×
अब हर छात्र पर डिजिटल नजर : ‘अपार प्लस’ से UP में 2.68 करोड़ आईडी जनरेट, योगी सरकार का एजुकेशन ट्रैकिंग मॉडल बना मिसाल
	
		
			
	
	अब उत्तर प्रदेश में कोई भी बच्चा पढ़ाई के सिस्टम से बाहर नहीं रहेगा और उसकी पूरी शैक्षणिक जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज हो रही है। योगी सरकार के ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री, अपार प्लस (APAAR+) मिशन के अंतर्गत हर छात्र को एक यूनिक आईडी दी जा रही है, जिससे उसकी पढ़ाई, उपस्थिति और प्रगति पर सीधी नजर रखी जा सकेगी। मतलब साफ है, न तो किसी बच्चे का रिकॉर्ड खोएगा और न ही कोई छात्र व्यवस्था से बाहर रह पाएगा। यह व्यवस्था सरकारी विद्यालयों के साथ-साथ सहायता प्राप्त और निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों में भी लागू की जा रही है।

	 

	63 प्रतिशत से ज्यादा लक्ष्य हासिल

	11 अप्रैल से शुरू होकर 30 जून 2026 तक चलने वाले इस मिशन में 4.24 करोड़ छात्रों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 2.68 करोड़ से अधिक बच्चों को शामिल कर 63 प्रतिशत से ज्यादा लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। खास बात यह है कि सरकारी स्कूलों में 82 प्रतिशत से अधिक बच्चों को इस डिजिटल व्यवस्था से जोड़ दिया गया है। इससे शिक्षा को जमीनी स्तर तक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में तेज प्रगति दिखाई दे रही है। सबसे बड़े छात्र समूह तक डिजिटल पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य की पूर्ति की ओर बड़ी उपलब्धि है। वहीं सहायता प्राप्त विद्यालयों में 74.84 प्रतिशत, निजी विद्यालयों में 50.54 प्रतिशत और अन्य श्रेणियों में 46.97 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है।

	 

	विद्यार्थी की पूरी शैक्षणिक प्रोफाइल एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित

	अपार प्लस व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक छात्र को एक यूनिक डिजिटल आईडी प्रदान की जा रही है, जिसके माध्यम से उसकी नामांकन, उपस्थिति, कक्षा प्रगति, परीक्षा परिणाम और उपलब्धियों सहित पूरी शैक्षणिक प्रोफाइल एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रूप से दर्ज हो जाती है। आधार से लिंक होने के कारण यह आईडी छात्र की पहचान को प्रमाणित करती है और स्कूल परिवर्तन की स्थिति में उसका पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड स्वतः स्थानांतरित हो जाता है, जिससे डेटा की निरंतरता बनी रहती है। इस प्रणाली से ड्रॉपआउट और फर्जी नामांकन की पहचान आसान होती है, वहीं सरकार को रियल-टाइम डेटा के आधार पर प्रभावी मॉनिटरिंग और नीति निर्माण में सहायता मिलती है। परिणामस्वरूप, हर छात्र सिस्टम में दर्ज और ट्रैक हो रहा है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा को डेटा आधारित और ट्रैक योग्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

	 

	नीतिगत स्पष्टता और मिशन मोड क्रियान्वयन से रफ्तार

	योगी सरकार ने अपार सेचुरेशन के लिए डेटा शुद्धिकरण, आधार सीडिंग, बायोमेट्रिक अपडेट और अभिभावक सहमति जैसी प्रक्रियाओं को एकीकृत कर व्यवस्थित रूप से लागू किया है। हर शनिवार टारगेटेड सेचुरेशन कैंप आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि जिला और ब्लॉक स्तर पर सतत समीक्षा के माध्यम से प्रगति सुनिश्चित की जा रही है। मिशन मोड में संचालित यह अभियान प्रशासनिक कार्य-संस्कृति को गति और जवाबदेही से जोड़ रहा है।

	 

	डिजिटल गवर्नेंस से शिक्षा में पारदर्शिता

	अपार आईडी के माध्यम से प्रत्येक छात्र को एक स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचान दी जा रही है, जिससे उसकी शैक्षिक उपलब्धियां, प्रगति और रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहेंगे। यह व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ा रही है और छात्रवृत्ति, स्कूल परिवर्तन, उच्च शिक्षा प्रवेश और करियर ट्रैकिंग को भी अधिक व्यवस्थित और सुगम बना रही है। Edited by: Sudhir Sharma

अब हर छात्र पर डिजिटल नजर : ‘अपार प्लस’ से UP में 2.68 करोड़ आईडी जनरेट, योगी सरकार का एजुकेशन ट्रैकिंग मॉडल बना मिसाल

अब हर छात्र पर डिजिटल नजर : ‘अपार प्लस’ से UP में 2.68 करोड़ आईडी जनरेट, योगी सरकार का एजुकेशन ट्रैकिंग मॉडल बना मिसाल
	
		
			
