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अमेरिका के लुइसियाना में भीषण गोलीबारी, 8 बच्चों की दर्दनाक मौत, जानिए क्‍या है मामला?
	
		
	Firing in Louisiana : अमेरिका के लुइसियाना से रविवार को दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक घरेलू झगड़े ने इतना हिंसक रूप धारण कर लिया कि 2 अलग-अलग घरों में गोलीबारी से 8 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की उम्र 1 से 14 साल के बीच है। हमलावर ने एक वाहन को छीनकर भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस उसका पीछा करती रही। वाहन का पीछा करते समय पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें हमलावर की मौत हो गई।

	 

	पुलिस की फायरिंग में हमलावर की मौत

	अमेरिका के लुइसियाना से रविवार को दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक घरेलू झगड़े ने इतना हिंसक रूप धारण कर लिया कि 2 अलग-अलग घरों में गोलीबारी से 8 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की उम्र 1 से 14 साल के बीच है। हमलावर ने एक वाहन को छीनकर भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस उसका पीछा करती रही। वाहन का पीछा करते समय पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें हमलावर की मौत हो गई।

	
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	कुल 10 बच्चों को गोली लगी

	लुइसियाना पुलिस इस गोलीबारी की जांच कर रही है। इस घटना में कोई भी पुलिस अधिकारी घायल नहीं हुआ। यह घटना पिछले 2 साल में देश की सबसे घातक गोलीबारी है। कुल 10 बच्चों को गोली लगी और इनमें से कुछ बच्चे संदिग्ध के रिश्तेदार थे। पुलिस ने संदिग्ध का नाम जारी नहीं किया लेकिन बताया कि वह एक वयस्क था।

	
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	सबसे घातक गोलीबारी की घटना

	स्थानीय अधिकारियों ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। जनवरी 2024 में शिकागो के एक उपनगर में आठ लोगों की हत्या के बाद से यह अमेरिका में हुई सबसे घातक गोलीबारी की घटना है।
	Edited By : Chetan Gour 

अमेरिका के लुइसियाना में भीषण गोलीबारी, 8 बच्चों की दर्दनाक मौत, जानिए क्‍या है मामला?

अमेरिका के लुइसियाना में भीषण गोलीबारी, 8 बच्चों की दर्दनाक मौत, जानिए क्‍या है मामला?
	
		
	Firing in Louisiana : अमेरिका के लुइसियाना से रविवार को दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक घरेलू झगड़े ने इतना हिंसक रूप धारण कर लिया कि 2 अलग-अलग घरों में गोलीबारी से 8 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की उम्र 1 से 14 साल के बीच है। हमलावर ने एक वाहन को छीनकर भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस उसका पीछा करती रही। वाहन का पीछा करते समय पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें हमलावर की मौत हो गई।

	 

	पुलिस की फायरिंग में हमलावर की मौत

	अमेरिका के लुइसियाना से रविवार को दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक घरेलू झगड़े ने इतना हिंसक रूप धारण कर लिया कि 2 अलग-अलग घरों में गोलीबारी से 8 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की उम्र 1 से 14 साल के बीच है। हमलावर ने एक वाहन को छीनकर भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस उसका पीछा करती रही। वाहन का पीछा करते समय पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें हमलावर की मौत हो गई।

	
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	कुल 10 बच्चों को गोली लगी

	लुइसियाना पुलिस इस गोलीबारी की जांच कर रही है। इस घटना में कोई भी पुलिस अधिकारी घायल नहीं हुआ। यह घटना पिछले 2 साल में देश की सबसे घातक गोलीबारी है। कुल 10 बच्चों को गोली लगी और इनमें से कुछ बच्चे संदिग्ध के रिश्तेदार थे। पुलिस ने संदिग्ध का नाम जारी नहीं किया लेकिन बताया कि वह एक वयस्क था।

	
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	सबसे घातक गोलीबारी की घटना

	स्थानीय अधिकारियों ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। जनवरी 2024 में शिकागो के एक उपनगर में आठ लोगों की हत्या के बाद से यह अमेरिका में हुई सबसे घातक गोलीबारी की घटना है।
	Edited By : Chetan Gour 

Firing in Louisiana : अमेरिका के लुइसियाना से रविवार को दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक घरेलू झगड़े ने इतना हिंसक रूप धारण कर लिया कि 2 अलग-अलग घरों में गोलीबारी से 8 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की उम्र 1 से 14 साल के बीच है। हमलावर ने एक वाहन को छीनकर भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस उसका पीछा करती रही। वाहन का पीछा करते समय पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें हमलावर की मौत हो गई।

 

पुलिस की फायरिंग में हमलावर की मौत

अमेरिका के लुइसियाना से रविवार को दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक घरेलू झगड़े ने इतना हिंसक रूप धारण कर लिया कि 2 अलग-अलग घरों में गोलीबारी से 8 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की उम्र 1 से 14 साल के बीच है। हमलावर ने एक वाहन को छीनकर भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस उसका पीछा करती रही। वाहन का पीछा करते समय पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें हमलावर की मौत हो गई।

