‘आप जैसा कोई नहीं’, तारा सुतारिया ने माता-पिता की शादी की 35वीं सालगिरह का मनाया जश्न; दीं शुभकामनाएं
{“_id”:”6a169af5ca4319bc1e0c20d5″,”slug”:”tara-sutaria-pens-sweet-note-for-parents-pia-and-himanshu-on-their-35th-wedding-anniversary-2026-05-27″,”type”:”feature-story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”‘आप जैसा कोई नहीं’, तारा सुतारिया ने माता-पिता की शादी की 35वीं सालगिरह का मनाया जश्न; दीं शुभकामनाएं”,”category”:{“title”:”Bollywood”,”title_hn”:”बॉलीवुड”,”slug”:”bollywood”}}
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: Anju Bajpai
Updated Wed, 27 May 2026 12:55 PM IST
Tara Sutaria Sweet Note For Parents: तारा सुतारिया ने आज अपने माता-पिता की शादी की 35वीं सालगिरह का जश्न मनाया। तारा अपने परिवार के बहुत करीब हैं और अक्सर सोशल मीडिया पर उनके साथ अपनी तस्वीरें शेयर करती रहती हैं।
तारा सुतारिया-पिया और हिमांशु सुतारिया
– फोटो : इंस्टाग्राम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बॉलीवुड अभिनेत्री तारा सुतारिया ने 27 मई को अपने माता-पिता, पिया और हिमांशु सुतारिया की शादी की 35वीं सालगिरह पर एक प्यारी तस्वीर शेयर की है। इसकी के साथ तारा ने एक बेहद प्यारा संदेश भी लिखा है। इस खास मौके पर उन्होंने अपने पिता का जन्मदिन भी मनाया।
Tara sutaria pens sweet note for parents, tara sutaria arents 35th wedding anniversary, tara sutaria instagram post, tara sutaria latest news, tara sutaria movies, tara sutaria age, tara sutaria upcoming movies, bollywood actress tara sutaria, tara sutaria shared a heartfelt post for her paren, pia and himanshu sutaria, tara father himanshu sutaria, tara mother pia, tara sutaria, tara sutaria news, pia sutaria, himanshu sutaria, pia himanshu celebrated their 35th wedding anniver, 27th of may, Entertainment News in Hindi, Bollywood News in Hindi, Bollywood Hindi News, तारा सुतारिया, तारा सुतारिया न्यूज, तारा सुतारिया न्यूज हिंदी, पिया सुतारिया, तारा सुतारिया की मां, तारा सुतारिया के पिता, हिमांशु सुतारिया, वेडिंग एनीवसरी
{“_id”:”6a169af5ca4319bc1e0c20d5″,”slug”:”tara-sutaria-pens-sweet-note-for-parents-pia-and-himanshu-on-their-35th-wedding-anniversary-2026-05-27″,”type”:”feature-story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”‘आप जैसा कोई नहीं’, तारा सुतारिया ने माता-पिता की शादी की 35वीं सालगिरह का मनाया जश्न; दीं शुभकामनाएं”,”category”:{“title”:”Bollywood”,”title_hn”:”बॉलीवुड”,”slug”:”bollywood”}}
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: Anju Bajpai
Updated Wed, 27 May 2026 12:55 PM IST
Tara Sutaria Sweet Note For Parents: तारा सुतारिया ने आज अपने माता-पिता की शादी की 35वीं सालगिरह का जश्न मनाया। तारा अपने परिवार के बहुत करीब हैं और अक्सर सोशल मीडिया पर उनके साथ अपनी तस्वीरें शेयर करती रहती हैं।
तारा सुतारिया-पिया और हिमांशु सुतारिया – फोटो : इंस्टाग्राम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बॉलीवुड अभिनेत्री तारा सुतारिया ने 27 मई को अपने माता-पिता, पिया और हिमांशु सुतारिया की शादी की 35वीं सालगिरह पर एक प्यारी तस्वीर शेयर की है। इसकी के साथ तारा ने एक बेहद प्यारा संदेश भी लिखा है। इस खास मौके पर उन्होंने अपने पिता का जन्मदिन भी मनाया।
इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती का आज जन्मदिन है। उनका जन्म आज ही के दिन यानी 16 जून 1950 को हुआ था। आज हम आपको दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित मिथुन चक्रवर्ती से जुड़ी ऐसी बातों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगे।
आपको जानकर हैरानी होगी कि मिथुन एक समय नक्सली बन गए थे, लेकिन भाई की मौत के बाद वो परिवार के पास लौट आए और फिर पुणे के फिल्म्स एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से अभिनय सीखा। उन्होंने फिल्मों में आने से पहले गरीबी में दिन निकाले थे। काम की तलाश में मिथुन ने गरीबी में कई महीने काटे, तो कभी कई दिनों तक भूखा भी सोना पड़ा। उन्हें हेलन और रेखा जैसी बड़ी एक्ट्रेसेस के स्पॉटबॉय का भी काम करना पड़ा था। बाद में हुनर और लगन मिथुन को हिंदी सिनेमा का टॉप एक्टर बना दिया। आपको बता दें कि उनकी फिल्म डिस्को डांसर 100 करोड़ से ज्यादा कमाई करने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी थी।
पुणे से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने काम की तलाश में मुंबई का रुख किया। यहां पर उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं होने के कारण लंबे समय तक कुछ बिल्डिंग्स की छतों पर बनी टंकी में छिपकर सोना पड़ था।
मिथुन की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब थी