	
	अब उत्तर प्रदेश में कोई भी बच्चा पढ़ाई के सिस्टम से बाहर नहीं रहेगा और उसकी पूरी शैक्षणिक जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज हो रही है। योगी सरकार के ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री, अपार प्लस (APAAR+) मिशन के अंतर्गत हर छात्र को एक यूनिक आईडी दी जा रही है, जिससे उसकी पढ़ाई, उपस्थिति और प्रगति पर सीधी नजर रखी जा सकेगी। मतलब साफ है, न तो किसी बच्चे का रिकॉर्ड खोएगा और न ही कोई छात्र व्यवस्था से बाहर रह पाएगा। यह व्यवस्था सरकारी विद्यालयों के साथ-साथ सहायता प्राप्त और निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों में भी लागू की जा रही है।

	 

	63 प्रतिशत से ज्यादा लक्ष्य हासिल

	11 अप्रैल से शुरू होकर 30 जून 2026 तक चलने वाले इस मिशन में 4.24 करोड़ छात्रों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 2.68 करोड़ से अधिक बच्चों को शामिल कर 63 प्रतिशत से ज्यादा लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। खास बात यह है कि सरकारी स्कूलों में 82 प्रतिशत से अधिक बच्चों को इस डिजिटल व्यवस्था से जोड़ दिया गया है। इससे शिक्षा को जमीनी स्तर तक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में तेज प्रगति दिखाई दे रही है। सबसे बड़े छात्र समूह तक डिजिटल पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य की पूर्ति की ओर बड़ी उपलब्धि है। वहीं सहायता प्राप्त विद्यालयों में 74.84 प्रतिशत, निजी विद्यालयों में 50.54 प्रतिशत और अन्य श्रेणियों में 46.97 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है।

	 

	विद्यार्थी की पूरी शैक्षणिक प्रोफाइल एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित

	अपार प्लस व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक छात्र को एक यूनिक डिजिटल आईडी प्रदान की जा रही है, जिसके माध्यम से उसकी नामांकन, उपस्थिति, कक्षा प्रगति, परीक्षा परिणाम और उपलब्धियों सहित पूरी शैक्षणिक प्रोफाइल एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रूप से दर्ज हो जाती है। आधार से लिंक होने के कारण यह आईडी छात्र की पहचान को प्रमाणित करती है और स्कूल परिवर्तन की स्थिति में उसका पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड स्वतः स्थानांतरित हो जाता है, जिससे डेटा की निरंतरता बनी रहती है। इस प्रणाली से ड्रॉपआउट और फर्जी नामांकन की पहचान आसान होती है, वहीं सरकार को रियल-टाइम डेटा के आधार पर प्रभावी मॉनिटरिंग और नीति निर्माण में सहायता मिलती है। परिणामस्वरूप, हर छात्र सिस्टम में दर्ज और ट्रैक हो रहा है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा को डेटा आधारित और ट्रैक योग्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

	 

	नीतिगत स्पष्टता और मिशन मोड क्रियान्वयन से रफ्तार

	योगी सरकार ने अपार सेचुरेशन के लिए डेटा शुद्धिकरण, आधार सीडिंग, बायोमेट्रिक अपडेट और अभिभावक सहमति जैसी प्रक्रियाओं को एकीकृत कर व्यवस्थित रूप से लागू किया है। हर शनिवार टारगेटेड सेचुरेशन कैंप आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि जिला और ब्लॉक स्तर पर सतत समीक्षा के माध्यम से प्रगति सुनिश्चित की जा रही है। मिशन मोड में संचालित यह अभियान प्रशासनिक कार्य-संस्कृति को गति और जवाबदेही से जोड़ रहा है।

	 

	डिजिटल गवर्नेंस से शिक्षा में पारदर्शिता

	अपार आईडी के माध्यम से प्रत्येक छात्र को एक स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचान दी जा रही है, जिससे उसकी शैक्षिक उपलब्धियां, प्रगति और रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहेंगे। यह व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ा रही है और छात्रवृत्ति, स्कूल परिवर्तन, उच्च शिक्षा प्रवेश और करियर ट्रैकिंग को भी अधिक व्यवस्थित और सुगम बना रही है। Edited by: Sudhir Sharma

अब उत्तर प्रदेश में कोई भी बच्चा पढ़ाई के सिस्टम से बाहर नहीं रहेगा और उसकी पूरी शैक्षणिक जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज हो रही है। योगी सरकार के ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री, अपार प्लस (APAAR+) मिशन के अंतर्गत हर छात्र को एक यूनिक आईडी दी जा रही है, जिससे उसकी पढ़ाई, उपस्थिति और प्रगति पर सीधी नजर रखी जा सकेगी। मतलब साफ है, न तो किसी बच्चे का रिकॉर्ड खोएगा और न ही कोई छात्र व्यवस्था से बाहर रह पाएगा। यह व्यवस्था सरकारी विद्यालयों के साथ-साथ सहायता प्राप्त और निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों में भी लागू की जा रही है।

 

