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Death Anniversary Special: सुनील दत्त ने किया था मुंबई के बस डिपो में चेकिंग क्लर्क के रूप काम, मिलते थे केवल इतने रुपए     इंटरनेट डेस्क। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता सुनील दत्त की आज पुण्यतिथि है। लगभग 100 फिल्मों में अभिनय का जलवा दिखाने के बाद सुनील दत्त ने आज ही के दिन यानी 25 मई 2005 को इस दुनिया को अलविदा कहा था। आज हम आपको सुनील दत्त् से जुड़ी कुछ बातों के बोर में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में शायद ही आप जानते होंगे। सुनील दत्त ने फिल्मी दुनिया में आने से पहले उन्होंने रेडियो सीलोन में एनाउंसर के तौर पर भी काम किया था, जहां उन्हें प्रत्येक साक्षात्कार के लिए 25 रुपए मिलते थे।

06 जून 1929 को पंजाब के झेलम जिले के खुर्दी गांव (पाकिस्तान) में जन्मे सुनील दत्त जब मात्र पांच वर्ष के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया। वर्ष 1947 में देश विभाजन के दौरान उनका परिवार पूर्वी पंजाब के यमुनानगर आ गया। इसके बाद सुनील दत्त ने मुंबई के जय हिंद कॉलेज में दाखिला लिया। पढ़ाई के दौरान उन्होंने मुंबई के बस डिपो में चेकिंग क्लर्क के रूप काम किया। जिसके लिए उन्हें 120 रुपए मासिक वेतन मिलता था।

फिल्म रेलवे प्लेटफार्म से अभिनय कॅरियर शुरू किया
स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद सुनील दत्त ने रेडियो सीलोन में नौकरी की। इस दौरान उन्होंने मशहूर अभिनेत्री नरगिस का इंटरव्यू भी लिया। वहीं साल 1953 में फिल्म शिकस्त के सिलसिले में अभिनेता दिलीप कुमार का साक्षात्कार लेते समय उनकी मुलाकात निर्देशक रमेश सहगल से हुई। रमेश सहगल उनके व्यक्तित्व से काफी प्रभावित और उन्हें फिल्म में काम करने का प्रस्ताव दिया।

हालांकि मां के वचन के कारण उन्होंने तत्काल फिल्म नहीं करने की बात कही। बाद में उन्होंने साल 1955 में सहगल की फिल्म रेलवे प्लेटफार्म से अभिनय कॅरियर शुरू किया। इसके बाद उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखाया। शानदार अभिनय के दम पर उन्होंने बॉलीवुड में अपनी बादशाहत साबित की।

PC:tv9hindi
अपडेट खबरों के लिए हमारावॉट्सएप चैनलफोलो करेंDeath Anniversary Special,Sunil Dutt, Mumbai Bus Depot, Hindi news

Death Anniversary Special: सुनील दत्त ने किया था मुंबई के बस डिपो में चेकिंग क्लर्क के रूप काम, मिलते थे केवल इतने रुपए  

Death Anniversary Special: सुनील दत्त ने किया था मुंबई के बस डिपो में चेकिंग क्लर्क के रूप काम, मिलते थे केवल इतने रुपए     इंटरनेट डेस्क। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता सुनील दत्त की आज पुण्यतिथि है। लगभग 100 फिल्मों में अभिनय का जलवा दिखाने के बाद सुनील दत्त ने आज ही के दिन यानी 25 मई 2005 को इस दुनिया को अलविदा कहा था। आज हम आपको सुनील दत्त् से जुड़ी कुछ बातों के बोर में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में शायद ही आप जानते होंगे। सुनील दत्त ने फिल्मी दुनिया में आने से पहले उन्होंने रेडियो सीलोन में एनाउंसर के तौर पर भी काम किया था, जहां उन्हें प्रत्येक साक्षात्कार के लिए 25 रुपए मिलते थे।

06 जून 1929 को पंजाब के झेलम जिले के खुर्दी गांव (पाकिस्तान) में जन्मे सुनील दत्त जब मात्र पांच वर्ष के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया। वर्ष 1947 में देश विभाजन के दौरान उनका परिवार पूर्वी पंजाब के यमुनानगर आ गया। इसके बाद सुनील दत्त ने मुंबई के जय हिंद कॉलेज में दाखिला लिया। पढ़ाई के दौरान उन्होंने मुंबई के बस डिपो में चेकिंग क्लर्क के रूप काम किया। जिसके लिए उन्हें 120 रुपए मासिक वेतन मिलता था।

फिल्म रेलवे प्लेटफार्म से अभिनय कॅरियर शुरू किया
स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद सुनील दत्त ने रेडियो सीलोन में नौकरी की। इस दौरान उन्होंने मशहूर अभिनेत्री नरगिस का इंटरव्यू भी लिया। वहीं साल 1953 में फिल्म शिकस्त के सिलसिले में अभिनेता दिलीप कुमार का साक्षात्कार लेते समय उनकी मुलाकात निर्देशक रमेश सहगल से हुई। रमेश सहगल उनके व्यक्तित्व से काफी प्रभावित और उन्हें फिल्म में काम करने का प्रस्ताव दिया।

हालांकि मां के वचन के कारण उन्होंने तत्काल फिल्म नहीं करने की बात कही। बाद में उन्होंने साल 1955 में सहगल की फिल्म रेलवे प्लेटफार्म से अभिनय कॅरियर शुरू किया। इसके बाद उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखाया। शानदार अभिनय के दम पर उन्होंने बॉलीवुड में अपनी बादशाहत साबित की।

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इंटरनेट डेस्क। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता सुनील दत्त की आज पुण्यतिथि है। लगभग 100 फिल्मों में अभिनय का जलवा दिखाने के बाद सुनील दत्त ने आज ही के दिन यानी 25 मई 2005 को इस दुनिया को अलविदा कहा था। आज हम आपको सुनील दत्त् से जुड़ी कुछ बातों के बोर में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में शायद ही आप जानते होंगे। सुनील दत्त ने फिल्मी दुनिया में आने से पहले उन्होंने रेडियो सीलोन में एनाउंसर के तौर पर भी काम किया था, जहां उन्हें प्रत्येक साक्षात्कार के लिए 25 रुपए मिलते थे।

06 जून 1929 को पंजाब के झेलम जिले के खुर्दी गांव (पाकिस्तान) में जन्मे सुनील दत्त जब मात्र पांच वर्ष के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया। वर्ष 1947 में देश विभाजन के दौरान उनका परिवार पूर्वी पंजाब के यमुनानगर आ गया। इसके बाद सुनील दत्त ने मुंबई के जय हिंद कॉलेज में दाखिला लिया। पढ़ाई के दौरान उन्होंने मुंबई के बस डिपो में चेकिंग क्लर्क के रूप काम किया। जिसके लिए उन्हें 120 रुपए मासिक वेतन मिलता था।

फिल्म रेलवे प्लेटफार्म से अभिनय कॅरियर शुरू किया
स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद सुनील दत्त ने रेडियो सीलोन में नौकरी की। इस दौरान उन्होंने मशहूर अभिनेत्री नरगिस का इंटरव्यू भी लिया। वहीं साल 1953 में फिल्म शिकस्त के सिलसिले में अभिनेता दिलीप कुमार का साक्षात्कार लेते समय उनकी मुलाकात निर्देशक रमेश सहगल से हुई। रमेश सहगल उनके व्यक्तित्व से काफी प्रभावित और उन्हें फिल्म में काम करने का प्रस्ताव दिया।

