","url":"https://wolfnewss.com/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%b5%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%9c-%e0%a4%a1/","mainEntityOfPage":"https://wolfnewss.com/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%b5%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%9c-%e0%a4%a1/","image":[{"@type":"ImageObject","url":"https://i0.wp.com/nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/30/full/1777573080-3798.jpg?ssl=1"}],"datePublished":"2026-04-30T22:56:41+00:00","dateModified":"2026-04-30T22:56:41+00:00","author":{"@type":"Person","name":"mwasimuddin125","url":"https://wolfnewss.com/author/mwasimuddin125/"}}
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कोलकाता में हाई वोल्टेज ड्रामा, बैलेट बॉक्स से टेम्परिंग का आरोप और आमने-सामने BJP-TMC, EC ने क्या कहा
	
		
			
	
	गुरुवार को उस समय हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मतदान खत्म होने के एक दिन बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया कि भाजपा और इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया मिलकर पार्टी प्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी में पोस्टल बैलेट खोलने की कोशिश कर रहे हैं।

	 

	आरोपों के बाद टीएमसी नेता शशि पांजा और कुणाल घोष मौके पर पहुंचे और कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम स्थित स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरने पर बैठ गए।  TMC नेताओं का आरोप है कि चुनाव आयोग के अधिकारियों की मौजूदगी में भाजपा ने पार्टी प्रतिनिधियों के बिना बैलेट बॉक्स खोलने की कोशिश की। स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरने पर बैठे कुनाल घोष ने कहा कि अंदर कुछ लोग पोस्टल बैलेट से छेड़छाड़ कर रहे हैं और वहां TMC का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं है।
	
		
			#WATCH | West Bengal Elections 2026 | Police deployed outside the strong room in Kolkata. Counting of votes to be held on 4th May. pic.twitter.com/00hpvvczGa
		— ANI (@ANI) April 30, 2026
	
	
		
			ALSO READ: Exit Poll : टुडेज चाणक्य एग्जिट पोल में BJP 192 सीटों पर आगे, TMC को बड़ा झटका
	
	
		उन्होंने कहा कि आप चुनाव आयोग की लाइव स्ट्रीमिंग और CCTV फुटेज देख सकते हैं, जिसमें कुछ लोग अंदर काम करते नजर आ रहे हैं। हमारे किसी प्रतिनिधि को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है। भाजपा अपने लोगों को अंदर भेजकर पोस्टल बैलेट से छेड़छाड़ कर रही है। 
	
		सीसीटीवी फुटेज जारी किए 
	
		
			
				❗️ALARMING❗️
				
				This is the murder of democracy in broad daylight.
				
				CCTV footage has exposed how @BJP4India, in active collusion with the @ECISVEEP, is opening ballot boxes without the presence of any relevant party stakeholders. This is gross electoral fraud being committed openly… pic.twitter.com/aSe36kGKPI
			— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 30, 2026
		
		
			इन आरोपों के समर्थन में TMC ने सोशल मीडिया पर एक कथित CCTV वीडियो भी साझा किया, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयोग की जानकारी और संरक्षण में बैलेट बॉक्स खोले जा रहे हैं। पार्टी ने इसे खुला चुनावी घोटाला करार दिया।
		
			
				
					Victory is Certain!
					
					Smt. @MamataOfficial has assured every leader, party worker, booth agent of the Trinamool Congress, and the Maa-Mati-Manush of Bengal that the Trinamool Congress is returning for a historic 4th term. Bengal refuses to bow to the Bohiragotos of Delhi and… pic.twitter.com/6xvuKP89wb
				— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 30, 2026
			
			
				इस पूरे घटनाक्रम से कुछ ही घंटे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल को खारिज करते हुए TMC कार्यकर्ताओं से ईवीएम की सुरक्षा करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि ईवीएम बदले जाने की साजिश हो सकती है, इसलिए मतगणना पूरी होने तक कार्यकर्ता सतर्क रहें और काउंटिंग टेबल न छोड़ें।
			
				
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				चुनाव आयोग ने आरोपों पर क्या कहा 
			
				चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम रखी गई हैं, वे पूरी तरह सुरक्षित और सील हैं। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बैलेट की अलग-अलग श्रेणियों में छंटाई स्ट्रॉन्ग रूम के कॉरिडोर में रिटर्निंग ऑफिसर्स की निगरानी में की जा रही है।
				
					
						#WATCH | West Bengal Elections 2026 | Police deployed outside the strong room in Kolkata. Counting of votes to be held on 4th May. pic.twitter.com/00hpvvczGa
					— ANI (@ANI) April 30, 2026
				
				
					
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					भाजपा ने टीएमसी के आरोपों पर क्या कहा 
				
					भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि ममता बनजी की पार्टी हार की आशंका के चलते अफवाहें फैला रही है। भाजपा नेता तपस राय ने कहा कि हम स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी के लिए अपने दो लोगों को तैनात करेंगे। यहां तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है। टीएमसी सिर्फ अपनी हार का माहौल तैयार करने के लिए भ्रम फैला रही है। Edited by : Sudhir Sharma

