत्येक साक्षात्कार के लिए 25 रुपए मिलते थे।

06 जून 1929 को पंजाब के झेलम जिले के खुर्दी गांव (पाकिस्तान) में जन्मे सुनील दत्त जब मात्र पांच वर्ष के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया। वर्ष 1947 में देश विभाजन के दौरान उनका परिवार पूर्वी पंजाब के यमुनानगर आ गया। इसके बाद सुनील दत्त ने मुंबई के जय हिंद कॉलेज में दाखिला लिया। पढ़ाई के दौरान उन्होंने मुंबई के बस डिपो में चेकिंग क्लर्क के रूप काम किया। जिसके लिए उन्हें 120 रुपए मासिक वेतन मिलता था।

फिल्म रेलवे प्लेटफार्म से अभिनय कॅरियर शुरू किया
स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद सुनील दत्त ने रेडियो सीलोन में नौकरी की। इस दौरान उन्होंने मशहूर अभिनेत्री नरगिस का इंटरव्यू भी लिया। वहीं साल 1953 में फिल्म शिकस्त के सिलसिले में अभिनेता दिलीप कुमार का साक्षात्कार लेते समय उनकी मुलाकात निर्देशक रमेश सहगल से हुई। रमेश सहगल उनके व्यक्तित्व से काफी प्रभावित और उन्हें फिल्म में काम करने का प्रस्ताव दिया।

हालांकि मां के वचन के कारण उन्होंने तत्काल फिल्म नहीं करने की बात कही। बाद में उन्होंने साल 1955 में सहगल की फिल्म रेलवे प्लेटफार्म से अभिनय कॅरियर शुरू किया। इसके बाद उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखाया। शानदार अभिनय के दम पर उन्होंने बॉलीवुड में अपनी बादशाहत साबित की।

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Death Anniversary Special,Sunil Dutt, Mumbai Bus Depot, Hindi news">Death Anniversary Special: सुनील दत्त ने किया था मुंबई के बस डिपो में चेकिंग क्लर्क के रूप काम, मिलते थे केवल इतने रुपए  

Death Anniversary Special: सुनील दत्त ने किया था मुंबई के बस डिपो में चेकिंग क्लर्क के रूप काम, मिलते थे केवल इतने रुपए     इंटरनेट डेस्क। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता सुनील दत्त की आज पुण्यतिथि है। लगभग 100 फिल्मों में अभिनय का जलवा दिखाने के बाद सुनील दत्त ने आज ही के दिन यानी 25 मई 2005 को इस दुनिया को अलविदा कहा था। आज हम आपको सुनील दत्त् से जुड़ी कुछ बातों के बोर में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में शायद ही आप जानते होंगे। सुनील दत्त ने फिल्मी दुनिया में आने से पहले उन्होंने रेडियो सीलोन में एनाउंसर के तौर पर भी काम किया था, जहां उन्हें प्रत्येक साक्षात्कार के लिए 25 रुपए मिलते थे।

06 जून 1929 को पंजाब के झेलम जिले के खुर्दी गांव (पाकिस्तान) में जन्मे सुनील दत्त जब मात्र पांच वर्ष के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया। वर्ष 1947 में देश विभाजन के दौरान उनका परिवार पूर्वी पंजाब के यमुनानगर आ गया। इसके बाद सुनील दत्त ने मुंबई के जय हिंद कॉलेज में दाखिला लिया। पढ़ाई के दौरान उन्होंने मुंबई के बस डिपो में चेकिंग क्लर्क के रूप काम किया। जिसके लिए उन्हें 120 रुपए मासिक वेतन मिलता था।

फिल्म रेलवे प्लेटफार्म से अभिनय कॅरियर शुरू किया
स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद सुनील दत्त ने रेडियो सीलोन में नौकरी की। इस दौरान उन्होंने मशहूर अभिनेत्री नरगिस का इंटरव्यू भी लिया। वहीं साल 1953 में फिल्म शिकस्त के सिलसिले में अभिनेता दिलीप कुमार का साक्षात्कार लेते समय उनकी मुलाकात निर्देशक रमेश सहगल से हुई। रमेश सहगल उनके व्यक्तित्व से काफी प्रभावित और उन्हें फिल्म में काम करने का प्रस्ताव दिया।

हालांकि मां के वचन के कारण उन्होंने तत्काल फिल्म नहीं करने की बात कही। बाद में उन्होंने साल 1955 में सहगल की फिल्म रेलवे प्लेटफार्म से अभिनय कॅरियर शुरू किया। इसके बाद उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखाया। शानदार अभिनय के दम पर उन्होंने बॉलीवुड में अपनी बादशाहत साबित की।

