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‘कुत्‍ता कांड’ पर इंदौर में क्‍यों आपस में ही भिड़ गए BJP और RSS के धुरंधर
	
		


कुत्‍तों को लेकर इंदौर में कुछ ज्‍यादा ही गंभीर हो गए हैं, अब तक नेता भी कुत्‍तों पर फजीहत करने लगे हैं। भाजपा और संघ के कार्यकर्ताओं के बीच ऐसा ही कुछ मामला सामने आया है। इसे देखकर इंदौर बीजेपी में क्षेत्रीय राजनीति के हावी होने के कयास लगाए जा रहे हैं। इस आपनी गुटबाजी का खुलासा तब हुआ जब भाजपा के ही दो गुट आपस में खुलकर भिड़ गए। रविवार को भाजपा कार्यकर्ता और आरएसएस के सदस्‍य आमने-सामने हो गए।

दरअसल, उषा नगर निवासी नीतेश गली में कुत्तों को खाना खिला रहे थे। भाजपा विधायक मालिनी गौड के सहयोगी शेंडके ने इसका विरोध किया था। दोनों के बीच इसे लेकर तनातनी हुई और मामला इतना बढा कि नीतेश ने संघ के पदाधिकारी चेतन पाटिल को बुला लिया और दोनों तरफ से मारपीट हो गई।

बीजेपी नगर अध्‍यक्ष सुमित मिश्रा ने बताया कि संगठन अनुशासन को ध्‍यान में रखते हुए हमने फिलहाल वीरेंद्र शेंडगे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीन दिन का समय दिया है। उदेश्‍य यही है कि किसी भी हाल में अनुशासन नहीं खराब होने देंगे।

आपस में क्‍यों भिड़े : इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। दोनों तरफ से कार्यकर्ता थाने पर जमा हो गए। इसके बाद संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं ने वीरेंद्र के दफ्तर के बाहर पथराव किया और वाहनों के कांच भी फोड़ दिए थे। रविवार को दिनभर यह यह सब चलता रहा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा के साथ हैरानी भी चलती रही कि कैसे हो सकता है कि भाजपा और आरएसएस के ही दो गुट आपस में इस कदर भिड़ जाए।

भाजपा नेता वीरेंद्र शेंडगे और संघ कार्यकर्ता के बीच हुए इस विवाद के बाद पुलिस ने सात लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें इंदौर क्षेत्र क्रमांक 4 से विधायक मालिनी गौड़ के पीए प्रणय चित्तौड़ा भी शामिल हैं। प्रणय ने कहा कि वे दो दिन महेश्वर में थे, लेकिन उनका नाम झूठा फंसाया गया है।

क्षेत्रीय गुटबाजी से जुड़ा मामला : एक तरफ बीजेपी के लोग हैं तो दूसरी तरफ आरएसएस के कार्यकर्ता जुड़े हुए हैं। मामले को लेकर सुबह से सोशल मीडिया पर भी माहौल गरमाया हुआ है। इसे क्षेत्रीय राजनीति और गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई और एफआईआर पर फैसला लिया जाएगा।

संघ के धड़े का पलड़ा भारी : फिलहाल विवाद की वजह कुत्ते को खाना खिलाने को लेकर हुई बात बताई जा रही है। इसके बाद इंदौर की राजनीति गरमा गई है। मामला पुलिस तक पहुंचा और संघ से जुड़े धड़े का पलड़ा भारी पड़ा नजर आ रहा है। पुलिस ने वीरेंद्र शेंडगे के अलावा गिरीश शेंडगे, शानू उर्फ सौरभ दिघे, मनीष डेमालिया, प्रशांत सोनी, प्रणय चितौड़ा, अमित कोकाटे और अन्य साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

यह था पूरा विवाद : उषा नगर निवासी नीतेश गली में कुत्तों को खाना खिला रहे थे। इसका वीरेंद्र शेंडके ने विरोध किया था। नीतेश ने संघ के पदाधिकारी चेतन पाटिल को बुला लिया और दोनों तरफ से मारपीट हो गई। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। दोनों तरफ से कार्यकर्ता थाने पर जमा हो गए। इसके बाद संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं ने वीरेंद्र के दफ्तर के बाहर पथराव किया और वाहनों के कांच भी फोड़ दिए थे। विवाद की शुरुआत शनिवार रात हुई थी। इसी दौरान बिल्डिंग के बाहर गंदगी को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते बहस बढ़ गई और मामला विवाद में बदल गया। दूसरे पक्ष का आरोप है कि विवाद के दौरान उनके साथ मारपीट की गई जबकि इस संबंध में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
 
संघ ने बताया व्यक्तिगत विवाद : वहीं संघ की तरफ से कहा गया है कि यह व्‍यक्‍तिगत विवाद है, संगठन से इसका लेना-देना नहीं है। संघ के अनुसार दो पक्षों के बीच हुए विवाद में एक स्वयंसेवक बीच-बचाव के लिए गया था, जिसके साथ मारपीट होने से स्थिति बिगड़ी। संघ का कहना है कि घटना का संगठन से कोई संबंध नहीं है।
 
शेंडके को नोटिस : पुलिस ने बीएनएस की धारा 109(1), 330(2), 296(ए), 62 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। खबर है कि भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने वीरेंद्र शेंडगे को विधानसभा चार के भाजपा प्रभारी पद से हटा दिया। उन्‍हें कारण बताओ नोटिस दिया गया है। विधायक खेमा इस कोशिश में जुटा था कि इस केस में पीए प्रणय का नाम न आए, लेकिन उन्हें भी आरोपी बनाया गया है। प्रणय का कहना है कि उन्हें षड्यंत्रपूर्वक इस मामले से जोड़कर केस दर्ज किया गया है। वे पुलिस अधिकारियों से मिलकर जांच और कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि वे महेश्वर में थे, लेकिन बेवजह घसीटा जा रहा है।
 