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कुल 10 बच्चों को गोली लगी

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सबसे घातक गोलीबारी की घटना

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Edited By : Chetan Gour 

Firing in Louisiana : अमेरिका के लुइसियाना से रविवार को दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक घरेलू झगड़े ने इतना हिंसक रूप धारण कर लिया कि 2 अलग-अलग घरों में गोलीबारी से 8 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की उम्र 1 से 14 साल के बीच है। हमलावर ने एक वाहन को छीनकर भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस उसका पीछा करती रही। वाहन का पीछा करते समय पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें हमलावर की मौत हो गई।

 

पुलिस की फायरिंग में हमलावर की मौत

अमेरिका के लुइसियाना से रविवार को दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक घरेलू झगड़े ने इतना हिंसक रूप धारण कर लिया कि 2 अलग-अलग घरों में गोलीबारी से 8 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की उम्र 1 से 14 साल के बीच है। हमलावर ने एक वाहन को छीनकर भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस उसका पीछा करती रही। वाहन का पीछा करते समय पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें हमलावर की मौत हो गई।

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कुल 10 बच्चों को गोली लगी

लुइसियाना पुलिस इस गोलीबारी की जांच कर रही है। इस घटना में कोई भी पुलिस अधिकारी घायल नहीं हुआ। यह घटना पिछले 2 साल में देश की सबसे घातक गोलीबारी है। कुल 10 बच्चों को गोली लगी और इनमें से कुछ बच्चे संदिग्ध के रिश्तेदार थे। पुलिस ने संदिग्ध का नाम जारी नहीं किया लेकिन बताया कि वह एक वयस्क था।

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सबसे घातक गोलीबारी की घटना

स्थानीय अधिकारियों ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। जनवरी 2024 में शिकागो के एक उपनगर में आठ लोगों की हत्या के बाद से यह अमेरिका में हुई सबसे घातक गोलीबारी की घटना है।
Edited By : Chetan Gour 

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Deadspin | George Kirby the answer to Mariners beating Rangers this season <div id=""><section id="0" class=" w-full"><div class="xl:container mx-0 !px-4 py-0 pb-4 !mx-0 !px-0"><img src="https://images.deadspin.com/tr:w-900/28763379.jpg" srcset="https://images.deadspin.com/tr:w-900/28763379.jpg" alt="MLB: Texas Rangers at Seattle Mariners" class="w-full" fetchpriority="high" loading="eager"/><span class="text-0.8 leading-tight">Apr 18, 2026; Seattle, Washington, USA; Seattle Mariners starting pitcher George Kirby (68) is greeted by teammates in the dugout after being pulled from a game in the sixth inning against the Seattle Mariners at T-Mobile Park. Mandatory Credit: Stephen Brashear-Imagn Images<!-- --> <!-- --> </span></div></section><section id="section-1"> <p>George Kirby continued his mastery of the Texas Rangers, allowing one run over 5 2/3 innings, as the host Seattle Mariners posted a 7-3 victory Saturday against their American League West rivals.</p> </section><section id="section-2"> <p>Luke Raley homered for the Mariners, who snapped a four-game losing streak and beat Texas for the first time in five tries this season.</p> </section><section id="section-3"> <p>Seattle closer Andres Munoz entered with two outs and the bases loaded in the ninth and struck out Brandon Nimmo for the right-hander’s second save of the season.</p> </section><section id="section-4"> <p>Josh Jung went deep for the Rangers, who had won their previous two games.</p> </section><section id="section-5"> <p>Trailing 7-1, the Rangers scored twice in the ninth off Cole Wilcox, with singles by Wyatt Langford and Josh Smith and a walk to Jung loading the bases. Evan Carter hit a sacrifice fly down the right field line caught in foul territory by second baseman Cole Young. Ezequiel Duran’s run-scoring double into the left field corner made it 7-3 and a walk to Kyle Higashioka forced the Mariners to use Munoz.</p> </section><section id="section-6"> <p>Kirby (3-2) improved to 9-1 in 12 career starts against Texas. The right-hander gave up seven hits, walked two and struck out five. The only run he allowed came on Jung’s homer to straightaway center field with one out in the sixth that trimmed Seattle’s lead to 3-1.</p> </section><br/><section id="section-7"> <p>An out later, Duran grounded a single to right, ending Kirby’s outing. Reliever Matt Brash got Higashioka to ground out to short to end the threat.</p> </section> <section id="section-8"> <p>Raley led off the bottom of the inning with a towering shot to right off Nathan Eovaldi (2-3) to restore Seattle’s three-run lead.</p> </section><section id="section-9"> <p>The Mariners scored three more runs off Cal Quantrill in the eighth. Raley drew a one-out walk and took third on Dominic Canzone’s double off the wall in left. Young grounded a two-run single to center against a drawn-in infield to make it 6-1. Young stole second, took third on catcher Higashioka’s throwing error and scored on Leo Rivas’ sacrifice fly.</p> </section><section id="section-10"> <p>Eovaldi gave up four runs (two earned) on eight hits in five-plus innings. The righty walked one and struck out three.</p> </section><section id="section-11"> <p>The Mariners opened the scoring in the first. J.P. Crawford, batting leadoff with Brendan Donovan out with a hip injury, doubled to right and advanced as Cal Raleigh grounded out to first. With the infield drawn in, Julio Rodriguez grounded an RBI single into right.</p> </section><section id="section-12"> <p>Seattle extended its lead with a pair of unearned runs in the fourth. With one out, Randy Arozarena hit a bloop single down the right field line. Raley grounded to second, with Duran’s throw in a bid to start a double play sailing into left field, putting the runners at second and third. With the infield again drawn in, Canzone hit a hard grounder up the middle to make it 3-0.</p> </section><section id="section-13"> <p>Nimmo got his 1,000th career hit with an eighth-inning single.</p> </section><br/><section id="section-14"> <p>–Field Level Media</p> </section> </div> #Deadspin #George #Kirby #answer #Mariners #beating #Rangers #season