कोलकाता में हाई वोल्टेज ड्रामा, बैलेट बॉक्स से टेम्परिंग का आरोप और आमने-सामने BJP-TMC, EC ने क्या कहा

कोलकाता में हाई वोल्टेज ड्रामा, बैलेट बॉक्स से टेम्परिंग का आरोप और आमने-सामने BJP-TMC, EC ने क्या कहा
	
		
			
	
	गुरुवार को उस समय हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मतदान खत्म होने के एक दिन बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया कि भाजपा और इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया मिलकर पार्टी प्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी में पोस्टल बैलेट खोलने की कोशिश कर रहे हैं।

	 

	आरोपों के बाद टीएमसी नेता शशि पांजा और कुणाल घोष मौके पर पहुंचे और कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम स्थित स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरने पर बैठ गए।  TMC नेताओं का आरोप है कि चुनाव आयोग के अधिकारियों की मौजूदगी में भाजपा ने पार्टी प्रतिनिधियों के बिना बैलेट बॉक्स खोलने की कोशिश की। स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरने पर बैठे कुनाल घोष ने कहा कि अंदर कुछ लोग पोस्टल बैलेट से छेड़छाड़ कर रहे हैं और वहां TMC का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं है।
	
		
			#WATCH | West Bengal Elections 2026 | Police deployed outside the strong room in Kolkata. Counting of votes to be held on 4th May. pic.twitter.com/00hpvvczGa
		— ANI (@ANI) April 30, 2026
	
	
		
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		उन्होंने कहा कि आप चुनाव आयोग की लाइव स्ट्रीमिंग और CCTV फुटेज देख सकते हैं, जिसमें कुछ लोग अंदर काम करते नजर आ रहे हैं। हमारे किसी प्रतिनिधि को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है। भाजपा अपने लोगों को अंदर भेजकर पोस्टल बैलेट से छेड़छाड़ कर रही है। 
	
		सीसीटीवी फुटेज जारी किए 
	
		
			
				❗️ALARMING❗️
				
				This is the murder of democracy in broad daylight.
				
				CCTV footage has exposed how @BJP4India, in active collusion with the @ECISVEEP, is opening ballot boxes without the presence of any relevant party stakeholders. This is gross electoral fraud being committed openly… pic.twitter.com/aSe36kGKPI
			— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 30, 2026
		
		
			इन आरोपों के समर्थन में TMC ने सोशल मीडिया पर एक कथित CCTV वीडियो भी साझा किया, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयोग की जानकारी और संरक्षण में बैलेट बॉक्स खोले जा रहे हैं। पार्टी ने इसे खुला चुनावी घोटाला करार दिया।
		
			
				
					Victory is Certain!
					
					Smt. @MamataOfficial has assured every leader, party worker, booth agent of the Trinamool Congress, and the Maa-Mati-Manush of Bengal that the Trinamool Congress is returning for a historic 4th term. Bengal refuses to bow to the Bohiragotos of Delhi and… pic.twitter.com/6xvuKP89wb
				— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 30, 2026
			
			
				इस पूरे घटनाक्रम से कुछ ही घंटे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल को खारिज करते हुए TMC कार्यकर्ताओं से ईवीएम की सुरक्षा करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि ईवीएम बदले जाने की साजिश हो सकती है, इसलिए मतगणना पूरी होने तक कार्यकर्ता सतर्क रहें और काउंटिंग टेबल न छोड़ें।
			
				
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				चुनाव आयोग ने आरोपों पर क्या कहा 
			
				चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम रखी गई हैं, वे पूरी तरह सुरक्षित और सील हैं। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बैलेट की अलग-अलग श्रेणियों में छंटाई स्ट्रॉन्ग रूम के कॉरिडोर में रिटर्निंग ऑफिसर्स की निगरानी में की जा रही है।
				
					
						#WATCH | West Bengal Elections 2026 | Police deployed outside the strong room in Kolkata. Counting of votes to be held on 4th May. pic.twitter.com/00hpvvczGa
					— ANI (@ANI) April 30, 2026
				
				
					
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					भाजपा ने टीएमसी के आरोपों पर क्या कहा 
				
					भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि ममता बनजी की पार्टी हार की आशंका के चलते अफवाहें फैला रही है। भाजपा नेता तपस राय ने कहा कि हम स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी के लिए अपने दो लोगों को तैनात करेंगे। यहां तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है। टीएमसी सिर्फ अपनी हार का माहौल तैयार करने के लिए भ्रम फैला रही है। Edited by : Sudhir Sharma

गुरुवार को उस समय हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मतदान खत्म होने के एक दिन बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया कि भाजपा और इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया मिलकर पार्टी प्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी में पोस्टल बैलेट खोलने की कोशिश कर रहे हैं।

 

आरोपों के बाद टीएमसी नेता शशि पांजा और कुणाल घोष मौके पर पहुंचे और कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम स्थित स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरने पर बैठ गए।  TMC नेताओं का आरोप है कि चुनाव आयोग के अधिकारियों की मौजूदगी में भाजपा ने पार्टी प्रतिनिधियों के बिना बैलेट बॉक्स खोलने की कोशिश की। स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरने पर बैठे कुनाल घोष ने कहा कि अंदर कुछ लोग पोस्टल बैलेट से छेड़छाड़ कर रहे हैं और वहां TMC का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं है।