पुलिस अफसरों से विवाद में चर्चा में आए थे शेंडके : बता दें कि पिछले दिनों महूनाका चौराहे पर वीरेंद्र शेंडके का विवाद पुलिस अफसरों से हुआ था। तब उनके समर्थकों ने चक्काजाम कर दिया। तब विधायक के प्रतिनिधि के तौर पर प्रणय ने मौके पर आकर विवाद सुलझाया था। बाद में इस मामले में पुलिस कमिश्नर ने तीन पुलिस अफसरों को हटाया था।
Edited By: Naveen R Rangiyal

‘कुत्‍ता कांड’ पर इंदौर में क्‍यों आपस में ही भिड़ गए BJP और RSS के धुरंधर

‘कुत्‍ता कांड’ पर इंदौर में क्‍यों आपस में ही भिड़ गए BJP और RSS के धुरंधर
	
		


कुत्‍तों को लेकर इंदौर में कुछ ज्‍यादा ही गंभीर हो गए हैं, अब तक नेता भी कुत्‍तों पर फजीहत करने लगे हैं। भाजपा और संघ के कार्यकर्ताओं के बीच ऐसा ही कुछ मामला सामने आया है। इसे देखकर इंदौर बीजेपी में क्षेत्रीय राजनीति के हावी होने के कयास लगाए जा रहे हैं। इस आपनी गुटबाजी का खुलासा तब हुआ जब भाजपा के ही दो गुट आपस में खुलकर भिड़ गए। रविवार को भाजपा कार्यकर्ता और आरएसएस के सदस्‍य आमने-सामने हो गए।

दरअसल, उषा नगर निवासी नीतेश गली में कुत्तों को खाना खिला रहे थे। भाजपा विधायक मालिनी गौड के सहयोगी शेंडके ने इसका विरोध किया था। दोनों के बीच इसे लेकर तनातनी हुई और मामला इतना बढा कि नीतेश ने संघ के पदाधिकारी चेतन पाटिल को बुला लिया और दोनों तरफ से मारपीट हो गई।

बीजेपी नगर अध्‍यक्ष सुमित मिश्रा ने बताया कि संगठन अनुशासन को ध्‍यान में रखते हुए हमने फिलहाल वीरेंद्र शेंडगे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीन दिन का समय दिया है। उदेश्‍य यही है कि किसी भी हाल में अनुशासन नहीं खराब होने देंगे।

आपस में क्‍यों भिड़े : इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। दोनों तरफ से कार्यकर्ता थाने पर जमा हो गए। इसके बाद संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं ने वीरेंद्र के दफ्तर के बाहर पथराव किया और वाहनों के कांच भी फोड़ दिए थे। रविवार को दिनभर यह यह सब चलता रहा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा के साथ हैरानी भी चलती रही कि कैसे हो सकता है कि भाजपा और आरएसएस के ही दो गुट आपस में इस कदर भिड़ जाए।

भाजपा नेता वीरेंद्र शेंडगे और संघ कार्यकर्ता के बीच हुए इस विवाद के बाद पुलिस ने सात लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें इंदौर क्षेत्र क्रमांक 4 से विधायक मालिनी गौड़ के पीए प्रणय चित्तौड़ा भी शामिल हैं। प्रणय ने कहा कि वे दो दिन महेश्वर में थे, लेकिन उनका नाम झूठा फंसाया गया है।

क्षेत्रीय गुटबाजी से जुड़ा मामला : एक तरफ बीजेपी के लोग हैं तो दूसरी तरफ आरएसएस के कार्यकर्ता जुड़े हुए हैं। मामले को लेकर सुबह से सोशल मीडिया पर भी माहौल गरमाया हुआ है। इसे क्षेत्रीय राजनीति और गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई और एफआईआर पर फैसला लिया जाएगा।

संघ के धड़े का पलड़ा भारी : फिलहाल विवाद की वजह कुत्ते को खाना खिलाने को लेकर हुई बात बताई जा रही है। इसके बाद इंदौर की राजनीति गरमा गई है। मामला पुलिस तक पहुंचा और संघ से जुड़े धड़े का पलड़ा भारी पड़ा नजर आ रहा है। पुलिस ने वीरेंद्र शेंडगे के अलावा गिरीश शेंडगे, शानू उर्फ सौरभ दिघे, मनीष डेमालिया, प्रशांत सोनी, प्रणय चितौड़ा, अमित कोकाटे और अन्य साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

यह था पूरा विवाद : उषा नगर निवासी नीतेश गली में कुत्तों को खाना खिला रहे थे। इसका वीरेंद्र शेंडके ने विरोध किया था। नीतेश ने संघ के पदाधिकारी चेतन पाटिल को बुला लिया और दोनों तरफ से मारपीट हो गई। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। दोनों तरफ से कार्यकर्ता थाने पर जमा हो गए। इसके बाद संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं ने वीरेंद्र के दफ्तर के बाहर पथराव किया और वाहनों के कांच भी फोड़ दिए थे। विवाद की शुरुआत शनिवार रात हुई थी। इसी दौरान बिल्डिंग के बाहर गंदगी को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते बहस बढ़ गई और मामला विवाद में बदल गया। दूसरे पक्ष का आरोप है कि विवाद के दौरान उनके साथ मारपीट की गई जबकि इस संबंध में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
 
संघ ने बताया व्यक्तिगत विवाद : वहीं संघ की तरफ से कहा गया है कि यह व्‍यक्‍तिगत विवाद है, संगठन से इसका लेना-देना नहीं है। संघ के अनुसार दो पक्षों के बीच हुए विवाद में एक स्वयंसेवक बीच-बचाव के लिए गया था, जिसके साथ मारपीट होने से स्थिति बिगड़ी। संघ का कहना है कि घटना का संगठन से कोई संबंध नहीं है।
 
शेंडके को नोटिस : पुलिस ने बीएनएस की धारा 109(1), 330(2), 296(ए), 62 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। खबर है कि भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने वीरेंद्र शेंडगे को विधानसभा चार के भाजपा प्रभारी पद से हटा दिया। उन्‍हें कारण बताओ नोटिस दिया गया है। विधायक खेमा इस कोशिश में जुटा था कि इस केस में पीए प्रणय का नाम न आए, लेकिन उन्हें भी आरोपी बनाया गया है। प्रणय का कहना है कि उन्हें षड्यंत्रपूर्वक इस मामले से जोड़कर केस दर्ज किया गया है। वे पुलिस अधिकारियों से मिलकर जांच और कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि वे महेश्वर में थे, लेकिन बेवजह घसीटा जा रहा है।
 