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Angelina Jolie’s Mini-Me Daughter ‘Determined To Prove Herself’ Beyond Nepo Baby Label As ‘She’s Fiercely Independent’

स्टार प्लस का नया शो फितूर अपने नए प्रोमो के जरिए एक ऐसी कहानी लेकर आया है, जिससे कई लड़कियाँ खुद को जोड़ पाएंगी। यह प्रोमो उन भावनाओं को दिखाता है, जिनसे कई लड़कियाँ पहली बार गर्ल्स स्कूल से निकलकर को-एड कॉलेज में जाने के दौरान गुजरती हैं।

कई लड़कियों के लिए यह सिर्फ कॉलेज की शुरुआत नहीं होती, बल्कि एक नया अनुभव होता है। नए माहौल में घुलना-मिलना, झिझक, घबराहट और अनजान लोगों के बीच खुद को सहज महसूस करना आसान नहीं होता। फितूर इन्हीं भावनाओं को सामने लाते हुए लड़कियों को खुद पर भरोसा रखने और नई शुरुआत को आत्मविश्वास के साथ अपनाने का संदेश देता है।

प्रोमो पर बात करते हुए देबचंद्रिमा सिंहा रॉय ने कहा, "इस प्रोमो ने मुझे बहुत छू लिया क्योंकि यह ऐसी यात्रा है, जिससे बहुत-सी लड़कियाँ गुजरती हैं। गर्ल्स स्कूल के बाद पहली बार को-एड कॉलेज में जाना कई लड़कियों के लिए आसान नहीं होता। मुझे उम्मीद है कि जो भी लड़की यह प्रोमो देखेगी, उसे लगेगा कि उसकी भावनाओं को समझा गया है। घबराना बिल्कुल सामान्य है। समय और खुद पर भरोसे के साथ हर नई शुरुआत एक खूबसूरत अध्याय बन जाती है।"

अपडेट खबरों के लिए हमारावॉट्सएप चैनलफोलो करें

Fitoor,emotional journey,girls,college, Hindi news">‘फितूर’ में दिखेगा को-एड कॉलेज में कदम रखने वाली लड़कियों का भावनात्मक सफर   स्टार प्लस का नया शो फितूर अपने नए प्रोमो के जरिए एक ऐसी कहानी लेकर आया है, जिससे कई लड़कियाँ खुद को जोड़ पाएंगी। यह प्रोमो उन भावनाओं को दिखाता है, जिनसे कई लड़कियाँ पहली बार गर्ल्स स्कूल से निकलकर को-एड कॉलेज में जाने के दौरान गुजरती हैं।

कई लड़कियों के लिए यह सिर्फ कॉलेज की शुरुआत नहीं होती, बल्कि एक नया अनुभव होता है। नए माहौल में घुलना-मिलना, झिझक, घबराहट और अनजान लोगों के बीच खुद को सहज महसूस करना आसान नहीं होता। फितूर इन्हीं भावनाओं को सामने लाते हुए लड़कियों को खुद पर भरोसा रखने और नई शुरुआत को आत्मविश्वास के साथ अपनाने का संदेश देता है।



प्रोमो पर बात करते हुए देबचंद्रिमा सिंहा रॉय ने कहा, "इस प्रोमो ने मुझे बहुत छू लिया क्योंकि यह ऐसी यात्रा है, जिससे बहुत-सी लड़कियाँ गुजरती हैं। गर्ल्स स्कूल के बाद पहली बार को-एड कॉलेज में जाना कई लड़कियों के लिए आसान नहीं होता। मुझे उम्मीद है कि जो भी लड़की यह प्रोमो देखेगी, उसे लगेगा कि उसकी भावनाओं को समझा गया है। घबराना बिल्कुल सामान्य है। समय और खुद पर भरोसे के साथ हर नई शुरुआत एक खूबसूरत अध्याय बन जाती है।"