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उन्होंने कहा कि आप चुनाव आयोग की लाइव स्ट्रीमिंग और CCTV फुटेज देख सकते हैं, जिसमें कुछ लोग अंदर काम करते नजर आ रहे हैं। हमारे किसी प्रतिनिधि को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है। भाजपा अपने लोगों को अंदर भेजकर पोस्टल बैलेट से छेड़छाड़ कर रही है। 

सीसीटीवी फुटेज जारी किए 

इन आरोपों के समर्थन में TMC ने सोशल मीडिया पर एक कथित CCTV वीडियो भी साझा किया, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयोग की जानकारी और संरक्षण में बैलेट बॉक्स खोले जा रहे हैं। पार्टी ने इसे खुला चुनावी घोटाला करार दिया।

इस पूरे घटनाक्रम से कुछ ही घंटे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल को खारिज करते हुए TMC कार्यकर्ताओं से ईवीएम की सुरक्षा करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि ईवीएम बदले जाने की साजिश हो सकती है, इसलिए मतगणना पूरी होने तक कार्यकर्ता सतर्क रहें और काउंटिंग टेबल न छोड़ें।

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चुनाव आयोग ने आरोपों पर क्या कहा 

चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम रखी गई हैं, वे पूरी तरह सुरक्षित और सील हैं। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बैलेट की अलग-अलग श्रेणियों में छंटाई स्ट्रॉन्ग रूम के कॉरिडोर में रिटर्निंग ऑफिसर्स की निगरानी में की जा रही है।

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भाजपा ने टीएमसी के आरोपों पर क्या कहा 

भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि ममता बनजी की पार्टी हार की आशंका के चलते अफवाहें फैला रही है। भाजपा नेता तपस राय ने कहा कि हम स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी के लिए अपने दो लोगों को तैनात करेंगे। यहां तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है। टीएमसी सिर्फ अपनी हार का माहौल तैयार करने के लिए भ्रम फैला रही है। Edited by : Sudhir Sharma

गुरुवार को उस समय हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मतदान खत्म होने के एक दिन बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया कि भाजपा और इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया मिलकर पार्टी प्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी में पोस्टल बैलेट खोलने की कोशिश कर रहे हैं।

 

आरोपों के बाद टीएमसी नेता शशि पांजा और कुणाल घोष मौके पर पहुंचे और कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम स्थित स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरने पर बैठ गए।  TMC नेताओं का आरोप है कि चुनाव आयोग के अधिकारियों की मौजूदगी में भाजपा ने पार्टी प्रतिनिधियों के बिना बैलेट बॉक्स खोलने की कोशिश की। स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरने पर बैठे कुनाल घोष ने कहा कि अंदर कुछ लोग पोस्टल बैलेट से छेड़छाड़ कर रहे हैं और वहां TMC का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं है।

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उन्होंने कहा कि आप चुनाव आयोग की लाइव स्ट्रीमिंग और CCTV फुटेज देख सकते हैं, जिसमें कुछ लोग अंदर काम करते नजर आ रहे हैं। हमारे किसी प्रतिनिधि को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है। भाजपा अपने लोगों को अंदर भेजकर पोस्टल बैलेट से छेड़छाड़ कर रही है। 

सीसीटीवी फुटेज जारी किए 

इन आरोपों के समर्थन में TMC ने सोशल मीडिया पर एक कथित CCTV वीडियो भी साझा किया, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयोग की जानकारी और संरक्षण में बैलेट बॉक्स खोले जा रहे हैं। पार्टी ने इसे खुला चुनावी घोटाला करार दिया।

इस पूरे घटनाक्रम से कुछ ही घंटे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल को खारिज करते हुए TMC कार्यकर्ताओं से ईवीएम की सुरक्षा करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि ईवीएम बदले जाने की साजिश हो सकती है, इसलिए मतगणना पूरी होने तक कार्यकर्ता सतर्क रहें और काउंटिंग टेबल न छोड़ें।

ALSO READ: TMC 226 सीटें जीतेगी, पश्चिम बंगाल के EXit polls पर ममता बनर्जी का रिएक्शन

चुनाव आयोग ने आरोपों पर क्या कहा 

चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम रखी गई हैं, वे पूरी तरह सुरक्षित और सील हैं। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बैलेट की अलग-अलग श्रेणियों में छंटाई स्ट्रॉन्ग रूम के कॉरिडोर में रिटर्निंग ऑफिसर्स की निगरानी में की जा रही है।

ALSO READ: अमेरिका को ‘समुद्र की गहराई’ में रहने की चेतावनी, Hormuz पर ईरान का बड़ा प्लान, मोजतबा खामनेई का क्या है बयान