पुलिस अफसरों से विवाद में चर्चा में आए थे शेंडके : बता दें कि पिछले दिनों महूनाका चौराहे पर वीरेंद्र शेंडके का विवाद पुलिस अफसरों से हुआ था। तब उनके समर्थकों ने चक्काजाम कर दिया। तब विधायक के प्रतिनिधि के तौर पर प्रणय ने मौके पर आकर विवाद सुलझाया था। बाद में इस मामले में पुलिस कमिश्नर ने तीन पुलिस अफसरों को हटाया था।
Edited By: Naveen R Rangiyal


कुत्‍तों को लेकर इंदौर में कुछ ज्‍यादा ही गंभीर हो गए हैं, अब तक नेता भी कुत्‍तों पर फजीहत करने लगे हैं। भाजपा और संघ के कार्यकर्ताओं के बीच ऐसा ही कुछ मामला सामने आया है। इसे देखकर इंदौर बीजेपी में क्षेत्रीय राजनीति के हावी होने के कयास लगाए जा रहे हैं। इस आपनी गुटबाजी का खुलासा तब हुआ जब भाजपा के ही दो गुट आपस में खुलकर भिड़ गए। रविवार को भाजपा कार्यकर्ता और आरएसएस के सदस्‍य आमने-सामने हो गए।

दरअसल, उषा नगर निवासी नीतेश गली में कुत्तों को खाना खिला रहे थे। भाजपा विधायक मालिनी गौड के सहयोगी शेंडके ने इसका विरोध किया था। दोनों के बीच इसे लेकर तनातनी हुई और मामला इतना बढा कि नीतेश ने संघ के पदाधिकारी चेतन पाटिल को बुला लिया और दोनों तरफ से मारपीट हो गई।

बीजेपी नगर अध्‍यक्ष सुमित मिश्रा ने बताया कि संगठन अनुशासन को ध्‍यान में रखते हुए हमने फिलहाल वीरेंद्र शेंडगे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीन दिन का समय दिया है। उदेश्‍य यही है कि किसी भी हाल में अनुशासन नहीं खराब होने देंगे।

आपस में क्‍यों भिड़े : इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। दोनों तरफ से कार्यकर्ता थाने पर जमा हो गए। इसके बाद संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं ने वीरेंद्र के दफ्तर के बाहर पथराव किया और वाहनों के कांच भी फोड़ दिए थे। रविवार को दिनभर यह यह सब चलता रहा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा के साथ हैरानी भी चलती रही कि कैसे हो सकता है कि भाजपा और आरएसएस के ही दो गुट आपस में इस कदर भिड़ जाए।

भाजपा नेता वीरेंद्र शेंडगे और संघ कार्यकर्ता के बीच हुए इस विवाद के बाद पुलिस ने सात लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें इंदौर क्षेत्र क्रमांक 4 से विधायक मालिनी गौड़ के पीए प्रणय चित्तौड़ा भी शामिल हैं। प्रणय ने कहा कि वे दो दिन महेश्वर में थे, लेकिन उनका नाम झूठा फंसाया गया है।

क्षेत्रीय गुटबाजी से जुड़ा मामला : एक तरफ बीजेपी के लोग हैं तो दूसरी तरफ आरएसएस के कार्यकर्ता जुड़े हुए हैं। मामले को लेकर सुबह से सोशल मीडिया पर भी माहौल गरमाया हुआ है। इसे क्षेत्रीय राजनीति और गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई और एफआईआर पर फैसला लिया जाएगा।

संघ के धड़े का पलड़ा भारी : फिलहाल विवाद की वजह कुत्ते को खाना खिलाने को लेकर हुई बात बताई जा रही है। इसके बाद इंदौर की राजनीति गरमा गई है। मामला पुलिस तक पहुंचा और संघ से जुड़े धड़े का पलड़ा भारी पड़ा नजर आ रहा है। पुलिस ने वीरेंद्र शेंडगे के अलावा गिरीश शेंडगे, शानू उर्फ सौरभ दिघे, मनीष डेमालिया, प्रशांत सोनी, प्रणय चितौड़ा, अमित कोकाटे और अन्य साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

यह था पूरा विवाद : उषा नगर निवासी नीतेश गली में कुत्तों को खाना खिला रहे थे। इसका वीरेंद्र शेंडके ने विरोध किया था। नीतेश ने संघ के पदाधिकारी चेतन पाटिल को बुला लिया और दोनों तरफ से मारपीट हो गई। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। दोनों तरफ से कार्यकर्ता थाने पर जमा हो गए। इसके बाद संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं ने वीरेंद्र के दफ्तर के बाहर पथराव किया और वाहनों के कांच भी फोड़ दिए थे। विवाद की शुरुआत शनिवार रात हुई थी। इसी दौरान बिल्डिंग के बाहर गंदगी को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते बहस बढ़ गई और मामला विवाद में बदल गया। दूसरे पक्ष का आरोप है कि विवाद के दौरान उनके साथ मारपीट की गई जबकि इस संबंध में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
 
संघ ने बताया व्यक्तिगत विवाद : वहीं संघ की तरफ से कहा गया है कि यह व्‍यक्‍तिगत विवाद है, संगठन से इसका लेना-देना नहीं है। संघ के अनुसार दो पक्षों के बीच हुए विवाद में एक स्वयंसेवक बीच-बचाव के लिए गया था, जिसके साथ मारपीट होने से स्थिति बिगड़ी। संघ का कहना है कि घटना का संगठन से कोई संबंध नहीं है।
 
