आज से देशभर में जनगणना शुरू हो रही है। इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के परीक्षा और गोपनीय विभाग के 80% कर्मचारियों की जनगणना में ड्यूटी लगा दी ग …और पढ़ें
HighLights
- परीक्षा, गोपनीय शाखा, प्रशासन, शिक्षक और स्थापना शाखा के स्टाफ की ड्यूटी लगी
- इंदौर जिले में मकानों की गिनती और लोगों की जानकारी जुटाई जाएगी
- स्टाफ कमी से परीक्षाएं रीशेड्यूल करने पर विचार किया जा रहा है
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। आज से देशभर में जनगणना शुरू की जाएगी। सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना से जुड़े काम सौंपे गए हैं। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय भी इससे अछूता नहीं है। विश्वविद्यालय के परीक्षा-गोपनीय विभाग के 80 फीसद कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है।
ऐसे में विश्वविद्यालय के सामने अब 12 मई से स्नातक प्रथम वर्ष और स्नातकोत्तर दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा करवाने को लेकर संकट खड़ा हो गया है। स्टाफ की कमी के चलते विश्वविद्यालय को प्रश्न पत्र और कापियां केंद्रों तक पहुंचने की दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। फिलहाल परीक्षाओं को रीशेड्यूल करने पर विचार किया जा रहा है।
दरअसल, डीएवीवी में इस समय परीक्षाओं का दौर चल रहा है। दूसरे चरण की परीक्षाएं जारी हैं, जो आठ मई तक चलेंगी। इसके बाद 12 मई से तीसरे और अंतिम चरण की परीक्षाएं होंगी, जिसमें बीए, बीकाम, बीएससी, बीजेएमसी सहित पारंपरिक पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष के साथ-साथ एमबीए, ला और बीपीएड सेकंड सेमेस्टर की परीक्षाएं भी शामिल हैं। इस चरण में 60 हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल होंगे।
अधिकारियों के मुताबिक केंद्रों तक प्रश्न पत्र-कापियां पहुंचाना होता है। यहां तक कि परीक्षा खत्म होने के बाद कापियों को मूल्यांकन केंद्र लाना पड़ता है। कर्मचारियों की कमी के कारण काम प्रभावित होंगे। जनगणना के लिए लगभग 80 प्रतिशत अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। इनमें परीक्षा विभाग, गोपनीय शाखा, प्रशासन, शिक्षक और स्थापना शाखा के कर्मचारी भी शामिल हैं।
मकानों की होगी गिनती
डिजिटल जनगणना का पहला चरण मई 2026 से शुरू होगा, जिसमें मकानों की गणना की जाएगी। यहां तक कि लोगों की जानकारियां भी जुटाई जाएंगी। इसके बाद दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें जनसंख्या की गणना की जाएगी। इस बड़े कार्य के लिए सभी सरकारी विभागों से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है, जिससे अन्य संस्थानों का काम भी प्रभावित हो रहा है।
लिखेंगे पत्र
परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशेष तिवारी ने बताया कि इस समय विश्वविद्यालय के लिए सबसे बड़ी चिंता परीक्षाओं को सुचारू रूप से संपन्न कराना है। कर्मचारियों की कमी के कारण परीक्षा आयोजन, रिजल्ट तैयार करना, मार्कशीट और डिग्री जारी करना जैसे कार्य प्रभावित हो सकते हैं। वे बताते हैं कि शासन को पत्र लिखेंगे। इसमें कुछ कर्मचारियों को जनगणना ड्यूटी से छूट देने की मांग की जाएगी ताकि परीक्षाएं बिना किसी बाधा के पूरी हो सकें।
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