गंभीर नदी के दोनों किनारों और कैचमेंट एरिया में आने वाली पहाड़ियों पर लाखों पौधे लगाए जाएंगे। इसमें भमती और काेरभान पहाड़ियों पर सर्वाधिक फोकस है, क्य…और पढ़ें
HighLights
- भमती और कोरभान पहाडियाें पर साठ हजार पौधे सीसीटी बनाकर लगाएंगे
- काेरभान पहाड़ी पर 20 हजार पौधारोपण के साथ ही उतनी ही संख्या में जल संरक्षण संरचनाएं बनाई जाएगी
- सतत कंटूर ट्रेंच (सीसीटी) बनाकर साठ हजार से अधिक पौधे लगाए जाएंगे
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। गंभीर नदी सहित जानापावा क्षेत्र से निकलने वाली अन्य नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए वृहद स्तर पर पौधा रोपण की योजना जिला प्रशासन ने तैयार की है। गंभीर नदी के दोनों किनारों और कैचमेंट एरिया में आने वाली पहाड़ियों पर लाखों पौधे लगाए जाएंगे। इसमें भमती और काेरभान पहाड़ियों पर सर्वाधिक फोकस है, क्योंकि यह नदी के मुख्य जल स्रोत वाली मानी जाती है। यहां सतत कंटूर ट्रेंच (सीसीटी) बनाकर साठ हजार से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। यह कार्य एनजीओ के माध्यम से होगा।
जिला प्रशासन ने इस वर्षाकाल में बढ़े स्तर पर पौधा रोपण की योजना तैयार की है। इसके लिए अगल-अलग विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सर्वाधिक फोकस गंभीर नदी और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों पर है। जल संकट और प्रवाह की मार झेल रही गंभीर नदी को नया जीवन देने के लिए यह पौधा रोपण पर सर्वाधिक फोकस है।
गंभीर नदी के दोनों किनारों पर 10 से 15 हजार पौधे लगाए जाएंगे। वहीं इसके कैचमेंट में आने वाली भमती पहाड़ी पर 40 हजार पौधे लगाए जाएंगे और प्रत्येक पौधे के आसपास सीसीटी बनाए जाएंगे। इससे पानी लंबे समय तक संरक्षित रह सकेगा। वहीं काेरभान पहाड़ी पर 20 हजार पौधारोपण के साथ ही उतनी ही संख्या में जल संरक्षण संरचनाएं बनाई जाएगी।
महू तहसीलदार विवेक सोनी का कहना है कि पहाड़ियों पर बनाए जाने वाले सीसीटी वर्षा जल को रोकने में अहम भूमिका निभाएंगे। इससे पानी जमीन में समाएगा, भू-जल स्तर सुधरेगा और गंभीर नदी के प्राकृतिक प्रवाह को मजबूती मिलेगी।
पौधों से भूमिगत जल स्तर बढ़ाने की पहल
जानापावा क्षेत्र में गंभीर नदी के अलावा आधा दर्जन छोटी नदियां भी निकलती है।यह गंभीर की सहायक नदिया है और पौधा रोपण कर भूमिगत जल स्तर बढा़ने की पहल की जा रही है। भमती पहाड़ी गंभीर नदी के लिए प्राकृतिक जल स्रोत का काम करती हैं। यहां से चंदभागा नदी निकली है, जो गंभीर की सहायक नदी है। ऐसे में बारिश का पानी पहाड़ी से तेजी से बहने के बजाय छोटे-छोटे ट्रेंच में रुकेगा, जिससे मिट्टी का कटाव भी कम होगा और भूमिगत जल स्तर भी बढेगा।
निजी एनजीओं से किया अनुबंध
दोनों पहाडियों पर 60 हजार पौधे लगाए जाना है। इसके लिए जनपद पंचायत महू द्वारा एनजीओ के साथ एमओयू किया गया है।एनजीओं द्वारा वर्षाकाल में दोनों पहाड़ियों पर पौधा रोपण किया जाएगा। वहीं इन पहाड़ियों पर सीसीटी का निर्माण भी होगा। पौधा रोपण में ग्रामीणों का सहयोग भी लिया जाएगा। गांवाें में शासकीय और खाली पड़ी जमीन पर भी पौधा रोपण होगा।
बड़े पैमाने पर पौधारोपण की है योजना
मुख्यमंत्री की मंशाअनुसार वर्षाकाल में जिले में वृहद स्तर पर पौधा रोपण किया जाएगा। जानापाव क्षेत्र की पहाड़ियों और गंभीर नदी के किनारों पर बड़े पैमाने पर पौधा रोपण की योजना तैयार की है। ग्राम पंचायतों में शासकीय और खाली पड़ी भूमि पर भी पाैधा रोपण होगा। – शिवम वर्मा, कलेक्टर
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