शेंडके को नोटिस : पुलिस ने बीएनएस की धारा 109(1), 330(2), 296(ए), 62 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। खबर है कि भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने वीरेंद्र शेंडगे को विधानसभा चार के भाजपा प्रभारी पद से हटा दिया। उन्‍हें कारण बताओ नोटिस दिया गया है। विधायक खेमा इस कोशिश में जुटा था कि इस केस में पीए प्रणय का नाम न आए, लेकिन उन्हें भी आरोपी बनाया गया है। प्रणय का कहना है कि उन्हें षड्यंत्रपूर्वक इस मामले से जोड़कर केस दर्ज किया गया है। वे पुलिस अधिकारियों से मिलकर जांच और कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि वे महेश्वर में थे, लेकिन बेवजह घसीटा जा रहा है।
 
पुलिस अफसरों से विवाद में चर्चा में आए थे शेंडके : बता दें कि पिछले दिनों महूनाका चौराहे पर वीरेंद्र शेंडके का विवाद पुलिस अफसरों से हुआ था। तब उनके समर्थकों ने चक्काजाम कर दिया। तब विधायक के प्रतिनिधि के तौर पर प्रणय ने मौके पर आकर विवाद सुलझाया था। बाद में इस मामले में पुलिस कमिश्नर ने तीन पुलिस अफसरों को हटाया था।
Edited By: Naveen R Rangiyal

कुत्‍तों को लेकर इंदौर में कुछ ज्‍यादा ही गंभीर हो गए हैं, अब तक नेता भी कुत्‍तों पर फजीहत करने लगे हैं। भाजपा और संघ के कार्यकर्ताओं के बीच ऐसा ही कुछ मामला सामने आया है। इसे देखकर इंदौर बीजेपी में क्षेत्रीय राजनीति के हावी होने के कयास लगाए जा रहे हैं। इस आपनी गुटबाजी का खुलासा तब हुआ जब भाजपा के ही दो गुट आपस में खुलकर भिड़ गए। रविवार को भाजपा कार्यकर्ता और आरएसएस के सदस्‍य आमने-सामने हो गए।
दरअसल, उषा नगर निवासी नीतेश गली में कुत्तों को खाना खिला रहे थे। भाजपा विधायक मालिनी गौड के सहयोगी शेंडके ने इसका विरोध किया था। दोनों के बीच इसे लेकर तनातनी हुई और मामला इतना बढा कि नीतेश ने संघ के पदाधिकारी चेतन पाटिल को बुला लिया और दोनों तरफ से मारपीट हो गई।
बीजेपी नगर अध्‍यक्ष सुमित मिश्रा ने बताया कि संगठन अनुशासन को ध्‍यान में रखते हुए हमने फिलहाल वीरेंद्र शेंडगे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीन दिन का समय दिया है। उदेश्‍य यही है कि किसी भी हाल में अनुशासन नहीं खराब होने देंगे।
आपस में क्‍यों भिड़े : इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। दोनों तरफ से कार्यकर्ता थाने पर जमा हो गए। इसके बाद संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं ने वीरेंद्र के दफ्तर के बाहर पथराव किया और वाहनों के कांच भी फोड़ दिए थे। रविवार को दिनभर यह यह सब चलता रहा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा के साथ हैरानी भी चलती रही कि कैसे हो सकता है कि भाजपा और आरएसएस के ही दो गुट आपस में इस कदर भिड़ जाए।
भाजपा नेता वीरेंद्र शेंडगे और संघ कार्यकर्ता के बीच हुए इस विवाद के बाद पुलिस ने सात लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें इंदौर क्षेत्र क्रमांक 4 से विधायक मालिनी गौड़ के पीए प्रणय चित्तौड़ा भी शामिल हैं। प्रणय ने कहा कि वे दो दिन महेश्वर में थे, लेकिन उनका नाम झूठा फंसाया गया है।
क्षेत्रीय गुटबाजी से जुड़ा मामला : एक तरफ बीजेपी के लोग हैं तो दूसरी तरफ आरएसएस के कार्यकर्ता जुड़े हुए हैं। मामले को लेकर सुबह से सोशल मीडिया पर भी माहौल गरमाया हुआ है। इसे क्षेत्रीय राजनीति और गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई और एफआईआर पर फैसला लिया जाएगा।
संघ के धड़े का पलड़ा भारी : फिलहाल विवाद की वजह कुत्ते को खाना खिलाने को लेकर हुई बात बताई जा रही है। इसके बाद इंदौर की राजनीति गरमा गई है। मामला पुलिस तक पहुंचा और संघ से जुड़े धड़े का पलड़ा भारी पड़ा नजर आ रहा है। पुलिस ने वीरेंद्र शेंडगे के अलावा गिरीश शेंडगे, शानू उर्फ सौरभ दिघे, मनीष डेमालिया, प्रशांत सोनी, प्रणय चितौड़ा, अमित कोकाटे और अन्य साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
यह था पूरा विवाद : उषा नगर निवासी नीतेश गली में कुत्तों को खाना खिला रहे थे। इसका वीरेंद्र शेंडके ने विरोध किया था। नीतेश ने संघ के पदाधिकारी चेतन पाटिल को बुला लिया और दोनों तरफ से मारपीट हो गई। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। दोनों तरफ से कार्यकर्ता थाने पर जमा हो गए। इसके बाद संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं ने वीरेंद्र के दफ्तर के बाहर पथराव किया और वाहनों के कांच भी फोड़ दिए थे। विवाद की शुरुआत शनिवार रात हुई थी। इसी दौरान बिल्डिंग के बाहर गंदगी को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते बहस बढ़ गई और मामला विवाद में बदल गया। दूसरे पक्ष का आरोप है कि विवाद के दौरान उनके साथ मारपीट की गई जबकि इस संबंध में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
 
संघ ने बताया व्यक्तिगत विवाद : वहीं संघ की तरफ से कहा गया है कि यह व्‍यक्‍तिगत विवाद है, संगठन से इसका लेना-देना नहीं है। संघ के अनुसार दो पक्षों के बीच हुए विवाद में एक स्वयंसेवक बीच-बचाव के लिए गया था, जिसके साथ मारपीट होने से स्थिति बिगड़ी। संघ का कहना है कि घटना का संगठन से कोई संबंध नहीं है।
 
