Live Updates: U.S. launches another night of strikes as battle continues over Strait of Hormuz
Iran's government is preparing to impose environmental compensation fees on ships transiting the Strait of…
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Iran's embassy in the U.K. said Monday that the Islamic Republic had "established a temporary…
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) नौसेना ने रविवार तड़के दावा किया कि उसने…
An Iranian official and a Qatari official confirmed to CBS News that Qatari mediators were…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को दावा किया कि वह ईरान की 'निशाने की…
Donald Trumps statement: पश्चिम एशिया में एक बार फिर बड़े युद्ध की आहट तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्किये (अंकारा) में चल रहे नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान बेहद तीखा बयान देते हुए ईरान के साथ हुए हालिया संघर्ष-विराम (सीजफायर) समझौते को ‘पूरी तरह खत्म’ घोषित कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत करना सिर्फ ‘समय की बर्बादी’ है। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच, बीती रात अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर हड़कंप मच गया है और कच्चे तेल की कीमतों में 5% से ज्यादा का भारी उछाल आया है।
उन्होंने कहा कि वे कैंसर हैं, हमें खत्म करना होगा। कैंसर को शुरुआत में ही काटकर निकाल देना चाहिए।इस बयान के साथ ही अमेरिका ने ईरान को तेल निर्यात के लिए दी गई प्रतिबंधों की अस्थाई छूट को भी तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है, जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है।
अमेरिकी हमलों में ईरान के हवाई रक्षा तंत्र, तटीय निगरानी केंद्र, एंटी-शिप क्रूज़ मिसाइल ठिकाने और ड्रोन लॉन्च पैड्स को तबाह किया गया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, केश्म द्वीप (Qeshm Island), सीरिक और बंदर अब्बास जैसे प्रमुख बंदरगाह शहरों में तेज धमाके सुने गए।
अमेरिकी हमलों के कुछ ही घंटों के भीतर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं। ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में स्थित लगभग 85 अमेरिकी सैन्य और सहयोगी सुविधाओं को निशाना बनाया है।
इस अचानक भड़के तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में डर का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें 5.3% बढ़कर $78 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी ओर, दुनिया के कई बड़े देशों ने इस पर चिंता जताई है।
चीन के विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा है कि पश्चिम एशिया में दोबारा युद्ध की आग भड़काना किसी के हित में नहीं है और सैन्य तरीकों से इस समस्या का समाधान नहीं निकल सकता। नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि सीजफायर के उल्लंघन पर अमेरिका का यह कड़ा जवाब देना बेहद जरूरी था।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
Donald Trumps statement: पश्चिम एशिया में एक बार फिर बड़े युद्ध की आहट तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्किये (अंकारा) में चल रहे नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान बेहद तीखा बयान देते हुए ईरान के साथ हुए हालिया संघर्ष-विराम (सीजफायर) समझौते को ‘पूरी तरह खत्म’ घोषित कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत करना सिर्फ ‘समय की बर्बादी’ है। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच, बीती रात अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर हड़कंप मच गया है और कच्चे तेल की कीमतों में 5% से ज्यादा का भारी उछाल आया है।
उन्होंने कहा कि वे कैंसर हैं, हमें खत्म करना होगा। कैंसर को शुरुआत में ही काटकर निकाल देना चाहिए।इस बयान के साथ ही अमेरिका ने ईरान को तेल निर्यात के लिए दी गई प्रतिबंधों की अस्थाई छूट को भी तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है, जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है।
अमेरिकी हमलों में ईरान के हवाई रक्षा तंत्र, तटीय निगरानी केंद्र, एंटी-शिप क्रूज़ मिसाइल ठिकाने और ड्रोन लॉन्च पैड्स को तबाह किया गया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, केश्म द्वीप (Qeshm Island), सीरिक और बंदर अब्बास जैसे प्रमुख बंदरगाह शहरों में तेज धमाके सुने गए।
अमेरिकी हमलों के कुछ ही घंटों के भीतर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं। ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में स्थित लगभग 85 अमेरिकी सैन्य और सहयोगी सुविधाओं को निशाना बनाया है।
इस अचानक भड़के तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में डर का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें 5.3% बढ़कर $78 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी ओर, दुनिया के कई बड़े देशों ने इस पर चिंता जताई है।
चीन के विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा है कि पश्चिम एशिया में दोबारा युद्ध की आग भड़काना किसी के हित में नहीं है और सैन्य तरीकों से इस समस्या का समाधान नहीं निकल सकता। नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि सीजफायर के उल्लंघन पर अमेरिका का यह कड़ा जवाब देना बेहद जरूरी था।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
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11:33 PM Kuwait and Bahrain say they're facing incoming fire Two U.S.-allied Persian Gulf…
09:41 AM, 08-Jul-2026 ईरानी तेल बिक्री की छूट भी खत्म सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ अमेरिका…
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With the largely indirect negotiations between the U.S. and Iran entering a pause of at…