63 प्रतिशत से ज्यादा लक्ष्य हासिल

11 अप्रैल से शुरू होकर 30 जून 2026 तक चलने वाले इस मिशन में 4.24 करोड़ छात्रों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 2.68 करोड़ से अधिक बच्चों को शामिल कर 63 प्रतिशत से ज्यादा लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। खास बात यह है कि सरकारी स्कूलों में 82 प्रतिशत से अधिक बच्चों को इस डिजिटल व्यवस्था से जोड़ दिया गया है। इससे शिक्षा को जमीनी स्तर तक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में तेज प्रगति दिखाई दे रही है। सबसे बड़े छात्र समूह तक डिजिटल पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य की पूर्ति की ओर बड़ी उपलब्धि है। वहीं सहायता प्राप्त विद्यालयों में 74.84 प्रतिशत, निजी विद्यालयों में 50.54 प्रतिशत और अन्य श्रेणियों में 46.97 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है।

 

विद्यार्थी की पूरी शैक्षणिक प्रोफाइल एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित

अपार प्लस व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक छात्र को एक यूनिक डिजिटल आईडी प्रदान की जा रही है, जिसके माध्यम से उसकी नामांकन, उपस्थिति, कक्षा प्रगति, परीक्षा परिणाम और उपलब्धियों सहित पूरी शैक्षणिक प्रोफाइल एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रूप से दर्ज हो जाती है। आधार से लिंक होने के कारण यह आईडी छात्र की पहचान को प्रमाणित करती है और स्कूल परिवर्तन की स्थिति में उसका पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड स्वतः स्थानांतरित हो जाता है, जिससे डेटा की निरंतरता बनी रहती है। इस प्रणाली से ड्रॉपआउट और फर्जी नामांकन की पहचान आसान होती है, वहीं सरकार को रियल-टाइम डेटा के आधार पर प्रभावी मॉनिटरिंग और नीति निर्माण में सहायता मिलती है। परिणामस्वरूप, हर छात्र सिस्टम में दर्ज और ट्रैक हो रहा है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा को डेटा आधारित और ट्रैक योग्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

नीतिगत स्पष्टता और मिशन मोड क्रियान्वयन से रफ्तार

योगी सरकार ने अपार सेचुरेशन के लिए डेटा शुद्धिकरण, आधार सीडिंग, बायोमेट्रिक अपडेट और अभिभावक सहमति जैसी प्रक्रियाओं को एकीकृत कर व्यवस्थित रूप से लागू किया है। हर शनिवार टारगेटेड सेचुरेशन कैंप आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि जिला और ब्लॉक स्तर पर सतत समीक्षा के माध्यम से प्रगति सुनिश्चित की जा रही है। मिशन मोड में संचालित यह अभियान प्रशासनिक कार्य-संस्कृति को गति और जवाबदेही से जोड़ रहा है।

 

डिजिटल गवर्नेंस से शिक्षा में पारदर्शिता

अपार आईडी के माध्यम से प्रत्येक छात्र को एक स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचान दी जा रही है, जिससे उसकी शैक्षिक उपलब्धियां, प्रगति और रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहेंगे। यह व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ा रही है और छात्रवृत्ति, स्कूल परिवर्तन, उच्च शिक्षा प्रवेश और करियर ट्रैकिंग को भी अधिक व्यवस्थित और सुगम बना रही है। Edited by: Sudhir Sharma

अब उत्तर प्रदेश में कोई भी बच्चा पढ़ाई के सिस्टम से बाहर नहीं रहेगा और उसकी पूरी शैक्षणिक जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज हो रही है। योगी सरकार के ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री, अपार प्लस (APAAR+) मिशन के अंतर्गत हर छात्र को एक यूनिक आईडी दी जा रही है, जिससे उसकी पढ़ाई, उपस्थिति और प्रगति पर सीधी नजर रखी जा सकेगी। मतलब साफ है, न तो किसी बच्चे का रिकॉर्ड खोएगा और न ही कोई छात्र व्यवस्था से बाहर रह पाएगा। यह व्यवस्था सरकारी विद्यालयों के साथ-साथ सहायता प्राप्त और निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों में भी लागू की जा रही है।

 

63 प्रतिशत से ज्यादा लक्ष्य हासिल

11 अप्रैल से शुरू होकर 30 जून 2026 तक चलने वाले इस मिशन में 4.24 करोड़ छात्रों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 2.68 करोड़ से अधिक बच्चों को शामिल कर 63 प्रतिशत से ज्यादा लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। खास बात यह है कि सरकारी स्कूलों में 82 प्रतिशत से अधिक बच्चों को इस डिजिटल व्यवस्था से जोड़ दिया गया है। इससे शिक्षा को जमीनी स्तर तक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में तेज प्रगति दिखाई दे रही है। सबसे बड़े छात्र समूह तक डिजिटल पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य की पूर्ति की ओर बड़ी उपलब्धि है। वहीं सहायता प्राप्त विद्यालयों में 74.84 प्रतिशत, निजी विद्यालयों में 50.54 प्रतिशत और अन्य श्रेणियों में 46.97 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है।

