×
उज्‍जैन: बगैर रजिस्‍ट्रेशन के क्लीनिक में ऑपरेशन के दौरान बालिका की मौत, डॉक्‍टर, कर्मचारी ताला लगाकर भागे

उज्‍जैन: बगैर रजिस्‍ट्रेशन के क्लीनिक में ऑपरेशन के दौरान बालिका की मौत, डॉक्‍टर, कर्मचारी ताला लगाकर भागे

नाराज स्वजन ने डाॅक्टर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आगर रोड पर शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। तीन थानों की पुलिस ने स्वजन को समझाइश दी है। सीएमए …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 09 May 2026 11:13:30 PM (IST)Updated Date: Sat, 09 May 2026 11:23:00 PM (IST)

नोबल क्लीनिक के बाहर लगी लोगों की भीड़।

HighLights

  1. अपेडिंक्स के ऑपरेशन के दौरान हुई मौत।
  2. ताला लगाकर भागे डाॅक्टर व कर्मचारी।
  3. परिजनों ने बाहर किया जमकर हंगामा।

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। मंछामन कॉलोनी में बगैर पंजीयन चल रहे नोबल पाली क्लीनिक में शनिवार को आपरेशन के दौरान एक बालिका की मौत हो गई। क्लीनिक के डाक्टरों ने शव को एंबुलेंस से दूसरे अस्पताल भेज दिया। इसके बाद डाॅक्टर व कर्मचारी क्लीनिक पर ताला लगाकर भाग निकले।

नाराज स्वजन ने डाॅक्टर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आगर रोड पर शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। तीन थानों की पुलिस ने स्वजन को समझाइश दी है। सीएमएचओ ने क्लीनिक सील करवा दिया। नीलगंगा पुलिस जांच में जुटी है।

पुलिस ने बताया कि दीपिका पुत्री मेहरबान उम्र 11 वर्ष निवासी ग्राम पिलियाखेड़ी राघवी सातवीं कक्षा की छात्रा थी। एक माह से पेट में दर्द होने के कारण स्वजन ने उसे उज्जैन में मंछामन कॉलोनी स्थित नोबल पाली क्लीनिक में राजेश चौहान को दिखाया था। एक माह तक क्लीनिक में बालिका का उपचार किया गया था।

शनिवार को क्लीनिक में ही बालिका का अपेंडिक्स का ऑपरेशन किया गया था। जहां उसकी माैत हो गई थी। डाॅक्टर ने इसकी जानकारी स्वजन को नहीं दी और एंबुलेंस से शव को फ्रीगंज स्थित अपना अस्पताल भेज दिया था।

स्वजन अपना अस्पताल पहुंचे तो वहां उन्हें बताया गया कि बालिका की मौत हो गई है। इसके बाद स्वजन बालिका का शव लेकर नोबल अस्पताल पहुंचे थे। मगर वहां के डाॅक्टर व कर्मचारी ताला लगाकर भाग चुके थे।

हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस व सीएमएचओ

बालिका की मौत को लेकर स्वजन ने क्लीनिक के बाहर ही शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया था। जानकारी मिलने पर नीलगंगा पुलिस व सीएमएचओ अशोक पटेल मौके पर पहुंचे थे। क्लीनिक को सील कर दिया है। आरोपित डाॅक्टर की तलाश की जा रही है।

क्लीनिक का भी पंजीयन नहीं, डाॅक्टर भी फर्जी

सीएमएचओ अशोक पटेल ने बताया कि क्लीनिक में केवल मरीज को स्वास्थ्य परामर्श दिया जाता है। ऑपरेशन नहीं किया जा सकता है। जबकि नोबल पाली क्लीनिक में बालिका का ऑपरेशन किया गया था। आशंका है कि नस कटने से अधिक खून बहने के कारण उसकी मौत हुई है। पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा। क्लीनिक किसी राजेश चौहान का बताया जा रहा है। उसके भी दस्तावेज खंगाले जा रहे है।

चरक के बाहर शव रख किया यातायात जाम

बालिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए पीएम कक्ष भिजवाया गया था। स्वजन ने हंगामा करते हुए शव को चरक अस्पताल के बाहर यातायात जाम कर दिया। जिस पर नीलगंगा, माधव नगर व कोतवाली पुलिस व सीएसपी दीपिका शिंदे मौके पर पहुंचे थे। स्वजन की मांग थी कि आरोपित डाक्टर को गिरफ्तार किया जाए। पुलिस ने स्वजन को समझाइश देकर जाम खुलवाया।

उपचार की फाइल भी रख ली

बताया जा रहा है कि नोबल अस्पताल में इलाज कर रहे डाॅक्टर ने बालिका के उपचार संबंधित फाइल भी स्वजन से छीनकर अपने पास रख ली थी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद आरोपित डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

एमपी अस्पताल में भी हो चुकी युवक की मौत

  • प्रताप पुत्र शंकरलाल आंजना उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम करनावद उन्हेल और उसके दोस्त महेश आंजना निवासी ग्राम धनड़ा को इंदौर रोड स्थित महामृत्युंजय द्वार के समीप 21 अप्रैल की रात को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी।
  • उपचार के लिए प्रताप काे फ्रीगंज स्थित माधवनगर थाने के सामने एमपी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहां इलाज के दौरान प्रताप की मौत हो गई थी।
  • आक्रोशित स्वजन ने अस्पताल प्रबंधन पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया था।
  • अस्पताल में विशेषज्ञ एमबीबीएस डाॅक्टर नहीं था, ना ही वहां की मशीनें काम कर रही थी।
  • जिसके चलते प्रताप की मौत हुई थी। सीएमएचओ अशोक पटेल ने समिति बनाकर जांच करवाई थी।
  • समिति ने अपना प्रतिवेदन साैंप दिया है जिसमें कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है।
  • पटेल ने एमपी अस्पताल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जिसके बाद कार्रवाई की बात की जा रही है।

Source link
#उजजन #बगर #रजसटरशन #क #कलनक #म #ऑपरशन #क #दरन #बलक #क #मत #डकटर #करमचर #तल #लगकर #भग

Previous post

अवैध उत्खनन: क्या अपील के लिए 10% जुर्माना भरना जरूरी?: हाईकोर्ट तय करेगा-‘नियम 2022’ पुराने मामलों पर लागू होगा या नहीं – Gwalior News

Next post

प्रमुख सचिव सहित 3 अधिकारियों का जमानती वारंट: अवमानना मामले में एमपी हाईकोर्ट ने 25-25 हजार का वारंट जारी किया – Jabalpur News

Post Comment