शेंडके को नोटिस : पुलिस ने बीएनएस की धारा 109(1), 330(2), 296(ए), 62 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। खबर है कि भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने वीरेंद्र शेंडगे को विधानसभा चार के भाजपा प्रभारी पद से हटा दिया। उन्‍हें कारण बताओ नोटिस दिया गया है। विधायक खेमा इस कोशिश में जुटा था कि इस केस में पीए प्रणय का नाम न आए, लेकिन उन्हें भी आरोपी बनाया गया है। प्रणय का कहना है कि उन्हें षड्यंत्रपूर्वक इस मामले से जोड़कर केस दर्ज किया गया है। वे पुलिस अधिकारियों से मिलकर जांच और कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि वे महेश्वर में थे, लेकिन बेवजह घसीटा जा रहा है।
 
पुलिस अफसरों से विवाद में चर्चा में आए थे शेंडके : बता दें कि पिछले दिनों महूनाका चौराहे पर वीरेंद्र शेंडके का विवाद पुलिस अफसरों से हुआ था। तब उनके समर्थकों ने चक्काजाम कर दिया। तब विधायक के प्रतिनिधि के तौर पर प्रणय ने मौके पर आकर विवाद सुलझाया था। बाद में इस मामले में पुलिस कमिश्नर ने तीन पुलिस अफसरों को हटाया था।
Edited By: Naveen R Rangiyal
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इंटरनेट डेस्क। दक्षिण भारत की राजनीति में एक नए और हैरान करने वाले अध्याय की शुरुआत कर चुके थलापति विजय का आज जन्मदिन है। उनका जन्म आज ही के दिन यानी 22 जून 1974 को हुआ था। जन्मदिन पर आज हम आपको तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता थलापति विजय से जुड़ी उन बातों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगे।

आप तमिलनाडु की संपत्ति के बारे में जानकर चौंक जाएंगे। खबरों के अनुसार, विजय की घोषित कुल संपत्ति 624 करोड़ रुपए है। इसमें चल संपत्ति 404 करोड़ रुपए और अचल संपत्ति का मूल्य 220 करोड़ रुपए है। उनके पिता तमिल फिल्मों के मशहूर डायरेक्टर थे। पिता की इच्छा थी कि बेटा डॉक्टर बने, लेकिन बेटे को फिल्मों का हीरो बनना था। उन्होंने इस सपने को पूरा भी किया।

अभिनेता बनने के लिए वह घर में एक चिट्ठी छोड़कर निकल गया। इसमें उन्होंने लिखा था कि मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना। हालांकि बाद में वह पास के एक थिएटर में मिल गए। जहां से पिता उन्हें वापस घर लें आए। इसके बाद बेटे की जिद और टैलेंट के आगे झुकते हुए पिता ने उन्हें फिल्मों में लॉन्च किया।

पहली ही फिल्म रही थी फ्लॉप
पहली ही फिल्म फ्लॉप होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। इसके बाद उन्होंने शानदार अभिनय के दम पर फिल्मी दुनिया में अपनी बादशाहत साबित की। अब वह अभिनेता से नेता बन गए हैं। विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने 108 सीटें जीतकर तमिलनाडु में सरकार बनाई।

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Birthday Special,Thalapathy Vijay, Hindi news, Bollywood news">Birthday Special: इतने करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं थलापति विजय, जानें उनसे जुड़ी ये रोचक बातें   इंटरनेट डेस्क। दक्षिण भारत की राजनीति में एक नए और हैरान करने वाले अध्याय की शुरुआत कर चुके थलापति विजय का आज जन्मदिन है। उनका जन्म आज ही के दिन यानी 22 जून 1974 को हुआ था। जन्मदिन पर आज हम आपको तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता थलापति विजय से जुड़ी उन बातों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगे।

आप तमिलनाडु की संपत्ति के बारे में जानकर चौंक जाएंगे। खबरों के अनुसार, विजय की घोषित कुल संपत्ति 624 करोड़ रुपए है। इसमें चल संपत्ति 404 करोड़ रुपए और अचल संपत्ति का मूल्य 220 करोड़ रुपए है। उनके पिता तमिल फिल्मों के मशहूर डायरेक्टर थे। पिता की इच्छा थी कि बेटा डॉक्टर बने, लेकिन बेटे को फिल्मों का हीरो बनना था। उन्होंने इस सपने को पूरा भी किया।

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पहली ही फिल्म रही थी फ्लॉप
पहली ही फिल्म फ्लॉप होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। इसके बाद उन्होंने शानदार अभिनय के दम पर फिल्मी दुनिया में अपनी बादशाहत साबित की। अब वह अभिनेता से नेता बन गए हैं। विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने 108 सीटें जीतकर तमिलनाडु में सरकार बनाई।

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Birthday Special: इतने करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं थलापति विजय, जानें उनसे जुड़ी ये रोचक बातें   इंटरनेट डेस्क। दक्षिण भारत की राजनीति में एक नए और हैरान करने वाले अध्याय की शुरुआत कर चुके थलापति विजय का आज जन्मदिन है। उनका जन्म आज ही के दिन यानी 22 जून 1974 को हुआ था। जन्मदिन पर आज हम आपको तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता थलापति विजय से जुड़ी उन बातों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगे।

आप तमिलनाडु की संपत्ति के बारे में जानकर चौंक जाएंगे। खबरों के अनुसार, विजय की घोषित कुल संपत्ति 624 करोड़ रुपए है। इसमें चल संपत्ति 404 करोड़ रुपए और अचल संपत्ति का मूल्य 220 करोड़ रुपए है। उनके पिता तमिल फिल्मों के मशहूर डायरेक्टर थे। पिता की इच्छा थी कि बेटा डॉक्टर बने, लेकिन बेटे को फिल्मों का हीरो बनना था। उन्होंने इस सपने को पूरा भी किया।