हालांकि मां के वचन के कारण उन्होंने तत्काल फिल्म नहीं करने की बात कही। बाद में उन्होंने साल 1955 में सहगल की फिल्म रेलवे प्लेटफार्म से अभिनय कॅरियर शुरू किया। इसके बाद उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखाया। शानदार अभिनय के दम पर उन्होंने बॉलीवुड में अपनी बादशाहत साबित की।

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इंटरनेट डेस्क। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता सुनील दत्त की आज पुण्यतिथि है। लगभग 100 फिल्मों में अभिनय का जलवा दिखाने के बाद सुनील दत्त ने आज ही के दिन यानी 25 मई 2005 को इस दुनिया को अलविदा कहा था। आज हम आपको सुनील दत्त् से जुड़ी कुछ बातों के बोर में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में शायद ही आप जानते होंगे। सुनील दत्त ने फिल्मी दुनिया में आने से पहले उन्होंने रेडियो सीलोन में एनाउंसर के तौर पर भी काम किया था, जहां उन्हें प्रत्येक साक्षात्कार के लिए 25 रुपए मिलते थे।

06 जून 1929 को पंजाब के झेलम जिले के खुर्दी गांव (पाकिस्तान) में जन्मे सुनील दत्त जब मात्र पांच वर्ष के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया। वर्ष 1947 में देश विभाजन के दौरान उनका परिवार पूर्वी पंजाब के यमुनानगर आ गया। इसके बाद सुनील दत्त ने मुंबई के जय हिंद कॉलेज में दाखिला लिया। पढ़ाई के दौरान उन्होंने मुंबई के बस डिपो में चेकिंग क्लर्क के रूप काम किया। जिसके लिए उन्हें 120 रुपए मासिक वेतन मिलता था।

फिल्म रेलवे प्लेटफार्म से अभिनय कॅरियर शुरू किया
स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद सुनील दत्त ने रेडियो सीलोन में नौकरी की। इस दौरान उन्होंने मशहूर अभिनेत्री नरगिस का इंटरव्यू भी लिया। वहीं साल 1953 में फिल्म शिकस्त के सिलसिले में अभिनेता दिलीप कुमार का साक्षात्कार लेते समय उनकी मुलाकात निर्देशक रमेश सहगल से हुई। रमेश सहगल उनके व्यक्तित्व से काफी प्रभावित और उन्हें फिल्म में काम करने का प्रस्ताव दिया।

हालांकि मां के वचन के कारण उन्होंने तत्काल फिल्म नहीं करने की बात कही। बाद में उन्होंने साल 1955 में सहगल की फिल्म रेलवे प्लेटफार्म से अभिनय कॅरियर शुरू किया। इसके बाद उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखाया। शानदार अभिनय के दम पर उन्होंने बॉलीवुड में अपनी बादशाहत साबित की।

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मुंबई। एक बेहद दिलचस्प फर्स्ट लुक के बाद, जियोहॉटस्टार ने उस 'प्रीतम एंड पेड्रो' का आधिकारिक ट्रेलर रिलीज़ कर दिया है, जिसने जवाब देने से ज़्यादा दर्शकों के मन में कई सवाल छोड़ दिए थे। यह सीरीज़ कॉमेडी, सस्पेंस, ड्रामे और एक अनोखी पार्टनरशिप से भरपूर, मनोरंजन का एक ज़बरदस्त डोज़ होने वाली है। गोवा की चकाचौंध और रंगीन माहौल पर बनी 'प्रीतम एंड पेड्रो' दो बिल्कुल अलग दुनिया के लोगों की कहानी है, जो बेहद अजीब और असामान्य हालातों में एक-दूसरे से टकराते हैं। इस कहानी के केंद्र में पेड्रो और प्रीतम हैं। पेड्रो अपने अनुभवों और अंदरूनी ज्ञान से चलने वाला एक पुराने ज़माने का पुलिसवाला है जबकि प्रीतम एक तेज़-तर्रार युवा टेक एक्सपर्ट है। ये दोनों खुद को एक ऐसे रहस्य में घिरा पाते हैं जो उन दोनों की कल्पना से कहीं ज़्यादा बड़ा, अजीब और अप्रत्याशित है। जैसे-जैसे उनकी यात्रा आगे बढ़ती है, रहस्य ज्यादा गहरे होते जाते हैं, वफादारी काे कसौटी पर परखा जाता है और हर मोड़ पर नई उथल-पुथल मचती है, नया हंगामा खड़ा होता है।

राजकुमार हिरानी द्वारा निर्मित और मशहूर फिल्म निर्माता अविनाश अरुण द्वारा निर्देशित, यह सीरीज़ एक या दो नहीं बल्कि शानदार कलाकारों की पूरी टोली को एक साथ लाती है, जिसमें अरशद वारसी, विक्रांत मैसी, वीर हिरानी, मोना सिंह और बोमन ईरानी जैसे मंझे हुए अदाकार शामिल हैं। राजकुमार हिरानी के सिग्नेचर स्टाइल, यानी दिल छू लेने वाले अपनेपन और इंसानियत को कॉमेडी, सस्पेंस और आज के ज़माने के मुद्दों के साथ मिक्स करके बनाई गई 'प्रीतम एंड पेड्रो', दर्शकों के लिए कहानी बताने का एक बिल्कुल नया, रोमांचक और धमाकेदार अंदाज़ लेकर आई है।

आलोक जैन, हेड – हिंदी एंड इंग्लिश एंटरटेनमेंट बिज़नेस (स्ट्रीमिंग, टीवी एंड स्टूडियोज) ने कहा: "एक बेहतरीन कहानी पर सिर्फ कुछ गिने-चुने लोगों का हक नहीं होना चाहिए, वह हर आम और खास तक पहुँचनी चाहिए और हम बिल्कुल यही कर रहे हैं। हम पूरे देश के कंटेंट देखने के तरीके को बदल रहे हैं; यह लोगों के जीवन का हिस्सा बन रहा है, उनके रोज़ाना के सफ़र, शाम को सुकून के पलों और परिवार के साथ बिताए जाने वाले समय में शामिल हो रहा है। सबसे शानदार किरदार वो होते हैं जो स्क्रीन बंद होने के बाद भी आपके दिलो-दिमाग पर छाए रहें, और 'प्रीतम एंड पेड्रो' में दर्शकों को बिल्कुल ऐसा ही साथ मिलने वाला है। इस कहानी के केंद्र में दो ऐसे अनोखे और बेमेल किरदार हैं, जो आपको हँसाएंगे, हैरान करेंगे और आपका दिल जीत लेंगे। राजकुमार हिरानी जैसा जादू लगातार बिखेरने वाले कहानीकार बहुत कम होते हैं, जिनकी कहानियाें ने हर पीढ़ी के दिलों को छुआ है। हमें बेहद गर्व है कि हम उनके जैसे दिग्गज क्रिएटर को स्ट्रीमिंग की दुनिया में लेकर आ रहे हैं। आज के दर्शकों की लाइफस्टाइल और पसंद को ध्यान में रखकर बनाई गई 'प्रीतम एंड पेड्रो' इस बात की जीती-जागती मिसाल है कि हम जियोहॉटस्टार पर किस तरह की चीज़ें बना रहे हैं।"