आपको जानकार हैरानी कि मृगया फिल्म बनने के बाद भी मिथुन की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब थी। वह हेलन के स्पॉटबॉय बन गए। 6 जून 1976 को फिल्म मृगया रिलीज हुई। इस फिल्म में शानदार अभिनय के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला। अवॉर्ड सेरेमनी दिल्ली में होनी थी, लेकिन मिथुन के पास दिल्ली जाने तक के पैसे नहीं थे। इस दौरान रेखा ने उनकी सहायता की। आज वह करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं।
PC:navbharattimes.indiatimes
अपडेट खबरों के लिए हमारावॉट्सएप चैनलफोलो करें
Birthday Special,Mithun Chakraborty,rooftop water tanks,financial situation">
इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती का आज जन्मदिन है। उनका जन्म आज ही के दिन यानी 16 जून 1950 को हुआ था। आज हम आपको दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित मिथुन चक्रवर्ती से जुड़ी ऐसी बातों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगे।
आपको जानकर हैरानी होगी कि मिथुन एक समय नक्सली बन गए थे, लेकिन भाई की मौत के बाद वो परिवार के पास लौट आए और फिर पुणे के फिल्म्स एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से अभिनय सीखा। उन्होंने फिल्मों में आने से पहले गरीबी में दिन निकाले थे। काम की तलाश में मिथुन ने गरीबी में कई महीने काटे, तो कभी कई दिनों तक भूखा भी सोना पड़ा। उन्हें हेलन और रेखा जैसी बड़ी एक्ट्रेसेस के स्पॉटबॉय का भी काम करना पड़ा था। बाद में हुनर और लगन मिथुन को हिंदी सिनेमा का टॉप एक्टर बना दिया। आपको बता दें कि उनकी फिल्म डिस्को डांसर 100 करोड़ से ज्यादा कमाई करने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी थी।
पुणे से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने काम की तलाश में मुंबई का रुख किया। यहां पर उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं होने के कारण लंबे समय तक कुछ बिल्डिंग्स की छतों पर बनी टंकी में छिपकर सोना पड़ था।
मिथुन की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब थी
आपको जानकार हैरानी कि मृगया फिल्म बनने के बाद भी मिथुन की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब थी। वह हेलन के स्पॉटबॉय बन गए। 6 जून 1976 को फिल्म मृगया रिलीज हुई। इस फिल्म में शानदार अभिनय के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला। अवॉर्ड सेरेमनी दिल्ली में होनी थी, लेकिन मिथुन के पास दिल्ली जाने तक के पैसे नहीं थे। इस दौरान रेखा ने उनकी सहायता की। आज वह करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं।
PC:navbharattimes.indiatimes
अपडेट खबरों के लिए हमारावॉट्सएप चैनलफोलो करें
Birthday Special,Mithun Chakraborty,rooftop water tanks,financial situation">Birthday Special: छतों पर बनी टंकी में छिपकर सो जाते थे मिथुन चक्रवर्ती, आर्थिक स्थित थी बहुत ही खराब, आज…
इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती का आज जन्मदिन है। उनका जन्म आज ही के दिन यानी 16 जून 1950 को हुआ था। आज हम आपको दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित मिथुन चक्रवर्ती से जुड़ी ऐसी बातों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगे।
आपको जानकर हैरानी होगी कि मिथुन एक समय नक्सली बन गए थे, लेकिन भाई की मौत के बाद वो परिवार के पास लौट आए और फिर पुणे के फिल्म्स एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से अभिनय सीखा। उन्होंने फिल्मों में आने से पहले गरीबी में दिन निकाले थे। काम की तलाश में मिथुन ने गरीबी में कई महीने काटे, तो कभी कई दिनों तक भूखा भी सोना पड़ा। उन्हें हेलन और रेखा जैसी बड़ी एक्ट्रेसेस के स्पॉटबॉय का भी काम करना पड़ा था। बाद में हुनर और लगन मिथुन को हिंदी सिनेमा का टॉप एक्टर बना दिया। आपको बता दें कि उनकी फिल्म डिस्को डांसर 100 करोड़ से ज्यादा कमाई करने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी थी।
पुणे से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने काम की तलाश में मुंबई का रुख किया। यहां पर उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं होने के कारण लंबे समय तक कुछ बिल्डिंग्स की छतों पर बनी टंकी में छिपकर सोना पड़ था।
मिथुन की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब थी
आपको जानकार हैरानी कि मृगया फिल्म बनने के बाद भी मिथुन की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब थी। वह हेलन के स्पॉटबॉय बन गए। 6 जून 1976 को फिल्म मृगया रिलीज हुई। इस फिल्म में शानदार अभिनय के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला। अवॉर्ड सेरेमनी दिल्ली में होनी थी, लेकिन मिथुन के पास दिल्ली जाने तक के पैसे नहीं थे। इस दौरान रेखा ने उनकी सहायता की। आज वह करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं।
PC:navbharattimes.indiatimes
अपडेट खबरों के लिए हमारावॉट्सएप चैनलफोलो करें
Birthday Special,Mithun Chakraborty,rooftop water tanks,financial situation