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Fitoor,emotional journey,girls,college, Hindi news">‘फितूर’ में दिखेगा को-एड कॉलेज में कदम रखने वाली लड़कियों का भावनात्मक सफर

‘फितूर’ में दिखेगा को-एड कॉलेज में कदम रखने वाली लड़कियों का भावनात्मक सफर   स्टार प्लस का नया शो फितूर अपने नए प्रोमो के जरिए एक ऐसी कहानी लेकर आया है, जिससे कई लड़कियाँ खुद को जोड़ पाएंगी। यह प्रोमो उन भावनाओं को दिखाता है, जिनसे कई लड़कियाँ पहली बार गर्ल्स स्कूल से निकलकर को-एड कॉलेज में जाने के दौरान गुजरती हैं।

कई लड़कियों के लिए यह सिर्फ कॉलेज की शुरुआत नहीं होती, बल्कि एक नया अनुभव होता है। नए माहौल में घुलना-मिलना, झिझक, घबराहट और अनजान लोगों के बीच खुद को सहज महसूस करना आसान नहीं होता। फितूर इन्हीं भावनाओं को सामने लाते हुए लड़कियों को खुद पर भरोसा रखने और नई शुरुआत को आत्मविश्वास के साथ अपनाने का संदेश देता है।



प्रोमो पर बात करते हुए देबचंद्रिमा सिंहा रॉय ने कहा, "इस प्रोमो ने मुझे बहुत छू लिया क्योंकि यह ऐसी यात्रा है, जिससे बहुत-सी लड़कियाँ गुजरती हैं। गर्ल्स स्कूल के बाद पहली बार को-एड कॉलेज में जाना कई लड़कियों के लिए आसान नहीं होता। मुझे उम्मीद है कि जो भी लड़की यह प्रोमो देखेगी, उसे लगेगा कि उसकी भावनाओं को समझा गया है। घबराना बिल्कुल सामान्य है। समय और खुद पर भरोसे के साथ हर नई शुरुआत एक खूबसूरत अध्याय बन जाती है।"

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कई लड़कियों के लिए यह सिर्फ कॉलेज की शुरुआत नहीं होती, बल्कि एक नया अनुभव होता है। नए माहौल में घुलना-मिलना, झिझक, घबराहट और अनजान लोगों के बीच खुद को सहज महसूस करना आसान नहीं होता। फितूर इन्हीं भावनाओं को सामने लाते हुए लड़कियों को खुद पर भरोसा रखने और नई शुरुआत को आत्मविश्वास के साथ अपनाने का संदेश देता है।

प्रोमो पर बात करते हुए देबचंद्रिमा सिंहा रॉय ने कहा, "इस प्रोमो ने मुझे बहुत छू लिया क्योंकि यह ऐसी यात्रा है, जिससे बहुत-सी लड़कियाँ गुजरती हैं। गर्ल्स स्कूल के बाद पहली बार को-एड कॉलेज में जाना कई लड़कियों के लिए आसान नहीं होता। मुझे उम्मीद है कि जो भी लड़की यह प्रोमो देखेगी, उसे लगेगा कि उसकी भावनाओं को समझा गया है। घबराना बिल्कुल सामान्य है। समय और खुद पर भरोसे के साथ हर नई शुरुआत एक खूबसूरत अध्याय बन जाती है।"

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लंबे सूखे के बाद इंद्र देवता जम्‍मू कश्‍मीर पर कुछ मेहरबान तो हुए पर बादल फटने की लगातार हो रही घटनाएं अब डराने लगी हैं। यह डर इसलिए है क्‍योंकि जम्मू कश्मीर में इस महीने अब तक कम से कम 15 बार बादल फटने की घटनाएं हुई हैं, जिनकी वजह से कई जिलों में अचानक बाढ़, कीचड़ बहने और जमीन खिसकने (लैंडस्लाइड) की घटनाएं हुई हैं। ALSO READ: अब वैष्‍णो देवी चढ़ावे में घोटाला! 550 करोड़ की चांदी के गबन का आरोप

 

बादल फटने से भारी तबाही

इन घटनाओं से सड़कें, घर, खेती की जमीन और सार्वजनिक बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ है और केंद्र शासित प्रदेश के कई हिस्सों में संपर्क व्यवस्था बाधित हुई है। हाल की घटनाओं में से एक डोडा जि‍ले के भलेसा इलाके से सामने आई, जहां अचानक आई बाढ़ अपने साथ कीचड़ और मलबा सड़कों पर ले आई, जिससे कई अंदरूनी गांवों तक पहुंच कट गई। 
 

इस महीने की शुरुआत में उत्तरी कश्मीर की तुलेल घाटी और गुरेज में भी कई बार बादल फटे, जिससे सड़कें और अन्य बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया।

 

7 जुलाई को डोडा जिले के ठाठरी के ऊपरी इलाकों में बादल फटा, जिससे बाढ़ का पानी और मलबा शहर में घुस गया। कई वाहन और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं, और बहाली का काम शुरू होने से पहले डोडा-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे पर यातायात बाधित रहा।