 

विद्यार्थी की पूरी शैक्षणिक प्रोफाइल एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित

अपार प्लस व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक छात्र को एक यूनिक डिजिटल आईडी प्रदान की जा रही है, जिसके माध्यम से उसकी नामांकन, उपस्थिति, कक्षा प्रगति, परीक्षा परिणाम और उपलब्धियों सहित पूरी शैक्षणिक प्रोफाइल एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रूप से दर्ज हो जाती है। आधार से लिंक होने के कारण यह आईडी छात्र की पहचान को प्रमाणित करती है और स्कूल परिवर्तन की स्थिति में उसका पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड स्वतः स्थानांतरित हो जाता है, जिससे डेटा की निरंतरता बनी रहती है। इस प्रणाली से ड्रॉपआउट और फर्जी नामांकन की पहचान आसान होती है, वहीं सरकार को रियल-टाइम डेटा के आधार पर प्रभावी मॉनिटरिंग और नीति निर्माण में सहायता मिलती है। परिणामस्वरूप, हर छात्र सिस्टम में दर्ज और ट्रैक हो रहा है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा को डेटा आधारित और ट्रैक योग्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

नीतिगत स्पष्टता और मिशन मोड क्रियान्वयन से रफ्तार

योगी सरकार ने अपार सेचुरेशन के लिए डेटा शुद्धिकरण, आधार सीडिंग, बायोमेट्रिक अपडेट और अभिभावक सहमति जैसी प्रक्रियाओं को एकीकृत कर व्यवस्थित रूप से लागू किया है। हर शनिवार टारगेटेड सेचुरेशन कैंप आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि जिला और ब्लॉक स्तर पर सतत समीक्षा के माध्यम से प्रगति सुनिश्चित की जा रही है। मिशन मोड में संचालित यह अभियान प्रशासनिक कार्य-संस्कृति को गति और जवाबदेही से जोड़ रहा है।

 

डिजिटल गवर्नेंस से शिक्षा में पारदर्शिता

अपार आईडी के माध्यम से प्रत्येक छात्र को एक स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचान दी जा रही है, जिससे उसकी शैक्षिक उपलब्धियां, प्रगति और रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहेंगे। यह व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ा रही है और छात्रवृत्ति, स्कूल परिवर्तन, उच्च शिक्षा प्रवेश और करियर ट्रैकिंग को भी अधिक व्यवस्थित और सुगम बना रही है। Edited by: Sudhir Sharma

Source link
#अब #हर #छतर #पर #डजटल #नजर #अपर #पलस #स #म #करड #आईड #जनरट #यग #सरकर #क #एजकशन #टरकग #मडल #बन #मसल

Previous post

Madrid Open — Rafael Nadal returns to court, plays against Jannik Sinner <div id="content-body-70900213" itemprop="articleBody"><p>Rafael Nadal was back on a tennis court — one inside Real Madrid’s Santiago Bernabeu stadium — on Thursday.</p><p>The Madrid Open set up the temporary court on the Bernabeu field and players will be allowed to practice on it until April 30.</p><p>The retired Nadal, an avid Madrid fan, is the most successful player at the Madrid Open, having won the tournament five times.</p><p>He partnered with Real’s goalkeeper Thibaut Courtois in a friendly session against World No. 1 Jannik Sinner and Real’s midfielder Jude Bellingham.</p><p>Bellingham was at the Madrid Open on Wednesday watching young Spanish sensation Rafael Jódar win in his debut at the tournament. The Madrid Open is being played at the Caja Magica tennis complex in the Spanish capital.</p><p>“It was very special to enjoy this unique court at the Bernabeu,” Nadal wrote on Instagram.</p><p>Iga Swiatek, ranked No. 4 on the women’s tour, also was at the Bernabeu event.</p><p class="publish-time" id="end-of-article">Published on Apr 24, 2026</p></div> #Madrid #Open #Rafael #Nadal #returns #court #plays #Jannik #Sinner

Next post

Nike Cuts 1,400 Jobs in Operations and Tech in Latest Round of Layoffs

इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड की स्टार अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस एक बार फिर से चर्चा में आ गई हैं। अब 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फर्नांडिस के अप्रूवर बनने के आवेदन के बीच आरोपी सुकेश चंद्रशेखर की ओर से उन्हें जेल से लेटर लिखे जाने की खबर आई है।

खबरों के अनुसार, जैकलीन फर्नांडिस को ये लेटर 21 अप्रैल को लिखा गया है। इस लेटर में सुकेश ने जैकलीन को बेबी बोम्मा और माय जैकी कहा। आरोपी सुकेश चंद्रशेखर ने इसमें लिखा कि प्यार और जंग में सब जायज है और वह हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा, चाहे कुछ भी हो जाए।