अभिनेता बनने के लिए वह घर में एक चिट्ठी छोड़कर निकल गया। इसमें उन्होंने लिखा था कि मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना। हालांकि बाद में वह पास के एक थिएटर में मिल गए। जहां से पिता उन्हें वापस घर लें आए। इसके बाद बेटे की जिद और टैलेंट के आगे झुकते हुए पिता ने उन्हें फिल्मों में लॉन्च किया।

पहली ही फिल्म रही थी फ्लॉप
पहली ही फिल्म फ्लॉप होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। इसके बाद उन्होंने शानदार अभिनय के दम पर फिल्मी दुनिया में अपनी बादशाहत साबित की। अब वह अभिनेता से नेता बन गए हैं। विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने 108 सीटें जीतकर तमिलनाडु में सरकार बनाई।

PC:abplive
अपडेट खबरों के लिए हमारावॉट्सएप चैनलफोलो करेंBirthday Special,Thalapathy Vijay, Hindi news, Bollywood news

इंटरनेट डेस्क। दक्षिण भारत की राजनीति में एक नए और हैरान करने वाले अध्याय की शुरुआत कर चुके थलापति विजय का आज जन्मदिन है। उनका जन्म आज ही के दिन यानी 22 जून 1974 को हुआ था। जन्मदिन पर आज हम आपको तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता थलापति विजय से जुड़ी उन बातों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगे।

आप तमिलनाडु की संपत्ति के बारे में जानकर चौंक जाएंगे। खबरों के अनुसार, विजय की घोषित कुल संपत्ति 624 करोड़ रुपए है। इसमें चल संपत्ति 404 करोड़ रुपए और अचल संपत्ति का मूल्य 220 करोड़ रुपए है। उनके पिता तमिल फिल्मों के मशहूर डायरेक्टर थे। पिता की इच्छा थी कि बेटा डॉक्टर बने, लेकिन बेटे को फिल्मों का हीरो बनना था। उन्होंने इस सपने को पूरा भी किया।

अभिनेता बनने के लिए वह घर में एक चिट्ठी छोड़कर निकल गया। इसमें उन्होंने लिखा था कि मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना। हालांकि बाद में वह पास के एक थिएटर में मिल गए। जहां से पिता उन्हें वापस घर लें आए। इसके बाद बेटे की जिद और टैलेंट के आगे झुकते हुए पिता ने उन्हें फिल्मों में लॉन्च किया।

पहली ही फिल्म रही थी फ्लॉप
पहली ही फिल्म फ्लॉप होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। इसके बाद उन्होंने शानदार अभिनय के दम पर फिल्मी दुनिया में अपनी बादशाहत साबित की। अब वह अभिनेता से नेता बन गए हैं। विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने 108 सीटें जीतकर तमिलनाडु में सरकार बनाई।

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कराची आतंकी हमले के आरोपों पर भारत ने दिया करारा जवाब, कहा- दूसरों पर नहीं, अपने गिरेबान में झांके पाकिस्तान
	
		
	Karachi terror attack Case : भारत ने कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के कैंप पर शनिवार रात को हुए आतंकवादी हमले को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। साथ ही पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय पाकिस्तान को अपने भीतर झांकने और अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी ढांचे के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं हैरानी की बात है कि खुद पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग (ISPR) ने सच्चाई कुछ और ही बताई।
	
	सेना के मुताबिक, यह हमला 'जमात-उल-अहरार' नाम के आतंकी संगठन से जुड़े आतंकवादियों ने किया था। आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान की ओर से भारत पर लगाए गए आरोपों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के आरोप पूरी तरह निराधार हैं और भारत उन्हें सिरे से खारिज करता है। उन्होंने पाकिस्तान को नसीहत देते हुए कहा कि उसे दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपने भीतर झांकने और अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी ढांचे के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए।
	
		ALSO READ: वेनेजुएला में भूकंप से 235 मौतें; भारत ने भेजी मदद, Starlink ने फ्री इंटरनेट का किया ऐलान
	भारत ने साफ किया कि इस तरह के बयानों से पाकिस्तान अपनी कमियों को छिपा नहीं सकता। हद तो तब हो गई जब पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने भी बिना किसी ठोस प्रमाण के इस हमले के पीछे 'भारतीय कनेक्शन' होने का दावा कर दिया। पाकिस्तानी नेताओं की इसी गैरजिम्मेदाराना आदत और झूठे बयानों पर पलटवार करते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने अपनी तीखी और स्पष्ट प्रतिक्रिया जारी की है।
	
	वहीं हैरानी की बात है कि खुद पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग (ISPR) ने सच्चाई कुछ और ही बताई। सेना के मुताबिक, यह हमला 'जमात-उल-अहरार' नाम के आतंकी संगठन से जुड़े आतंकवादियों ने किया था। गौरतलब है कि प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े आतंकी संगठन जमात-उल-अहरार के आतंकवादियों ने सिंध रेंजर्स के भिट्टाई विंग मुख्यालय पर हमला बोल दिया।
	
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	इसके बाद करीब 90 मिनट तक चली भीषण मुठभेड़ में 6 आतंकवादी मार गिराए गए। सुरक्षाबलों ने एक घायल आतंकवादी को जिंदा गिरफ्तार भी कर लिया। इस हमले में 4 अर्धसैनिक जवानों की भी मौत हो गई। अक्टूबर 2024 के बाद कराची में इसे सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है।
	
		ALSO READ: Pakistan के कराची में बड़ा आतंकी हमला, सिंध रेंजर्स मुख्यालय पर धावा, 6 आतंकवादी ढेर, 4 जवानों की मौत
	प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आतंकवादियों ने एक वाहन से रेंजर्स मुख्यालय के मुख्य गेट को तोड़कर परिसर में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने हैंड ग्रेनेड फेंके, जिससे कई विस्फोट हुए और पूरे परिसर में अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू 1122 सिंध की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

	Edited By : Chetan Gour

	India gave befitting reply to Pakistan's allegations

Karachi terror attack Case : भारत ने कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के कैंप पर शनिवार रात को हुए आतंकवादी हमले को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। साथ ही पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय पाकिस्तान को अपने भीतर झांकने और अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी ढांचे के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं हैरानी की बात है कि खुद पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग (ISPR) ने सच्चाई कुछ और ही बताई।

