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प्रणवी उर्स ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास, गोल्ड मेडल जीतने वाली बनी पहली भारतीय महिला गोल्फर

प्रणवी उर्स ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास, गोल्ड मेडल जीतने वाली बनी पहली भारतीय महिला गोल्फर

एशियन गेम्स 2026 भारत की महिलाओं ने गोल्फ के इवेंट में शानदार प्रदर्शन किया है, जिसमें प्रणवी उर्स ने महिलाओं के व्यक्तिगत इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने के साथ इतिहास रच दिया। इस पदक के साथ प्रणवी गोल्फ में व्यक्तिगत इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर भी बन गई हैं। वहीं उन्होंने इस गोल्ड मेडल को जीतने के साथ टीम इवेंट में भारतीय महिला टीम को सिल्वर मेडल जिताने में भी अहम भूमिका अदा की। प्रणवी ने फाइनल में चार राउंड का कॉम्पिटिशन 15 अंडर पार पर खत्म किया और उन्होंने आखिरी होल पर पार बनाया। सिंगापुर की शैनन टैन और चीन की यिन रूओनिंग ने 14 अंडर पार पर खत्म करके संयुक्त रूप से सिल्वर मेडल जीता।

आखिरी दौर में एक स्ट्रोक की बढत बरकरार रखकर जीता गोल्ड मेडल

प्रणवी उर्स एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गई जिन्होंने आखिरी दौर में एक स्ट्रोक की बढत बरकरार रखकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित की और टीम को भी सिल्वर मेडल दिलाया। मैसूर की 23 साल की प्रणवी ने तीसरे होल में ट्रिपल बोगी करने के बाद तीन बर्डी लगाये। आखिरी दौर में उन्होंने इवन पार 70 स्कोर किया और चार दिन में कुल स्कोर 15 अंडर 265 रहा। प्रणवी, अदिति अशोक (आखिरी दौर में 67) और दीक्षा डागर (आखिरी दौर में 77) की टीम ने सिल्वर मेडल जीता। भारत ने 14 अंडर 546 स्कोर किया। चीन ने 22 अंडर 538 के स्कोर के साथ टीम इवेंट में गोल्ड मेडल पदक जीता। भारत के लिये शिव कपूर ने 2002 बुसान खेलों में पुरूष गोल्फ का गोल्ड मेडल पदक जीता था।

6 साल की उम्र में गोल्फ खेलना कर दिया था शुरू

देश की युवा महिला गोल्फ खिलाड़ी प्रणवी उर्स जो अभी सिर्फ 23 साल की हैं उन्होंने छह साल की उम्र में ही गोल्फ खेलना शुरू कर दिया था, जिसमें उनके लिए प्रेरणा उनके पिता और भाई बने थे। प्रणवी साल 2023 के एशियन गेम्स में भी भारतीय महिला गोल्फ टीम का हिस्सा थी जो काफी कम अंतर से पदक जीतने से चूक गई थी जिसमें उन्होंने टीम इवेंट में चौथे स्थान पर खत्म किया था। भारत के लिए अब तक यह एशियन गेम्स 2026 में 18वां गोल्ड मेडल है जिसमें और भी बढ़ोतरी होना तय है।

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