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इंदौर में मुंबई-आगरा राजमार्ग पर पिगडंबर फ्लाईओवर का काम नवंबर से होगा शुरू, जाम और हादसों से मिलेगी राहत

इंदौर में मुंबई-आगरा राजमार्ग पर पिगडंबर फ्लाईओवर का काम नवंबर से होगा शुरू, जाम और हादसों से मिलेगी राहत

शहर के तेजी से बढ़ते विस्तार के साथ मुंबई–आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-52) पर यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है। राऊ सर्किल के आगे पिगडंबर क्षेत्र में …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 10 Jul 2026 10:53:01 AM (IST)Updated Date: Fri, 10 Jul 2026 10:53:01 AM (IST)

राऊ सर्किल पर बनेगा फ्लाईओवर। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. निर्माण कार्यों को लेकर एनएचएआई को एजेंसी की तलाश
  2. टेंडर किया जारी, कागजी प्रक्रिया में लगेंगे दो महीने
  3. क्षेत्र में रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं, जिससे यहां अक्सर जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बन जाती है

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर के तेजी से बढ़ते विस्तार के साथ मुंबई–आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-52) पर यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है। राऊ सर्किल के आगे पिगडंबर क्षेत्र में रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं, जिससे यहां अक्सर जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बन जाती है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने पिगडंबर फ्लाइओवर प्रोजेक्ट के लिए टेंडर जारी कर दिया है और उम्मीद है कि नवंबर से इसका निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। मगर उसके पहले सर्विस रोड बनाएंगे, ताकि वाहन मार्ग से निकल सके।

लगभग 2.1 किलोमीटर लंबा 6 लेन एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। यह कारिडोर राऊ सर्किल फ्लाईओवर के आगे पिगडंबर चौराहा क्षेत्र में तैयार होगा। इसका मुख्य उद्देश्य इंदौर–महू मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग पर बढ़ते वाहनों के दबाव को कम करना तथा सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना है।

अधिकारियों के मुताबिक पिगडंबर के हिस्से में दो बड़े चौराहे और कई मीडियन ओपनिंग हैं। यहां से निकलने वाली गलियां सीधे राजमार्ग से जुड़ती है। इसके चलते सड़क पर वाहनों का दवाब बढ़ जाता है। कई बार इन गलियों से आने वाले वाहन आपस में गुत्थमगुथा हो जाता है। यहां तक कि जाम की स्थिति बन जाती है। एलिवेटेड कारिडोर बनने के बाद राजमार्ग का ट्रैफिक ऊपर से बिना रुके गुजर सकेगा। जबकि कालोनियों से निकलने वाली सड़क के वाहन आसानी से नीचे से निकल सकेंगे।

ब्लैैक स्पॉट भी किए चिह्नित

सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी यह प्रोजेक्ट बेहद अहम है। एनएच-52 के इस हिस्से के कुछ जंक्शनों को पहले ही ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया जा चुका है। जहां दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। लंबे समय से स्थानीय लोग यहां स्थायी समाधान की मांग कर रहे थे। अब एलिवेटेड कॉरिडोर, फ्लाईओवर और वाहन अंडरपास के जरिए इन खतरनाक बिंदुओं को सुरक्षित बनाने की योजना तैयार की गई है।

पहले बनाएंगे सर्विस रोड

एनएचएआइ ने अभी सिर्फ पिगडंबर कारिडोर को लेकर टेंडर निकाला है। इसके लिए एजेंसी से आवेदन मांगे है। महीनेभर का समय रखा गया है। एजेंसी तय होने के बाद कागजी प्रक्रिया की जाएगी। यह अक्टूबर तक खत्म करना है। इसके तुरंत बाद एनएचएआइ यातायात बाधित न हो इसके लिए सर्विस रोड बनाएंगा। फिर ट्रैफिक को डायवर्ड करेंगा। उसके बाद ही एलिवेटेड कारिडोर का निर्माण शुरू होगा। अभी एनएचएआइ ने नवंबर में काम प्रारंभ करने की योजना बनाई है।

दो साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट

प्रोजेक्ट को लेकर टेंडर निकल गया है। एजेंसी तय होते ही सर्विस रोड तैयार करेंगे. उसके बाद कारिडोर का काम शुरू होगा। प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करने की डेडलाइन रखी गई है। एलिवेटेड कारिडोर बनने के बाद क्षेत्र की यातायात व्यवस्था की तस्वीर बदलेंगी। -प्रवीण यादव, प्रोजेेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई

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