चिनाब में 12 घंंटे में 12 बार फटे बादल 

बादलों के फटने का क्रम यहीं नहीं रूका था और इस महीने की शुरुआत में, अधिकारियों ने चिनाब घाटी और उससे सटे ऊंचे इलाकों में लगभग 12 घंटों के भीतर 12 स्थानीय बादल फटने की घटनाओं को भी दर्ज किया, जिससे कई जगहों पर अचानक बाढ़ और जमीन खिसकने की घटनाएं हुईं। 11 जुलाई को अनंतनाग जिले के अवूरा और देहवाथु के वन क्षेत्रों में बादल फटने की दो घटनाएं सामने आईं। ओवेरा धारा के जलस्तर में अचानक वृद्धि से आस-पास के इलाके जलमग्न हो गए, जिसमें पहलगाम पर्यटक स्थल के होटल भी शामिल थे।

 

वैज्ञानिकों ने बताया बढ़ते खतरे का कारण

 

इंटरनेशनल जर्नल आफ डिजास्टर रिस्क रिडक्शन’ में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन, जिसमें जम्मू कश्मीर में बादल फटने और भारी बारिश की 68 घटनाओं का विश्लेषण किया गया, ने पुलवामा जिले में श्री अमरनाथ जी बेसिन और त्राल तहसील को सबसे संवेदनशील स्थानों के रूप में चिह्नित किया। शोधकर्ताओं ने कहा कि बार-बार होने वाली अत्यधिक बारिश ने इन क्षेत्रों में अचानक बाढ़, मलबे के बहाव और जमीन खिसकने के जोखिम को बढ़ा दिया है।

 

उत्तर-पश्चिमी हिमालय में बुनियादी ढांचे की कमजोरी की जांच करने वाली एक और स्टडी में पाया गया कि तीन घंटे में लगभग 40 मिमी और एक दिन में 60 से 140 मिमी बारिश से अचानक बाढ़ (फलैश फलड) और ढलान खिसकने जैसी घटनाएं हो सकती हैं, खासकर जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे जैसे ट्रांसपोर्ट कारिडोर के पास। 

रिसर्चर्स का कहना है कि इन नतीजों से पता चलता है कि पहाड़ी इलाकों में बेहतर खतरा मैपिंग, मौसम की निगरानी, ​​जमीन के इस्तेमाल की प्लानिंग और समय रहते चेतावनी देने वाले सिस्टम की जरूरत है, क्योंकि वहां कम समय में तेज बारिश की घटनाएं अधिक हो रही हैं।

 

मौसम विभाग के डेटा के अनुसार, पिछले दशक में जम्मू कश्मीर में स्थानीय स्तर पर मौसम की चरम घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। इस ट्रेंड की वजह तापमान का बढ़ना, वायुमंडलीय सर्कुलेशन में बदलाव और ग्लेशियर का दायरा कम होना है, जो पश्चिमी हिमालय में बारिश और बर्फबारी के पैटर्न को बदल रहे हैं।
 

जानकारों का कहना है कि भविष्य में मौसम की चरम घटनाओं के असर को कम करने के लिए फोरकास्टिंग सिस्टम को मजबूत करना, संवेदनशील इलाकों में निर्माण कार्यों को रेगुलेट करना और कम्युनिटी लेवल पर आपदा की तैयारी को बेहतर बनाना जरूरी होगा।

Jammu Kashmir Cloudburst, Jammu Kashmir Weather, Cloudburst News, Flash Flood Jammu Kashmir, Doda Cloudburst, Anantnag Weather, Gurez Valley News, Himalaya Climate Change, Landslide Jammu Kashmir, IMD Weather News, जम्मू कश्मीर बादल फटे, बादल फटने की घटनाएं, जम्मू कश्मीर मौसम">Jammu Kashmir Cloudburst: जुलाई में 15 बार बादल फटे, वैज्ञानिकों ने बताया बढ़ते खतरे का कारणलंबे सूखे के बाद इंद्र देवता जम्‍मू कश्‍मीर पर कुछ मेहरबान तो हुए पर बादल फटने की लगातार हो रही घटनाएं अब डराने लगी हैं। यह डर इसलिए है क्‍योंकि जम्मू कश्मीर में इस महीने अब तक कम से कम 15 बार बादल फटने की घटनाएं हुई हैं, जिनकी वजह से कई जिलों में अचानक बाढ़, कीचड़ बहने और जमीन खिसकने (लैंडस्लाइड) की घटनाएं हुई हैं। ALSO READ: अब वैष्‍णो देवी चढ़ावे में घोटाला! 550 करोड़ की चांदी के गबन का आरोप																								
																														
																																			
	 
	बादल फटने से भारी तबाही

	इन घटनाओं से सड़कें, घर, खेती की जमीन और सार्वजनिक बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ है और केंद्र शासित प्रदेश के कई हिस्सों में संपर्क व्यवस्था बाधित हुई है। हाल की घटनाओं में से एक डोडा जि‍ले के भलेसा इलाके से सामने आई, जहां अचानक आई बाढ़ अपने साथ कीचड़ और मलबा सड़कों पर ले आई, जिससे कई अंदरूनी गांवों तक पहुंच कट गई। 
	 									
