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कोलकाता गोदाम हादसा: अब तक पांच की मौत, फंसे कर्मचारियों की तलाश जारी; मालिक पर केस दर्ज, कुल तीन गिरफ्तार

कोलकाता गोदाम हादसा: अब तक पांच की मौत, फंसे कर्मचारियों की तलाश जारी; मालिक पर केस दर्ज, कुल तीन गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में बन रहे वेयरहाउस की छत गिरने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है, जबकि कई लोग अभी भी मलबे के नीचे फंसे हुए हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एसएसकेएम अस्पताल में घायल कर्मचारियों से मुलाकात की और उनकी हालत के बारे में जानकारी ली। सरकारी अस्पताल के बाहर मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सीएम ने कहा कि वेयरहाउस से लगभग 25 लोगों को बचाया गया। पांच लोगों की मौत हो गई है। 20 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दो लोगों की हालत गंभीर है। सभी घायलों का इलाज यहां चल रहा है। कुछ कर्मचारी अभी भी फंसे हुए हैं। वे जीवित हैं और हमने उनसे संपर्क कर लिया है। बचाव अभियान जोर-शोर से चल रहा है। उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही बाहर निकाल लिया जाएगा।

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मामले में तीन गिरफ्तार, मालिक पर केस

इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार शाम पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया, इनकी पहचान परियोजना पर्यवेक्षक सैयद मोहम्मद गुलजार और दो श्रमिक आपूर्तिकर्ताओं मोहम्मद अताउल तथा सुभाष चौधरी के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतक श्रमिकों में से एक के परिजनों की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई। वहीं, गोदाम के मालिकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जांच के तहत पुलिस ने भवन का स्वीकृत नक्शा और अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि निर्माण कार्य और मंजूरी प्रक्रिया में कोई अनियमितता तो नहीं हुई। कोलकाता पुलिस की जासूसी शाखा और अन्य विशेषज्ञ टीमों ने घटनास्थल का दौरा कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गोदाम निर्माण को कोलकाता नगर निगम से मंजूरी मिली थी। अब यह जांच की जा रही है कि क्या निर्माण नियमों का उल्लंघन हुआ था और ऐसे ढांचे को अनुमति कैसे दी गई। मामले में मंजूरी देने वाले अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

सीएम शुभेंदु ने घटनास्थल का किया दौरा

इससे पहले दिन में, सीएम शुभेंदु ने कई मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों के साथ दुर्घटना स्थल का दौरा किया और बचाव अभियान की निगरानी की थी। इसके बाद सीएम ने कहा था कि यह घटना बन रहे गोदाम के गलत बिल्डिंग प्लान की वजह से हुई। उन्होंने यह भी बताया कि इसके मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने कहा कि बिल्डिंग प्लान को इस साल 17 जनवरी को मंजूरी मिली थी। शुरू में केएमसी के इंजीनियरों ने कहा कि बिल्डिंग प्लान में गड़बड़ी है। इंजीनियर आज बाद में हमें एक डिटेल्ड रिपोर्ट भेजेंगे। मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिनकी पहचान बेहरा ब्रदर्स के तौर पर हुई है। 

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केएमसी इलाके में कमर्शियल निर्माण पर लगी रोक

मुख्यमंत्री शुभेंदु ने आगे कहा कि कोलकाता नगर निगम (केएमसी) इलाके में बन रही सभी कमर्शियल प्रॉपर्टीज पर काम 31 जुलाई तक बंद रहेगा। सीएम ने कहा कि आज की घटना के बाद, मैंने केएमसी को निर्देश दिया है कि 31 जुलाई तक बन रही सभी कमर्शियल प्रॉपर्टीज पर काम रोक दिया जाए। हम उनके बिल्डिंग प्लान, साइट प्लान और साइट पर जाकर जांच करेंगे। जिनके डॉक्यूमेंट्स सही पाए जाएंगे, वे 1 अगस्त से काम फिर से शुरू कर सकते हैं।

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