×
इंदौर के अरविंदो अस्‍पताल क्षेत्र में 40 लोगों को काटने वाले पागल कुत्ते की नहीं हो सकी पहचान, निगम ने 25 कुत्ते पकड़े

इंदौर के अरविंदो अस्‍पताल क्षेत्र में 40 लोगों को काटने वाले पागल कुत्ते की नहीं हो सकी पहचान, निगम ने 25 कुत्ते पकड़े

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। अरबिंदो अस्पताल परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में 40 से अधिक लोगों पर कुत्ते द्वारा हमला करने का मामला सामने आया था। घटना के बाद नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी जागे और कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई की। इससे पहले लंबे समय से रहवासियों द्वारा शिकायत की जा रही थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी।

शनिवार को क्षेत्र से 25 कुत्तों को पकड़कर ट्रेनिंग ग्राउंड स्थित श्वान शेल्टर होम में ले जाया गया। इसमें से अस्पताल परिसर से 12 कुत्तों को पकड़ा गया। हालांकि जिस कुत्ते ने 40 से ज्यादा लोगों को काटा था, उसकी पहचान नहीं हो पाई है।

संभवत: वह क्षेत्र में अभी भी सक्रिय हो सकता है और लोगों पर हमला कर सकता है। जिन लोगों को श्वान ने गंभीर जख्मी किया है, उनका अस्पताल में उपचार जारी है।

अधिकारियों के मुताबिक नगर निगम द्वारा शहर में एक-एक हजार क्षमता के तीन बड़े डॉग शेल्टर होम बनाने की योजना है। इसके लिए निगम द्वारा भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड को 30-30 लाख रुपये के तीन प्रस्ताव भेजे गए। इसके अलावा ड्राइंग व डिजाइन भी स्वीकृति के लिए भेजी गई है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।

आसपास के गांवों में दहशत का माहौल

कुत्ते ने अरबिंदो अस्पताल से काटने की शुरुआत की थी, इसके बाद यहाँ से भगाया तो रेवती रेंज, बरदरी गांव, एलएनसीटी कॉलेज, रेनेसा कॉलेज, नरसिंह मुंजी कॉलेज और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर कई लोगों पर हमला किया। घटना के बाद इन क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। यहाँ लोग बाहर निकलने से भी बच रहे हैं, यदि कहीं जाना भी है तो अकेले नहीं जा रहे हैं।

माता-पिता बच्चों को घर से बाहर नहीं भेज रहे हैं। लोगों ने बताया कि नगर निगम ने हमला करने वाले कुत्ते को अभी तक पकड़ा नहीं है, उसे जल्द पकड़ा जाए। जब तक वह कुत्ता नहीं पकड़ा जाता, लोगों में डर बना रहेगा।

पूरा शहर इनके आतंक से परेशान

शहर की गलियों से लेकर बड़े क्षेत्रों तक कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। कुत्तों के आतंक से पैदल चलने वालों के साथ ही दोपहिया वाहन चालक भी परेशान हैं। कुत्ते दोपहिया वाहन के पीछे भी भागते हैं, जिससे कई बार चालक डरकर गिरकर जख्मी हो जाते हैं। रात के समय इनका आतंक ज्यादा देखने को मिलता है, क्योंकि इस समय सड़कों पर वाहनों की संख्या कम हो जाती है।

कई क्षेत्रों में लोगों ने बताया कि इसके कारण रात के समय हमें घरों से बाहर निकलने में भी डर लगने लगा है। हम सामान लेकर घर जाते हैं तो यह थैलियां छीन लेते हैं। बच्चों को भी इनके डर से घर से बाहर अकेले नहीं भेज पाते हैं।

हुकुमचंद अस्पताल में कुत्तों द्वारा हमले के बाद इलाज करवाने वाले मरीज

माह कुल मरीज पुरुष महिला बच्चे
जनवरी 4792 3065 883 844
फरवरी 4166 2700 915 667
मार्च 4722 3102 833 787
अप्रैल 4379 2781 808 790

Source link
#इदर #क #अरवद #असपतल #कषतर #म #लग #क #कटन #वल #पगल #कतत #क #नह #ह #सक #पहचन #नगम #न #कतत #पकड

Post Comment