	इस महीने की शुरुआत में उत्तरी कश्मीर की तुलेल घाटी और गुरेज में भी कई बार बादल फटे, जिससे सड़कें और अन्य बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया।																									
																
																
																														
																														
																																			
	 
	7 जुलाई को डोडा जिले के ठाठरी के ऊपरी इलाकों में बादल फटा, जिससे बाढ़ का पानी और मलबा शहर में घुस गया। कई वाहन और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं, और बहाली का काम शुरू होने से पहले डोडा-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे पर यातायात बाधित रहा।																								
																														
																																			
	चिनाब में 12 घंंटे में 12 बार फटे बादल 

	बादलों के फटने का क्रम यहीं नहीं रूका था और इस महीने की शुरुआत में, अधिकारियों ने चिनाब घाटी और उससे सटे ऊंचे इलाकों में लगभग 12 घंटों के भीतर 12 स्थानीय बादल फटने की घटनाओं को भी दर्ज किया, जिससे कई जगहों पर अचानक बाढ़ और जमीन खिसकने की घटनाएं हुईं। 11 जुलाई को अनंतनाग जिले के अवूरा और देहवाथु के वन क्षेत्रों में बादल फटने की दो घटनाएं सामने आईं। ओवेरा धारा के जलस्तर में अचानक वृद्धि से आस-पास के इलाके जलमग्न हो गए, जिसमें पहलगाम पर्यटक स्थल के होटल भी शामिल थे।																								
																														
																																			
	 
	वैज्ञानिकों ने बताया बढ़ते खतरे का कारण
																								
																														
																																			
	 
	इंटरनेशनल जर्नल आफ डिजास्टर रिस्क रिडक्शन’ में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन, जिसमें जम्मू कश्मीर में बादल फटने और भारी बारिश की 68 घटनाओं का विश्लेषण किया गया, ने पुलवामा जिले में श्री अमरनाथ जी बेसिन और त्राल तहसील को सबसे संवेदनशील स्थानों के रूप में चिह्नित किया। शोधकर्ताओं ने कहा कि बार-बार होने वाली अत्यधिक बारिश ने इन क्षेत्रों में अचानक बाढ़, मलबे के बहाव और जमीन खिसकने के जोखिम को बढ़ा दिया है।																								
																														
																																			
	 
	उत्तर-पश्चिमी हिमालय में बुनियादी ढांचे की कमजोरी की जांच करने वाली एक और स्टडी में पाया गया कि तीन घंटे में लगभग 40 मिमी और एक दिन में 60 से 140 मिमी बारिश से अचानक बाढ़ (फलैश फलड) और ढलान खिसकने जैसी घटनाएं हो सकती हैं, खासकर जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे जैसे ट्रांसपोर्ट कारिडोर के पास। 																																																									
																	
															
																														
																																			
	रिसर्चर्स का कहना है कि इन नतीजों से पता चलता है कि पहाड़ी इलाकों में बेहतर खतरा मैपिंग, मौसम की निगरानी, ​​जमीन के इस्तेमाल की प्लानिंग और समय रहते चेतावनी देने वाले सिस्टम की जरूरत है, क्योंकि वहां कम समय में तेज बारिश की घटनाएं अधिक हो रही हैं।																								
																														
																																			
	 
	मौसम विभाग के डेटा के अनुसार, पिछले दशक में जम्मू कश्मीर में स्थानीय स्तर पर मौसम की चरम घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। इस ट्रेंड की वजह तापमान का बढ़ना, वायुमंडलीय सर्कुलेशन में बदलाव और ग्लेशियर का दायरा कम होना है, जो पश्चिमी हिमालय में बारिश और बर्फबारी के पैटर्न को बदल रहे हैं।
	 																								
																														
																																			
	जानकारों का कहना है कि भविष्य में मौसम की चरम घटनाओं के असर को कम करने के लिए फोरकास्टिंग सिस्टम को मजबूत करना, संवेदनशील इलाकों में निर्माण कार्यों को रेगुलेट करना और कम्युनिटी लेवल पर आपदा की तैयारी को बेहतर बनाना जरूरी होगा।																								
																																																																		
																																	
																																														
																															
																																																														

								
															Jammu Kashmir Cloudburst, Jammu Kashmir Weather, Cloudburst News, Flash Flood Jammu Kashmir, Doda Cloudburst, Anantnag Weather, Gurez Valley News, Himalaya Climate Change, Landslide Jammu Kashmir, IMD Weather News, जम्मू कश्मीर बादल फटे, बादल फटने की घटनाएं, जम्मू कश्मीर मौसम

अब वैष्‍णो देवी चढ़ावे में घोटाला! 550 करोड़ की चांदी के गबन का आरोप

 