राजकुमार हिरानी ने कहा: "इस कहानी में मुझे जिस चीज़ ने सबसे ज़्यादा उत्साहित किया, वह था इसके केंद्र में मौजूद रिश्ता। प्रीतम और पेड्रो पूरी तरह से अलग तरह की दुनिया से आते हैं और ज़िंदगी को देखने का उनका नज़रिया भी पूरी तरह से अलग है, लेकिन इसके बावजूद वे एक ही सफ़र पर, एक साथ निकलने के लिए मजबूर होते हैं। मैं हमेशा से ऐसे लोगों की कहानियों की तरफ खिंचा चला जाता हूँ, जिनमें कमियाँ हों, विरोधाभास हों और जो सफ़र के दौरान अनजाने में करीब आते हैं। इस सीरीज़ ने हमें किरदारों और दुनिया के साथ खूब सारी मस्ती करते हुए सभी चीज़ों को एक्सप्लोर करने का मौका दिया। मैं बेहद एक्साइटेड हूँ कि अब दर्शक फाइनली जियोहॉटस्टार पर इसका अनुभव ले सकेंगे।"

अविनाश अरुण ने कहा: "'प्रीतम एंड पेड्रो' में मुझे जिस चीज़ ने आकर्षित किया, वह थी इसकी आपको लगातार हैरान करने की क्षमता। यह हँसी-मज़ाक और हंगामे से भरी एक कहानी है, लेकिन साथ ही मानवीय रिश्तों में गहराई से बुनी हुई है। हम एक ऐसी दुनिया बनाना चाहते थे जो दर्शकों को पूरी तरह अपने में समेट ले और एक ही समय पर भरपूर मनोरंजन करने के साथ ही उनके दिलों को भी छू जाए। ज़बरदस्त स्टारकास्ट के साथ इन किरदारों को पर्दे पर ज़िंदा करना मेरे लिए एक बेहद शानदार और सुकून देने वाला अनुभव था।"

अरशद वारसी ने कहा: "पेड्रो उन किरदारों में से एक है जो ज़िंदगी को लेकर ज़्यादा सोच-विचार नहीं करता; वो बस अपने दिल की सुनता है, अपने अनुभवों पर भरोसा करता है और इसी कारण अक्सर ऐसी स्थिति में पहुँच जाता है, जहाँ उसे बिल्कुल नहीं होना चाहिए। इस शो की जो बात मुझे सबसे बेस्ट लगी, वो थी इस सफ़र का पागलपन, कॉमेडी और हर मोड़ पर मिलने वाला सरप्राइज़। मुझे लगता है कि जब दर्शक इस कहानी को स्क्रीन पर खुलते हुए देखेंगे, तो उन्हें भरपूर मज़ा आएगा।"

विक्रांत मैसी ने कहा: "जिस चीज़ ने मुझे इस सीरीज़ की तरफ अट्रैक्ट किया, वो ये था कि ये एक ही समय में कितनी परतों वाली (गहरी) और एंटरटेनिंग है। इसमें कॉमेडी है, सस्पेंस है, इमोशन है और बहुत सारे हैरान कर देने वाले ट्विस्ट्स (मोड़) हैं। हर किरदार का अपना एक एजेंडा है, अपनी कमियाँ हैं और अपना एक अलग सफ़र है, जो इस पूरी दुनिया को एकदम असली और वास्तविक बना देता है। मुझे इतने अनोखे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने पर काफी खुशी हुई।"

वीर हिरानी ने कहा: "मेरे लिए इस पूरे सफर की सबसे खास बात यह रही कि मुझे इंडस्ट्री के सबसे बेहतरीन एक्टर्स और कहानीकारों में से कुछ के साथ सीखने का मौका मिला। सेट पर हर दिन एक मास्टरक्लास जैसा महसूस होता था—चाहे अरशद सर को किसी सीन में इतनी आसानी से कॉमेडी लाते हुए देखना हो, हर छोटी से छोटी बारीकी पर विक्रांत का वो कमाल का फोकस हो, मोना मैम का वो अपनापन और जिंदादिली हो, या फिर कैमरे के पीछे अविनाश सर से बारीकियां सीखना हो। एक एक्टर के तौर पर सीखने, आगे बढ़ने और अपने पैर जमाने के लिए मैं इससे बेहतर माहौल की उम्मीद कभी भी नहीं कर सकता था। मैं बेहद एक्साइटेड हूँ कि अब फाइनली दर्शक 'प्रीतम एंड पेड्रो' की इस अजीब दुनिया को स्क्रीन पर देख पाएंगे।"

कॉमेडी, सस्पेंस, इमोशन और एडवेंचर के अपने अनोखे कॉम्बिनेशन के साथ, 'प्रीतम एंड पेड्रो' दर्शकों को बांधे रखने वाले एक ज़बरदस्त एंटरटेनमेंट और एक्सपीरियंस का वादा करती है, जो अपनी मिट्टी से जुड़ी होने के साथ-साथ हर तरह के दर्शकों को पसंद आएगी। जियोहॉटस्टार पर 3 जुलाई से विशेष रूप से 'प्रीतम एंड पेड्रो' ज़रूर देखें।
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Trailer, Pritam and Pedro released, premiere">3 जुलाई को होने वाले प्रीमियर से पहले आया ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ का ट्रेलर   मुंबई। एक बेहद दिलचस्प फर्स्ट लुक के बाद, जियोहॉटस्टार ने उस 'प्रीतम एंड पेड्रो' का आधिकारिक ट्रेलर रिलीज़ कर दिया है, जिसने जवाब देने से ज़्यादा दर्शकों के मन में कई सवाल छोड़ दिए थे। यह सीरीज़ कॉमेडी, सस्पेंस, ड्रामे और एक अनोखी पार्टनरशिप से भरपूर, मनोरंजन का एक ज़बरदस्त डोज़ होने वाली है। गोवा की चकाचौंध और रंगीन माहौल पर बनी 'प्रीतम एंड पेड्रो' दो बिल्कुल अलग दुनिया के लोगों की कहानी है, जो बेहद अजीब और असामान्य हालातों में एक-दूसरे से टकराते हैं। इस कहानी के केंद्र में पेड्रो और प्रीतम हैं। पेड्रो अपने अनुभवों और अंदरूनी ज्ञान से चलने वाला एक पुराने ज़माने का पुलिसवाला है जबकि प्रीतम एक तेज़-तर्रार युवा टेक एक्सपर्ट है। ये दोनों खुद को एक ऐसे रहस्य में घिरा पाते हैं जो उन दोनों की कल्पना से कहीं ज़्यादा बड़ा, अजीब और अप्रत्याशित है। जैसे-जैसे उनकी यात्रा आगे बढ़ती है, रहस्य ज्यादा गहरे होते जाते हैं, वफादारी काे कसौटी पर परखा जाता है और हर मोड़ पर नई उथल-पुथल मचती है, नया हंगामा खड़ा होता है।

राजकुमार हिरानी द्वारा निर्मित और मशहूर फिल्म निर्माता अविनाश अरुण द्वारा निर्देशित, यह सीरीज़ एक या दो नहीं बल्कि शानदार कलाकारों की पूरी टोली को एक साथ लाती है, जिसमें अरशद वारसी, विक्रांत मैसी, वीर हिरानी, मोना सिंह और बोमन ईरानी जैसे मंझे हुए अदाकार शामिल हैं। राजकुमार हिरानी के सिग्नेचर स्टाइल, यानी दिल छू लेने वाले अपनेपन और इंसानियत को कॉमेडी, सस्पेंस और आज के ज़माने के मुद्दों के साथ मिक्स करके बनाई गई 'प्रीतम एंड पेड्रो', दर्शकों के लिए कहानी बताने का एक बिल्कुल नया, रोमांचक और धमाकेदार अंदाज़ लेकर आई है।