सेना के मुताबिक, यह हमला 'जमात-उल-अहरार' नाम के आतंकी संगठन से जुड़े आतंकवादियों ने किया था। आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान की ओर से भारत पर लगाए गए आरोपों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के आरोप पूरी तरह निराधार हैं और भारत उन्हें सिरे से खारिज करता है। उन्होंने पाकिस्तान को नसीहत देते हुए कहा कि उसे दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपने भीतर झांकने और अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी ढांचे के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए।

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भारत ने साफ किया कि इस तरह के बयानों से पाकिस्तान अपनी कमियों को छिपा नहीं सकता। हद तो तब हो गई जब पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने भी बिना किसी ठोस प्रमाण के इस हमले के पीछे 'भारतीय कनेक्शन' होने का दावा कर दिया। पाकिस्तानी नेताओं की इसी गैरजिम्मेदाराना आदत और झूठे बयानों पर पलटवार करते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने अपनी तीखी और स्पष्ट प्रतिक्रिया जारी की है।

वहीं हैरानी की बात है कि खुद पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग (ISPR) ने सच्चाई कुछ और ही बताई। सेना के मुताबिक, यह हमला 'जमात-उल-अहरार' नाम के आतंकी संगठन से जुड़े आतंकवादियों ने किया था। गौरतलब है कि प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े आतंकी संगठन जमात-उल-अहरार के आतंकवादियों ने सिंध रेंजर्स के भिट्टाई विंग मुख्यालय पर हमला बोल दिया।

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इसके बाद करीब 90 मिनट तक चली भीषण मुठभेड़ में 6 आतंकवादी मार गिराए गए। सुरक्षाबलों ने एक घायल आतंकवादी को जिंदा गिरफ्तार भी कर लिया। इस हमले में 4 अर्धसैनिक जवानों की भी मौत हो गई। अक्टूबर 2024 के बाद कराची में इसे सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है।

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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आतंकवादियों ने एक वाहन से रेंजर्स मुख्यालय के मुख्य गेट को तोड़कर परिसर में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने हैंड ग्रेनेड फेंके, जिससे कई विस्फोट हुए और पूरे परिसर में अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू 1122 सिंध की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

Edited By : Chetan Gour

India gave befitting reply to Pakistan's allegations">कराची आतंकी हमले के आरोपों पर भारत ने दिया करारा जवाब, कहा- दूसरों पर नहीं, अपने गिरेबान में झांके पाकिस्तान
	
		
	Karachi terror attack Case : भारत ने कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के कैंप पर शनिवार रात को हुए आतंकवादी हमले को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। साथ ही पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय पाकिस्तान को अपने भीतर झांकने और अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी ढांचे के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं हैरानी की बात है कि खुद पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग (ISPR) ने सच्चाई कुछ और ही बताई।
	
	सेना के मुताबिक, यह हमला 'जमात-उल-अहरार' नाम के आतंकी संगठन से जुड़े आतंकवादियों ने किया था। आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान की ओर से भारत पर लगाए गए आरोपों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के आरोप पूरी तरह निराधार हैं और भारत उन्हें सिरे से खारिज करता है। उन्होंने पाकिस्तान को नसीहत देते हुए कहा कि उसे दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपने भीतर झांकने और अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी ढांचे के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए।
	
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	भारत ने साफ किया कि इस तरह के बयानों से पाकिस्तान अपनी कमियों को छिपा नहीं सकता। हद तो तब हो गई जब पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने भी बिना किसी ठोस प्रमाण के इस हमले के पीछे 'भारतीय कनेक्शन' होने का दावा कर दिया। पाकिस्तानी नेताओं की इसी गैरजिम्मेदाराना आदत और झूठे बयानों पर पलटवार करते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने अपनी तीखी और स्पष्ट प्रतिक्रिया जारी की है।
	
	वहीं हैरानी की बात है कि खुद पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग (ISPR) ने सच्चाई कुछ और ही बताई। सेना के मुताबिक, यह हमला 'जमात-उल-अहरार' नाम के आतंकी संगठन से जुड़े आतंकवादियों ने किया था। गौरतलब है कि प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े आतंकी संगठन जमात-उल-अहरार के आतंकवादियों ने सिंध रेंजर्स के भिट्टाई विंग मुख्यालय पर हमला बोल दिया।
	
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	इसके बाद करीब 90 मिनट तक चली भीषण मुठभेड़ में 6 आतंकवादी मार गिराए गए। सुरक्षाबलों ने एक घायल आतंकवादी को जिंदा गिरफ्तार भी कर लिया। इस हमले में 4 अर्धसैनिक जवानों की भी मौत हो गई। अक्टूबर 2024 के बाद कराची में इसे सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है।
	
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	प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आतंकवादियों ने एक वाहन से रेंजर्स मुख्यालय के मुख्य गेट को तोड़कर परिसर में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने हैंड ग्रेनेड फेंके, जिससे कई विस्फोट हुए और पूरे परिसर में अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू 1122 सिंध की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

	Edited By : Chetan Gour

	India gave befitting reply to Pakistan's allegations

वेनेजुएला में भूकंप से 235 मौतें; भारत ने भेजी मदद, Starlink ने फ्री इंटरनेट का किया ऐलान

भारत ने साफ किया कि इस तरह के बयानों से पाकिस्तान अपनी कमियों को छिपा नहीं सकता। हद तो तब हो गई जब पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने भी बिना किसी ठोस प्रमाण के इस हमले के पीछे 'भारतीय कनेक्शन' होने का दावा कर दिया। पाकिस्तानी नेताओं की इसी गैरजिम्मेदाराना आदत और झूठे बयानों पर पलटवार करते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने अपनी तीखी और स्पष्ट प्रतिक्रिया जारी की है।

