बम ने बाद में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सोमवार को बम को राहत मिल गई। सुप्रीम कोर्ट ने उनके और उनके पिता के विरुद्ध चल रहे प्रकरण में से धारा 30 …और पढ़ें
HighLights
- मामला 4 अक्टूबर 2007 की एक घटना से जुड़ा है।
- पुलिस ने साधारण धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था।
- लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आवेदन प्रस्तुत हुआ।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए अक्षय बम और उनके पिता कांतिलाल बम को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई। कोर्ट ने पिता-पुत्र के विरुद्ध चल रहे आपराधिक प्रकरण में हत्या के प्रयास की धारा हटाने का आदेश दिया है।
मामला 4 अक्टूबर 2007 की एक घटना से जुड़ा है। पुलिस ने इस मामले में साधारण धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले प्रकरण में एक आवेदन प्रस्तुत हुआ।
इसका निराकरण करते हुए सेशन कोर्ट ने अक्षय बम और कांतिलाल बम के विरुद्ध चल रहे प्रकरण में हत्या के प्रयास (धारा 307) बढ़ाने का आदेश दिया था। बाद में हाई कोर्ट ने भी इस आदेश पर मुहर लगा दी थी।
बम ने बाद में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सोमवार को बम को राहत मिल गई। सुप्रीम कोर्ट ने उनके और उनके पिता के विरुद्ध चल रहे प्रकरण में से धारा 307 हटाने के आदेश दे दिए।
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