भाजपा ने टीएमसी के आरोपों पर क्या कहा 

भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि ममता बनजी की पार्टी हार की आशंका के चलते अफवाहें फैला रही है। भाजपा नेता तपस राय ने कहा कि हम स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी के लिए अपने दो लोगों को तैनात करेंगे। यहां तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है। टीएमसी सिर्फ अपनी हार का माहौल तैयार करने के लिए भ्रम फैला रही है। Edited by : Sudhir Sharma



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#कलकत #म #हई #वलटज #डरम #बलट #बकस #स #टमपरग #क #आरप #और #आमनसमन #BJPTMC #न #कय #कह

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इंटरनेट डेस्क। दो दिन पूर्व दिल्ली में पद्म पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया था। समारोह में मशहूर प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक भी शामिल हुई थी। अब उनका एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने उनके फैंस की चिंता बढ़ा दी है। ये वीडियो पद्म पुरस्कार समारोह का है, जहां हाल ही में उन्हें नई दिल्ली में पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया।

वीडियो में अलका याग्निक व्हीलचेयर पर बैठी नजर आ रही हैं। वो काफी कमजोर दिखाई दे रही हैं और उनके साथ मौजूद एक शख्स उन्हें सहारा देता दिख रहा है। वीडियो सामने आते ही फैंस उनकी सेहत को लेकर परेशान हो गए और उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ करने लगे।

अलका याग्निक को क्या हुआ है?
साल 2024 में अलका ने फैंस को तब चौंका दिया था, जब उन्होंने खुलासा किया था कि वो एक दुर्लभ सुनने की बीमारी से जूझ रही हैं। इस बीमारी को सेंसरिन्यूरल हियरिंग लॉस कहा जाता है। इस समस्या के कारण उनकी सुनने की क्षमता पर गंभीर असर पड़ा है।

pc- ndtv

Alka Yagnik wheelchair video, Alka Yagnik health update 2026, Alka Yagnik rare hearing disorder">Alka Yagnik:  व्हीलचेयर पर नजर आई अलका याग्निक, दिख रही कमजोर सी भी… फैंस सेहत को लेकर परेशान   इंटरनेट डेस्क। दो दिन पूर्व दिल्ली में पद्म पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया था। समारोह में मशहूर प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक भी शामिल हुई थी। अब उनका एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने उनके फैंस की चिंता बढ़ा दी है। ये वीडियो पद्म पुरस्कार समारोह का है, जहां हाल ही में उन्हें नई दिल्ली में पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया।

वीडियो में अलका याग्निक व्हीलचेयर पर बैठी नजर आ रही हैं। वो काफी कमजोर दिखाई दे रही हैं और उनके साथ मौजूद एक शख्स उन्हें सहारा देता दिख रहा है। वीडियो सामने आते ही फैंस उनकी सेहत को लेकर परेशान हो गए और उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ करने लगे।

अलका याग्निक को क्या हुआ है?
साल 2024 में अलका ने फैंस को तब चौंका दिया था, जब उन्होंने खुलासा किया था कि वो एक दुर्लभ सुनने की बीमारी से जूझ रही हैं। इस बीमारी को सेंसरिन्यूरल हियरिंग लॉस कहा जाता है। इस समस्या के कारण उनकी सुनने की क्षमता पर गंभीर असर पड़ा है।

pc- ndtv

Alka Yagnik wheelchair video, Alka Yagnik health update 2026, Alka Yagnik rare hearing disorder

Passport : क्या पासपोर्ट भी नागरिकता का सबूत नहीं? जानिए भारत में कौन-से दस्तावेज साबित करते हैं आपकी पहचान
	
		
			
	
	पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण'   (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

	आखिर सरकार ने क्या कहा?

	पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण'   (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

	 

	पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

	
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	क्या पासपोर्ट सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही मिलता है?

	हां। भारतीय कानून के अनुसार पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है तो उसका पासपोर्ट आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। यही कारण है कि पासपोर्ट को नागरिकता का मजबूत सबूत माना जाता है।

	 

	फिर नागरिकता साबित कैसे होती है?

	भारत में ऐसा कोई एकल दस्तावेज नहीं है जो हर नागरिक को जन्म से दिया जाता हो और जिसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता साबित करने के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में विभिन्न दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे-

	 

	
		जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
	
		पासपोर्ट
	
		मतदाता पहचान पत्र (Voter ID)
	
		स्कूल रिकॉर्ड
	
		माता-पिता के दस्तावेज
	
		नागरिकता प्रमाणपत्र (यदि नागरिकता पंजीकरण या प्राकृतिककरण से मिली हो)
	
		निवास और पारिवारिक रिकॉर्ड
		 


	क्या आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण है?

	नहीं।

	 

	आधार कार्ड केवल पहचान और निवास का दस्तावेज है। भारतीय कानून के अनुसार आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता।

	 

	क्या वोटर आईडी नागरिकता साबित करती है?

	वोटर आईडी यह दिखाती है कि आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन कानूनी रूप से यह भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं मानी जाती।

	
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	PAN कार्ड और राशन कार्ड का क्या महत्व है?

	PAN कार्ड आयकर से जुड़ा पहचान दस्तावेज है।

	राशन कार्ड सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए होता है। इनमें से कोई भी दस्तावेज अकेले नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता।

	
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		आम नागरिकों को क्या करना चाहिए?
	