सुकेश इसके साथ ही लिखा कि तुम मेरी हो और मैं तुम्हारा हमेशा रहूंगा। आपको बता दें कि जैकलीन फर्नांडिस की गिनती भी बॉलीवुड की स्टार अभिनेत्रियों होती है। उन्होंने बॉलीवुड को कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। उन्होंने शानदार अभिनय के दम पर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

PC: abplive
अपडेट खबरों के लिए हमारा 
वॉट्सएप चैनल फोलो करें

 

Sukesh Chandrashekhar,Jacqueline Fernandez,jail, Hindi news">सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन फर्नांडिस को जेल से लिखा लेटर, कहा- तुम मेरी हो और मैं तुम्हारा हमेशा रहूंगा
						
						 
							
							
							
							
												
												
						इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड की स्टार अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस एक बार फिर से चर्चा में आ गई हैं। अब 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फर्नांडिस के अप्रूवर बनने के आवेदन के बीच आरोपी सुकेश चंद्रशेखर की ओर से उन्हें जेल से लेटर लिखे जाने की खबर आई है।
							

खबरों के अनुसार, जैकलीन फर्नांडिस को ये लेटर 21 अप्रैल को लिखा गया है। इस लेटर में सुकेश ने जैकलीन को बेबी बोम्मा और माय जैकी कहा। आरोपी सुकेश चंद्रशेखर ने इसमें लिखा कि प्यार और जंग में सब जायज है और वह हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा, चाहे कुछ भी हो जाए।

सुकेश इसके साथ ही लिखा कि तुम मेरी हो और मैं तुम्हारा हमेशा रहूंगा। आपको बता दें कि जैकलीन फर्नांडिस की गिनती भी बॉलीवुड की स्टार अभिनेत्रियों होती है। उन्होंने बॉलीवुड को कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। उन्होंने शानदार अभिनय के दम पर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

PC: abplive
अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
						  
						
											Sukesh Chandrashekhar,Jacqueline Fernandez,jail, Hindi news

वॉट्सएप चैनल फोलो करें

 

Sukesh Chandrashekhar,Jacqueline Fernandez,jail, Hindi news">सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन फर्नांडिस को जेल से लिखा लेटर, कहा- तुम मेरी हो और मैं तुम्हारा हमेशा रहूंगा

इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड की स्टार अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस एक बार फिर से चर्चा में आ गई हैं। अब 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फर्नांडिस के अप्रूवर बनने के आवेदन के बीच आरोपी सुकेश चंद्रशेखर की ओर से उन्हें जेल से लेटर लिखे जाने की खबर आई है।

खबरों के अनुसार, जैकलीन फर्नांडिस को ये लेटर 21 अप्रैल को लिखा गया है। इस लेटर में सुकेश ने जैकलीन को बेबी बोम्मा और माय जैकी कहा। आरोपी सुकेश चंद्रशेखर ने इसमें लिखा कि प्यार और जंग में सब जायज है और वह हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा, चाहे कुछ भी हो जाए।

सुकेश इसके साथ ही लिखा कि तुम मेरी हो और मैं तुम्हारा हमेशा रहूंगा। आपको बता दें कि जैकलीन फर्नांडिस की गिनती भी बॉलीवुड की स्टार अभिनेत्रियों होती है। उन्होंने बॉलीवुड को कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। उन्होंने शानदार अभिनय के दम पर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

PC: abplive
अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें

 

Sukesh Chandrashekhar,Jacqueline Fernandez,jail, Hindi news

उत्तर भारत में ‘Heat Dome’ का कहर: 45°C पार जाएगा पारा, जानें आपके शहर के लिए IMD का रेड अलर्ट!
	
		
			
	
	उत्तर भारत से लेकर पूर्वी राज्यों तक, सूरज अब रौद्र रूप धारण कर चुका है। सड़कें सूनी हैं, लोग घरों में कैद हैं और पारा लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के विशाल इलाके एक खतरनाक 'Heat Dome' की गिरफ्त में हैं। आज देश के 16 बड़े शहरों में तापमान 43°C के ऊपर दर्ज किया गया है। लेकिन सबसे डराने वाली बात यह है कि अगले 3-4 दिनों तक राहत की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है।

	 

	आज के 'Hot' रिकॉर्ड्स: इन शहरों में बरस रही है आग

	 

	अगर आपको लगता है कि आपके शहर में गर्मी ज्यादा है, तो जरा इन आंकड़ों पर नजर डालिए:

	 

	
		वर्धा (महाराष्ट्र) और झारसुगुड़ा (ओडिशा): 44.6°C (देश के सबसे गर्म शहर)
	
		बक्सर (बिहार): 44.4°C
	
		बांदा (UP): 44.2°C
	
		खजुराहो (MP): 43.4°C


	 

	राजधानी दिल्ली में भी हालात बेकाबू हैं, जहाँ पारा 42°C तक पहुँचने की आशंका जताई गई है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में भी गर्मी ने लोगों का पसीना छुड़ा दिया है।

	
		
			
	
	
	 

