मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य सेवा में एक महत्वपूर्ण विस्तार के रूप में विशेष ज्यूपिटर हॉस्पिटल ने इंदौर में ज्यूपिटर कैंसर इंस्टीट्यूट (JCI) के शुभारंभ की घोषणा की। इंस्टीट्यूट का उद्घाटन इंदौर के संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने किया। यह इंदौर, मध्य प्रदेश और मध्य भारत के मरीजों के लिए उन्नत कैंसर उपचार को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह शुभारंभ ऐसे समय में हुआ है जब कैंसर के उपचार की चुनौती केवल चिकित्सा तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि समय पर निदान, उपचार की वहनीयता और देखभाल की निरंतरता भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है।
कई परिवारों को अलग-अलग विशेषज्ञों से परामर्श लेने, बड़े महानगरों की यात्रा करने और महंगे उपचार का सामना करने की आवश्यकता पड़ती है, वह भी ऐसे समय में जब वे पहले से ही भावनात्मक और आर्थिक तनाव से गुजर रहे होते हैं।
कैंसर इंस्टीट्यूट का उद्देश्य उच्च-गुणवत्ता वाली ऑन्कोलॉजी सेवाओं को उन मरीजों के करीब लाना है, जिन्हें विशेष उपचार के लिए अक्सर दूरस्थ महानगरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
इंदौर और मध्य प्रदेश के लिए एक रणनीतिक स्वास्थ्य सेवा विस्तार
उद्घाटन अवसर पर डॉ. सुदाम खाड़े ने मध्य प्रदेश के मरीजों के करीब उन्नत, संगठित और अधिक किफायती ऑन्कोलॉजी सेवाएं लाने के प्रयास की सराहना की।
इस लॉन्च के साथ इंदौर को एक ऐसी उन्नत कैंसर-केयर सुविधा मिली है, जो तकनीक, विशेषज्ञता, समन्वित उपचार योजना और जरूरतमंद मरीजों के लिए वित्तीय सहायता को एक साथ जोड़ती है।
इंदौर और मध्य प्रदेश के मरीजों व परिवारों के लिए ज्यूपिटर कैंसर इंस्टीट्यूट दूरस्थ महानगरों पर निर्भरता कम करने और घर के नजदीक समय पर, समग्र और मानवीय कैंसर देखभाल तक पहुंच बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एक ही छत के नीचे समग्र कैंसर देखभाल
- कैंसर इंस्टीट्यूट में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन और न्यूक्लियर मेडिसिन जैसी सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई गई हैं।
- यह इंटीग्रेटेड मॉडल मरीजों की उपचार यात्रा को आसान बनाने और अलग-अलग कैंसर विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया है।
- कैंसर उपचार में अक्सर सर्जिकल, मेडिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट के साथ-साथ न्यूक्लियर मेडिसिन विशेषज्ञों की संयुक्त राय की आवश्यकता होती है।
- इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए इंस्टीट्यूट ने ज्यूपिटर कैंसर बोर्ड की शुरुआत की है, जहां नए मरीजों का मूल्यांकन मल्टी-स्पेशलिस्ट टीम द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है और उन्हें एक संयुक्त उपचार योजना प्रदान की जाती है।
कैंसर उपचार को अधिक किफायती बनाने की पहल
वहनीयता नए इंस्टीट्यूट के सबसे महत्वपूर्ण फोकस क्षेत्रों में से एक है। ज्यूपिटर फाउंडेशन के माध्यम से ऐसे बीमा रहित कैंसर मरीज, जो उपचार की पूरी लागत वहन करने में असमर्थ हैं, स्वयं-घोषणा के आधार पर वित्तीय सहायता के पात्र होंगे। इसके लिए आय प्रमाणपत्र, वित्तीय सत्यापन या लंबी दस्तावेजी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होगी।
• मरीज के बिल में जनरल वार्ड दरों पर 50% रियायत (दवाओं और कंज्यूमेबल्स को छोड़कर)
• Elekta Versa HD के माध्यम से दिए जाने वाले उपचार सहित रेडिएशन थेरेपी शुल्क पर 35% रियायत
• सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी में सहायता
• पात्र मरीजों की संख्या पर कोई सीमा नहीं
“ज्यूपिटर कैंसर इंस्टीट्यूट में हमारा विजन सरल है: इंदौर के किसी भी मरीज को कैंसर उपचार के लिए बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े। ज्यूपिटर कैंसर बोर्ड एक अनूठी पहल है, जो पूरी ऑन्कोलॉजी टीम को एक मंच पर लाकर मरीज को स्पष्ट दिशा देती है। ‘नो क्वेश्चन्स आस्क्ड’ वित्तीय सहायता कार्यक्रम के साथ हम इंदौर और मध्य भारत के मरीजों के लिए उच्च-गुणवत्ता वाली कैंसर देखभाल को अधिक सुलभ बना रहे हैं।”
– डॉ. अंकित ठक्कर, मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ, ज्यूपिटर लाइफ लाइन हॉस्पिटल्स लिमिटेड
Source link
#कसर #दखभल #अब #और #अधक #सलभ #इदर #म #सभगयकत #न #कय #कसर #इसटटयट #क #शभरभ



Post Comment