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आज की बड़ी खबरों में जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और…
आज की बड़ी खबरों में जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर करते हुए उन युवाओं का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनका वीडियो देखा और उस पर अपने सुझाव दिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों और युवाओं की सकारात्मक प्रतिक्रिया तथा रचनात्मक सुझाव उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि धन्यवाद दोस्तों। मुझे कल देर रात आप सबसे मिलने का अवसर मिला। आपने मेरे वीडियो पर जिस तरह प्रतिक्रिया दी और सकारात्मक सुझाव दिए, उसकी मैं सराहना करता हूं। आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।”
यह वीडियो मैसेज प्रधानमंत्री द्वारा गुरुवार रात 11.52 बजे पोस्ट किए गए उस वीडियो के एक दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने घोषणा की थी कि केंद्रीय मंत्रिमंडल पेपर लीक मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा का प्रावधान करने वाले कानून के मसौदे पर चर्चा करेगा।
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए लगभग 3 मिनट के वीडियो मैसेज में प्रधानमंत्री ने कहा था कि सरकार चल रहे मानसून सत्र के दौरान प्रस्तावित कानून को जल्द से जल्द संसद से पारित कराने की हर संभव कोशिश करेगी। परीक्षा के पेपर लीक को एक गंभीर मुद्दा बताते हुए पीएम ने कहा कि ऐसी घटनाओं से लाखों छात्रों और उनके माता-पिता को बहुत दुख हुआ है।
नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया और कुछ के खिलाफ कानूनी तथा आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय भेजे जाने के एक दिन बाद उठाया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक एनटीए में व्यापक बदलाव किए जाने की तैयारी है और आगे भी कई सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। कम से कम 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है और उनमें से कुछ के खिलाफ कानूनी तथा आपराधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
दिल्ली पुलिस ने प्रश्नपत्र लीक और परीक्षाओं से जुड़े अन्य अपराधों की जांच के लिए अपनी अपराध शाखा के तहत एक विशेष कार्य बल (एसटीएफ) का गठन किया है। यह जानकारी एक आधिकारिक आदेश में दी गई है। यह फैसला सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम के तहत पुलिस आयुक्त की मंजूरी के बाद लिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर करते हुए उन युवाओं का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनका वीडियो देखा और उस पर अपने सुझाव दिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों और युवाओं की सकारात्मक प्रतिक्रिया तथा रचनात्मक सुझाव उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि धन्यवाद दोस्तों। मुझे कल देर रात आप सबसे मिलने का अवसर मिला। आपने मेरे वीडियो पर जिस तरह प्रतिक्रिया दी और सकारात्मक सुझाव दिए, उसकी मैं सराहना करता हूं। आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।”
यह वीडियो मैसेज प्रधानमंत्री द्वारा गुरुवार रात 11.52 बजे पोस्ट किए गए उस वीडियो के एक दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने घोषणा की थी कि केंद्रीय मंत्रिमंडल पेपर लीक मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा का प्रावधान करने वाले कानून के मसौदे पर चर्चा करेगा।
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए लगभग 3 मिनट के वीडियो मैसेज में प्रधानमंत्री ने कहा था कि सरकार चल रहे मानसून सत्र के दौरान प्रस्तावित कानून को जल्द से जल्द संसद से पारित कराने की हर संभव कोशिश करेगी। परीक्षा के पेपर लीक को एक गंभीर मुद्दा बताते हुए पीएम ने कहा कि ऐसी घटनाओं से लाखों छात्रों और उनके माता-पिता को बहुत दुख हुआ है।
नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया और कुछ के खिलाफ कानूनी तथा आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय भेजे जाने के एक दिन बाद उठाया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक एनटीए में व्यापक बदलाव किए जाने की तैयारी है और आगे भी कई सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। कम से कम 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है और उनमें से कुछ के खिलाफ कानूनी तथा आपराधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
दिल्ली पुलिस ने प्रश्नपत्र लीक और परीक्षाओं से जुड़े अन्य अपराधों की जांच के लिए अपनी अपराध शाखा के तहत एक विशेष कार्य बल (एसटीएफ) का गठन किया है। यह जानकारी एक आधिकारिक आदेश में दी गई है। यह फैसला सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम के तहत पुलिस आयुक्त की मंजूरी के बाद लिया गया है।
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श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चढ़ावे की गिनती के दौरान कुछ कर्मचारियों द्वारा बार-बार नकदी छिपाने के कथित मामले पाए गए हैं। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली में भी गंभीर खामियों की ओर इशारा किया गया है। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी गई है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि बैठक में रिपोर्ट पढ़कर सुनाई गई, लेकिन इस पर कोई चर्चा या बहस नहीं हुई, क्योंकि जांच अभी जारी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा गबन मामले के आरोपी अविनाश शुक्ला ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उसने कथित रूप से करीब 19 लाख रुपये अपने परिवार और दोस्तों पर खर्च किए। जांच में सामने आया कि उसने एक भाई की शादी में लगभग 6 लाख रुपये खर्च किए, दूसरे भाई को 5 लाख रुपये दिए और करीब 3.5 लाख रुपये की कार भी खरीदी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।