बादल फटने से भारी तबाही

इन घटनाओं से सड़कें, घर, खेती की जमीन और सार्वजनिक बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ है और केंद्र शासित प्रदेश के कई हिस्सों में संपर्क व्यवस्था बाधित हुई है। हाल की घटनाओं में से एक डोडा जि‍ले के भलेसा इलाके से सामने आई, जहां अचानक आई बाढ़ अपने साथ कीचड़ और मलबा सड़कों पर ले आई, जिससे कई अंदरूनी गांवों तक पहुंच कट गई। 
 

इस महीने की शुरुआत में उत्तरी कश्मीर की तुलेल घाटी और गुरेज में भी कई बार बादल फटे, जिससे सड़कें और अन्य बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया।

 

7 जुलाई को डोडा जिले के ठाठरी के ऊपरी इलाकों में बादल फटा, जिससे बाढ़ का पानी और मलबा शहर में घुस गया। कई वाहन और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं, और बहाली का काम शुरू होने से पहले डोडा-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे पर यातायात बाधित रहा।

चिनाब में 12 घंंटे में 12 बार फटे बादल 

बादलों के फटने का क्रम यहीं नहीं रूका था और इस महीने की शुरुआत में, अधिकारियों ने चिनाब घाटी और उससे सटे ऊंचे इलाकों में लगभग 12 घंटों के भीतर 12 स्थानीय बादल फटने की घटनाओं को भी दर्ज किया, जिससे कई जगहों पर अचानक बाढ़ और जमीन खिसकने की घटनाएं हुईं। 11 जुलाई को अनंतनाग जिले के अवूरा और देहवाथु के वन क्षेत्रों में बादल फटने की दो घटनाएं सामने आईं। ओवेरा धारा के जलस्तर में अचानक वृद्धि से आस-पास के इलाके जलमग्न हो गए, जिसमें पहलगाम पर्यटक स्थल के होटल भी शामिल थे।

 

वैज्ञानिकों ने बताया बढ़ते खतरे का कारण

 

इंटरनेशनल जर्नल आफ डिजास्टर रिस्क रिडक्शन’ में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन, जिसमें जम्मू कश्मीर में बादल फटने और भारी बारिश की 68 घटनाओं का विश्लेषण किया गया, ने पुलवामा जिले में श्री अमरनाथ जी बेसिन और त्राल तहसील को सबसे संवेदनशील स्थानों के रूप में चिह्नित किया। शोधकर्ताओं ने कहा कि बार-बार होने वाली अत्यधिक बारिश ने इन क्षेत्रों में अचानक बाढ़, मलबे के बहाव और जमीन खिसकने के जोखिम को बढ़ा दिया है।

 

उत्तर-पश्चिमी हिमालय में बुनियादी ढांचे की कमजोरी की जांच करने वाली एक और स्टडी में पाया गया कि तीन घंटे में लगभग 40 मिमी और एक दिन में 60 से 140 मिमी बारिश से अचानक बाढ़ (फलैश फलड) और ढलान खिसकने जैसी घटनाएं हो सकती हैं, खासकर जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे जैसे ट्रांसपोर्ट कारिडोर के पास। 

रिसर्चर्स का कहना है कि इन नतीजों से पता चलता है कि पहाड़ी इलाकों में बेहतर खतरा मैपिंग, मौसम की निगरानी, ​​जमीन के इस्तेमाल की प्लानिंग और समय रहते चेतावनी देने वाले सिस्टम की जरूरत है, क्योंकि वहां कम समय में तेज बारिश की घटनाएं अधिक हो रही हैं।

 

मौसम विभाग के डेटा के अनुसार, पिछले दशक में जम्मू कश्मीर में स्थानीय स्तर पर मौसम की चरम घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। इस ट्रेंड की वजह तापमान का बढ़ना, वायुमंडलीय सर्कुलेशन में बदलाव और ग्लेशियर का दायरा कम होना है, जो पश्चिमी हिमालय में बारिश और बर्फबारी के पैटर्न को बदल रहे हैं।
 

जानकारों का कहना है कि भविष्य में मौसम की चरम घटनाओं के असर को कम करने के लिए फोरकास्टिंग सिस्टम को मजबूत करना, संवेदनशील इलाकों में निर्माण कार्यों को रेगुलेट करना और कम्युनिटी लेवल पर आपदा की तैयारी को बेहतर बनाना जरूरी होगा।

Jammu Kashmir Cloudburst, Jammu Kashmir Weather, Cloudburst News, Flash Flood Jammu Kashmir, Doda Cloudburst, Anantnag Weather, Gurez Valley News, Himalaya Climate Change, Landslide Jammu Kashmir, IMD Weather News, जम्मू कश्मीर बादल फटे, बादल फटने की घटनाएं, जम्मू कश्मीर मौसम">Jammu Kashmir Cloudburst: जुलाई में 15 बार बादल फटे, वैज्ञानिकों ने बताया बढ़ते खतरे का कारण
लंबे सूखे के बाद इंद्र देवता जम्‍मू कश्‍मीर पर कुछ मेहरबान तो हुए पर बादल फटने की लगातार हो रही घटनाएं अब डराने लगी हैं। यह डर इसलिए है क्‍योंकि जम्मू कश्मीर में इस महीने अब तक कम से कम 15 बार बादल फटने की घटनाएं हुई हैं, जिनकी वजह से कई जिलों में अचानक बाढ़, कीचड़ बहने और जमीन खिसकने (लैंडस्लाइड) की घटनाएं हुई हैं। ALSO READ: अब वैष्‍णो देवी चढ़ावे में घोटाला! 550 करोड़ की चांदी के गबन का आरोप

