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एलपीजी संकट के चलते इंदौर से चलने वाली 26 से ज्यादा ट्रेनों में इंडक्शन और ऑनबोर्ड कुकिंग को अपनाया

एलपीजी संकट के चलते इंदौर से चलने वाली 26 से ज्यादा ट्रेनों में इंडक्शन और ऑनबोर्ड कुकिंग को अपनाया

इंदौर से चलने वाली ट्रेनों की रसोई तक परेशानी आ रही है। व्यवसायिक लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की उपलब्धता प्रभावित होने पर भारतीय रेलवे खानपान …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 24 Jul 2026 10:41:45 AM (IST)Updated Date: Fri, 24 Jul 2026 10:45:35 AM (IST)

ट्रेन में पेंट्रीकार में भोजन बनता हुआ। (इंटरनेट मीडिया)

HighLights

  1. पहले पेंट्रीकार और बेस किचन में एलपीजी पर भोजन तैयार होता था
  2. अब जरूरत पड़ने पर इंडक्शन स्टोव के जरिए खाना बनाया जा रहा है
  3. इसका असर इंदौर से संचालित उन ट्रेनों पर भी पड़ा है

प्रणय चौहान, नईदुनिया, इंदौर : इंदौर से चलने वाली ट्रेनों की रसोई तक परेशानी आ रही है। व्यवसायिक लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की उपलब्धता प्रभावित होने पर भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने कई ट्रेनों में खाना बनाने की व्यवस्था बदल दी है।

पहले पेंट्रीकार और बेस किचन में एलपीजी पर भोजन तैयार होता था। अब जरूरत पड़ने पर इंडक्शन स्टोव के जरिए खाना बनाया जा रहा है। इसका असर इंदौर से संचालित उन ट्रेनों पर भी पड़ा है, जिनमें पेंट्रीकार, ट्रेन किचन, बेस किचन या ट्रेन साइड वेंडिंग (टीएसवी) की सुविधा उपलब्ध हैं।

रेलवे जानकारों के अनुसार व्यवसायिक एलपीजी प्रभावित होने के बाद आइआरसीटीसी ने खानपान सेवाएं बाधित न हो, इसके लिए नई व्यवस्था लागू की। कई मार्गों पर आनबोर्ड कुकिंग फिर शुरू की गई और इंडक्शन स्टोव उपलब्ध कराए गए, ताकि यात्रियों को भोजन समय पर मिलता रहे।

इंदौर से चलने वाली ट्रेनों में मालवा एक्सप्रेस, क्षिप्रा एक्सप्रेस, इंदौर-नागपुर वंदे भारत, इंदौर-हैदराबाद हमसफर, इंदौर-पुरी, इंदौर-कोचुवेली, इंदौर-गांधीधाम, इंदौर-नईदिल्ली सहित 26 से ज्यादा ट्रेनों में किसी न किसी रूप में पैंट्री, बेस किचन या टीएसवी व्यवस्था संचालित हैं। अधिकांश ट्रेनों में ई-कैटरिंग की सुविधा उपलब्ध है।

रेलवे के विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल अस्थायी व्यवस्था नहीं, बल्कि रेलवे कैटरिंग में भविष्य के बदलाव की शुरुआत भी हो सकती है। इंडक्शन आधारित कुकिंग अपेक्षाकृत सुरक्षित है और गैस सिलेंडर पर निर्भरता कम करती है। यह माडल सफल रहता है, तो भविष्य में रेलवे ज्यादा ट्रेनों में इलेक्ट्रिक कुकिंग सिस्टम को प्राथमिकता दे सकता है।

कैसे बदली रेलवे की किचन व्यवस्था

  • पहले व्यवसायिक एलपीजी पर निर्भर पेंट्रीकार व बेस किचन सिलेंडर आधारित भोजन तैयारी।
  • अब इंडक्शन स्टोव से खाना तैयार।
  • जरूरत पड़ने पर ऑनबोर्ड कुकिंग दोबारा शुरू।
  • बेस किचन और ट्रेन किचन का संयुक्त उपयोग।
  • ई-कैटरिंग सेवा यथावत।

यात्रियों को किसी प्रकार की न हो असुविधा

आईआरसीटीसी का लगातार प्रयास है कि रेल यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण खानपान सेवाएं बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराई जाएं। किसी भी आकस्मिक अथवा आपात स्थिति में उपलब्ध संसाधनों एवं वैकल्पिक व्यवस्थाओं का प्रभावी उपयोग करते हुए भोजन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है। यात्रियों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। -डॉ. एके सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, आइआरसीटीसी पश्चिमी क्षेत्र, मुंबई

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