ट्रस्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद दोनों पदाधिकारियों ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। साथ ही कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) की एक बैठक आज न्यास के अध्यक्ष पूज्य नृत्य गोपाल दास जी महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के पश्चात जारी वक्तव्य
A meeting of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra (Trust) was held today under the chairmanship of the Trusts… pic.twitter. com/Sv7Gi9GWQv
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) July 6, 2026
ट्रस्ट ने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हवड़े को शामिल किया गया है। इसके अलावा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक अलग समिति भी बनाई गई है, जो अतिरिक्त सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों पर सुझाव देगी। अंतिम निर्णय SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद लिए जाएंगे।
ट्रस्ट ने कहा कि वर्ष 2020 में गठन के बाद से अब तक मंदिर निर्माण और संबंधित कार्य 6 वर्ष से कम समय में पूरे किए गए हैं। ट्रस्ट ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहता है। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मामले का राजनीतिक और प्रचारात्मक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चढ़ावे की गिनती के दौरान कुछ कर्मचारियों द्वारा बार-बार नकदी छिपाने के कथित मामले पाए गए हैं। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली में भी गंभीर खामियों की ओर इशारा किया गया है। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी गई है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि बैठक में रिपोर्ट पढ़कर सुनाई गई, लेकिन इस पर कोई चर्चा या बहस नहीं हुई, क्योंकि जांच अभी जारी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा गबन मामले के आरोपी अविनाश शुक्ला ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उसने कथित रूप से करीब 19 लाख रुपये अपने परिवार और दोस्तों पर खर्च किए। जांच में सामने आया कि उसने एक भाई की शादी में लगभग 6 लाख रुपये खर्च किए, दूसरे भाई को 5 लाख रुपये दिए और करीब 3.5 लाख रुपये की कार भी खरीदी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।
ट्रस्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद दोनों पदाधिकारियों ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। साथ ही कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) की एक बैठक आज न्यास के अध्यक्ष पूज्य नृत्य गोपाल दास जी महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के पश्चात जारी वक्तव्य
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— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) July 6, 2026
ट्रस्ट ने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हवड़े को शामिल किया गया है। इसके अलावा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक अलग समिति भी बनाई गई है, जो अतिरिक्त सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों पर सुझाव देगी। अंतिम निर्णय SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद लिए जाएंगे।
ट्रस्ट ने कहा कि वर्ष 2020 में गठन के बाद से अब तक मंदिर निर्माण और संबंधित कार्य 6 वर्ष से कम समय में पूरे किए गए हैं। ट्रस्ट ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहता है। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मामले का राजनीतिक और प्रचारात्मक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चढ़ावे की गिनती के दौरान कुछ कर्मचारियों द्वारा बार-बार नकदी छिपाने के कथित मामले पाए गए हैं। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली में भी गंभीर खामियों की ओर इशारा किया गया है। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी गई है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि बैठक में रिपोर्ट पढ़कर सुनाई गई, लेकिन इस पर कोई चर्चा या बहस नहीं हुई, क्योंकि जांच अभी जारी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा गबन मामले के आरोपी अविनाश शुक्ला ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उसने कथित रूप से करीब 19 लाख रुपये अपने परिवार और दोस्तों पर खर्च किए। जांच में सामने आया कि उसने एक भाई की शादी में लगभग 6 लाख रुपये खर्च किए, दूसरे भाई को 5 लाख रुपये दिए और करीब 3.5 लाख रुपये की कार भी खरीदी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।
ट्रस्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद दोनों पदाधिकारियों ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। साथ ही कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) की एक बैठक आज न्यास के अध्यक्ष पूज्य नृत्य गोपाल दास जी महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के पश्चात जारी वक्तव्य
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ट्रस्ट ने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हवड़े को शामिल किया गया है। इसके अलावा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक अलग समिति भी बनाई गई है, जो अतिरिक्त सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों पर सुझाव देगी। अंतिम निर्णय SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद लिए जाएंगे।
ट्रस्ट ने कहा कि वर्ष 2020 में गठन के बाद से अब तक मंदिर निर्माण और संबंधित कार्य 6 वर्ष से कम समय में पूरे किए गए हैं। ट्रस्ट ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहता है। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मामले का राजनीतिक और प्रचारात्मक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
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