सवाल खड़े हो रहे हैं कि जो आयकर विभाग रिटर्न में एक दिन की भी देरी होने पर करदाता से पेनाल्टी वसूलता है वो खुद की देरी के लिए जवाबदेह क्यों नहीं है? …और पढ़ें
HighLights
- आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है
- आयकर के पोर्टल पर रिटर्न दाखिल करने की सुविधा अब तक शुरू नहीं हुई है
- नए रिटर्न फार्म का प्रारूप जारी तो कर दिया लेकिन पोर्टल पर यूटीलिटी का विकल्प नहीं खोला गया
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। नये वित्त वर्ष के 45 दिन बीत चुके हैं लेकिन आयकर के पोर्टल पर रिटर्न दाखिल करने की सुविधा अब तक शुरू नहीं हुई है। सवाल खड़े हो रहे हैं कि जो आयकर विभाग रिटर्न में एक दिन की भी देरी होने पर करदाता से पेनाल्टी वसूलता है वो खुद की देरी के लिए जवाबदेह क्यों नहीं है?
1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू हो चुका है। बीते दिनों में आयकर ने नए रिटर्न फार्म का प्रारूप जारी तो कर दिया लेकिन पोर्टल पर यूटीलिटी का विकल्प नहीं खोला गया। बिना इस विकल्प के शुरू हुए आयकर रिटर्न दाखिल नहीं हो सकता।
सीए ब्रांच इंदौर के पूर्व अध्यक्ष कीर्ति जोशी कहते हैं नियमानुसार यह अनिवार्य है कि प्रत्येक करदाता को आयकर रिटर्न आनलाइन ही दाखिल करना है। ऐसे में रिटर्न फार्म से उसका काम नहीं चलेगा। रिटर्न फार्म भी साफ्टवेयर से दाखिल होते हैं। ऐसे में यूटीलिटी जारी होने के बाद उसके अनुरूप साफ्टवेयर अपडेट करने में भी दो से चार दिन का समय लगया है।
इस तरह देखा जाए तो अभी की स्थिति में ही रिटर्न ताखिल करने की एक तिहाई समय सीमा तो सिर्फ आनलाइन पोर्टल शुरू होने के इंतजार में ही बीत चुकी है। समय के लिहाज से करदाताओं के लिए यह बढ़ा नुकसान है। जिसकी भरपाई नहीं हो सकती।
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