इससे पहले 27 मई को PM मोदी इटली दौरे पर मेलोनी से मिले थे। पीएम मोदी ने अपनी दोस्त को मेलोडी का चॉकलेट गिफ्ट किया था। यह मेलोडी मोमेंट इंटरनेट पर वायरल हो गया था। अब G7 समिट के दौरान ग्रुप फोटो सेशन के दौरान PM मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात हुई है। इस दौरान दोनों राजनेता मेलोडी मूवमेंट पर भी बात करते सुनाई दिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज की दुनिया पहले से कहीं ज्यादा आपस में जुड़ी हुई और एक-दूसरे पर निर्भर है। लेकिन, पार्टनरशिप तभी सफल हो सकती है जब वह भरोसे पर टिकी हो।
ट्रंप समेत कई वैश्विक नेताओं की रही मौजूदगी
आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बगल में बैठे नजर आए। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सहित कई वैश्विक नेता मौजूद रहे। बैठक शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न देशों के नेताओं से मुलाकात कर उनका अभिवादन भी किया।
Shared my thoughts at the Outreach Session on ‘Forging New Partnerships and Rebuilding International Solidarity’ at the G7 Summit in Evian. In a world that is getting more interconnected and interdependent than ever before, this subject becomes all the more vital. But,… pic.twitter.com/NjNddWGtFF
G7 समिट के मंच से क्या बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में वैश्विक नेताओं को संबोधित करते हुए दुनिया को दाता-प्राप्तकर्ता (Donor-Recipient) की सोच से आगे बढ़कर समानता, एकजुटता और विश्वास पर आधारित साझेदारियों की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया।
‘नई साझेदारियां गढ़ना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण’ विषय पर आयोजित सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज की दुनिया पहले से कहीं अधिक परस्पर जुड़ी और एक-दूसरे पर निर्भर हो गई है। ऐसे समय में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण आधार ‘विश्वास’ होना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हमेशा ‘मानवता प्रथम’ (Humanity First) के मार्ग पर चला है और सतत एवं समावेशी वैश्विक विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर भारत की सोच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के दर्शन पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि पूरा विश्व एक परिवार है। उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक पहलें इसी सोच को प्रतिबिंबित करती हैं और दुनिया को साझा चुनौतियों से निपटने के लिए एक मंच पर लाने का प्रयास करती हैं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पहलों का जिक्र किया। इनमें इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA), डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर गठबंधन (CDRI), ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस, मिशन LiFE और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये पहलें वैश्विक सहयोग, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। Edited by : Sudhir Sharma
इससे पहले 27 मई को PM मोदी इटली दौरे पर मेलोनी से मिले थे। पीएम मोदी ने अपनी दोस्त को मेलोडी का चॉकलेट गिफ्ट किया था। यह मेलोडी मोमेंट इंटरनेट पर वायरल हो गया था। अब G7 समिट के दौरान ग्रुप फोटो सेशन के दौरान PM मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात हुई है। इस दौरान दोनों राजनेता मेलोडी मूवमेंट पर भी बात करते सुनाई दिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज की दुनिया पहले से कहीं ज्यादा आपस में जुड़ी हुई और एक-दूसरे पर निर्भर है। लेकिन, पार्टनरशिप तभी सफल हो सकती है जब वह भरोसे पर टिकी हो।
ट्रंप समेत कई वैश्विक नेताओं की रही मौजूदगी
आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बगल में बैठे नजर आए। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सहित कई वैश्विक नेता मौजूद रहे। बैठक शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न देशों के नेताओं से मुलाकात कर उनका अभिवादन भी किया।
Shared my thoughts at the Outreach Session on ‘Forging New Partnerships and Rebuilding International Solidarity’ at the G7 Summit in Evian. In a world that is getting more interconnected and interdependent than ever before, this subject becomes all the more vital. But,… pic.twitter.com/NjNddWGtFF
G7 समिट के मंच से क्या बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में वैश्विक नेताओं को संबोधित करते हुए दुनिया को दाता-प्राप्तकर्ता (Donor-Recipient) की सोच से आगे बढ़कर समानता, एकजुटता और विश्वास पर आधारित साझेदारियों की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया।