 

बादल फटने से भारी तबाही

इन घटनाओं से सड़कें, घर, खेती की जमीन और सार्वजनिक बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ है और केंद्र शासित प्रदेश के कई हिस्सों में संपर्क व्यवस्था बाधित हुई है। हाल की घटनाओं में से एक डोडा जि‍ले के भलेसा इलाके से सामने आई, जहां अचानक आई बाढ़ अपने साथ कीचड़ और मलबा सड़कों पर ले आई, जिससे कई अंदरूनी गांवों तक पहुंच कट गई। 
 

इस महीने की शुरुआत में उत्तरी कश्मीर की तुलेल घाटी और गुरेज में भी कई बार बादल फटे, जिससे सड़कें और अन्य बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया।

 

7 जुलाई को डोडा जिले के ठाठरी के ऊपरी इलाकों में बादल फटा, जिससे बाढ़ का पानी और मलबा शहर में घुस गया। कई वाहन और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं, और बहाली का काम शुरू होने से पहले डोडा-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे पर यातायात बाधित रहा।

चिनाब में 12 घंंटे में 12 बार फटे बादल 

बादलों के फटने का क्रम यहीं नहीं रूका था और इस महीने की शुरुआत में, अधिकारियों ने चिनाब घाटी और उससे सटे ऊंचे इलाकों में लगभग 12 घंटों के भीतर 12 स्थानीय बादल फटने की घटनाओं को भी दर्ज किया, जिससे कई जगहों पर अचानक बाढ़ और जमीन खिसकने की घटनाएं हुईं। 11 जुलाई को अनंतनाग जिले के अवूरा और देहवाथु के वन क्षेत्रों में बादल फटने की दो घटनाएं सामने आईं। ओवेरा धारा के जलस्तर में अचानक वृद्धि से आस-पास के इलाके जलमग्न हो गए, जिसमें पहलगाम पर्यटक स्थल के होटल भी शामिल थे।

 

वैज्ञानिकों ने बताया बढ़ते खतरे का कारण

 

इंटरनेशनल जर्नल आफ डिजास्टर रिस्क रिडक्शन’ में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन, जिसमें जम्मू कश्मीर में बादल फटने और भारी बारिश की 68 घटनाओं का विश्लेषण किया गया, ने पुलवामा जिले में श्री अमरनाथ जी बेसिन और त्राल तहसील को सबसे संवेदनशील स्थानों के रूप में चिह्नित किया। शोधकर्ताओं ने कहा कि बार-बार होने वाली अत्यधिक बारिश ने इन क्षेत्रों में अचानक बाढ़, मलबे के बहाव और जमीन खिसकने के जोखिम को बढ़ा दिया है।

 

उत्तर-पश्चिमी हिमालय में बुनियादी ढांचे की कमजोरी की जांच करने वाली एक और स्टडी में पाया गया कि तीन घंटे में लगभग 40 मिमी और एक दिन में 60 से 140 मिमी बारिश से अचानक बाढ़ (फलैश फलड) और ढलान खिसकने जैसी घटनाएं हो सकती हैं, खासकर जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे जैसे ट्रांसपोर्ट कारिडोर के पास। 

रिसर्चर्स का कहना है कि इन नतीजों से पता चलता है कि पहाड़ी इलाकों में बेहतर खतरा मैपिंग, मौसम की निगरानी, ​​जमीन के इस्तेमाल की प्लानिंग और समय रहते चेतावनी देने वाले सिस्टम की जरूरत है, क्योंकि वहां कम समय में तेज बारिश की घटनाएं अधिक हो रही हैं।

 

मौसम विभाग के डेटा के अनुसार, पिछले दशक में जम्मू कश्मीर में स्थानीय स्तर पर मौसम की चरम घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। इस ट्रेंड की वजह तापमान का बढ़ना, वायुमंडलीय सर्कुलेशन में बदलाव और ग्लेशियर का दायरा कम होना है, जो पश्चिमी हिमालय में बारिश और बर्फबारी के पैटर्न को बदल रहे हैं।
 

जानकारों का कहना है कि भविष्य में मौसम की चरम घटनाओं के असर को कम करने के लिए फोरकास्टिंग सिस्टम को मजबूत करना, संवेदनशील इलाकों में निर्माण कार्यों को रेगुलेट करना और कम्युनिटी लेवल पर आपदा की तैयारी को बेहतर बनाना जरूरी होगा।

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