आलोक जैन, हेड – हिंदी एंड इंग्लिश एंटरटेनमेंट बिज़नेस (स्ट्रीमिंग, टीवी एंड स्टूडियोज) ने कहा: "एक बेहतरीन कहानी पर सिर्फ कुछ गिने-चुने लोगों का हक नहीं होना चाहिए, वह हर आम और खास तक पहुँचनी चाहिए और हम बिल्कुल यही कर रहे हैं। हम पूरे देश के कंटेंट देखने के तरीके को बदल रहे हैं; यह लोगों के जीवन का हिस्सा बन रहा है, उनके रोज़ाना के सफ़र, शाम को सुकून के पलों और परिवार के साथ बिताए जाने वाले समय में शामिल हो रहा है। सबसे शानदार किरदार वो होते हैं जो स्क्रीन बंद होने के बाद भी आपके दिलो-दिमाग पर छाए रहें, और 'प्रीतम एंड पेड्रो' में दर्शकों को बिल्कुल ऐसा ही साथ मिलने वाला है। इस कहानी के केंद्र में दो ऐसे अनोखे और बेमेल किरदार हैं, जो आपको हँसाएंगे, हैरान करेंगे और आपका दिल जीत लेंगे। राजकुमार हिरानी जैसा जादू लगातार बिखेरने वाले कहानीकार बहुत कम होते हैं, जिनकी कहानियाें ने हर पीढ़ी के दिलों को छुआ है। हमें बेहद गर्व है कि हम उनके जैसे दिग्गज क्रिएटर को स्ट्रीमिंग की दुनिया में लेकर आ रहे हैं। आज के दर्शकों की लाइफस्टाइल और पसंद को ध्यान में रखकर बनाई गई 'प्रीतम एंड पेड्रो' इस बात की जीती-जागती मिसाल है कि हम जियोहॉटस्टार पर किस तरह की चीज़ें बना रहे हैं।"



राजकुमार हिरानी ने कहा: "इस कहानी में मुझे जिस चीज़ ने सबसे ज़्यादा उत्साहित किया, वह था इसके केंद्र में मौजूद रिश्ता। प्रीतम और पेड्रो पूरी तरह से अलग तरह की दुनिया से आते हैं और ज़िंदगी को देखने का उनका नज़रिया भी पूरी तरह से अलग है, लेकिन इसके बावजूद वे एक ही सफ़र पर, एक साथ निकलने के लिए मजबूर होते हैं। मैं हमेशा से ऐसे लोगों की कहानियों की तरफ खिंचा चला जाता हूँ, जिनमें कमियाँ हों, विरोधाभास हों और जो सफ़र के दौरान अनजाने में करीब आते हैं। इस सीरीज़ ने हमें किरदारों और दुनिया के साथ खूब सारी मस्ती करते हुए सभी चीज़ों को एक्सप्लोर करने का मौका दिया। मैं बेहद एक्साइटेड हूँ कि अब दर्शक फाइनली जियोहॉटस्टार पर इसका अनुभव ले सकेंगे।"



अविनाश अरुण ने कहा: "'प्रीतम एंड पेड्रो' में मुझे जिस चीज़ ने आकर्षित किया, वह थी इसकी आपको लगातार हैरान करने की क्षमता। यह हँसी-मज़ाक और हंगामे से भरी एक कहानी है, लेकिन साथ ही मानवीय रिश्तों में गहराई से बुनी हुई है। हम एक ऐसी दुनिया बनाना चाहते थे जो दर्शकों को पूरी तरह अपने में समेट ले और एक ही समय पर भरपूर मनोरंजन करने के साथ ही उनके दिलों को भी छू जाए। ज़बरदस्त स्टारकास्ट के साथ इन किरदारों को पर्दे पर ज़िंदा करना मेरे लिए एक बेहद शानदार और सुकून देने वाला अनुभव था।"

अरशद वारसी ने कहा: "पेड्रो उन किरदारों में से एक है जो ज़िंदगी को लेकर ज़्यादा सोच-विचार नहीं करता; वो बस अपने दिल की सुनता है, अपने अनुभवों पर भरोसा करता है और इसी कारण अक्सर ऐसी स्थिति में पहुँच जाता है, जहाँ उसे बिल्कुल नहीं होना चाहिए। इस शो की जो बात मुझे सबसे बेस्ट लगी, वो थी इस सफ़र का पागलपन, कॉमेडी और हर मोड़ पर मिलने वाला सरप्राइज़। मुझे लगता है कि जब दर्शक इस कहानी को स्क्रीन पर खुलते हुए देखेंगे, तो उन्हें भरपूर मज़ा आएगा।"

विक्रांत मैसी ने कहा: "जिस चीज़ ने मुझे इस सीरीज़ की तरफ अट्रैक्ट किया, वो ये था कि ये एक ही समय में कितनी परतों वाली (गहरी) और एंटरटेनिंग है। इसमें कॉमेडी है, सस्पेंस है, इमोशन है और बहुत सारे हैरान कर देने वाले ट्विस्ट्स (मोड़) हैं। हर किरदार का अपना एक एजेंडा है, अपनी कमियाँ हैं और अपना एक अलग सफ़र है, जो इस पूरी दुनिया को एकदम असली और वास्तविक बना देता है। मुझे इतने अनोखे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने पर काफी खुशी हुई।"

वीर हिरानी ने कहा: "मेरे लिए इस पूरे सफर की सबसे खास बात यह रही कि मुझे इंडस्ट्री के सबसे बेहतरीन एक्टर्स और कहानीकारों में से कुछ के साथ सीखने का मौका मिला। सेट पर हर दिन एक मास्टरक्लास जैसा महसूस होता था—चाहे अरशद सर को किसी सीन में इतनी आसानी से कॉमेडी लाते हुए देखना हो, हर छोटी से छोटी बारीकी पर विक्रांत का वो कमाल का फोकस हो, मोना मैम का वो अपनापन और जिंदादिली हो, या फिर कैमरे के पीछे अविनाश सर से बारीकियां सीखना हो। एक एक्टर के तौर पर सीखने, आगे बढ़ने और अपने पैर जमाने के लिए मैं इससे बेहतर माहौल की उम्मीद कभी भी नहीं कर सकता था। मैं बेहद एक्साइटेड हूँ कि अब फाइनली दर्शक 'प्रीतम एंड पेड्रो' की इस अजीब दुनिया को स्क्रीन पर देख पाएंगे।"

कॉमेडी, सस्पेंस, इमोशन और एडवेंचर के अपने अनोखे कॉम्बिनेशन के साथ, 'प्रीतम एंड पेड्रो' दर्शकों को बांधे रखने वाले एक ज़बरदस्त एंटरटेनमेंट और एक्सपीरियंस का वादा करती है, जो अपनी मिट्टी से जुड़ी होने के साथ-साथ हर तरह के दर्शकों को पसंद आएगी। जियोहॉटस्टार पर 3 जुलाई से विशेष रूप से 'प्रीतम एंड पेड्रो' ज़रूर देखें।
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Trailer, Pritam and Pedro released, premiere">3 जुलाई को होने वाले प्रीमियर से पहले आया ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ का ट्रेलर