		 
	
		एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए, जैसे- 
	
		
			जन्म प्रमाण पत्र
		
			पासपोर्ट
		
			आधार कार्ड
		
			वोटर आईडी
		
			शैक्षणिक प्रमाण पत्र
		
			परिवार और निवास से जुड़े रिकॉर्ड
	
	
		 
	
		यदि भविष्य में किसी कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया में नागरिकता से संबंधित जानकारी मांगी जाती है तो कई दस्तावेजों का संयुक्त रूप से उपयोग किया जा सकता है।
		
		
			क्या है भारतीय कानून में 
		
			भारतीय कानून (नागरिकता अधिनियम, 1955) में ऐसा कोई एक इकलौता डिजिटल कार्ड या सरकारी कागज नहीं है, जिसे दिखाते ही हर व्यक्ति की नागरिकता तुरंत सिद्ध हो जाए। भारत में नागरिकता किसी एक पहचान पत्र से नहीं, बल्कि आपके जन्म के समय, स्थान और माता-पिता के कानूनी दस्तावेजों की पूरी कड़ी को मिलाकर साबित होती है।
			
			अदालतों और सरकार के अनुसार जहां आधार कार्ड सिर्फ आपकी पहचान और पते का जरिया है, वहीं वोटर आईडी और पासपोर्ट बहुत मजबूत सहयोगी दस्तावेज तो हैं, लेकिन कानूनी तौर पर इन्हें भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता। इसके अलावा आपका जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के पुराने रिकॉर्ड्स ही इस कानूनी पहेली की सबसे मजबूत बुनियाद बनते हैं। Edited by : Sudhir Sharma

पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण'   (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

आखिर सरकार ने क्या कहा?

पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण'   (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

 

पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

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क्या पासपोर्ट सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही मिलता है?

हां। भारतीय कानून के अनुसार पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है तो उसका पासपोर्ट आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। यही कारण है कि पासपोर्ट को नागरिकता का मजबूत सबूत माना जाता है।

 

फिर नागरिकता साबित कैसे होती है?

भारत में ऐसा कोई एकल दस्तावेज नहीं है जो हर नागरिक को जन्म से दिया जाता हो और जिसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता साबित करने के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में विभिन्न दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे-

 

  • जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
  • पासपोर्ट
  • मतदाता पहचान पत्र (Voter ID)
  • स्कूल रिकॉर्ड
  • माता-पिता के दस्तावेज
  • नागरिकता प्रमाणपत्र (यदि नागरिकता पंजीकरण या प्राकृतिककरण से मिली हो)
  • निवास और पारिवारिक रिकॉर्ड
     

क्या आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण है?

नहीं।

 

आधार कार्ड केवल पहचान और निवास का दस्तावेज है। भारतीय कानून के अनुसार आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता।

 

क्या वोटर आईडी नागरिकता साबित करती है?

वोटर आईडी यह दिखाती है कि आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन कानूनी रूप से यह भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं मानी जाती।

ALSO READ: EV स्कूटर कैसे चुने, खरीदने से पहले इन बातों की करें जांच, वरना पड़ेगा पछताना

PAN कार्ड और राशन कार्ड का क्या महत्व है?

PAN कार्ड आयकर से जुड़ा पहचान दस्तावेज है।

राशन कार्ड सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए होता है। इनमें से कोई भी दस्तावेज अकेले नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता।

ALSO READ: Electric scooter खरीदने से पहले जान लें कौन-सी बैटरी है सबसे बेहतर? रेंज, चार्जिंग और लाइफ में कितना फर्क और कैसे करें चेक

आम नागरिकों को क्या करना चाहिए?

 

एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए, जैसे- 

  • जन्म प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट
  • आधार कार्ड
  • वोटर आईडी
  • शैक्षणिक प्रमाण पत्र
  • परिवार और निवास से जुड़े रिकॉर्ड

 

यदि भविष्य में किसी कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया में नागरिकता से संबंधित जानकारी मांगी जाती है तो कई दस्तावेजों का संयुक्त रूप से उपयोग किया जा सकता है।

क्या है भारतीय कानून में 

भारतीय कानून (नागरिकता अधिनियम, 1955) में ऐसा कोई एक इकलौता डिजिटल कार्ड या सरकारी कागज नहीं है, जिसे दिखाते ही हर व्यक्ति की नागरिकता तुरंत सिद्ध हो जाए। भारत में नागरिकता किसी एक पहचान पत्र से नहीं, बल्कि आपके जन्म के समय, स्थान और माता-पिता के कानूनी दस्तावेजों की पूरी कड़ी को मिलाकर साबित होती है।

अदालतों और सरकार के अनुसार जहां आधार कार्ड सिर्फ आपकी पहचान और पते का जरिया है, वहीं वोटर आईडी और पासपोर्ट बहुत मजबूत सहयोगी दस्तावेज तो हैं, लेकिन कानूनी तौर पर इन्हें भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता। इसके अलावा आपका जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के पुराने रिकॉर्ड्स ही इस कानूनी पहेली की सबसे मजबूत बुनियाद बनते हैं। Edited by : Sudhir Sharma

">Passport : क्या पासपोर्ट भी नागरिकता का सबूत नहीं? जानिए भारत में कौन-से दस्तावेज साबित करते हैं आपकी पहचान
	
		
			
	
	पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण'   (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

	आखिर सरकार ने क्या कहा?

	पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण'   (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

	 

	पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

	
		ALSO READ: Electric Scooter खरीदने से पहले 14 जरूरी बातें जो आपके लिए जानना जरूरी


	क्या पासपोर्ट सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही मिलता है?

	हां। भारतीय कानून के अनुसार पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है तो उसका पासपोर्ट आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। यही कारण है कि पासपोर्ट को नागरिकता का मजबूत सबूत माना जाता है।

	 

	फिर नागरिकता साबित कैसे होती है?

	भारत में ऐसा कोई एकल दस्तावेज नहीं है जो हर नागरिक को जन्म से दिया जाता हो और जिसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता साबित करने के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में विभिन्न दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे-

	 

	
		जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
	
		पासपोर्ट
	
		मतदाता पहचान पत्र (Voter ID)
	
		स्कूल रिकॉर्ड
	
		माता-पिता के दस्तावेज
	
		नागरिकता प्रमाणपत्र (यदि नागरिकता पंजीकरण या प्राकृतिककरण से मिली हो)
	
		निवास और पारिवारिक रिकॉर्ड
		 


	क्या आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण है?

	नहीं।

	 

	आधार कार्ड केवल पहचान और निवास का दस्तावेज है। भारतीय कानून के अनुसार आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता।

	 

	क्या वोटर आईडी नागरिकता साबित करती है?

	वोटर आईडी यह दिखाती है कि आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन कानूनी रूप से यह भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं मानी जाती।

	
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	PAN कार्ड और राशन कार्ड का क्या महत्व है?

	PAN कार्ड आयकर से जुड़ा पहचान दस्तावेज है।

	राशन कार्ड सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए होता है। इनमें से कोई भी दस्तावेज अकेले नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता।

	
		ALSO READ: Electric scooter खरीदने से पहले जान लें कौन-सी बैटरी है सबसे बेहतर? रेंज, चार्जिंग और लाइफ में कितना फर्क और कैसे करें चेक
	
		आम नागरिकों को क्या करना चाहिए?
	
		 
	
		एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए, जैसे- 
	
		
			जन्म प्रमाण पत्र
		
			पासपोर्ट
		
			आधार कार्ड
		
			वोटर आईडी
		
			शैक्षणिक प्रमाण पत्र
		
			परिवार और निवास से जुड़े रिकॉर्ड
	
	
		 
	
		यदि भविष्य में किसी कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया में नागरिकता से संबंधित जानकारी मांगी जाती है तो कई दस्तावेजों का संयुक्त रूप से उपयोग किया जा सकता है।
		
		
			क्या है भारतीय कानून में 
		
			भारतीय कानून (नागरिकता अधिनियम, 1955) में ऐसा कोई एक इकलौता डिजिटल कार्ड या सरकारी कागज नहीं है, जिसे दिखाते ही हर व्यक्ति की नागरिकता तुरंत सिद्ध हो जाए। भारत में नागरिकता किसी एक पहचान पत्र से नहीं, बल्कि आपके जन्म के समय, स्थान और माता-पिता के कानूनी दस्तावेजों की पूरी कड़ी को मिलाकर साबित होती है।
			
			अदालतों और सरकार के अनुसार जहां आधार कार्ड सिर्फ आपकी पहचान और पते का जरिया है, वहीं वोटर आईडी और पासपोर्ट बहुत मजबूत सहयोगी दस्तावेज तो हैं, लेकिन कानूनी तौर पर इन्हें भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता। इसके अलावा आपका जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के पुराने रिकॉर्ड्स ही इस कानूनी पहेली की सबसे मजबूत बुनियाद बनते हैं। Edited by : Sudhir Sharma

Electric Scooter खरीदने से पहले 14 जरूरी बातें जो आपके लिए जानना जरूरी

क्या पासपोर्ट सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही मिलता है?

हां। भारतीय कानून के अनुसार पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है तो उसका पासपोर्ट आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। यही कारण है कि पासपोर्ट को नागरिकता का मजबूत सबूत माना जाता है।

 

फिर नागरिकता साबित कैसे होती है?

भारत में ऐसा कोई एकल दस्तावेज नहीं है जो हर नागरिक को जन्म से दिया जाता हो और जिसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता साबित करने के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में विभिन्न दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे-

 

  • जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
  • पासपोर्ट
  • मतदाता पहचान पत्र (Voter ID)
  • स्कूल रिकॉर्ड
  • माता-पिता के दस्तावेज
  • नागरिकता प्रमाणपत्र (यदि नागरिकता पंजीकरण या प्राकृतिककरण से मिली हो)
  • निवास और पारिवारिक रिकॉर्ड
     

क्या आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण है?