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इंटरनेट डेस्क। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता सुनील दत्त की आज पुण्यतिथि है। लगभग 100 फिल्मों में अभिनय का जलवा दिखाने के बाद सुनील दत्त ने आज ही के दिन यानी 25 मई 2005 को इस दुनिया को अलविदा कहा था। आज हम आपको सुनील दत्त् से जुड़ी कुछ बातों के बोर में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में शायद ही आप जानते होंगे। सुनील दत्त ने फिल्मी दुनिया में आने से पहले उन्होंने रेडियो सीलोन में एनाउंसर के तौर पर भी काम किया था, जहां उन्हें प्रत्येक साक्षात्कार के लिए 25 रुपए मिलते थे।

06 जून 1929 को पंजाब के झेलम जिले के खुर्दी गांव (पाकिस्तान) में जन्मे सुनील दत्त जब मात्र पांच वर्ष के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया। वर्ष 1947 में देश विभाजन के दौरान उनका परिवार पूर्वी पंजाब के यमुनानगर आ गया। इसके बाद सुनील दत्त ने मुंबई के जय हिंद कॉलेज में दाखिला लिया। पढ़ाई के दौरान उन्होंने मुंबई के बस डिपो में चेकिंग क्लर्क के रूप काम किया। जिसके लिए उन्हें 120 रुपए मासिक वेतन मिलता था।

फिल्म रेलवे प्लेटफार्म से अभिनय कॅरियर शुरू किया
स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद सुनील दत्त ने रेडियो सीलोन में नौकरी की। इस दौरान उन्होंने मशहूर अभिनेत्री नरगिस का इंटरव्यू भी लिया। वहीं साल 1953 में फिल्म शिकस्त के सिलसिले में अभिनेता दिलीप कुमार का साक्षात्कार लेते समय उनकी मुलाकात निर्देशक रमेश सहगल से हुई। रमेश सहगल उनके व्यक्तित्व से काफी प्रभावित और उन्हें फिल्म में काम करने का प्रस्ताव दिया।

हालांकि मां के वचन के कारण उन्होंने तत्काल फिल्म नहीं करने की बात कही। बाद में उन्होंने साल 1955 में सहगल की फिल्म रेलवे प्लेटफार्म से अभिनय कॅरियर शुरू किया। इसके बाद उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखाया। शानदार अभिनय के दम पर उन्होंने बॉलीवुड में अपनी बादशाहत साबित की।

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Death Anniversary Special, Father,Gun, Vinod Khanna"> …जब पिता ने ही विनोद खन्ना पर तान दी बंदूक, इस शर्त पर मिली फिल्मों में काम करने की अनुमति   इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड अभिनेता विनोद खन्ना की आज पुण्यतिथि है। पुण्यतिथि पर आज हम आपको विनोद खन्ना से जुड़ी कुछ ऐसी बातों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में शायद ही आपको पता हो। 06 अक्तूबर 1946 को पाकिस्तान के पेशावर में जन्में विनोद खन्ना ने शानदार अभिनय के दम पर बॉलीवुड में अपनी विशेष पहचान बनाई थी। बतौर खलनायक अपने कॅरियर का आगाज कर नायक के रूप में अपने शानदार अभिनय से दर्शकों के बीच विशिष्ट पहचान बनाई। विनोद खन्ना ने स्नातक की शिक्षा मुंबई से की। इसी दौरान उन्हें एक पार्टी के दौरान निर्माता-निर्देशक सुनील दत्त से मिलने का विनोद खन्ना को मौका मिला।

खबरों के अनुसार, बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता सुनील दत्त उन दिनों अपनी फिल्म 'मन का मीत' के लिए नए चेहरों की तलाश कर रहे थे। उन्होंने इस फिल्म में विनोद खन्ना से बतौर सहनायक काम करने का प्रस्ताव दिया। इस प्रस्ताव को विनोद खन्ना ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।

पिता ने इस शर्त पर दी फिल्म में काम करने की अनुमति
इसके बाद विनोद खन्ना ने जब अपने पिता से फिल्म में काम करने के बारे में पूछा तो उनके पिता ने उन पर बंदूक तान दी और कहा यदि तुम फिल्मों में गए तो तुम्हें गोली मार दूंगा। उन्हें पिता से काफी डॉट खानी पड़ी। इसके लिए विनोद खन्ना ने अपनी मां को समझाया।

मां के समझाने पर उनके पिता ने विनोद खन्ना को फिल्मों में दो वर्ष तक काम करने की अनुमति दी। वहीं शर्त भी रखी की यदि फिल्म इंडस्ट्री में सफल नहीं होते हो तो घर के व्यवसाय में हाथ बंटाना होगा। फिर उन्होंने अभिनय शुरू किया। वर्ष 1968 में प्रदर्शित फिल्म मन का मीत टिकट खिड़की पर हिट साबित हुई। इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड को कई सुपरहिट फिल्में दी।