3 जुलाई को होने वाले प्रीमियर से पहले आया ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ का ट्रेलर   मुंबई। एक बेहद दिलचस्प फर्स्ट लुक के बाद, जियोहॉटस्टार ने उस 'प्रीतम एंड पेड्रो' का आधिकारिक ट्रेलर रिलीज़ कर दिया है, जिसने जवाब देने से ज़्यादा दर्शकों के मन में कई सवाल छोड़ दिए थे। यह सीरीज़ कॉमेडी, सस्पेंस, ड्रामे और एक अनोखी पार्टनरशिप से भरपूर, मनोरंजन का एक ज़बरदस्त डोज़ होने वाली है। गोवा की चकाचौंध और रंगीन माहौल पर बनी 'प्रीतम एंड पेड्रो' दो बिल्कुल अलग दुनिया के लोगों की कहानी है, जो बेहद अजीब और असामान्य हालातों में एक-दूसरे से टकराते हैं। इस कहानी के केंद्र में पेड्रो और प्रीतम हैं। पेड्रो अपने अनुभवों और अंदरूनी ज्ञान से चलने वाला एक पुराने ज़माने का पुलिसवाला है जबकि प्रीतम एक तेज़-तर्रार युवा टेक एक्सपर्ट है। ये दोनों खुद को एक ऐसे रहस्य में घिरा पाते हैं जो उन दोनों की कल्पना से कहीं ज़्यादा बड़ा, अजीब और अप्रत्याशित है। जैसे-जैसे उनकी यात्रा आगे बढ़ती है, रहस्य ज्यादा गहरे होते जाते हैं, वफादारी काे कसौटी पर परखा जाता है और हर मोड़ पर नई उथल-पुथल मचती है, नया हंगामा खड़ा होता है।

राजकुमार हिरानी द्वारा निर्मित और मशहूर फिल्म निर्माता अविनाश अरुण द्वारा निर्देशित, यह सीरीज़ एक या दो नहीं बल्कि शानदार कलाकारों की पूरी टोली को एक साथ लाती है, जिसमें अरशद वारसी, विक्रांत मैसी, वीर हिरानी, मोना सिंह और बोमन ईरानी जैसे मंझे हुए अदाकार शामिल हैं। राजकुमार हिरानी के सिग्नेचर स्टाइल, यानी दिल छू लेने वाले अपनेपन और इंसानियत को कॉमेडी, सस्पेंस और आज के ज़माने के मुद्दों के साथ मिक्स करके बनाई गई 'प्रीतम एंड पेड्रो', दर्शकों के लिए कहानी बताने का एक बिल्कुल नया, रोमांचक और धमाकेदार अंदाज़ लेकर आई है।

आलोक जैन, हेड – हिंदी एंड इंग्लिश एंटरटेनमेंट बिज़नेस (स्ट्रीमिंग, टीवी एंड स्टूडियोज) ने कहा: "एक बेहतरीन कहानी पर सिर्फ कुछ गिने-चुने लोगों का हक नहीं होना चाहिए, वह हर आम और खास तक पहुँचनी चाहिए और हम बिल्कुल यही कर रहे हैं। हम पूरे देश के कंटेंट देखने के तरीके को बदल रहे हैं; यह लोगों के जीवन का हिस्सा बन रहा है, उनके रोज़ाना के सफ़र, शाम को सुकून के पलों और परिवार के साथ बिताए जाने वाले समय में शामिल हो रहा है। सबसे शानदार किरदार वो होते हैं जो स्क्रीन बंद होने के बाद भी आपके दिलो-दिमाग पर छाए रहें, और 'प्रीतम एंड पेड्रो' में दर्शकों को बिल्कुल ऐसा ही साथ मिलने वाला है। इस कहानी के केंद्र में दो ऐसे अनोखे और बेमेल किरदार हैं, जो आपको हँसाएंगे, हैरान करेंगे और आपका दिल जीत लेंगे। राजकुमार हिरानी जैसा जादू लगातार बिखेरने वाले कहानीकार बहुत कम होते हैं, जिनकी कहानियाें ने हर पीढ़ी के दिलों को छुआ है। हमें बेहद गर्व है कि हम उनके जैसे दिग्गज क्रिएटर को स्ट्रीमिंग की दुनिया में लेकर आ रहे हैं। आज के दर्शकों की लाइफस्टाइल और पसंद को ध्यान में रखकर बनाई गई 'प्रीतम एंड पेड्रो' इस बात की जीती-जागती मिसाल है कि हम जियोहॉटस्टार पर किस तरह की चीज़ें बना रहे हैं।"



राजकुमार हिरानी ने कहा: "इस कहानी में मुझे जिस चीज़ ने सबसे ज़्यादा उत्साहित किया, वह था इसके केंद्र में मौजूद रिश्ता। प्रीतम और पेड्रो पूरी तरह से अलग तरह की दुनिया से आते हैं और ज़िंदगी को देखने का उनका नज़रिया भी पूरी तरह से अलग है, लेकिन इसके बावजूद वे एक ही सफ़र पर, एक साथ निकलने के लिए मजबूर होते हैं। मैं हमेशा से ऐसे लोगों की कहानियों की तरफ खिंचा चला जाता हूँ, जिनमें कमियाँ हों, विरोधाभास हों और जो सफ़र के दौरान अनजाने में करीब आते हैं। इस सीरीज़ ने हमें किरदारों और दुनिया के साथ खूब सारी मस्ती करते हुए सभी चीज़ों को एक्सप्लोर करने का मौका दिया। मैं बेहद एक्साइटेड हूँ कि अब दर्शक फाइनली जियोहॉटस्टार पर इसका अनुभव ले सकेंगे।"



अविनाश अरुण ने कहा: "'प्रीतम एंड पेड्रो' में मुझे जिस चीज़ ने आकर्षित किया, वह थी इसकी आपको लगातार हैरान करने की क्षमता। यह हँसी-मज़ाक और हंगामे से भरी एक कहानी है, लेकिन साथ ही मानवीय रिश्तों में गहराई से बुनी हुई है। हम एक ऐसी दुनिया बनाना चाहते थे जो दर्शकों को पूरी तरह अपने में समेट ले और एक ही समय पर भरपूर मनोरंजन करने के साथ ही उनके दिलों को भी छू जाए। ज़बरदस्त स्टारकास्ट के साथ इन किरदारों को पर्दे पर ज़िंदा करना मेरे लिए एक बेहद शानदार और सुकून देने वाला अनुभव था।"

अरशद वारसी ने कहा: "पेड्रो उन किरदारों में से एक है जो ज़िंदगी को लेकर ज़्यादा सोच-विचार नहीं करता; वो बस अपने दिल की सुनता है, अपने अनुभवों पर भरोसा करता है और इसी कारण अक्सर ऐसी स्थिति में पहुँच जाता है, जहाँ उसे बिल्कुल नहीं होना चाहिए। इस शो की जो बात मुझे सबसे बेस्ट लगी, वो थी इस सफ़र का पागलपन, कॉमेडी और हर मोड़ पर मिलने वाला सरप्राइज़। मुझे लगता है कि जब दर्शक इस कहानी को स्क्रीन पर खुलते हुए देखेंगे, तो उन्हें भरपूर मज़ा आएगा।"

विक्रांत मैसी ने कहा: "जिस चीज़ ने मुझे इस सीरीज़ की तरफ अट्रैक्ट किया, वो ये था कि ये एक ही समय में कितनी परतों वाली (गहरी) और एंटरटेनिंग है। इसमें कॉमेडी है, सस्पेंस है, इमोशन है और बहुत सारे हैरान कर देने वाले ट्विस्ट्स (मोड़) हैं। हर किरदार का अपना एक एजेंडा है, अपनी कमियाँ हैं और अपना एक अलग सफ़र है, जो इस पूरी दुनिया को एकदम असली और वास्तविक बना देता है। मुझे इतने अनोखे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने पर काफी खुशी हुई।"

