नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। रहवासियों को राहत देने के नाम पर निगम ने छावनी और जिंसी सड़क की चौड़ाई भले ही 80 फीट से कम करते हुए 60 फीट कर दी, लेकिन इससे रहवासियों को कुछ खास राहत मिलती नजर नहीं आ रही। ऐसा इसलिए क्योंकि ये दोनों ही सड़कें मास्टर प्लान में अब भी 80 फीट चौड़ी ही हैं।
नक्शे की स्वीकृति और टीडीआर पर संशय
छावनी और जिंसी दोनों ही पुरानी बसाहट हैं और इन दोनों सड़कों पर बड़ी संख्या में दशकों पुराने मकान थे जिन्हें निगम जमींदोज कर चुका है। ऐसे में जब रहवासी नया मकान बनाने के लिए नक्शा पास करवाने निगम जाएंगे तो यह स्पष्ट नहीं है कि नक्शा सड़क की चौड़ाई 80 फीट मानकर पास किया जाएगा या 60 फीट के हिसाब से।
यह भी स्पष्ट नहीं है कि जिन लोगों के मकान टूटे हैं उन्हें टीडीआर किस हिसाब से दिया जाएगा, क्योंकि उनका मकान तो मास्टर प्लान के हिसाब से टूटा ही नहीं।
विरोध के बाद 80 के बजाय 60 फीट पर हुई तोड़फोड़
छावनी और जिंसी दोनों ही सड़कों की चौड़ाई मास्टर प्लान में 80 फीट है। नगर निगम ने दोनों जगह इसी हिसाब से बाधक मकान चिह्नित किए थे, लेकिन जब जनता का विरोध बढ़ने लगा तो 80 के बजाय 60 फीट चौड़ाई के हिसाब से मार्किंग कर तोड़फोड़ कर दी।
छावनी और जिंसी दोनों ही सड़कों पर बड़ी संख्या में पुराने मकान हैं। निगम की कार्रवाई के बाद इन मकानों के नवनिर्माण के अलावा और कोई विकल्प बचा नहीं है।
मास्टर प्लान और निगम के फैसले में विरोधाभास
नवनिर्माण के लिए मकान मालिकों को नगर निगम से नक्शा पास करवाना होगा, लेकिन परेशानी यह है कि नक्शा पास किस हिसाब से होगा क्योंकि निगम ने भले ही सड़क की चौड़ाई 80 से कम कर 60 फीट कर दी, लेकिन मास्टर प्लान में तो यह अब भी 80 फीट ही है।
मंत्री भी कर चुके हैं चौड़ाई कम करने से इंकार
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी यह बात स्वीकार कर चुके हैं कि मास्टर प्लान की सड़कों की चौड़ाई कम करना नगर निगम के हाथ में नहीं है। चूंकि इन सड़कों के लिए केंद्र ने विशेष योजना के अंतर्गत 468 करोड़ रुपये की राशि जारी की है, ऐसे में बगैर केंद्र के संज्ञान में लाए भी सड़कों की चौड़ाई कम नहीं की जा सकती। ऐसी स्थिति में यह पूरा मामला उलझ गया है। मकान मालिकों की परेशानी उस वक्त सामने आएगी जब वे नक्शा पास करवाने निगम पहुंचेंगे।
कम गहराई के कारण कई मकान तो बन ही नहीं पाएंगे
परेशानी तो यह है कि छावनी क्षेत्र में कई मकान हैं जो निगम की कार्रवाई के बाद बमुश्किल 15-20 फीट गहराई के रह गए हैं। अब अगर मास्टर प्लान के हिसाब से देखें तो ऐसे मकानों की गहराई 5 से 10 फीट है। इतने कम गहरे मकानों के नक्शे कैसे पास किए जाएंगे यह स्पष्ट नहीं है।
छावनी सड़क पर पड़ा मलबा बन रहा परेशानी की वजह
नगर निगम ने गुरुवार को जिंसी क्षेत्र में और शुक्रवार को छावनी क्षेत्र में तोड़फोड़ की थी। जिंसी क्षेत्र में तो ताबड़तोड़ मलबा उठाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी, लेकिन छावनी सड़क पर अब भी जगह-जगह मलबा पड़ा हुआ है। रहवासियों और दुकानदारों का कहना है कि कार्रवाई के बाद निगम का कोई जिम्मेदार देखने ही नहीं पहुंचा।
Source link
#इदर #नगम #न #छवनजस #सडक #क #चडई #त #घट #द #पर #मसटर #पलन #म #अब #भ #फट #नकश #और #TDR #पर #उलझ #रहवस

-1779422076496_m.webp?ssl=1)

Post Comment