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Death Anniversary Special, Father,Gun, Vinod Khanna">…जब पिता ने ही विनोद खन्ना पर तान दी बंदूक, इस शर्त पर मिली फिल्मों में काम करने की अनुमति

…जब पिता ने ही विनोद खन्ना पर तान दी बंदूक, इस शर्त पर मिली फिल्मों में काम करने की अनुमति   इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड अभिनेता विनोद खन्ना की आज पुण्यतिथि है। पुण्यतिथि पर आज हम आपको विनोद खन्ना से जुड़ी कुछ ऐसी बातों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में शायद ही आपको पता हो। 06 अक्तूबर 1946 को पाकिस्तान के पेशावर में जन्में विनोद खन्ना ने शानदार अभिनय के दम पर बॉलीवुड में अपनी विशेष पहचान बनाई थी। बतौर खलनायक अपने कॅरियर का आगाज कर नायक के रूप में अपने शानदार अभिनय से दर्शकों के बीच विशिष्ट पहचान बनाई। विनोद खन्ना ने स्नातक की शिक्षा मुंबई से की। इसी दौरान उन्हें एक पार्टी के दौरान निर्माता-निर्देशक सुनील दत्त से मिलने का विनोद खन्ना को मौका मिला।

खबरों के अनुसार, बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता सुनील दत्त उन दिनों अपनी फिल्म 'मन का मीत' के लिए नए चेहरों की तलाश कर रहे थे। उन्होंने इस फिल्म में विनोद खन्ना से बतौर सहनायक काम करने का प्रस्ताव दिया। इस प्रस्ताव को विनोद खन्ना ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।

पिता ने इस शर्त पर दी फिल्म में काम करने की अनुमति
इसके बाद विनोद खन्ना ने जब अपने पिता से फिल्म में काम करने के बारे में पूछा तो उनके पिता ने उन पर बंदूक तान दी और कहा यदि तुम फिल्मों में गए तो तुम्हें गोली मार दूंगा। उन्हें पिता से काफी डॉट खानी पड़ी। इसके लिए विनोद खन्ना ने अपनी मां को समझाया।

मां के समझाने पर उनके पिता ने विनोद खन्ना को फिल्मों में दो वर्ष तक काम करने की अनुमति दी। वहीं शर्त भी रखी की यदि फिल्म इंडस्ट्री में सफल नहीं होते हो तो घर के व्यवसाय में हाथ बंटाना होगा। फिर उन्होंने अभिनय शुरू किया। वर्ष 1968 में प्रदर्शित फिल्म मन का मीत टिकट खिड़की पर हिट साबित हुई। इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड को कई सुपरहिट फिल्में दी।

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इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड अभिनेता विनोद खन्ना की आज पुण्यतिथि है। पुण्यतिथि पर आज हम आपको विनोद खन्ना से जुड़ी कुछ ऐसी बातों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में शायद ही आपको पता हो। 06 अक्तूबर 1946 को पाकिस्तान के पेशावर में जन्में विनोद खन्ना ने शानदार अभिनय के दम पर बॉलीवुड में अपनी विशेष पहचान बनाई थी। बतौर खलनायक अपने कॅरियर का आगाज कर नायक के रूप में अपने शानदार अभिनय से दर्शकों के बीच विशिष्ट पहचान बनाई। विनोद खन्ना ने स्नातक की शिक्षा मुंबई से की। इसी दौरान उन्हें एक पार्टी के दौरान निर्माता-निर्देशक सुनील दत्त से मिलने का विनोद खन्ना को मौका मिला।

खबरों के अनुसार, बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता सुनील दत्त उन दिनों अपनी फिल्म 'मन का मीत' के लिए नए चेहरों की तलाश कर रहे थे। उन्होंने इस फिल्म में विनोद खन्ना से बतौर सहनायक काम करने का प्रस्ताव दिया। इस प्रस्ताव को विनोद खन्ना ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।

पिता ने इस शर्त पर दी फिल्म में काम करने की अनुमति
इसके बाद विनोद खन्ना ने जब अपने पिता से फिल्म में काम करने के बारे में पूछा तो उनके पिता ने उन पर बंदूक तान दी और कहा यदि तुम फिल्मों में गए तो तुम्हें गोली मार दूंगा। उन्हें पिता से काफी डॉट खानी पड़ी। इसके लिए विनोद खन्ना ने अपनी मां को समझाया।

मां के समझाने पर उनके पिता ने विनोद खन्ना को फिल्मों में दो वर्ष तक काम करने की अनुमति दी। वहीं शर्त भी रखी की यदि फिल्म इंडस्ट्री में सफल नहीं होते हो तो घर के व्यवसाय में हाथ बंटाना होगा। फिर उन्होंने अभिनय शुरू किया। वर्ष 1968 में प्रदर्शित फिल्म मन का मीत टिकट खिड़की पर हिट साबित हुई। इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड को कई सुपरहिट फिल्में दी।

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