वीर हिरानी ने कहा: "मेरे लिए इस पूरे सफर की सबसे खास बात यह रही कि मुझे इंडस्ट्री के सबसे बेहतरीन एक्टर्स और कहानीकारों में से कुछ के साथ सीखने का मौका मिला। सेट पर हर दिन एक मास्टरक्लास जैसा महसूस होता था—चाहे अरशद सर को किसी सीन में इतनी आसानी से कॉमेडी लाते हुए देखना हो, हर छोटी से छोटी बारीकी पर विक्रांत का वो कमाल का फोकस हो, मोना मैम का वो अपनापन और जिंदादिली हो, या फिर कैमरे के पीछे अविनाश सर से बारीकियां सीखना हो। एक एक्टर के तौर पर सीखने, आगे बढ़ने और अपने पैर जमाने के लिए मैं इससे बेहतर माहौल की उम्मीद कभी भी नहीं कर सकता था। मैं बेहद एक्साइटेड हूँ कि अब फाइनली दर्शक 'प्रीतम एंड पेड्रो' की इस अजीब दुनिया को स्क्रीन पर देख पाएंगे।"

कॉमेडी, सस्पेंस, इमोशन और एडवेंचर के अपने अनोखे कॉम्बिनेशन के साथ, 'प्रीतम एंड पेड्रो' दर्शकों को बांधे रखने वाले एक ज़बरदस्त एंटरटेनमेंट और एक्सपीरियंस का वादा करती है, जो अपनी मिट्टी से जुड़ी होने के साथ-साथ हर तरह के दर्शकों को पसंद आएगी। जियोहॉटस्टार पर 3 जुलाई से विशेष रूप से 'प्रीतम एंड पेड्रो' ज़रूर देखें।
अपडेट खबरों के लिए हमारावॉट्सएप चैनलफोलो करेंTrailer, Pritam and Pedro released, premiere

मुंबई। एक बेहद दिलचस्प फर्स्ट लुक के बाद, जियोहॉटस्टार ने उस 'प्रीतम एंड पेड्रो' का आधिकारिक ट्रेलर रिलीज़ कर दिया है, जिसने जवाब देने से ज़्यादा दर्शकों के मन में कई सवाल छोड़ दिए थे। यह सीरीज़ कॉमेडी, सस्पेंस, ड्रामे और एक अनोखी पार्टनरशिप से भरपूर, मनोरंजन का एक ज़बरदस्त डोज़ होने वाली है। गोवा की चकाचौंध और रंगीन माहौल पर बनी 'प्रीतम एंड पेड्रो' दो बिल्कुल अलग दुनिया के लोगों की कहानी है, जो बेहद अजीब और असामान्य हालातों में एक-दूसरे से टकराते हैं। इस कहानी के केंद्र में पेड्रो और प्रीतम हैं। पेड्रो अपने अनुभवों और अंदरूनी ज्ञान से चलने वाला एक पुराने ज़माने का पुलिसवाला है जबकि प्रीतम एक तेज़-तर्रार युवा टेक एक्सपर्ट है। ये दोनों खुद को एक ऐसे रहस्य में घिरा पाते हैं जो उन दोनों की कल्पना से कहीं ज़्यादा बड़ा, अजीब और अप्रत्याशित है। जैसे-जैसे उनकी यात्रा आगे बढ़ती है, रहस्य ज्यादा गहरे होते जाते हैं, वफादारी काे कसौटी पर परखा जाता है और हर मोड़ पर नई उथल-पुथल मचती है, नया हंगामा खड़ा होता है।

राजकुमार हिरानी द्वारा निर्मित और मशहूर फिल्म निर्माता अविनाश अरुण द्वारा निर्देशित, यह सीरीज़ एक या दो नहीं बल्कि शानदार कलाकारों की पूरी टोली को एक साथ लाती है, जिसमें अरशद वारसी, विक्रांत मैसी, वीर हिरानी, मोना सिंह और बोमन ईरानी जैसे मंझे हुए अदाकार शामिल हैं। राजकुमार हिरानी के सिग्नेचर स्टाइल, यानी दिल छू लेने वाले अपनेपन और इंसानियत को कॉमेडी, सस्पेंस और आज के ज़माने के मुद्दों के साथ मिक्स करके बनाई गई 'प्रीतम एंड पेड्रो', दर्शकों के लिए कहानी बताने का एक बिल्कुल नया, रोमांचक और धमाकेदार अंदाज़ लेकर आई है।

आलोक जैन, हेड – हिंदी एंड इंग्लिश एंटरटेनमेंट बिज़नेस (स्ट्रीमिंग, टीवी एंड स्टूडियोज) ने कहा: "एक बेहतरीन कहानी पर सिर्फ कुछ गिने-चुने लोगों का हक नहीं होना चाहिए, वह हर आम और खास तक पहुँचनी चाहिए और हम बिल्कुल यही कर रहे हैं। हम पूरे देश के कंटेंट देखने के तरीके को बदल रहे हैं; यह लोगों के जीवन का हिस्सा बन रहा है, उनके रोज़ाना के सफ़र, शाम को सुकून के पलों और परिवार के साथ बिताए जाने वाले समय में शामिल हो रहा है। सबसे शानदार किरदार वो होते हैं जो स्क्रीन बंद होने के बाद भी आपके दिलो-दिमाग पर छाए रहें, और 'प्रीतम एंड पेड्रो' में दर्शकों को बिल्कुल ऐसा ही साथ मिलने वाला है। इस कहानी के केंद्र में दो ऐसे अनोखे और बेमेल किरदार हैं, जो आपको हँसाएंगे, हैरान करेंगे और आपका दिल जीत लेंगे। राजकुमार हिरानी जैसा जादू लगातार बिखेरने वाले कहानीकार बहुत कम होते हैं, जिनकी कहानियाें ने हर पीढ़ी के दिलों को छुआ है। हमें बेहद गर्व है कि हम उनके जैसे दिग्गज क्रिएटर को स्ट्रीमिंग की दुनिया में लेकर आ रहे हैं। आज के दर्शकों की लाइफस्टाइल और पसंद को ध्यान में रखकर बनाई गई 'प्रीतम एंड पेड्रो' इस बात की जीती-जागती मिसाल है कि हम जियोहॉटस्टार पर किस तरह की चीज़ें बना रहे हैं।"

राजकुमार हिरानी ने कहा: "इस कहानी में मुझे जिस चीज़ ने सबसे ज़्यादा उत्साहित किया, वह था इसके केंद्र में मौजूद रिश्ता। प्रीतम और पेड्रो पूरी तरह से अलग तरह की दुनिया से आते हैं और ज़िंदगी को देखने का उनका नज़रिया भी पूरी तरह से अलग है, लेकिन इसके बावजूद वे एक ही सफ़र पर, एक साथ निकलने के लिए मजबूर होते हैं। मैं हमेशा से ऐसे लोगों की कहानियों की तरफ खिंचा चला जाता हूँ, जिनमें कमियाँ हों, विरोधाभास हों और जो सफ़र के दौरान अनजाने में करीब आते हैं। इस सीरीज़ ने हमें किरदारों और दुनिया के साथ खूब सारी मस्ती करते हुए सभी चीज़ों को एक्सप्लोर करने का मौका दिया। मैं बेहद एक्साइटेड हूँ कि अब दर्शक फाइनली जियोहॉटस्टार पर इसका अनुभव ले सकेंगे।"

