बिचौली मर्दाना तालाब का स्वरूप बीते कुछ वर्षो में लगातार सिमटता गया। कभी 10 से 15 एकड़ तक क्षेत्र में वर्षाकाल में पानी भरता था, लेकिन शहरी विकास और अ …और पढ़ें
HighLights
- बिचौली हप्सी तहसीलदार द्वारा कई लोगों को दिए गए है नोटिस, कार्रवाई कोसो दूर
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। प्रदेश में मानसून की आमद कभी भी हो सकती है, लेकिन अभी तक बिचौली मर्दाना तालाब और पानी लाने वाली चैनल से अतिक्रमण नहीं हटाए गए। इससे वर्षाकाल में इस बार भी तालाब खाली रह सकता है।
शहर के अधिकांश बोरिंग सूखने के बाद जलसंकट को लेकर इस बार खासा हाहाकार मचा था और मुख्यमंत्री को स्वयं मोर्चा संभालते हुए तालाबों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश देने पड़े थे। इसके बावजूद तालाबों के अतिक्रमण हटाने में अधिकारी सुस्ती दिखा रहे है। ऐसे में आने वाले वर्षो में जल संचय की योजना पूरी नहीं होती दिख रही है।
दरअसल बिचौली मर्दाना तालाब का स्वरूप बीते कुछ वर्षो में लगातार सिमटता गया। कभी 10 से 15 एकड़ तक क्षेत्र में वर्षाकाल में पानी भरता था, लेकिन शहरी विकास और अतिक्रमण के कारण तालाब का स्वरूप धीरे-धीरे खत्म कर दिया गया। जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी तालाबों की इस दुर्दशा पर मुक दर्शक बने रहे। इसकी का नतीजा है कि शहर जलसंकट से जुझ रहा है।
शासन द्वारा हर साल जल संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है, इसके बावजूद तालाबों से अतिक्रमण नहीं हट पाए। इसकी वजह से प्राकृतिक जल स्रोत्रों में वर्षाकाल का पानी जमा नहीं हो पा रहा है। हर साल अतिक्रमण हटाने का दावा किया जाता है, लेकिन रसुखदारों पर कार्रवाई नहीं हो पाती है। हालत यह कि अतिक्रमण हटाए बिना तालाब का गहरीकरण किया जा रहा है। गहरीकरण से पहले अतिक्रमण हटाए जाना चाहिए, ताकि वर्षाकाल का पानी इसमें सहेजा जा सके।
तालाब की पाल पर अतिक्रमण
तालाब के केचमेंट एरिया में धीरे-धीरे अतिक्रमण वर्षो से किया रहा है। तालाब की पाल पर भी भराव कर मकान और स्वास्थ्य केंद्र तक बना दिए गए। वहीं दूसरी तरफ पीपल्याहाना की तरफ भी तालाब के हिस्से में अतिक्रमण कर तालाब का स्वरूप ही खत्म कर दिया गया। हालात यह है कि यहां अतिक्रमण के कारण तालाब नजर ही नहीं आता है।
तालाब में आ रहा सीवर का पानी
बिचोली मर्दाना और आसपास विकसित हुई अनेकों कालोनियों से निकलने वाला सीवर का पानी सीधे तालाब में मिल रहा है। सीवर के पानी के कारण तालाब का पानी पूरी तरह से काला और बदुदार हो चुका है। तालाब गहरीकरण के लिए पानी निकालने के दौरान यह समस्या सामने आई।तालाब में सीवर का पानी बगैर ट्रिट किए मिलने से भूमिगत पानी भी गंदा हो रहा है। अतिक्रमण हटाने के साथ ही सीवर के पानी की निकासी की व्यवस्था करना होगी।
नाेटिस जारी किए हैं
बिचौली मर्दाना तालाब पर हुए अतिक्रमण को लेकर नाेटिस जारी किए है। सुनवाई का मौका दिया गया था और अब अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। -अनिल पटेल, तहसीलदार बिचोली हप्सी
मुख्यमंत्री का फ्री हैंड, फिर भी इंदौर में तालाबों के अतिक्रमणों पर नहीं चल रहा बुलडोजर
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