	राज्यवार हालात: जहाँ गर्मी ने मचाया तांडव

	गर्मी सिर्फ एक मौसम नहीं, अब एक 'इमरजेंसी' जैसा माहौल बना रही है। आइए देखते हैं अलग-अलग राज्यों का हाल:

	 

	उत्तर प्रदेश: 32 जिलों में 'लू' का तांडव

	 

	UP में हालात सबसे खराब हैं। प्रयागराज में धूल भरी गर्म हवाएं चल रही हैं, तो लखनऊ में स्कूलों की छुट्टी का समय बदलकर दोपहर 12:30 बजे तक कर दिया गया है। आगरा में ताजमहल देखने आए पर्यटक गर्मी से बेहोश हो रहे हैं।

	 

	बिहार और ओडिशा: काम पर लगा 'ब्रेक'

	 

	बिहार के 10 जिलों में भीषण हीटवेव चल रही है। पटना की सड़कों पर ठंडे पानी के स्टॉल ही लोगों का सहारा हैं। वहीं ओडिशा में तो गर्मी ने जनगणना (Census) का काम भी रुकवा दिया है—दोपहर 11 से 3 बजे तक सब कुछ ठप्प है।

	 

	मध्य प्रदेश और राजस्थान: जानवरों के लिए कूलर!

	 

	ग्वालियर चिड़ियाघर में बेजुबान जानवरों को बचाने के लिए कूलर लगाए गए हैं। जयपुर और राजस्थान के अन्य हिस्सों में सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि तपती डामर को थोड़ा ठंडा किया जा सके।

	 

	IMD पूर्वानुमान: अभी तो बस शुरुआत है!

	अगर आप सोच रहे हैं कि कल बारिश होगी, तो आपको थोड़ा निराश होना पड़ सकता है। 24 से 26 अप्रैल तक मौसम विभाग ने 'रेड अलर्ट' जारी रखा है।

	 

	कहाँ जारी रहेगी हीटवेव? UP, बिहार, राजस्थान, MP, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और पंजाब-हरियाणा।

	 

	तापमान का अनुमान: कई शहरों में पारा 45°C को टच कर सकता है।

	 

	थोड़ी सी उम्मीद: 25 अप्रैल के बाद पंजाब और हरियाणा में धूल भरी आंधी या हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन बाकी इलाकों में 'आग' बरसती रहेगी।

	 

	Heatwave Survival Guide 2026

	 

	हीटवेव के दौरान शरीर का तापमान अचानक बढ़ना 'Heat Stroke' का कारण बन सकता है। ऐसे में 'Water Bell' कॉन्सेप्ट अपनाएं—हर 1 घंटे में अलार्म लगाएं और कम से कम एक गिलास पानी पिएं, भले ही प्यास न लगी हो।

	
		


	गर्मी से लड़ने के 'ब्रह्मास्त्र': बचाव के उपाय

	
		सिर्फ शिकायत करने से काम नहीं चलेगा, हमें खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखना होगा:
	
		दोपहर का कर्फ्यू: 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें। यह समय 'Peak Heat' का होता है।
	
		Hydration is Key: सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि नारियल पानी, नींबू पानी और ORS का सेवन करें।
	
		Dress Code: टाइट और गहरे रंग के कपड़ों को अलमारी में रखें। हल्के रंग के सूती (Cotton) और ढीले कपड़े पहनें।
	
		Care for Others: बच्चों, बुजुर्गों और अपने पालतू जानवरों का खास ध्यान रखें। उनके आसपास पानी और ठंडक सुनिश्चित करें।
	
		ट्रेवल किट: अगर बाहर जाना ही पड़े, तो छाता, टोपी, गमछा और पानी की बोतल हमेशा साथ रखें।


	 

	हीट डोम की यह स्थिति पर्यावरण में आ रहे बड़े बदलावों का संकेत है। प्रशासन अपनी तरफ से कोशिश कर रहा है—कहीं स्कूलों के समय बदले जा रहे हैं तो कहीं पानी का छिड़काव हो रहा है। लेकिन एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर हमें इस गर्मी को गंभीरता से लेना चाहिए।

उत्तर भारत से लेकर पूर्वी राज्यों तक, सूरज अब रौद्र रूप धारण कर चुका है। सड़कें सूनी हैं, लोग घरों में कैद हैं और पारा लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के विशाल इलाके एक खतरनाक 'Heat Dome' की गिरफ्त में हैं। आज देश के 16 बड़े शहरों में तापमान 43°C के ऊपर दर्ज किया गया है। लेकिन सबसे डराने वाली बात यह है कि अगले 3-4 दिनों तक राहत की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है।

 

आज के 'Hot' रिकॉर्ड्स: इन शहरों में बरस रही है आग

 

अगर आपको लगता है कि आपके शहर में गर्मी ज्यादा है, तो जरा इन आंकड़ों पर नजर डालिए:

 

  • वर्धा (महाराष्ट्र) और झारसुगुड़ा (ओडिशा): 44.6°C (देश के सबसे गर्म शहर)
  • बक्सर (बिहार): 44.4°C
  • बांदा (UP): 44.2°C
  • खजुराहो (MP): 43.4°C