‘नई साझेदारियां गढ़ना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण’ विषय पर आयोजित सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज की दुनिया पहले से कहीं अधिक परस्पर जुड़ी और एक-दूसरे पर निर्भर हो गई है। ऐसे समय में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण आधार ‘विश्वास’ होना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हमेशा ‘मानवता प्रथम’ (Humanity First) के मार्ग पर चला है और सतत एवं समावेशी वैश्विक विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर भारत की सोच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के दर्शन पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि पूरा विश्व एक परिवार है। उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक पहलें इसी सोच को प्रतिबिंबित करती हैं और दुनिया को साझा चुनौतियों से निपटने के लिए एक मंच पर लाने का प्रयास करती हैं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पहलों का जिक्र किया। इनमें इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA), डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर गठबंधन (CDRI), ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस, मिशन LiFE और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये पहलें वैश्विक सहयोग, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। Edited by : Sudhir Sharma
">मेलोडी मूमेंट के बाद फिर साथ PM मोदी-जॉर्जिया मेलोनी, ट्रंप से मिलाया हाथ, G7 Summit के मंच से भारत का दुनिया को बड़ा संदेश
फ्रांस के एवियन में ग्रुप-7 यानी G7 समिट चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समिट में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी की दो दोस्तों के साथ मुलाकात हुई। पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और PM मोदी के बीच करीब 5 मिनट की मुलाकात हुई। इसके बाद इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ मोदी की मुलाकात हुई है। सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं की तस्वीरें फिर वायरल हो रही हैं।
Before the start of the proceedings at the G7 Summit in Evian this afternoon.
इससे पहले 27 मई को PM मोदी इटली दौरे पर मेलोनी से मिले थे। पीएम मोदी ने अपनी दोस्त को मेलोडी का चॉकलेट गिफ्ट किया था। यह मेलोडी मोमेंट इंटरनेट पर वायरल हो गया था। अब G7 समिट के दौरान ग्रुप फोटो सेशन के दौरान PM मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात हुई है। इस दौरान दोनों राजनेता मेलोडी मूवमेंट पर भी बात करते सुनाई दिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज की दुनिया पहले से कहीं ज्यादा आपस में जुड़ी हुई और एक-दूसरे पर निर्भर है। लेकिन, पार्टनरशिप तभी सफल हो सकती है जब वह भरोसे पर टिकी हो।
ट्रंप समेत कई वैश्विक नेताओं की रही मौजूदगी
आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बगल में बैठे नजर आए। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सहित कई वैश्विक नेता मौजूद रहे। बैठक शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न देशों के नेताओं से मुलाकात कर उनका अभिवादन भी किया।
Shared my thoughts at the Outreach Session on ‘Forging New Partnerships and Rebuilding International Solidarity’ at the G7 Summit in Evian. In a world that is getting more interconnected and interdependent than ever before, this subject becomes all the more vital. But,… pic.twitter.com/NjNddWGtFF
G7 समिट के मंच से क्या बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में वैश्विक नेताओं को संबोधित करते हुए दुनिया को दाता-प्राप्तकर्ता (Donor-Recipient) की सोच से आगे बढ़कर समानता, एकजुटता और विश्वास पर आधारित साझेदारियों की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया।
‘नई साझेदारियां गढ़ना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण’ विषय पर आयोजित सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज की दुनिया पहले से कहीं अधिक परस्पर जुड़ी और एक-दूसरे पर निर्भर हो गई है। ऐसे समय में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण आधार ‘विश्वास’ होना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हमेशा ‘मानवता प्रथम’ (Humanity First) के मार्ग पर चला है और सतत एवं समावेशी वैश्विक विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर भारत की सोच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के दर्शन पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि पूरा विश्व एक परिवार है। उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक पहलें इसी सोच को प्रतिबिंबित करती हैं और दुनिया को साझा चुनौतियों से निपटने के लिए एक मंच पर लाने का प्रयास करती हैं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पहलों का जिक्र किया। इनमें इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA), डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर गठबंधन (CDRI), ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस, मिशन LiFE और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये पहलें वैश्विक सहयोग, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। Edited by : Sudhir Sharma
Post Comment