राजस्व विभाग में काउंटर खाली पड़े हैं और कर्मचारी गायब मिले, जबकि जन्म-मृत्यु और विवाह पंजीयन विभाग में पैर रखने की जगह नहीं है।
HighLights
- सोमवार को राजस्व में पूछताछ काउंटर वीरान था
- टैक्स जमा करने वाले लोग इंतजार कर रहे थे
- प्रभारी ने लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई की बात कही
कुलदीप भावसार, नईदुनिया इंदौर। इंदौर नगर निगम मुख्यालय परिसर स्थित एक भवन में दो विभाग चल रहे हैं। एक है राजस्व विभाग और दूसरा जन्म-मृत्यु, विवाह पंजीयन विभाग। कहने को ये दोनों विभाग एक ही भवन में हैं, लेकिन दोनों की स्थिति बिलकुल उलट है। सोमवार को दोपहर नईदुनिया की टीम इन विभागों में पहुंची। राजस्व विभाग में इक्का-दुक्का लोग तो मिले, लेकिन कर्मचारी कुर्सियों से गायब थे। यहां हालत यह थी कि पूछताछ काउंटर तक पूरी तरह से वीरान पड़ा था।
पूछताछ के लिए यहां आने वाले लोग परेशान हो रहे थे। टैक्स जमा करने वाले काउंटर खाली पड़े थे। पूछने पर बताया गया कि कर्मचारी थोड़ी देर बाद आएंगे। आप बैठ जाओ। इसी भवन में चल रहे जन्म-मृत्यु, विवाह पंजीयन विभाग के बाहर तक लोगों की कतार लगी मिली। पहली नजर में लगा जैसे भीतर काउंटर खाली होंगे, कर्मचारी सीट पर नहीं मिलेंगे। लेकिन ऐसा था नहीं।
यहां यह स्थिति लगभग रोजाना बनती है। किसी तरह विभाग के भीतर पहुंचो तो पता चलता है कि आधा दर्जन से ज्यादा काउंटर हैं, सभी पर कर्मचारी काम में जुटे हैं। बताया गया कि जन्म-मृत्यु, विवाह पंजीयन विभाग में रोज ही लोगों की भीड़ इतनी रहती है कि पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती।
नए और बड़े भवन की आवश्यकता है
नगर निगम ने कुछ समय पहले जोनल कार्यालयों पर भी जन्म-मृत्यु पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई है, बावजूद इसके मुख्यालय स्थित इस कार्यालय पर काम का दबाव कम नहीं हुआ। इसी कार्यालय में विवाह पंजीयन का काम भी होता है। आने वाले लोगों की सुविधा के लिए लगाई गई कुर्सियां ही परेशानी की वजह बन रही हैं। जन्म-मृत्यु और विवाह पंजीयन कार्यालय को नए भवन की दरकार है, ताकि काम की गति बढ़ाई जा सके और यहां आने वाले लोगों को परेशानी न हो।
राजस्व विभाग के हैं हाल-बेहाल
जन्म-मृत्यु पंजीयन विभाग के उलट राजस्व विभाग में स्थिति यह मिली कि न कर्मचारी सीट पर बैठते हैं न लोगों की भीड़ नजर आती है। दरअसल, 30 जून तक यहां भी रैलमपेल थी, लेकिन अब इक्का-दुक्का लोग दिखाई पड़ते हैं। टैक्स जमा करने पहुंचे रामेश्वर भागवत ने बताया कि वे लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन काउंटर पर कोई कर्मचारी नहीं है। पास का काउंटर खुला है, लेकिन वहां जो कर्मचारी बैठे हैं।
उनका कहना है कि वे सिर्फ चेक लेंगे, नकद राशि जमा कराना है तो इंतजार करना होगा। पूछताछ काउंटर भी खाली पड़ा है। पूछने पर बताया गया कि कर्मचारी आने वाले हैं। कब तक आएंगे, यह किसी को नहीं पता। राजस्व विभाग के प्रभारी निरंजनसिंह चौहान ने बताया कि हमने कर्मचारियों को कार्यालय में पूरे समय काउंटर पर उपस्थित होने के लिए कहा है। कुछ कर्मचारी निर्देशों के बावजूद लापरवाही कर रहे हैं। ऐसा करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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