नहीं।

 

आधार कार्ड केवल पहचान और निवास का दस्तावेज है। भारतीय कानून के अनुसार आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता।

 

क्या वोटर आईडी नागरिकता साबित करती है?

वोटर आईडी यह दिखाती है कि आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन कानूनी रूप से यह भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं मानी जाती।

ALSO READ: EV स्कूटर कैसे चुने, खरीदने से पहले इन बातों की करें जांच, वरना पड़ेगा पछताना

PAN कार्ड और राशन कार्ड का क्या महत्व है?

PAN कार्ड आयकर से जुड़ा पहचान दस्तावेज है।

राशन कार्ड सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए होता है। इनमें से कोई भी दस्तावेज अकेले नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता।

ALSO READ: Electric scooter खरीदने से पहले जान लें कौन-सी बैटरी है सबसे बेहतर? रेंज, चार्जिंग और लाइफ में कितना फर्क और कैसे करें चेक

आम नागरिकों को क्या करना चाहिए?

 

एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए, जैसे- 

  • जन्म प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट
  • आधार कार्ड
  • वोटर आईडी
  • शैक्षणिक प्रमाण पत्र
  • परिवार और निवास से जुड़े रिकॉर्ड

 

यदि भविष्य में किसी कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया में नागरिकता से संबंधित जानकारी मांगी जाती है तो कई दस्तावेजों का संयुक्त रूप से उपयोग किया जा सकता है।

क्या है भारतीय कानून में 

भारतीय कानून (नागरिकता अधिनियम, 1955) में ऐसा कोई एक इकलौता डिजिटल कार्ड या सरकारी कागज नहीं है, जिसे दिखाते ही हर व्यक्ति की नागरिकता तुरंत सिद्ध हो जाए। भारत में नागरिकता किसी एक पहचान पत्र से नहीं, बल्कि आपके जन्म के समय, स्थान और माता-पिता के कानूनी दस्तावेजों की पूरी कड़ी को मिलाकर साबित होती है।

अदालतों और सरकार के अनुसार जहां आधार कार्ड सिर्फ आपकी पहचान और पते का जरिया है, वहीं वोटर आईडी और पासपोर्ट बहुत मजबूत सहयोगी दस्तावेज तो हैं, लेकिन कानूनी तौर पर इन्हें भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता। इसके अलावा आपका जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के पुराने रिकॉर्ड्स ही इस कानूनी पहेली की सबसे मजबूत बुनियाद बनते हैं। Edited by : Sudhir Sharma

">Passport : क्या पासपोर्ट भी नागरिकता का सबूत नहीं? जानिए भारत में कौन-से दस्तावेज साबित करते हैं आपकी पहचान

Passport : क्या पासपोर्ट भी नागरिकता का सबूत नहीं? जानिए भारत में कौन-से दस्तावेज साबित करते हैं आपकी पहचान
	
		
			
	
	पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण'   (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

	आखिर सरकार ने क्या कहा?

	पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण'   (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

	 

	पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

	
		ALSO READ: Electric Scooter खरीदने से पहले 14 जरूरी बातें जो आपके लिए जानना जरूरी


	क्या पासपोर्ट सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही मिलता है?

	हां। भारतीय कानून के अनुसार पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है तो उसका पासपोर्ट आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। यही कारण है कि पासपोर्ट को नागरिकता का मजबूत सबूत माना जाता है।

	 

	फिर नागरिकता साबित कैसे होती है?

	भारत में ऐसा कोई एकल दस्तावेज नहीं है जो हर नागरिक को जन्म से दिया जाता हो और जिसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता साबित करने के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में विभिन्न दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे-

	 

	
		जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
	
		पासपोर्ट
	
		मतदाता पहचान पत्र (Voter ID)
	
		स्कूल रिकॉर्ड
	
		माता-पिता के दस्तावेज
	
		नागरिकता प्रमाणपत्र (यदि नागरिकता पंजीकरण या प्राकृतिककरण से मिली हो)
	
		निवास और पारिवारिक रिकॉर्ड
		 


	क्या आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण है?

	नहीं।

	 

	आधार कार्ड केवल पहचान और निवास का दस्तावेज है। भारतीय कानून के अनुसार आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता।

	 

	क्या वोटर आईडी नागरिकता साबित करती है?

	वोटर आईडी यह दिखाती है कि आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन कानूनी रूप से यह भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं मानी जाती।

	
		ALSO READ: EV स्कूटर कैसे चुने, खरीदने से पहले इन बातों की करें जांच, वरना पड़ेगा पछताना


	PAN कार्ड और राशन कार्ड का क्या महत्व है?

	PAN कार्ड आयकर से जुड़ा पहचान दस्तावेज है।

	राशन कार्ड सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए होता है। इनमें से कोई भी दस्तावेज अकेले नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता।

	
		ALSO READ: Electric scooter खरीदने से पहले जान लें कौन-सी बैटरी है सबसे बेहतर? रेंज, चार्जिंग और लाइफ में कितना फर्क और कैसे करें चेक
	
		आम नागरिकों को क्या करना चाहिए?
	
