इंदौर जिले में अवैध रूप से खनन का खेल लगातार जारी है। शिकायत के बावजूद प्रशासन और खनिज विभाग बेखबर है और ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। …और पढ़ें
HighLights
- तेलियाखेड़ी-पेंडमी में अवैध खनन की शिकायत के बाद भी प्रशासन बेखबर
- परेशान ग्रामीणों ने ही अवैध खनन का विरोध करते हुए मशीनें बंद करवा दी और मजूदरों को खदेड़ दिया
- क्षेत्र में वर्षों से नियमों को ताक पर रखकर अवैध खनन किया जा रहा है
नईदुनिया प्रतिनिधि, डबलचौकी (इंदौर)। जिले में अवैध खनन रोकने और निगरानी के लाख दावे किए जाते हो, लेकिन हकीकत में अवैध रूप से खनन का खेल लगातार जारी है। शिकायत के बावजूद प्रशासन और खनिज विभाग बेखबर है और ग्रामीण परेशान हो रहे हैं।
खुड़ैल क्षेत्र के ग्राम तेलियाखेड़ी में संचालित अवैध खदान की शिकायत खनिज विभाग, खुडैल तहसील, एसडीएम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तक की जा चुकी है, लेकिन अब तक किसी ने जांच कर कार्रवाई करने की प्रक्रिया नही की। परेशान ग्रामीणों ने ही अवैध खनन का विरोध करते हुए मशीनें बंद करवा दी और मजूदरों को खदेड़ दिया। हालांकि इसके बावजूद चोरी छिपे खनन का खेल जारी है। खनन के लिए किए जाने वाले विस्फोट से किसानों के निजी तालाबों में दरारें आ चुकी है और सिंचाई का पानी रीस कर खदान में पहुंच रहा है।
इंदौर के खुड़ैल क्षेत्र के ग्राम पेंडमी और तेलियाखेड़ी में संचालित अवैध खदान का लेकर दो दिन पहले ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और ग्रामीणों ने खुदाई बंद करवा दी। तेलियाखेड़ी के सरपंच नरेश डांगी का कहना है क्षेत्र में वर्षों से नियमों को ताक पर रखकर अवैध खनन किया जा रहा है।
मामले की शिकायत कई बार की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पट्टाधारी को सर्वे नंबर 98/1/2, 98/2/3 और 98/1 की करीब 4.900 हेक्टेयर भूमि पर खनन की अनुमति दी गई थी, लेकिन निर्धारित सीमा से बाहर निजी और शासकीय जमीनों पर भी अवैध उत्खनन किया जा रहा है।
आसपास के मकानों में दरारें पड़ रही हैं
ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि लगातार हो रही ब्लास्टिंग से आसपास के मकानों में दरारें पड़ रही हैं और लोगों में भय का माहौल है। हनुमान मंदिर के बेहद करीब तक खदान पहुंच गई है। मंदिर से महज 50 से 60 फीट दूरी पर ब्लास्टिंग होने से किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
वहीं किसानों के निजी तालाब फूट रहे है। एसडीएम प्रियंका चौरसिया का कहना है कि मामले में शिकायत प्राप्त हुई है और खदान का सीमांकन कराया जाएगा। सीमांकन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में खनिज विभाग इंदौर के प्रभारी जयदीप नामदेव से चर्चा करना चाहिए, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
गहरा हुआ गड्डा, सुरक्षा इंतजाम नहीं
ग्रामीणों का दावा है कि खदान करीब 250 फीट गहरी हो चुकी है, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। इससे वन्य जीवों और पशुओं के लिए खतरा बढ़ गया है। कई बार मवेशियों के गहरी खदान में गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अवैध खनन से सरकारी नाले का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है और बारिश में जलभराव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
जांच करवाकर उचित कार्रवाई करेंगे
अवैध खनन होने की शिकायत की जानकारी नहीं है, यदि शिकायत हुई है और अवैध खनन हो रहा है, तो खनिज विभाग द्वारा जांच करवा कर उचित कार्रवाई की जाएगी। – रिंकेश वैश्य, अपर कलेक्टर
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