 

राजधानी दिल्ली में भी हालात बेकाबू हैं, जहाँ पारा 42°C तक पहुँचने की आशंका जताई गई है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में भी गर्मी ने लोगों का पसीना छुड़ा दिया है।

heat


 

राज्यवार हालात: जहाँ गर्मी ने मचाया तांडव

गर्मी सिर्फ एक मौसम नहीं, अब एक 'इमरजेंसी' जैसा माहौल बना रही है। आइए देखते हैं अलग-अलग राज्यों का हाल:

 

उत्तर प्रदेश: 32 जिलों में 'लू' का तांडव

 

UP में हालात सबसे खराब हैं। प्रयागराज में धूल भरी गर्म हवाएं चल रही हैं, तो लखनऊ में स्कूलों की छुट्टी का समय बदलकर दोपहर 12:30 बजे तक कर दिया गया है। आगरा में ताजमहल देखने आए पर्यटक गर्मी से बेहोश हो रहे हैं।

 

बिहार और ओडिशा: काम पर लगा 'ब्रेक'

 

बिहार के 10 जिलों में भीषण हीटवेव चल रही है। पटना की सड़कों पर ठंडे पानी के स्टॉल ही लोगों का सहारा हैं। वहीं ओडिशा में तो गर्मी ने जनगणना (Census) का काम भी रुकवा दिया है—दोपहर 11 से 3 बजे तक सब कुछ ठप्प है।

 

मध्य प्रदेश और राजस्थान: जानवरों के लिए कूलर!

 

ग्वालियर चिड़ियाघर में बेजुबान जानवरों को बचाने के लिए कूलर लगाए गए हैं। जयपुर और राजस्थान के अन्य हिस्सों में सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि तपती डामर को थोड़ा ठंडा किया जा सके।

 

IMD पूर्वानुमान: अभी तो बस शुरुआत है!

अगर आप सोच रहे हैं कि कल बारिश होगी, तो आपको थोड़ा निराश होना पड़ सकता है। 24 से 26 अप्रैल तक मौसम विभाग ने 'रेड अलर्ट' जारी रखा है।

 

कहाँ जारी रहेगी हीटवेव? UP, बिहार, राजस्थान, MP, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और पंजाब-हरियाणा।

 

तापमान का अनुमान: कई शहरों में पारा 45°C को टच कर सकता है।

 

थोड़ी सी उम्मीद: 25 अप्रैल के बाद पंजाब और हरियाणा में धूल भरी आंधी या हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन बाकी इलाकों में 'आग' बरसती रहेगी।

 

Heatwave Survival Guide 2026

 

हीटवेव के दौरान शरीर का तापमान अचानक बढ़ना 'Heat Stroke' का कारण बन सकता है। ऐसे में 'Water Bell' कॉन्सेप्ट अपनाएं—हर 1 घंटे में अलार्म लगाएं और कम से कम एक गिलास पानी पिएं, भले ही प्यास न लगी हो।

Emily Hart

गर्मी से लड़ने के 'ब्रह्मास्त्र': बचाव के उपाय

  • सिर्फ शिकायत करने से काम नहीं चलेगा, हमें खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखना होगा:
  • दोपहर का कर्फ्यू: 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें। यह समय 'Peak Heat' का होता है।
  • Hydration is Key: सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि नारियल पानी, नींबू पानी और ORS का सेवन करें।
  • Dress Code: टाइट और गहरे रंग के कपड़ों को अलमारी में रखें। हल्के रंग के सूती (Cotton) और ढीले कपड़े पहनें।
  • Care for Others: बच्चों, बुजुर्गों और अपने पालतू जानवरों का खास ध्यान रखें। उनके आसपास पानी और ठंडक सुनिश्चित करें।
  • ट्रेवल किट: अगर बाहर जाना ही पड़े, तो छाता, टोपी, गमछा और पानी की बोतल हमेशा साथ रखें।

 

हीट डोम की यह स्थिति पर्यावरण में आ रहे बड़े बदलावों का संकेत है। प्रशासन अपनी तरफ से कोशिश कर रहा है—कहीं स्कूलों के समय बदले जा रहे हैं तो कहीं पानी का छिड़काव हो रहा है। लेकिन एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर हमें इस गर्मी को गंभीरता से लेना चाहिए।

">उत्तर भारत में ‘Heat Dome’ का कहर: 45°C पार जाएगा पारा, जानें आपके शहर के लिए IMD का रेड अलर्ट!
	