		 
	
		एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए, जैसे- 
	
		
			जन्म प्रमाण पत्र
		
			पासपोर्ट
		
			आधार कार्ड
		
			वोटर आईडी
		
			शैक्षणिक प्रमाण पत्र
		
			परिवार और निवास से जुड़े रिकॉर्ड
	
	
		 
	
		यदि भविष्य में किसी कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया में नागरिकता से संबंधित जानकारी मांगी जाती है तो कई दस्तावेजों का संयुक्त रूप से उपयोग किया जा सकता है।
		
		
			क्या है भारतीय कानून में 
		
			भारतीय कानून (नागरिकता अधिनियम, 1955) में ऐसा कोई एक इकलौता डिजिटल कार्ड या सरकारी कागज नहीं है, जिसे दिखाते ही हर व्यक्ति की नागरिकता तुरंत सिद्ध हो जाए। भारत में नागरिकता किसी एक पहचान पत्र से नहीं, बल्कि आपके जन्म के समय, स्थान और माता-पिता के कानूनी दस्तावेजों की पूरी कड़ी को मिलाकर साबित होती है।
			
			अदालतों और सरकार के अनुसार जहां आधार कार्ड सिर्फ आपकी पहचान और पते का जरिया है, वहीं वोटर आईडी और पासपोर्ट बहुत मजबूत सहयोगी दस्तावेज तो हैं, लेकिन कानूनी तौर पर इन्हें भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता। इसके अलावा आपका जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के पुराने रिकॉर्ड्स ही इस कानूनी पहेली की सबसे मजबूत बुनियाद बनते हैं। Edited by : Sudhir Sharma

पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण'   (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

आखिर सरकार ने क्या कहा?

पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण'   (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

 

पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।

ALSO READ: Electric Scooter खरीदने से पहले 14 जरूरी बातें जो आपके लिए जानना जरूरी

क्या पासपोर्ट सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही मिलता है?

हां। भारतीय कानून के अनुसार पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है तो उसका पासपोर्ट आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। यही कारण है कि पासपोर्ट को नागरिकता का मजबूत सबूत माना जाता है।

 

फिर नागरिकता साबित कैसे होती है?

भारत में ऐसा कोई एकल दस्तावेज नहीं है जो हर नागरिक को जन्म से दिया जाता हो और जिसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता साबित करने के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में विभिन्न दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे-

 

  • जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
  • पासपोर्ट
  • मतदाता पहचान पत्र (Voter ID)
  • स्कूल रिकॉर्ड
  • माता-पिता के दस्तावेज
  • नागरिकता प्रमाणपत्र (यदि नागरिकता पंजीकरण या प्राकृतिककरण से मिली हो)
  • निवास और पारिवारिक रिकॉर्ड
     

क्या आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण है?

नहीं।

 

आधार कार्ड केवल पहचान और निवास का दस्तावेज है। भारतीय कानून के अनुसार आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता।

 

क्या वोटर आईडी नागरिकता साबित करती है?

वोटर आईडी यह दिखाती है कि आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन कानूनी रूप से यह भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं मानी जाती।

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PAN कार्ड और राशन कार्ड का क्या महत्व है?

PAN कार्ड आयकर से जुड़ा पहचान दस्तावेज है।

राशन कार्ड सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए होता है। इनमें से कोई भी दस्तावेज अकेले नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता।

ALSO READ: Electric scooter खरीदने से पहले जान लें कौन-सी बैटरी है सबसे बेहतर? रेंज, चार्जिंग और लाइफ में कितना फर्क और कैसे करें चेक

आम नागरिकों को क्या करना चाहिए?

 

एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए, जैसे- 

  • जन्म प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट
  • आधार कार्ड
  • वोटर आईडी
  • शैक्षणिक प्रमाण पत्र
  • परिवार और निवास से जुड़े रिकॉर्ड

 

यदि भविष्य में किसी कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया में नागरिकता से संबंधित जानकारी मांगी जाती है तो कई दस्तावेजों का संयुक्त रूप से उपयोग किया जा सकता है।

क्या है भारतीय कानून में 

भारतीय कानून (नागरिकता अधिनियम, 1955) में ऐसा कोई एक इकलौता डिजिटल कार्ड या सरकारी कागज नहीं है, जिसे दिखाते ही हर व्यक्ति की नागरिकता तुरंत सिद्ध हो जाए। भारत में नागरिकता किसी एक पहचान पत्र से नहीं, बल्कि आपके जन्म के समय, स्थान और माता-पिता के कानूनी दस्तावेजों की पूरी कड़ी को मिलाकर साबित होती है।

अदालतों और सरकार के अनुसार जहां आधार कार्ड सिर्फ आपकी पहचान और पते का जरिया है, वहीं वोटर आईडी और पासपोर्ट बहुत मजबूत सहयोगी दस्तावेज तो हैं, लेकिन कानूनी तौर पर इन्हें भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता। इसके अलावा आपका जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के पुराने रिकॉर्ड्स ही इस कानूनी पहेली की सबसे मजबूत बुनियाद बनते हैं। Edited by : Sudhir Sharma

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