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इंदौर का राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन: भीषण गर्मी में यात्रियों के लिए पीने का पानी नहीं, प्याऊ में टोटी तक नहीं

इंदौर का राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन: भीषण गर्मी में यात्रियों के लिए पीने का पानी नहीं, प्याऊ में टोटी तक नहीं

प्रणय चौहान, नईदुनिया, इंदौर। सिंहस्थ-2028 को देखते हुए पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल इंदौर के मुख्य रेलवे स्टेशन और लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन पर करोड़ों रुपए खर्च कर पुनर्निर्माण कार्य कर रहा है। वहीं, दूसरी ओर इंदौर के आसपास के अन्य रेलवे स्टेशनों की तरफ यात्रियों की सुविधाओं की अनदेखी कर ध्यान नहीं दे रहा है।

शहर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन पर यात्री आवागमन करते हैं, लेकिन उनके पीने के पानी तक की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। साथ ही आसपास की कालोनियों के रहवासियों ने रेलवे स्टेशन को आवाजाही के लिए आम रास्ता बना रखा है। रेलवे इस समस्या का समाधान नहीं निकाल पा रहा है। टिकिट कराने वालों ने बताया कि रेलवे ने बिना सूचना के दूसरी टिकिट खिड़की बंद कर दी है। इससे यात्रियों को टिकिट कराने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बड़ी संख्या में यात्री आवागमन करते हैं

राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन से इंदौर, उज्जैन, रतलाम, महू सहित अन्य रेलवे स्टेशनों पर बड़ी संख्या में यात्री आवागमन करते हैं। रेलवे यात्रियों को इस भीषण गर्मी में सुविधाओं के नाम पर पीने के पानी की व्यवस्था तक नहीं कर पा रहा है। एक प्लेटफार्म पांच और दो नंबर प्लेटफार्म पांच प्याऊ बनें हुए हैं, लेकिन प्याऊ में पानी तो दूर की बात है नालों में टोटी तक नहीं लगी हुई है।

प्याऊ जीर्णशीर्ण हालत में नजर आए। रहवासी डा. मनीष जैन मनजीत सिंह ने बताया कि रेलवे को यात्रियों इस भीषण गर्मी में पीने का पानी तो उपलब्ध करवाना चाहिए। महिलाएं छोटे बच्चों के साथ यात्रा करती हैं तो वो स्टेशन के बाहर भी पानी लेने के लिए नहीं जा सकती, क्योंकि बाहर जाने पर ट्रेन छूटने का डर बना रहता है। हालांकि यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए आसपास के रहवासियाें ने एक नंबर प्लेटफार्म पर एक पानी की सुराई रखी है। वहीं, दूसरे नंबर प्लेटफार्म पर भी एक छोटी सी सुराई रखी नजर आई। उसमें भी पानी आसपास के रहवासी ही भरते है।

नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हजारों रहवासी

वहीं, स्टेशन पर पिछले कई सालों से एक बड़ी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। राजेंद्र नगर स्टेशन पर नियमों की धज्जियां हजारों रहवासी रोजाना उड़ाते नजर आ रहे हैं। दरअसल, रेलवे स्टेशन के पीछे भीम नगर सहित आधा दर्जन कालोनियों के रहवासियों ने रेलवे द्वारा बनाई गई लोहे की जाली की बाउंड्रीवाल को तोड़कर आम रास्ता बना रखा है।

कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

सुबह से रात तक स्कूली बच्चें से लेकर महिलाएं, युवतियां, बुजुर्ग तक हजारों रहवासी जान पर खिलवाड़ कर पटरी पार करके राजेंद्र नगर की तरफ और राजेंद्र नगर से भीम नगर की और आवागमन करते हैं। इंदौर से महू और महू से इंदौर आने-जाने वाली थ्रू ट्रेने तेज गति से आवाजाही करती हैं, ऐसी स्थिति में किसी भी समय पटरी पर करने वाले रहवासियों के साथ बड़ा हादसा हो सकता है।

निवासियों ने बताया कि प्लेटफार्म पर पास ही रेलवे ने यात्रियों के लिए एक फुट ओवरब्रिज बना रखा है। यदि रेलवे फुट ओवरब्रिज का प्रवेश एवं निषेध राजेंद्र नगर के रेलवे स्टेशन के बाहर कर दे तो ये सालों की समस्या का समाधान निकल सकता है। इससे हजारों निवासियों की पटरी पार करने की समस्या का भी स्थायी समाधान हो जाएगा।

बिना सूचना बंद की दूसरी रिजर्वेशन खिड़की

टिकिट कराने वाले एडवोकेट हरीश पाठक एवं रोहित धनोते ने बताया कि रेलवे ने बिना सूचना के चार से पांच महीने पहले रिजर्वेशन की दूसरी खिड़की बंद कर दी है। इसके कारण अब एक ही खिड़की से लंबी दूरी के टिकिट बन रहे है। इससे सभी यात्रियों का दबाव एक ही खिड़की पर आ गया है। सुबह के समय टिकिट बनवाने वालों की लंबी लाइन लगती है। लोगों को टिकिट बनवाने के लिए घंटों का इंतजार करना पड़ता है। इसमें बहुत समय बर्बाद होता है। रेलवे को टिकिट बनवाने वालों की सुविधा को देखते हुए दूसरी खिड़की फिर से शुरू करना चाहिए।

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