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इंदौर में नाबालिग प्रेमिका के माता-पिता की हत्या करने वाले को दोहरा आजीवन कारावास

इंदौर में नाबालिग प्रेमिका के माता-पिता की हत्या करने वाले को दोहरा आजीवन कारावास

नाबालिग प्रेमिका के साथ मिलकर उसके माता-पिता की हत्या करने वाले हत्यारे प्रेमी को सेशन कोर्ट ने दोहरे आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। यह प्रकरण चि…और पढ़ें

Publish Date: Fri, 07 Aug 2026 10:21:26 AM (IST)Updated Date: Fri, 07 Aug 2026 10:21:26 AM (IST)

हत्यारे को सुनाई गई दोहरा आजीवन कारावास की सजा। (एआई इमेज)

HighLights

  1. यह प्रकरण चिह्नित प्रकरणों की सूची में शामिल था और इसकी प्रतिमाह समीक्षा भी की जा रही थी
  2. पुलिस ने आरोपितों से अपराध में उपयोग की गए हथियार भी जब्त किए
  3. नाबालिग के विरुद्ध बाल न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया गया

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : नाबालिग प्रेमिका के साथ मिलकर उसके माता-पिता की हत्या करने वाले हत्यारे प्रेमी को सेशन कोर्ट ने दोहरे आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। यह प्रकरण चिह्नित प्रकरणों की सूची में शामिल था और इसकी प्रतिमाह समीक्षा भी की जा रही थी।

हत्यारे का नाम डीजे उर्फ धनंजय उर्फ शुभांषु यादव निवासी गांधीनगर है। कोर्ट ने हत्यारे पर 33 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक आरती भदौरिया ने पैरवी की।

वारदात 16 दिसंबर 2020 की रात की है। रूकमणी नगर निवासी फरियादी 18 वर्षीय ऋषभ शर्मा ने एरोड्रम पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी माता नीलम शर्मा और पिता ज्योतिप्रसाद शर्मा की हत्या कर दी है। उसने पुलिस को बताया था कि वह माता-पिता और बहन के साथ रहता है। उसके घर के पास ही दूसरे मकान में उसके दादा-दादी भी रहते हैं।

16 दिसंबर 2020 की रात उसके माता-पिता और छोटी बहन उसके घर में सो रहे थे जबकि वह खुद दादा-दादी के घर सो रहा था। सुबह करीब आठ बजे उसने देखा कि उसके माता-पिता के घर के बाहर ताला लगा है। खिड़की से झांककर देखा तो पिता ज्योतिप्रसाद शर्मा और मम्मी नीलम शर्मा खून से लथपथ पड़े थे।

ताला तोड़कर वह भीतर गया तो देखा कि किसी ने दोनों के सिर और शरीर पर धारदार हथियार से चोट की थी। घर पर छोटी बहन भी नहीं थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मामले की जांच के दौरान पुलिस को मृतक के घर से उसकी नाबालिग बेटी की कापी में एक पेज लिखा हुआ मिला। इसमें लिखा था की मैने ही अपने माता-पिता को मारा है। मुझे ढूंढने का प्रयास नहीं किया जाए।

सीसीटीवी फुटेज में दिखा हत्यारा

विशेष लोक अभियोजक भदौरिया ने बताया कि पुलिस ने मृतक के घर के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो बेटी के अलावा एक अन्य संदिग्ध व्यक्ति घर के अंदर आते-जाते नजर आया। जांच में मृतक के स्वजन ने बताया कि यह नाबालिग बेटी का दोस्त धनंजय है।

प्रकरण की जांच करते हुए पुलिस नाबालिग बेटी और धनंजय तक पहुंची। दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपितों से अपराध में उपयोग की गए हथियार भी जब्त किए। नाबालिग के विरुद्ध बाल न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया गया।

विशेष लोक अभियोजक भदौरिया ने बताया कि प्रकरण में घटना स्थल के दरवाजे पर चिंगम के मिलने पर हत्यारे धनंजय के स्वाव का परीक्षण भी कराया गया था। उपनिदेशक अभियोजन राजेंद्रसिंह भदौरिया ने बताया कि सेशन जज हेमंतकुमार रघुवंशी ने प्रकरण में निर्णय सुनाते हुए हत्यारे धनंजय को दोहरे आजीवन कारावास और 33 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।

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