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इंदौर के देवास नाका, नायता-मुंडला में ई-बसों के नए डिपो 80% तैयार, 160 बसों की पार्किंग व चार्जिंग सुविधा

इंदौर के देवास नाका, नायता-मुंडला में ई-बसों के नए डिपो 80% तैयार, 160 बसों की पार्किंग व चार्जिंग सुविधा

शहर में सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह इलेक्ट्रिक बनाने की दिशा में स्मार्ट सिटी कंपनी ने देवास नाका आईएसबीटी और नायता-मुंडला आईएसबीटी में दो अत्याधुनिक…और पढ़ें

Publish Date: Sat, 18 Jul 2026 10:41:20 AM (IST)Updated Date: Sat, 18 Jul 2026 10:41:20 AM (IST)

ई-बस का डिपो। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. अक्टूबर तक दोनों डिपो पूरी तरह चालू होने की उम्मीद, शहर में बढ़ रहे ई-बस बेड़े को मिलेगा स्थायी बेस
  2. दोनों डिपो में मिलाकर 160 इलेक्ट्रिक बसों की पार्किंग और चार्जिंग की व्यवस्था रहेगी
  3. इन डिपो के शुरू होने से शहर में आने वाली नई ई-बसों के संचालन, रखरखाव और चार्जिंग की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह इलेक्ट्रिक बनाने की दिशा में स्मार्ट सिटी कंपनी ने देवास नाका आईएसबीटी और नायता-मुंडला आईएसबीटी में दो अत्याधुनिक ई-बस डिपो तैयार किए हैं। दोनों डिपो में मिलाकर 160 इलेक्ट्रिक बसों की पार्किंग और चार्जिंग की व्यवस्था रहेगी। इन डिपो के शुरू होने से शहर में आने वाली नई ई-बसों के संचालन, रखरखाव और चार्जिंग की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

नायता-मुंडला डिपो 20 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित किया गया है, जहां 120 बसों की पार्किंग और 20 ड्यूल-साइड चार्जर लगाए गए हैं। वहीं देवास नाका डिपो 5 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में बना है, जहां 40 बसों की पार्किंग और 7 ड्यूल-साइड चार्जर की सुविधा रहेगी। दोनों डिपो के सिविल वर्क लगभग 80 प्रतिशत पूरे हो चुके हैं। बिजली से जुड़े अधिकांश काम पूरे कर लिए हैं। दोनों स्थानों पर ट्रांसफॉर्मर, आरएमयू, एलटी पैनल और अन्य बिजली इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार हैं। नायता-मुंडला में बसों की चार्जिंग भी शुरू हो चुकी है।

मार्च तक पूरा होना था, फंड की कमी से हुई देरी

दोनों डिपो के निर्माण का काम 14 नवंबर 2025 को शुरू हुआ था और अनुबंध के अनुसार इसे चार माह में पूरा होना था। हालांकि फंड जारी होने में देरी के कारण निर्माण की गति प्रभावित हुई। अब एजेंसी ने अक्टूबर तक सिविल कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है। एआईसीटीएसएल पहले से शहर में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन कर रहा है। केंद्र की पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत इंदौर को नई ई-बसों भी मिलने वाली हैं। ऐसे में इन दोनों डिपो के शुरू होने से नए बस बेड़े के संचालन के लिए पर्याप्त आधारभूत ढांचा उपलब्ध हो जाएगा। इससे बसों की चार्जिंग, रात में पार्किंग और नियमित मेंटेनेंस एक ही परिसर में किया जा सकेगा, जिससे संचालन अधिक व्यवस्थित और लागत भी कम होगी।

दोनों डिपो की खास बातें

मुंडला नायता डिपो

  • एरिया: 20,000 वर्गमीटर
  • पार्किंग क्षमता: 120 ई-बस
  • चार्जर: 20 ड्यूल साइड चार्जर
  • लागत: 5.36 करोड़ रुपए

देवास नाका डिपो

  • एरिया: 5,000 वर्गमीटर
  • पार्किंग क्षमता: 40 ई-बस
  • चार्जर: 7 ड्यूल-साइड चार्जर
  • लागत: 3.56 करोड़ रुपए

इंदौर से उज्जैन, भोपाल, खरगोन, सेंधवा, खंडवा, बुरहानपुर, रतलाम, धार-मांडू और महेश्वर के लिए शुरू होंगी इलेक्ट्रिक बसें

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