अविनाश अरुण ने कहा: "'प्रीतम एंड पेड्रो' में मुझे जिस चीज़ ने आकर्षित किया, वह थी इसकी आपको लगातार हैरान करने की क्षमता। यह हँसी-मज़ाक और हंगामे से भरी एक कहानी है, लेकिन साथ ही मानवीय रिश्तों में गहराई से बुनी हुई है। हम एक ऐसी दुनिया बनाना चाहते थे जो दर्शकों को पूरी तरह अपने में समेट ले और एक ही समय पर भरपूर मनोरंजन करने के साथ ही उनके दिलों को भी छू जाए। ज़बरदस्त स्टारकास्ट के साथ इन किरदारों को पर्दे पर ज़िंदा करना मेरे लिए एक बेहद शानदार और सुकून देने वाला अनुभव था।"

अरशद वारसी ने कहा: "पेड्रो उन किरदारों में से एक है जो ज़िंदगी को लेकर ज़्यादा सोच-विचार नहीं करता; वो बस अपने दिल की सुनता है, अपने अनुभवों पर भरोसा करता है और इसी कारण अक्सर ऐसी स्थिति में पहुँच जाता है, जहाँ उसे बिल्कुल नहीं होना चाहिए। इस शो की जो बात मुझे सबसे बेस्ट लगी, वो थी इस सफ़र का पागलपन, कॉमेडी और हर मोड़ पर मिलने वाला सरप्राइज़। मुझे लगता है कि जब दर्शक इस कहानी को स्क्रीन पर खुलते हुए देखेंगे, तो उन्हें भरपूर मज़ा आएगा।"

विक्रांत मैसी ने कहा: "जिस चीज़ ने मुझे इस सीरीज़ की तरफ अट्रैक्ट किया, वो ये था कि ये एक ही समय में कितनी परतों वाली (गहरी) और एंटरटेनिंग है। इसमें कॉमेडी है, सस्पेंस है, इमोशन है और बहुत सारे हैरान कर देने वाले ट्विस्ट्स (मोड़) हैं। हर किरदार का अपना एक एजेंडा है, अपनी कमियाँ हैं और अपना एक अलग सफ़र है, जो इस पूरी दुनिया को एकदम असली और वास्तविक बना देता है। मुझे इतने अनोखे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने पर काफी खुशी हुई।"

वीर हिरानी ने कहा: "मेरे लिए इस पूरे सफर की सबसे खास बात यह रही कि मुझे इंडस्ट्री के सबसे बेहतरीन एक्टर्स और कहानीकारों में से कुछ के साथ सीखने का मौका मिला। सेट पर हर दिन एक मास्टरक्लास जैसा महसूस होता था—चाहे अरशद सर को किसी सीन में इतनी आसानी से कॉमेडी लाते हुए देखना हो, हर छोटी से छोटी बारीकी पर विक्रांत का वो कमाल का फोकस हो, मोना मैम का वो अपनापन और जिंदादिली हो, या फिर कैमरे के पीछे अविनाश सर से बारीकियां सीखना हो। एक एक्टर के तौर पर सीखने, आगे बढ़ने और अपने पैर जमाने के लिए मैं इससे बेहतर माहौल की उम्मीद कभी भी नहीं कर सकता था। मैं बेहद एक्साइटेड हूँ कि अब फाइनली दर्शक 'प्रीतम एंड पेड्रो' की इस अजीब दुनिया को स्क्रीन पर देख पाएंगे।"

कॉमेडी, सस्पेंस, इमोशन और एडवेंचर के अपने अनोखे कॉम्बिनेशन के साथ, 'प्रीतम एंड पेड्रो' दर्शकों को बांधे रखने वाले एक ज़बरदस्त एंटरटेनमेंट और एक्सपीरियंस का वादा करती है, जो अपनी मिट्टी से जुड़ी होने के साथ-साथ हर तरह के दर्शकों को पसंद आएगी। जियोहॉटस्टार पर 3 जुलाई से विशेष रूप से 'प्रीतम एंड पेड्रो' ज़रूर देखें।
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Trailer, Pritam and Pedro released, premiere

DRDO ने किया लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण, भारत को बड़ी कामयाबी
	
		
			
	
	भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए लंबी दूरी की भूमि हमला क्रूज मिसाइल (Long Range Land Attack Cruise Missile – LRLACM) का सफल उड़ान परीक्षण किया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 15 जून 2026 को ओडिशा तट के पास स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से इस स्वदेशी मिसाइल का सफल परीक्षण किया।

	 

	डीआरडीओ के अनुसार, परीक्षण के दौरान निर्धारित सभी उद्देश्यों को पूरी तरह हासिल कर लिया गया। चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) द्वारा तैनात विभिन्न ट्रैकिंग उपकरणों से प्राप्त आंकड़ों ने मिसाइल के प्रदर्शन को सफल साबित किया।

	
		ALSO READ: 4 महीने के युद्ध को खत्म करने पर सहमत अमेरिका-ईरान, ट्रंप, जेडी वेंस और ईरानी संसद अध्यक्ष ने MoU पर किए हस्ताक्षर


	LRLACM पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित की गई मिसाइल है, जिसके सभी प्रमुख उप-प्रणालियों का विकास डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं और भारतीय उद्योग साझेदारों ने मिलकर किया है। इस परियोजना की नोडल प्रयोगशाला बेंगलुरु स्थित एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ADE) रही।

	
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	मिसाइल के परीक्षण के दौरान डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारी तथा भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने LRLACM के सफल परीक्षण पर डीआरडीओ की टीम और उद्योग सहयोगियों को बधाई दी। वहीं रक्षा सचिव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग (R&D) के सचिव तथा डीआरडीओ के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने लॉन्च के दौरान सभी गतिविधियों की निगरानी की और इस उपलब्धि के लिए पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं।

	
		
			Long Range Land Attack Cruise Missile (LRLACM) was successfully flight tested from Dr APJ Abdul Kalam Island off the coast of Odisha on 15th June 2026.https://t.co/wVYJauGjNQ pic.twitter.com/nutCCfzWEd
		— DRDO (@DRDO_India) June 15, 2026
	
	
		इस सफल परीक्षण को भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और लंबी दूरी तक सटीक हमला करने वाली मिसाइल तकनीक में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। Edited by: Sudhir Sharma

भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए लंबी दूरी की भूमि हमला क्रूज मिसाइल (Long Range Land Attack Cruise Missile – LRLACM) का सफल उड़ान परीक्षण किया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 15 जून 2026 को ओडिशा तट के पास स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से इस स्वदेशी मिसाइल का सफल परीक्षण किया।

 

डीआरडीओ के अनुसार, परीक्षण के दौरान निर्धारित सभी उद्देश्यों को पूरी तरह हासिल कर लिया गया। चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) द्वारा तैनात विभिन्न ट्रैकिंग उपकरणों से प्राप्त आंकड़ों ने मिसाइल के प्रदर्शन को सफल साबित किया।

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LRLACM पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित की गई मिसाइल है, जिसके सभी प्रमुख उप-प्रणालियों का विकास डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं और भारतीय उद्योग साझेदारों ने मिलकर किया है। इस परियोजना की नोडल प्रयोगशाला बेंगलुरु स्थित एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ADE) रही।