वहीं हैरानी की बात है कि खुद पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग (ISPR) ने सच्चाई कुछ और ही बताई। सेना के मुताबिक, यह हमला 'जमात-उल-अहरार' नाम के आतंकी संगठन से जुड़े आतंकवादियों ने किया था। गौरतलब है कि प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े आतंकी संगठन जमात-उल-अहरार के आतंकवादियों ने सिंध रेंजर्स के भिट्टाई विंग मुख्यालय पर हमला बोल दिया।

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इसके बाद करीब 90 मिनट तक चली भीषण मुठभेड़ में 6 आतंकवादी मार गिराए गए। सुरक्षाबलों ने एक घायल आतंकवादी को जिंदा गिरफ्तार भी कर लिया। इस हमले में 4 अर्धसैनिक जवानों की भी मौत हो गई। अक्टूबर 2024 के बाद कराची में इसे सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है।

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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आतंकवादियों ने एक वाहन से रेंजर्स मुख्यालय के मुख्य गेट को तोड़कर परिसर में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने हैंड ग्रेनेड फेंके, जिससे कई विस्फोट हुए और पूरे परिसर में अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू 1122 सिंध की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

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India gave befitting reply to Pakistan's allegations">कराची आतंकी हमले के आरोपों पर भारत ने दिया करारा जवाब, कहा- दूसरों पर नहीं, अपने गिरेबान में झांके पाकिस्तान

कराची आतंकी हमले के आरोपों पर भारत ने दिया करारा जवाब, कहा- दूसरों पर नहीं, अपने गिरेबान में झांके पाकिस्तान
	
		
	Karachi terror attack Case : भारत ने कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के कैंप पर शनिवार रात को हुए आतंकवादी हमले को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। साथ ही पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय पाकिस्तान को अपने भीतर झांकने और अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी ढांचे के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं हैरानी की बात है कि खुद पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग (ISPR) ने सच्चाई कुछ और ही बताई।
	
	सेना के मुताबिक, यह हमला 'जमात-उल-अहरार' नाम के आतंकी संगठन से जुड़े आतंकवादियों ने किया था। आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान की ओर से भारत पर लगाए गए आरोपों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के आरोप पूरी तरह निराधार हैं और भारत उन्हें सिरे से खारिज करता है। उन्होंने पाकिस्तान को नसीहत देते हुए कहा कि उसे दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपने भीतर झांकने और अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी ढांचे के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए।
	
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	भारत ने साफ किया कि इस तरह के बयानों से पाकिस्तान अपनी कमियों को छिपा नहीं सकता। हद तो तब हो गई जब पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने भी बिना किसी ठोस प्रमाण के इस हमले के पीछे 'भारतीय कनेक्शन' होने का दावा कर दिया। पाकिस्तानी नेताओं की इसी गैरजिम्मेदाराना आदत और झूठे बयानों पर पलटवार करते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने अपनी तीखी और स्पष्ट प्रतिक्रिया जारी की है।
	
	वहीं हैरानी की बात है कि खुद पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग (ISPR) ने सच्चाई कुछ और ही बताई। सेना के मुताबिक, यह हमला 'जमात-उल-अहरार' नाम के आतंकी संगठन से जुड़े आतंकवादियों ने किया था। गौरतलब है कि प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े आतंकी संगठन जमात-उल-अहरार के आतंकवादियों ने सिंध रेंजर्स के भिट्टाई विंग मुख्यालय पर हमला बोल दिया।
	
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	इसके बाद करीब 90 मिनट तक चली भीषण मुठभेड़ में 6 आतंकवादी मार गिराए गए। सुरक्षाबलों ने एक घायल आतंकवादी को जिंदा गिरफ्तार भी कर लिया। इस हमले में 4 अर्धसैनिक जवानों की भी मौत हो गई। अक्टूबर 2024 के बाद कराची में इसे सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है।
	
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	प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आतंकवादियों ने एक वाहन से रेंजर्स मुख्यालय के मुख्य गेट को तोड़कर परिसर में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने हैंड ग्रेनेड फेंके, जिससे कई विस्फोट हुए और पूरे परिसर में अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू 1122 सिंध की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

	Edited By : Chetan Gour

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Karachi terror attack Case : भारत ने कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के कैंप पर शनिवार रात को हुए आतंकवादी हमले को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। साथ ही पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय पाकिस्तान को अपने भीतर झांकने और अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी ढांचे के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं हैरानी की बात है कि खुद पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग (ISPR) ने सच्चाई कुछ और ही बताई।

सेना के मुताबिक, यह हमला 'जमात-उल-अहरार' नाम के आतंकी संगठन से जुड़े आतंकवादियों ने किया था। आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान की ओर से भारत पर लगाए गए आरोपों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के आरोप पूरी तरह निराधार हैं और भारत उन्हें सिरे से खारिज करता है। उन्होंने पाकिस्तान को नसीहत देते हुए कहा कि उसे दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपने भीतर झांकने और अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी ढांचे के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए।

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वहीं हैरानी की बात है कि खुद पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग (ISPR) ने सच्चाई कुछ और ही बताई। सेना के मुताबिक, यह हमला 'जमात-उल-अहरार' नाम के आतंकी संगठन से जुड़े आतंकवादियों ने किया था। गौरतलब है कि प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े आतंकी संगठन जमात-उल-अहरार के आतंकवादियों ने सिंध रेंजर्स के भिट्टाई विंग मुख्यालय पर हमला बोल दिया।

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इसके बाद करीब 90 मिनट तक चली भीषण मुठभेड़ में 6 आतंकवादी मार गिराए गए। सुरक्षाबलों ने एक घायल आतंकवादी को जिंदा गिरफ्तार भी कर लिया। इस हमले में 4 अर्धसैनिक जवानों की भी मौत हो गई। अक्टूबर 2024 के बाद कराची में इसे सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है।

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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आतंकवादियों ने एक वाहन से रेंजर्स मुख्यालय के मुख्य गेट को तोड़कर परिसर में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने हैंड ग्रेनेड फेंके, जिससे कई विस्फोट हुए और पूरे परिसर में अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू 1122 सिंध की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

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