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इंदौर: ट्रेन में यात्रा से पूर्व बदल सकते हैं बोर्डिंग स्टेशन, ऑनलाइन मिलती है सुविधा

इंदौर: ट्रेन में यात्रा से पूर्व बदल सकते हैं बोर्डिंग स्टेशन, ऑनलाइन मिलती है सुविधा

कई बार टिकट बुक करने के बाद यात्री की योजना बदल जाती है और उसे किसी दूसरे स्टेशन से ट्रेन पकड़नी पड़ती है। ऐसे में रेल यात्रियों को बोर्डिंग स्टेशन बद …और पढ़ें

By Ramnath MutkuleEdited By: Ramnath Mutkule

Publish Date: Sun, 10 May 2026 09:06:41 AM (IST)Updated Date: Sun, 10 May 2026 09:06:41 AM (IST)

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. कई बार यात्री की योजना बदल जाती है और उसे किसी दूसरे स्टेशन से ट्रेन पकड़नी पड़ती है
  2. ऐसी स्थिति में रेल यात्रियों को बोर्डिंग स्टेशन बदलने की अनुमति देता है
  3. इसके लिए कुछ महत्वपूर्ण नियम बनाए गए हैं जिनका पालन करना जरूरी होता है

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भारतीय रेलवे यात्रियों को यात्रा में सुविधा देने के लिए कई प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराता है। उन्हीं सुविधाओं में से एक है बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा। कई बार टिकट बुक करने के बाद यात्री की योजना बदल जाती है और उसे किसी दूसरे स्टेशन से ट्रेन पकड़नी पड़ती है। ऐसी स्थिति में रेल यात्रियों को बोर्डिंग स्टेशन बदलने की अनुमति देता है।

बोर्डिंग स्टेशन वह स्टेशन होता है जहां से यात्री ट्रेन में चढ़ता है। उदाहरण के लिए यदि किसी यात्री की टिकट इंदौर से दिल्ली तक की है और उसने इंदौर को बोर्डिंग स्टेशन चुना है, तो उसे ट्रेन इंदौर से ही पकड़नी होगी, लेकिन यदि बाद में उसे उज्जैन से ट्रेन पकड़नी हो, तो वह अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकता है, लेकिन इसके लिए कुछ महत्वपूर्ण नियम बनाए गए हैं जिनका पालन करना जरूरी होता है।

रेलवे के नियमों के अनुसार यदि कोई यात्री ट्रेन शुरू होने से 24 घंटे पहले अपना बोर्डिंग स्टेशन बदलता है, तो सामान्य स्थिति में किराए का कोई रिफंड नहीं मिलेगा। इसका अर्थ यह है कि यदि आपने पहले किसी एक स्टेशन से टिकट ली थी और बाद में आगे वाले स्टेशन से ट्रेन पकड़ने का निर्णय लिया, तो पहले वाले स्टेशन से आगे वाले स्टेशन तक का किराया वापस नहीं किया जाएगा। हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में रेलवे रिफंड देने की अनुमति देता है। उदाहरण के लिए यदि ट्रेन रद हो जाती है, कोच नहीं लगाया जाता या ट्रेन तीन घंटे से अधिक देर से चलती है तो सामान्य रिफंड नियम लागू होंगे।

यदि यात्री ने अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल लिया है, तो वह मूल बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन में चढ़ने का अधिकार खो देता है। उदाहरण के लिए यदि किसी यात्री ने इंदौर की जगह उज्जैन को नया बोर्डिंग स्टेशन बना लिया है तो वह इंदौर से ट्रेन में नहीं चढ़ सकता। यदि वह पुराने स्टेशन से यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे बिना उचित अनुमति के यात्रा करने वाला माना जाएगा। ऐसी स्थिति में यात्री को जुर्माने के साथ अतिरिक्त किराया भी देना पड़ सकता है। रेलवे यात्री से मूल बोर्डिंग स्टेशन से नए बोर्डिंग स्टेशन तक का किराया और पेनाल्टी दोनों वसूल सकता है। इसलिए बोर्डिंग स्टेशन बदलने के बाद यात्रियों को नए नियमों का पालन करना चाहिए।

इन परिस्थितियों में नहीं बदल सकता स्टेशन

रेलवे कुछ परिस्थितियों में बोर्डिंग स्टेशन बदलने की अनुमति नहीं देता। यदि किसी यात्री की टिकट जब्त कर ली गई है तो वह अपना बोर्डिंग स्टेशन नहीं बदल सकता। टिकट जब्त होने का अर्थ है कि टिकट किसी नियम उल्लंघन या अन्य कारण से रेलवे अधिकारियों द्वारा रोकी गई हो। इसी प्रकार जिन टिकटों में विकल्प योजना चुनी गई होती है, उनमें बोर्डिंग स्टेशन बदलने की अनुमति नहीं होती।

ऑनलाइन बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा केवल ई-टिकट के लिए उपलब्ध होती है। यदि किसी यात्री ने ई-टिकट बुक किया है, जिसमें टिकट घर के पते पर भेजी जाती है, तो वह आनलाइन बोर्डिंग स्टेशन नहीं बदल सकता। ऐसे यात्रियों को रेलवे काउंटर पर जाकर जानकारी लेनी पड़ सकती है। रेलवे के नियमों के अनुसार करंट बुकिंग टिकट में भी बोर्डिंग स्टेशन बदलने की अनुमति नहीं होती। करंट बुकिंग वह टिकट होती है जो यात्रा के समय के बहुत करीब बुक की जाती है। क्योंकि इन टिकटों में समय बहुत कम होता है, इसलिए रेलवे उनमें बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा नहीं देता।

ऐसे बदल सकते हैं स्टेशन

यात्री घर बैठे आनलाइन तरीके से बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। इसके लिए यात्री को आइआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर लागइन करना होता है। इसके बाद बुक्ड टिकट हिस्ट्री सेक्शन में जाकर संबंधित टिकट चुननी होती है। वहां चेंज बोर्डिंग पॉइंट का विकल्प दिखाई देता है। यात्री अपनी सुविधा के अनुसार नया स्टेशन चुनकर बोर्डिंग स्टेशन बदल सकता है।

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