नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर में चल रहे स्वच्छता संवाद अभियान के तहत महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शनिवार को शहर के विभिन्न व्यापारी संगठनों के साथ खुलकर चर्चा की। इस संवाद का उद्देश्य केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शहर के भविष्य, यातायात, जल संरक्षण, बाजार विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी गंभीर मंथन किया गया।
बैठक में स्वच्छता प्रभारी अश्विनी शुक्ला और भाजपा नगर उपाध्यक्ष भारत पारख भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत नगर निगम के पिछले साढ़े तीन वर्षों के विकास कार्यों की वीडियो प्रस्तुति से हुई।
बैठक में सराफा बाजार, छप्पन दुकान, सियागंज, टिम्बर मार्केट, रेडीमेड एसोसिएशन और नमकीन-मिठाई व्यापारियों सहित कई प्रमुख संगठनों ने हिस्सा लिया। व्यापारियों ने शहर की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर कई व्यवहारिक सुझाव दिए। सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और पेयजल समस्या सुलझाने की मांग उठी।
वहीं प्रदूषण कम करने के लिए वाहन मालिकों को समय-समय पर पीयूसी प्रमाणपत्र नवीनीकरण के संदेश भेजने का सुझाव दिया गया।यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए नए वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों और जिम्मेदार ड्राइविंग का प्रशिक्षण देने की बात भी सामने आई। व्यापारियों ने तालाबों के गहरीकरण और चौड़ीकरण के साथ अतिक्रमण हटाकर जल संरक्षण मजबूत करने पर जोर दिया। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर अतिरिक्त डस्टबिन व शौचालय बनाने की मांग भी की गई।
वर्ष 2050 को ध्यान में रखकर किया जा रहा है विकास
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर अब केवल वर्तमान जरूरतों के हिसाब से नहीं, बल्कि वर्ष 2050 को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नर्मदा नदी की चौथे चरण की जल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में शहर की पेयजल जरूरतें पूरी हो सकेंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यापारियों के सुझावों को विकास योजनाओं में प्राथमिकता दी जाएगी।
आयुक्त पहुंचे देपालपुर
स्वच्छ शहर जोड़ी अभियान के अंतर्गत इंदौर नगर निगम द्वारा मेंटर सिटी के रूप में देपालपुर नगर परिषद को स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में मदद की जा रही है। निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल द्वारा आज देपालपुर नगर परिषद क्षेत्र का निरीक्षण कर आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों का जायजा लिया। विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया गया, जिसमें रेजिडेंशियल एवं कमर्शियल स्ट्रेच, ट्रेंचिंग ग्राउंड, स्कूल, गार्डन, कम्युनिटी टॉयलेट, पब्लिक टॉयलेट, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहन, स्रोत पर सेग्रीगेशन व्यवस्था, टूरिस्ट एरिया,आरआरआर सेंटर एवं जल स्रोत शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान स्वच्छ सर्वेक्षण प्रोटोकॉल के अनुसार जिन कार्यों को अभी पूर्ण किया जाना शेष है, उन्हें समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
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