‘कुत्ता कांड’ पर इंदौर में क्यों आपस में ही भिड़ गए BJP और RSS के धुरंधर

कुत्तों को लेकर इंदौर में कुछ ज्यादा ही गंभीर हो गए हैं, अब तक नेता भी कुत्तों पर फजीहत करने लगे हैं। भाजपा और संघ के कार्यकर्ताओं के बीच ऐसा ही कुछ मामला सामने आया है। इसे देखकर इंदौर बीजेपी में क्षेत्रीय राजनीति के हावी होने के कयास लगाए जा रहे हैं। इस आपनी गुटबाजी का खुलासा तब हुआ जब भाजपा के ही दो गुट आपस में खुलकर भिड़ गए। रविवार को भाजपा कार्यकर्ता और आरएसएस के सदस्य आमने-सामने हो गए।
दरअसल, उषा नगर निवासी नीतेश गली में कुत्तों को खाना खिला रहे थे। भाजपा विधायक मालिनी गौड के सहयोगी शेंडके ने इसका विरोध किया था। दोनों के बीच इसे लेकर तनातनी हुई और मामला इतना बढा कि नीतेश ने संघ के पदाधिकारी चेतन पाटिल को बुला लिया और दोनों तरफ से मारपीट हो गई।
बीजेपी नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने बताया कि संगठन अनुशासन को ध्यान में रखते हुए हमने फिलहाल वीरेंद्र शेंडगे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीन दिन का समय दिया है। उदेश्य यही है कि किसी भी हाल में अनुशासन नहीं खराब होने देंगे।
आपस में क्यों भिड़े : इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। दोनों तरफ से कार्यकर्ता थाने पर जमा हो गए। इसके बाद संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं ने वीरेंद्र के दफ्तर के बाहर पथराव किया और वाहनों के कांच भी फोड़ दिए थे। रविवार को दिनभर यह यह सब चलता रहा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा के साथ हैरानी भी चलती रही कि कैसे हो सकता है कि भाजपा और आरएसएस के ही दो गुट आपस में इस कदर भिड़ जाए।
भाजपा नेता वीरेंद्र शेंडगे और संघ कार्यकर्ता के बीच हुए इस विवाद के बाद पुलिस ने सात लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें इंदौर क्षेत्र क्रमांक 4 से विधायक मालिनी गौड़ के पीए प्रणय चित्तौड़ा भी शामिल हैं। प्रणय ने कहा कि वे दो दिन महेश्वर में थे, लेकिन उनका नाम झूठा फंसाया गया है।
क्षेत्रीय गुटबाजी से जुड़ा मामला : एक तरफ बीजेपी के लोग हैं तो दूसरी तरफ आरएसएस के कार्यकर्ता जुड़े हुए हैं। मामले को लेकर सुबह से सोशल मीडिया पर भी माहौल गरमाया हुआ है। इसे क्षेत्रीय राजनीति और गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई और एफआईआर पर फैसला लिया जाएगा।
संघ के धड़े का पलड़ा भारी : फिलहाल विवाद की वजह कुत्ते को खाना खिलाने को लेकर हुई बात बताई जा रही है। इसके बाद इंदौर की राजनीति गरमा गई है। मामला पुलिस तक पहुंचा और संघ से जुड़े धड़े का पलड़ा भारी पड़ा नजर आ रहा है। पुलिस ने वीरेंद्र शेंडगे के अलावा गिरीश शेंडगे, शानू उर्फ सौरभ दिघे, मनीष डेमालिया, प्रशांत सोनी, प्रणय चितौड़ा, अमित कोकाटे और अन्य साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
यह था पूरा विवाद : उषा नगर निवासी नीतेश गली में कुत्तों को खाना खिला रहे थे। इसका वीरेंद्र शेंडके ने विरोध किया था। नीतेश ने संघ के पदाधिकारी चेतन पाटिल को बुला लिया और दोनों तरफ से मारपीट हो गई। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। दोनों तरफ से कार्यकर्ता थाने पर जमा हो गए। इसके बाद संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं ने वीरेंद्र के दफ्तर के बाहर पथराव किया और वाहनों के कांच भी फोड़ दिए थे। विवाद की शुरुआत शनिवार रात हुई थी। इसी दौरान बिल्डिंग के बाहर गंदगी को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते बहस बढ़ गई और मामला विवाद में बदल गया। दूसरे पक्ष का आरोप है कि विवाद के दौरान उनके साथ मारपीट की गई जबकि इस संबंध में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
संघ ने बताया व्यक्तिगत विवाद : वहीं संघ की तरफ से कहा गया है कि यह व्यक्तिगत विवाद है, संगठन से इसका लेना-देना नहीं है। संघ के अनुसार दो पक्षों के बीच हुए विवाद में एक स्वयंसेवक बीच-बचाव के लिए गया था, जिसके साथ मारपीट होने से स्थिति बिगड़ी। संघ का कहना है कि घटना का संगठन से कोई संबंध नहीं है।
शेंडके को नोटिस : पुलिस ने बीएनएस की धारा 109(1), 330(2), 296(ए), 62 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। खबर है कि भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने वीरेंद्र शेंडगे को विधानसभा चार के भाजपा प्रभारी पद से हटा दिया। उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया गया है। विधायक खेमा इस कोशिश में जुटा था कि इस केस में पीए प्रणय का नाम न आए, लेकिन उन्हें भी आरोपी बनाया गया है। प्रणय का कहना है कि उन्हें षड्यंत्रपूर्वक इस मामले से जोड़कर केस दर्ज किया गया है। वे पुलिस अधिकारियों से मिलकर जांच और कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि वे महेश्वर में थे, लेकिन बेवजह घसीटा जा रहा है।
पुलिस अफसरों से विवाद में चर्चा में आए थे शेंडके : बता दें कि पिछले दिनों महूनाका चौराहे पर वीरेंद्र शेंडके का विवाद पुलिस अफसरों से हुआ था। तब उनके समर्थकों ने चक्काजाम कर दिया। तब विधायक के प्रतिनिधि के तौर पर प्रणय ने मौके पर आकर विवाद सुलझाया था। बाद में इस मामले में पुलिस कमिश्नर ने तीन पुलिस अफसरों को हटाया था।
Edited By: Naveen R Rangiyal
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