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मिसाइल के परीक्षण के दौरान डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारी तथा भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने LRLACM के सफल परीक्षण पर डीआरडीओ की टीम और उद्योग सहयोगियों को बधाई दी। वहीं रक्षा सचिव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग (R&D) के सचिव तथा डीआरडीओ के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने लॉन्च के दौरान सभी गतिविधियों की निगरानी की और इस उपलब्धि के लिए पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं।

इस सफल परीक्षण को भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और लंबी दूरी तक सटीक हमला करने वाली मिसाइल तकनीक में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। Edited by: Sudhir Sharma

">DRDO ने किया लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण, भारत को बड़ी कामयाबी
	
		
			
	
	भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए लंबी दूरी की भूमि हमला क्रूज मिसाइल (Long Range Land Attack Cruise Missile – LRLACM) का सफल उड़ान परीक्षण किया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 15 जून 2026 को ओडिशा तट के पास स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से इस स्वदेशी मिसाइल का सफल परीक्षण किया।

	 

	डीआरडीओ के अनुसार, परीक्षण के दौरान निर्धारित सभी उद्देश्यों को पूरी तरह हासिल कर लिया गया। चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) द्वारा तैनात विभिन्न ट्रैकिंग उपकरणों से प्राप्त आंकड़ों ने मिसाइल के प्रदर्शन को सफल साबित किया।

	
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	LRLACM पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित की गई मिसाइल है, जिसके सभी प्रमुख उप-प्रणालियों का विकास डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं और भारतीय उद्योग साझेदारों ने मिलकर किया है। इस परियोजना की नोडल प्रयोगशाला बेंगलुरु स्थित एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ADE) रही।

	
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	मिसाइल के परीक्षण के दौरान डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारी तथा भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने LRLACM के सफल परीक्षण पर डीआरडीओ की टीम और उद्योग सहयोगियों को बधाई दी। वहीं रक्षा सचिव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग (R&D) के सचिव तथा डीआरडीओ के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने लॉन्च के दौरान सभी गतिविधियों की निगरानी की और इस उपलब्धि के लिए पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं।

	
		
			Long Range Land Attack Cruise Missile (LRLACM) was successfully flight tested from Dr APJ Abdul Kalam Island off the coast of Odisha on 15th June 2026.https://t.co/wVYJauGjNQ pic.twitter.com/nutCCfzWEd
		— DRDO (@DRDO_India) June 15, 2026
	
	
		इस सफल परीक्षण को भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और लंबी दूरी तक सटीक हमला करने वाली मिसाइल तकनीक में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। Edited by: Sudhir Sharma

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LRLACM पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित की गई मिसाइल है, जिसके सभी प्रमुख उप-प्रणालियों का विकास डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं और भारतीय उद्योग साझेदारों ने मिलकर किया है। इस परियोजना की नोडल प्रयोगशाला बेंगलुरु स्थित एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ADE) रही।

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मिसाइल के परीक्षण के दौरान डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारी तथा भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने LRLACM के सफल परीक्षण पर डीआरडीओ की टीम और उद्योग सहयोगियों को बधाई दी। वहीं रक्षा सचिव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग (R&D) के सचिव तथा डीआरडीओ के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने लॉन्च के दौरान सभी गतिविधियों की निगरानी की और इस उपलब्धि के लिए पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं।

इस सफल परीक्षण को भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और लंबी दूरी तक सटीक हमला करने वाली मिसाइल तकनीक में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। Edited by: Sudhir Sharma

">DRDO ने किया लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण, भारत को बड़ी कामयाबी

DRDO ने किया लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण, भारत को बड़ी कामयाबी
	
		
			
	
	भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए लंबी दूरी की भूमि हमला क्रूज मिसाइल (Long Range Land Attack Cruise Missile – LRLACM) का सफल उड़ान परीक्षण किया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 15 जून 2026 को ओडिशा तट के पास स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से इस स्वदेशी मिसाइल का सफल परीक्षण किया।

	 

	डीआरडीओ के अनुसार, परीक्षण के दौरान निर्धारित सभी उद्देश्यों को पूरी तरह हासिल कर लिया गया। चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) द्वारा तैनात विभिन्न ट्रैकिंग उपकरणों से प्राप्त आंकड़ों ने मिसाइल के प्रदर्शन को सफल साबित किया।

	
		ALSO READ: 4 महीने के युद्ध को खत्म करने पर सहमत अमेरिका-ईरान, ट्रंप, जेडी वेंस और ईरानी संसद अध्यक्ष ने MoU पर किए हस्ताक्षर


	LRLACM पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित की गई मिसाइल है, जिसके सभी प्रमुख उप-प्रणालियों का विकास डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं और भारतीय उद्योग साझेदारों ने मिलकर किया है। इस परियोजना की नोडल प्रयोगशाला बेंगलुरु स्थित एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ADE) रही।

	
		ALSO READ: Honor करने वाला है धमाका, आने वाला है 10,000mAh बैटरी और 10,000 Nits ब्राइटनेस वाला सस्ता स्मार्टफोन


	मिसाइल के परीक्षण के दौरान डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारी तथा भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने LRLACM के सफल परीक्षण पर डीआरडीओ की टीम और उद्योग सहयोगियों को बधाई दी। वहीं रक्षा सचिव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग (R&D) के सचिव तथा डीआरडीओ के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने लॉन्च के दौरान सभी गतिविधियों की निगरानी की और इस उपलब्धि के लिए पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं।

	
		
			Long Range Land Attack Cruise Missile (LRLACM) was successfully flight tested from Dr APJ Abdul Kalam Island off the coast of Odisha on 15th June 2026.https://t.co/wVYJauGjNQ pic.twitter.com/nutCCfzWEd
		— DRDO (@DRDO_India) June 15, 2026
	
	
		इस सफल परीक्षण को भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और लंबी दूरी तक सटीक हमला करने वाली मिसाइल तकनीक में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। Edited by: Sudhir Sharma

भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए लंबी दूरी की भूमि हमला क्रूज मिसाइल (Long Range Land Attack Cruise Missile – LRLACM) का सफल उड़ान परीक्षण किया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 15 जून 2026 को ओडिशा तट के पास स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से इस स्वदेशी मिसाइल का सफल परीक्षण किया।

 

डीआरडीओ के अनुसार, परीक्षण के दौरान निर्धारित सभी उद्देश्यों को पूरी तरह हासिल कर लिया गया। चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) द्वारा तैनात विभिन्न ट्रैकिंग उपकरणों से प्राप्त आंकड़ों ने मिसाइल के प्रदर्शन को सफल साबित किया।

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LRLACM पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित की गई मिसाइल है, जिसके सभी प्रमुख उप-प्रणालियों का विकास डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं और भारतीय उद्योग साझेदारों ने मिलकर किया है। इस परियोजना की नोडल प्रयोगशाला बेंगलुरु स्थित एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ADE) रही।

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मिसाइल के परीक्षण के दौरान डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारी तथा भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने LRLACM के सफल परीक्षण पर डीआरडीओ की टीम और उद्योग सहयोगियों को बधाई दी। वहीं रक्षा सचिव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग (R&D) के सचिव तथा डीआरडीओ के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने लॉन्च के दौरान सभी गतिविधियों की निगरानी की और इस उपलब्धि के लिए पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं।

इस सफल परीक्षण को भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और लंबी दूरी तक सटीक हमला करने वाली मिसाइल तकनीक में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। Edited by: Sudhir Sharma

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