		
			
	
	उत्तर भारत से लेकर पूर्वी राज्यों तक, सूरज अब रौद्र रूप धारण कर चुका है। सड़कें सूनी हैं, लोग घरों में कैद हैं और पारा लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के विशाल इलाके एक खतरनाक 'Heat Dome' की गिरफ्त में हैं। आज देश के 16 बड़े शहरों में तापमान 43°C के ऊपर दर्ज किया गया है। लेकिन सबसे डराने वाली बात यह है कि अगले 3-4 दिनों तक राहत की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है।

	 

	आज के 'Hot' रिकॉर्ड्स: इन शहरों में बरस रही है आग

	 

	अगर आपको लगता है कि आपके शहर में गर्मी ज्यादा है, तो जरा इन आंकड़ों पर नजर डालिए:

	 

	
		वर्धा (महाराष्ट्र) और झारसुगुड़ा (ओडिशा): 44.6°C (देश के सबसे गर्म शहर)
	
		बक्सर (बिहार): 44.4°C
	
		बांदा (UP): 44.2°C
	
		खजुराहो (MP): 43.4°C


	 

	राजधानी दिल्ली में भी हालात बेकाबू हैं, जहाँ पारा 42°C तक पहुँचने की आशंका जताई गई है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में भी गर्मी ने लोगों का पसीना छुड़ा दिया है।

	
		
			
	
	
	 

	राज्यवार हालात: जहाँ गर्मी ने मचाया तांडव

	गर्मी सिर्फ एक मौसम नहीं, अब एक 'इमरजेंसी' जैसा माहौल बना रही है। आइए देखते हैं अलग-अलग राज्यों का हाल:

	 

	उत्तर प्रदेश: 32 जिलों में 'लू' का तांडव

	 

	UP में हालात सबसे खराब हैं। प्रयागराज में धूल भरी गर्म हवाएं चल रही हैं, तो लखनऊ में स्कूलों की छुट्टी का समय बदलकर दोपहर 12:30 बजे तक कर दिया गया है। आगरा में ताजमहल देखने आए पर्यटक गर्मी से बेहोश हो रहे हैं।

	 

	बिहार और ओडिशा: काम पर लगा 'ब्रेक'

	 

	बिहार के 10 जिलों में भीषण हीटवेव चल रही है। पटना की सड़कों पर ठंडे पानी के स्टॉल ही लोगों का सहारा हैं। वहीं ओडिशा में तो गर्मी ने जनगणना (Census) का काम भी रुकवा दिया है—दोपहर 11 से 3 बजे तक सब कुछ ठप्प है।

	 

	मध्य प्रदेश और राजस्थान: जानवरों के लिए कूलर!

	 

	ग्वालियर चिड़ियाघर में बेजुबान जानवरों को बचाने के लिए कूलर लगाए गए हैं। जयपुर और राजस्थान के अन्य हिस्सों में सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि तपती डामर को थोड़ा ठंडा किया जा सके।

	 

	IMD पूर्वानुमान: अभी तो बस शुरुआत है!

	अगर आप सोच रहे हैं कि कल बारिश होगी, तो आपको थोड़ा निराश होना पड़ सकता है। 24 से 26 अप्रैल तक मौसम विभाग ने 'रेड अलर्ट' जारी रखा है।

	 

	कहाँ जारी रहेगी हीटवेव? UP, बिहार, राजस्थान, MP, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और पंजाब-हरियाणा।

	 

	तापमान का अनुमान: कई शहरों में पारा 45°C को टच कर सकता है।

	 

	थोड़ी सी उम्मीद: 25 अप्रैल के बाद पंजाब और हरियाणा में धूल भरी आंधी या हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन बाकी इलाकों में 'आग' बरसती रहेगी।

	 

	Heatwave Survival Guide 2026

	 

	हीटवेव के दौरान शरीर का तापमान अचानक बढ़ना 'Heat Stroke' का कारण बन सकता है। ऐसे में 'Water Bell' कॉन्सेप्ट अपनाएं—हर 1 घंटे में अलार्म लगाएं और कम से कम एक गिलास पानी पिएं, भले ही प्यास न लगी हो।

	
		


	गर्मी से लड़ने के 'ब्रह्मास्त्र': बचाव के उपाय

	
		सिर्फ शिकायत करने से काम नहीं चलेगा, हमें खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखना होगा:
	
		दोपहर का कर्फ्यू: 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें। यह समय 'Peak Heat' का होता है।
	
		Hydration is Key: सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि नारियल पानी, नींबू पानी और ORS का सेवन करें।
	
		Dress Code: टाइट और गहरे रंग के कपड़ों को अलमारी में रखें। हल्के रंग के सूती (Cotton) और ढीले कपड़े पहनें।
	
		Care for Others: बच्चों, बुजुर्गों और अपने पालतू जानवरों का खास ध्यान रखें। उनके आसपास पानी और ठंडक सुनिश्चित करें।
	
		ट्रेवल किट: अगर बाहर जाना ही पड़े, तो छाता, टोपी, गमछा और पानी की बोतल हमेशा साथ रखें।


	 

	हीट डोम की यह स्थिति पर्यावरण में आ रहे बड़े बदलावों का संकेत है। प्रशासन अपनी तरफ से कोशिश कर रहा है—कहीं स्कूलों के समय बदले जा रहे हैं तो कहीं पानी का छिड़काव हो रहा है। लेकिन एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर हमें इस गर्मी को गंभीरता से लेना चाहिए।

Post Comment